कैसरगंज क्षेत्र में इन दिनों डीज़ल की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलों के बावजूद, ईंधन की कमी के कारण किसान चिंतित हैं। खेतों में गेहूं सहित अन्य फसलें कटाई और गन्ना सिचाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन कहीं डीज़ल न मिलना और कम मिलने से कटाई और सिंचाई दोनों प्रभावित हो रही हैं। समय पर फसल न कटने से किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और डीज़ल सीमित मात्रा में मिल रहा है। इससे ट्रैक्टर और हार्वेस्टर थ्रेशर इंजन चलाना मुश्किल हो गया है। कई किसानों ने बताया कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी उन्हें पर्याप्त डीज़ल नहीं मिल पा रहा है, जिससे खड़ी फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है।कैसरगंज में अधिकांश पेट्रोल पंप तेल न होने के कारण बंद पड़े हैं, जिससे किसान और आम नागरिक दोनों परेशान हैं। इस स्थिति से किसानों की मेहनत और आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है।
कैसरगंज क्षेत्र में इन दिनों डीज़ल की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलों के बावजूद, ईंधन की कमी के कारण किसान चिंतित हैं। खेतों में गेहूं सहित अन्य फसलें कटाई और गन्ना सिचाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन कहीं डीज़ल न मिलना और कम मिलने से कटाई और सिंचाई दोनों प्रभावित हो रही हैं। समय पर फसल न कटने से किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर लंबी
कतारें लग रही हैं और डीज़ल सीमित मात्रा में मिल रहा है। इससे ट्रैक्टर और हार्वेस्टर थ्रेशर इंजन चलाना मुश्किल हो गया है। कई किसानों ने बताया कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी उन्हें पर्याप्त डीज़ल नहीं मिल पा रहा है, जिससे खड़ी फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है।कैसरगंज में अधिकांश पेट्रोल पंप तेल न होने के कारण बंद पड़े हैं, जिससे किसान और आम नागरिक दोनों परेशान हैं। इस स्थिति से किसानों की मेहनत और आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है।
- Post by Mohd Aamir2
- बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर कस्बे से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है, जहां पुलिस की कथित लापरवाही ने दबंगों के हौसले इस कदर बुलंद कर दिए कि एक गरीब किसान की मेहनत पर खुलेआम डाका डाल दिया गया। बताया जा रहा है कि पीड़ित किसान फुरकान रोजी-रोटी के लिए दिल्ली में मजदूरी कर रहा है, जबकि गांव में उसकी 4 बीघा खेत में सरसों की तैयार फसल खड़ी थी। इसी का फायदा उठाते हुए 27 मार्च 2026 को एक दर्जन दबंगों ने खेत में घुसकर जबरन फसल काटनी शुरू कर दी। परिजनों ने उसी दिन पुलिस को लिखित तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता ने दबंगों को और बेलगाम कर दिया। हद तो तब हो गई जब 28 मार्च को फिर वही दबंग खुलेआम खेत में घुसे और बची हुई फसल भी काट ले गए। पीड़ित परिवार ने थानाध्यक्ष से लेकर अपर पुलिस अधीक्षक तक को फोन कर गुहार लगाई, तब कहीं जाकर पुलिस हरकत में आई और आरोपियों को चौकी ले आई। लेकिन यहां भी न्याय की उम्मीद दम तोड़ती नजर आई। आरोप है कि चौकी इंचार्ज संजय यादव ने पीड़ित के 12 वर्षीय मासूम बेटे अम्मार पर दबाव बनाकर एक मनगढ़ंत सुलहनामा तैयार कराया और जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। इतना ही नहीं, सुलहनामे में दबंगों का पक्ष लेते हुए उल्टा पीड़ित किसान पर ही 3,500 रुपये देने की बात लिख दी गई। पीड़ित किसान फुरकान का दर्द साफ झलकता है-“मेरी फसल काट ली, मेरे बच्चों पर दबाव बनाया, अब मुझसे ही पैसे देने को कहा जा रहा है। आखिर मेरा कसूर क्या है?” गांव में यह भी चर्चा है कि आरोपियों को पुलिस चौकी का संरक्षण प्राप्त है, जिस कारण उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। दिनदहाड़े फसल लूटने वाले आरोपियों को छोड़ देना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कुल मिलाकर, यह मामला न सिर्फ एक किसान के साथ अन्याय की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जब सिस्टम ही कमजोर पड़ जाए, तो गरीब और बेबस इंसान न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो जाता है।1
- सरकारी भूमि पर किये गए अवैध कब्जें हुए ज़मीदोज़ बहराइच। तहसील नानपारा में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ एसडीएम नानपारा मोनालिसा जौहरी द्वारा कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की गई है। एसडीएम की तत्परता के चलते शिकायत मिलते ही राजस्व टीम मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को ध्वस्त कर जमीन को कब्जामुक्त करा दिया गया। ग्राम पंचायत कलवारी में गाटा संख्या 704, रकबा 0.293 हेक्टेयर भूमि, जो राजस्व अभिलेखों में शमशान भूमि के रूप में दर्ज है, पर कुछ लोगों द्वारा पक्का निर्माण कर अवैध कब्जा किया जा रहा था। दूरभाष पर प्राप्त हुई शिकायत के सम्बन्ध मौके पर पहुंची राजस्व टीम की जांच में शिकायत की पुष्टि होनंे पर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया और सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराकर पुनः सुरक्षित कराया गया। एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी शिकायत मिलने पर न सिर्फ कब्जा हटाया जाएगा, बल्कि दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपेक्षा की है कि स्वेच्छा से अवैध कब्ज़ों को हटा लें अन्यथा की स्थिति में कब्ज़ा हटाने के साथ साथ सम्बन्धित के विरूद्व नियमानुसार कार्यवाही भी अमल में लायी जायेगी।2
- *बाराबंकी में हत्याभियुक्त की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी की बाइट* बाराबंकी के थाना टिकैतनगर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम नैपुरा मजरे परसावल में हत्याभियुक्त की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चन्द्र त्रिपाठी ने बयान दिया है। हालांकि, उनकी बाइट उपलब्ध नहीं है, लेकिन विकास चन्द्र त्रिपाठी ने पहले भी कई मामलों में बयान दिया है, जैसे कि नवाबगंज में 32 अभियुक्तों को कारावास व अर्थदंड से दंडित किए जाने के सम्बन्ध में और 133 गुमशुदा मोबाइल फोन मालिकों को सौंपने की जानकारी ¹ ² ³। क्या आप जानना चाहेंगे कि अपर पुलिस अधीक्षक, उत्तरी बाराबंकी श्री विकास चन्द्र त्रिपाठी ने अन्य किन मामलों में बयान दिया है या बाराबंकी पुलिस की अन्य गतिविधियों के बारे में?1
- Post by Mohd Sultan Warsi1
- आस्था का दुरुपयोग: ढोंगी बाबा पर गंभीर आरोप महिला ने लगाया विश्वास तोड़ने और शोषण का आरोप एक स्वयंभू बाबा पर 35 वर्षीय महिला ने दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसकी आस्था और विश्वास का फायदा उठाकर उसे अपने जाल में फंसाया और शारीरिक शोषण किया। घटना के बाद महिला ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है। समाज में ऐसे मामलों ने फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं कि अंधविश्वास के नाम पर लोगों का शोषण कब तक होता रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को जागरूक रहकर किसी भी तथाकथित धर्मगुरु पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए।आस्था की आड़ में हैवानियत: खुद को शिव का अवतार बताने वाले ढोंगी बाबा पर दुष्कर्म का आरोप 35 वर्षीय महिला ने लगाया विश्वास तोड़ने और शोषण का गंभीर आरोप, आरोपी फरार पालघर। आस्था और विश्वास के नाम पर मासूम लोगों को ठगने और उनका शोषण करने का एक और शर्मनाक मामला महाराष्ट्र के पालघर जिले से सामने आया है। यहाँ एक स्वयंभू बाबा, जो खुद को भगवान शिव का अवतार बताता था, पर एक 35 वर्षीय महिला ने दुष्कर्म और शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। विश्वास का उठाया फायदा पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसकी धार्मिक आस्था का लाभ उठाकर उसे अपने जाल में फंसाया। महिला का कहना है कि आरोपी ने दैवीय शक्तियों का डर दिखाकर और आशीर्वाद के नाम पर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया। जब महिला को आरोपी की असलियत समझ आई, तब उसने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की कार्रवाई जारी शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, घटना के बाद से ही आरोपी बाबा फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे ढोंगी बाबाओं के बहकावे में न आएं और सतर्क रहें। समाज पर उठते सवाल इस घटना ने एक बार फिर समाज में व्याप्त अंधविश्वास और "फर्जी बाबाओं" के बढ़ते नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक लोग जागरूकता नहीं दिखाएंगे, तब तक धर्म की आड़ में ऐसे अपराधी मासूमों का शिकार करते रहेंगे।1
- Post by सकील अहमद1
- *बाराबंकी में किसानों की समस्या: पेट्रोल पंपों पर डीजल वैन/डिब्बों में प्रतिबंध के कारण खेती बाधित* बाराबंकी के किसानों ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि पेट्रोल पंपों पर डीजल वैन/डिब्बों में प्रतिबंध के कारण उनकी खेती बाधित हो रही है। किसानों का कहना है कि अधिकांश खेत पेट्रोल पंपों से दूर हैं और डीजल इंजन, पंपसेट आदि खेतों में लगे हैं, ऐसे में डीजल लाना मुश्किल हो रहा है ¹। *किसानों की मांगें:* - *डीजल वैन/डिब्बों में प्रतिबंध हटाना*: किसानों को वैन/डिब्बों में डीजल देने पर लगी रोक हटाई जाए। - *पहचान पत्र पर डीजल*: किसानों को पहचान पत्र (आधार/किसान कार्ड) के आधार पर सीमित मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया जाए। - *पेट्रोल पंपों पर अलग व्यवस्था*: प्रत्येक पेट्रोल पंप पर कृषि कार्य हेतु अलग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। - *ग्राम पंचायत स्तर पर सत्यापन*: ग्राम पंचायत स्तर पर सत्यापित किसानों को प्राथमिकता दी जाए। - *कृषि सीजन के दौरान विशेष छूट*: कृषि सीजन के दौरान विशेष छूट संबंधी आदेश जारी किए जाएं। क्या आप जानना चाहेंगे कि जिलाधिकारी ने किसानों की समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए हैं या किसानों की अन्य समस्याएं क्या हैं?1