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धौलपुर जिले में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने कृषि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के व्यावसायिक पंजीयन हेतु एक विशेष अभियान शुरू किया है। जिला परिवहन एवं सड़क सुरक्षा अधिकारी गौरव यादव ने मंगलवार शाम में जानकारी दी कि यदि किसी कृषि ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग व्यावसायिक या वाणिज्यिक कार्यों के लिए किया जा रहा है, तो उसका परिवहन विभाग में व्यावसायिक पंजीयन कराना अनिवार्य है। इस अभियान के तहत ट्रैक्टर चालकों को अपनी ट्रॉलियों का भी पंजीयन कराने के लिए कहा गया है, जो 15 जुलाई तक चलेगा। विभाग ने बताया है कि इस अवधि के दौरान पंजीयन कराने पर टैक्स में छूट दी जाएगी, लेकिन 15 जुलाई के बाद व्यावसायिक पंजीयन न होने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

4 hrs ago
user_जोगेंद्र सागर 9784571640
जोगेंद्र सागर 9784571640
Local News Reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
4 hrs ago

धौलपुर जिले में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने कृषि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के व्यावसायिक पंजीयन हेतु एक विशेष अभियान शुरू किया है। जिला परिवहन एवं सड़क सुरक्षा अधिकारी गौरव यादव ने मंगलवार शाम में जानकारी दी कि यदि किसी कृषि ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग व्यावसायिक या वाणिज्यिक कार्यों के लिए किया जा रहा है, तो उसका परिवहन विभाग में व्यावसायिक पंजीयन कराना अनिवार्य है। इस अभियान के तहत ट्रैक्टर चालकों को अपनी ट्रॉलियों का भी पंजीयन कराने के लिए कहा गया है, जो 15 जुलाई तक चलेगा। विभाग ने बताया है कि इस अवधि के दौरान पंजीयन कराने पर टैक्स में छूट दी जाएगी, लेकिन 15 जुलाई के बाद व्यावसायिक पंजीयन न होने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को एक सनसनीखेज हत्याकांड हुआ, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। चंबल के बीहड़ों में दशकों तक आतंक का पर्याय रहे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल के भीतर ही हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या उसी बैरक में बंद एक अन्य हार्डकोर कैदी विष्णु ने की, जिसके साथ जगन ने कुछ देर पहले तक लूडो खेला था और सामान्य तरीके से समय बिताया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु और डकैत जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। सोमवार सुबह दोनों ने बैरक की सफाई की और साथ बैठकर लूडो खेला, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसी बैरक से जगन गुर्जर का शव मिला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विष्णु ने तौलिए से जगन का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। जब जेल स्टाफ राउंड पर पहुंचा तो जगन मृत अवस्था में पड़ा था। पूछताछ में विष्णु ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना जुर्म कबूलते हुए कहा कि "मैंने ही उसे मार डाला।" जेल प्रशासन के मुताबिक, जगन गुर्जर मार्च 2026 से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था, जबकि विष्णु पिछले तीन वर्षों से इसी जेल में कैद था। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटा लिए हैं। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि शुरुआती जांच में यह गैंगवार का मामला नहीं लग रहा है। प्रथम दृष्टया यह हत्या दोनों कैदियों के बीच हुए आपसी विवाद का परिणाम प्रतीत होती है। सूत्रों के मुताबिक, सुबह नाश्ते के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। पूछताछ में विष्णु ने बताया कि जगन अक्सर उसे ताने मारता था और मानसिक रूप से परेशान करता था, जिसके कारण उसने रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया। जेल सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से जगन गुर्जर को दिन में सामान्य बैरक में रखा जाता था, जबकि रात के समय उसे विशेष सुरक्षा सेल में शिफ्ट किया जाता था। धौलपुर के डांग क्षेत्र के भवूतीपुरा गांव का रहने वाला जगन गुर्जर करीब 32 साल पहले अपराध की दुनिया में उतरा था। वर्ष 1994 में अपने जीजा के हत्यारों की हत्या के बाद उसने चंबल के बीहड़ों में अपना गैंग बना लिया और जल्द ही राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के सबसे खूंखार डकैतों में शामिल हो गया। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, फिरौती, लूट, डकैती और पुलिस पर हमलों समेत 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वर्ष 2008 के गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर महल को उड़ाने की धमकी देकर सनसनी फैलाई थी, जिस पर 11 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 2019 में उस पर दो महिलाओं के साथ मारपीट कर उन्हें निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने का गंभीर आरोप भी लगा था। जगन ने कई बार अपराध छोड़ने का दावा किया और वर्ष 2001, 2009, 2018 और 2022 में आत्मसमर्पण भी किया, यहाँ तक कि अपनी बेटी की शादी के समय उसने अपराध की दुनिया छोड़ने की कसम भी खाई थी, लेकिन हर बार जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर से अपराध के रास्ते पर लौट गया। चंबल के बीहड़ों में वर्षों तक खौफ का दूसरा नाम रहा जगन गुर्जर अब जेल की सलाखों के पीछे अपनी ही बैरक में मारा गया है। जिस अपराध की दुनिया ने उसे पहचान दी, उसी दुनिया का अंत भी हिंसक तरीके से हुआ। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर आखिर ऐसी वारदात कैसे हो गई? क्या यह सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक थी या यह केवल दो कैदियों के बीच विवाद का नतीजा था? इन सभी सवालों के जवाब अब विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
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    राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को एक सनसनीखेज हत्याकांड हुआ, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। चंबल के बीहड़ों में दशकों तक आतंक का पर्याय रहे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल के भीतर ही हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या उसी बैरक में बंद एक अन्य हार्डकोर कैदी विष्णु ने की, जिसके साथ जगन ने कुछ देर पहले तक लूडो खेला था और सामान्य तरीके से समय बिताया था।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु और डकैत जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। सोमवार सुबह दोनों ने बैरक की सफाई की और साथ बैठकर लूडो खेला, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसी बैरक से जगन गुर्जर का शव मिला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विष्णु ने तौलिए से जगन का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। जब जेल स्टाफ राउंड पर पहुंचा तो जगन मृत अवस्था में पड़ा था। पूछताछ में विष्णु ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना जुर्म कबूलते हुए कहा कि "मैंने ही उसे मार डाला।" जेल प्रशासन के मुताबिक, जगन गुर्जर मार्च 2026 से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था, जबकि विष्णु पिछले तीन वर्षों से इसी जेल में कैद था। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटा लिए हैं।

पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि शुरुआती जांच में यह गैंगवार का मामला नहीं लग रहा है। प्रथम दृष्टया यह हत्या दोनों कैदियों के बीच हुए आपसी विवाद का परिणाम प्रतीत होती है। सूत्रों के मुताबिक, सुबह नाश्ते के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। पूछताछ में विष्णु ने बताया कि जगन अक्सर उसे ताने मारता था और मानसिक रूप से परेशान करता था, जिसके कारण उसने रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया। जेल सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से जगन गुर्जर को दिन में सामान्य बैरक में रखा जाता था, जबकि रात के समय उसे विशेष सुरक्षा सेल में शिफ्ट किया जाता था।

धौलपुर के डांग क्षेत्र के भवूतीपुरा गांव का रहने वाला जगन गुर्जर करीब 32 साल पहले अपराध की दुनिया में उतरा था। वर्ष 1994 में अपने जीजा के हत्यारों की हत्या के बाद उसने चंबल के बीहड़ों में अपना गैंग बना लिया और जल्द ही राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के सबसे खूंखार डकैतों में शामिल हो गया। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, फिरौती, लूट, डकैती और पुलिस पर हमलों समेत 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वर्ष 2008 के गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर महल को उड़ाने की धमकी देकर सनसनी फैलाई थी, जिस पर 11 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 2019 में उस पर दो महिलाओं के साथ मारपीट कर उन्हें निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने का गंभीर आरोप भी लगा था। जगन ने कई बार अपराध छोड़ने का दावा किया और वर्ष 2001, 2009, 2018 और 2022 में आत्मसमर्पण भी किया, यहाँ तक कि अपनी बेटी की शादी के समय उसने अपराध की दुनिया छोड़ने की कसम भी खाई थी, लेकिन हर बार जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर से अपराध के रास्ते पर लौट गया।

चंबल के बीहड़ों में वर्षों तक खौफ का दूसरा नाम रहा जगन गुर्जर अब जेल की सलाखों के पीछे अपनी ही बैरक में मारा गया है। जिस अपराध की दुनिया ने उसे पहचान दी, उसी दुनिया का अंत भी हिंसक तरीके से हुआ। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर आखिर ऐसी वारदात कैसे हो गई? क्या यह सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक थी या यह केवल दो कैदियों के बीच विवाद का नतीजा था? इन सभी सवालों के जवाब अब विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
    user_Avdesh Sharma
    Avdesh Sharma
    Newspaper advertising department बसेरी, धौलपुर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • राजस्थान में पिछले 15 सालों से विद्यार्थी मित्र, पंचायत सहायक और अब पंचायत शिक्षक के नाम पर संविदा पर काम कर रहे हजारों शिक्षकों का सब्र मंगलवार को टूट गया। राजस्थान पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक संघ, संभाग भरतपुर के बैनर तले शिक्षकों ने भरतपुर की सड़कों पर संभाग स्तरीय शंखनाद एवं ध्यान आकर्षण रैली निकाली और सरकार को सीधी चेतावनी दी कि अब शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। भरतपुर संभाग के चारों जिलों से आए हजारों पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों ने नमन मैरिज होम, किला के पास से संभागीय आयुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस हुंकार रैली का नेतृत्व संभाग अध्यक्ष योगेश कौशिक, नरेंद्र सिनासिनी, मुनेंद्र लवानिया, लेखराम गुर्जर, सवाई माधोपुर से हेमराज दीक्षित और करौली से राजवीर ने किया, जबकि प्रदेश से नरेंद्र चौधरी, खेमेंद्र गीठाला और रामजीत गुर्जर भी मोर्चे पर डटे रहे। रैली के बाद एक आक्रोशित प्रतिनिधिमंडल ने भरतपुर जिला कलक्टर के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई कि राजस्थान संविदा सेवा नियम, 2022 के तहत कार्यरत पंचायत शिक्षकों एवं विद्यालय सहायकों को तुरंत ग्रेड पे के साथ सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उन्होंने नियमित कर्मचारियों की तरह पूरा वेतनमान, पदोन्नति, पेंशन और सभी सेवा लाभ देने की भी मांग की, आरोप लगाया कि सरकार 15 साल से बच्चों का भविष्य संवारने वाले इन शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। मंच से गरजते हुए संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अब भी उनकी मांगों को अनसुना किया, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में आग की तरह फैल जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़कों से लेकर विधानसभा तक संग्राम छेड़ा जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। संघ ने एकजुट होकर अंतिम सांस तक संघर्ष करने का ऐलान करते हुए कहा कि अब आर-पार की लड़ाई होगी और कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी पंचायत शिक्षकों, विद्यालय सहायकों और सहयोगी संगठनों का आभार जताया।
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    राजस्थान में पिछले 15 सालों से विद्यार्थी मित्र, पंचायत सहायक और अब पंचायत शिक्षक के नाम पर संविदा पर काम कर रहे हजारों शिक्षकों का सब्र मंगलवार को टूट गया। राजस्थान पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक संघ, संभाग भरतपुर के बैनर तले शिक्षकों ने भरतपुर की सड़कों पर संभाग स्तरीय शंखनाद एवं ध्यान आकर्षण रैली निकाली और सरकार को सीधी चेतावनी दी कि अब शोषण बर्दाश्त नहीं होगा।

भरतपुर संभाग के चारों जिलों से आए हजारों पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों ने नमन मैरिज होम, किला के पास से संभागीय आयुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस हुंकार रैली का नेतृत्व संभाग अध्यक्ष योगेश कौशिक, नरेंद्र सिनासिनी, मुनेंद्र लवानिया, लेखराम गुर्जर, सवाई माधोपुर से हेमराज दीक्षित और करौली से राजवीर ने किया, जबकि प्रदेश से नरेंद्र चौधरी, खेमेंद्र गीठाला और रामजीत गुर्जर भी मोर्चे पर डटे रहे। रैली के बाद एक आक्रोशित प्रतिनिधिमंडल ने भरतपुर जिला कलक्टर के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई कि राजस्थान संविदा सेवा नियम, 2022 के तहत कार्यरत पंचायत शिक्षकों एवं विद्यालय सहायकों को तुरंत ग्रेड पे के साथ सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उन्होंने नियमित कर्मचारियों की तरह पूरा वेतनमान, पदोन्नति, पेंशन और सभी सेवा लाभ देने की भी मांग की, आरोप लगाया कि सरकार 15 साल से बच्चों का भविष्य संवारने वाले इन शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

मंच से गरजते हुए संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अब भी उनकी मांगों को अनसुना किया, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में आग की तरह फैल जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़कों से लेकर विधानसभा तक संग्राम छेड़ा जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। संघ ने एकजुट होकर अंतिम सांस तक संघर्ष करने का ऐलान करते हुए कहा कि अब आर-पार की लड़ाई होगी और कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी पंचायत शिक्षकों, विद्यालय सहायकों और सहयोगी संगठनों का आभार जताया।
    user_मेरा प्रयास सच दिखाने का
    मेरा प्रयास सच दिखाने का
    रूपबास, भरतपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • जौरा के व्यस्ततम एमएस रोड पर मंगलवार को तिकोनिया पार्क से लेकर पगारा रोड और त्यागी धर्मशाला तक करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस भीषण जाम के कारण राहगीरों, स्कूली विद्यार्थियों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस जाम की मुख्य वजह तिकोनिया पार्क के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा के सामने पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था का अभाव है। बैंक परिसर में पार्किंग नहीं होने के कारण कर्मचारी और ग्राहक अपने दोपहिया एवं चारपहिया वाहन सड़क किनारे खड़े कर देते हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और वाहनों की आवाजाही बाधित होने लगती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बैंक खुलने के समय और दोपहर के दौरान इस स्थान पर लगभग रोजाना जाम की स्थिति बनती है। मंगलवार को भी सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे तिकोनिया पार्क से पगारा रोड और त्यागी धर्मशाला तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बैंक के सामने पार्किंग की समुचित व्यवस्था कराई जाए और सड़क पर अवैध पार्किंग के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है।
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    जौरा के व्यस्ततम एमएस रोड पर मंगलवार को तिकोनिया पार्क से लेकर पगारा रोड और त्यागी धर्मशाला तक करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस भीषण जाम के कारण राहगीरों, स्कूली विद्यार्थियों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस जाम की मुख्य वजह तिकोनिया पार्क के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा के सामने पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था का अभाव है। बैंक परिसर में पार्किंग नहीं होने के कारण कर्मचारी और ग्राहक अपने दोपहिया एवं चारपहिया वाहन सड़क किनारे खड़े कर देते हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और वाहनों की आवाजाही बाधित होने लगती है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बैंक खुलने के समय और दोपहर के दौरान इस स्थान पर लगभग रोजाना जाम की स्थिति बनती है। मंगलवार को भी सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे तिकोनिया पार्क से पगारा रोड और त्यागी धर्मशाला तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बैंक के सामने पार्किंग की समुचित व्यवस्था कराई जाए और सड़क पर अवैध पार्किंग के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है।
    user_Mahesh singh
    Mahesh singh
    Local News Reporter जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मुरैना की सिविल लाइन थाना पुलिस ने शराब विवाद से जुड़ी फायरिंग की सनसनीखेज वारदात का खुलासा महज 48 घंटे के भीतर कर दिया है। यह मामला 28 जून का है, जब जोरी गांव निवासी निशांत उपाध्याय ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, शराब बिक्री को लेकर हुए विवाद के बाद तीन आरोपी मोटरसाइकिल से उनके घर पहुंचे और 315 बोर की बंदूक से मकान पर छह राउंड फायरिंग की थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के निर्देश पर गठित टीम ने लगातार दबिश देकर तीनों आरोपियों – भानु गुर्जर, ऐदल गुर्जर और आकाश गुर्जर – को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई अवैध 315 बोर की बंदूक, एक मोटरसाइकिल और उनके घर से करीब 21 हजार रुपये कीमत की सात पेटी अवैध देसी शराब भी बरामद की गई है। पुलिस ने इन आरोपियों पर आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराएं बढ़ाते हुए उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
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    मुरैना की सिविल लाइन थाना पुलिस ने शराब विवाद से जुड़ी फायरिंग की सनसनीखेज वारदात का खुलासा महज 48 घंटे के भीतर कर दिया है। यह मामला 28 जून का है, जब जोरी गांव निवासी निशांत उपाध्याय ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, शराब बिक्री को लेकर हुए विवाद के बाद तीन आरोपी मोटरसाइकिल से उनके घर पहुंचे और 315 बोर की बंदूक से मकान पर छह राउंड फायरिंग की थी।

घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के निर्देश पर गठित टीम ने लगातार दबिश देकर तीनों आरोपियों – भानु गुर्जर, ऐदल गुर्जर और आकाश गुर्जर – को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई अवैध 315 बोर की बंदूक, एक मोटरसाइकिल और उनके घर से करीब 21 हजार रुपये कीमत की सात पेटी अवैध देसी शराब भी बरामद की गई है। पुलिस ने इन आरोपियों पर आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराएं बढ़ाते हुए उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
    user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के फतेहाबाद थाना क्षेत्र में स्थित एक वृद्धाश्रम परिसर में हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का गंभीर मामला सामने आया है। बेखौफ दबंगों द्वारा दिनदहाड़े कुल्हाड़ी और आरी का उपयोग कर पेड़ों को काटा जा रहा है, जिससे क्षेत्र की हरियाली को भारी नुकसान पहुँच रहा है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची, जिसके बाद आरोपी वहाँ से भाग गए; अब वन विभाग इनके खिलाफ कार्यवाही करने की बात कह रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फतेहाबाद बाईपास रोड पर नवीन मंडी स्थल के पास स्थित इस वृद्धाश्रम में कई दिनों से हरे पेड़ों पर आरी चलाई जा रही है। बड़े-बड़े छायादार और फलदार पेड़ों को बिना किसी अनुमति के काटा जा रहा है, और कटाई के बाद लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से ले जाया जा रहा है। क्षेत्रीय निवासियों ने इस बात पर चिंता जताई कि जहाँ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए "एक पेड़ माँ के नाम" जैसे अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर फतेहाबाद में दबंग खुलेआम सरकार के इस अभियान को ठेंगा दिखा रहे हैं। इस अवैध कटान से पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुँच रहा है। इस संबंध में वन क्षेत्र अधिकारी विशाल राठौर ने बताया कि जानकारी मिलते ही तत्काल टीम को मौके पर भेजा गया था, और पेड़ों को काटे जाने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि बचे हुए पेड़ों के संरक्षण के लिए एसडीएम और तहसीलदार को पत्र लिखकर अनुरोध किया जाएगा कि वे भविष्य में ऐसे किसी भी कटान की अनुमति न दें। इसके अतिरिक्त, पेड़ों को काटने वाले और कटवाने वाले दोनों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी, जिसके लिए आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।
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    उत्तर प्रदेश के फतेहाबाद थाना क्षेत्र में स्थित एक वृद्धाश्रम परिसर में हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का गंभीर मामला सामने आया है। बेखौफ दबंगों द्वारा दिनदहाड़े कुल्हाड़ी और आरी का उपयोग कर पेड़ों को काटा जा रहा है, जिससे क्षेत्र की हरियाली को भारी नुकसान पहुँच रहा है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची, जिसके बाद आरोपी वहाँ से भाग गए; अब वन विभाग इनके खिलाफ कार्यवाही करने की बात कह रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि फतेहाबाद बाईपास रोड पर नवीन मंडी स्थल के पास स्थित इस वृद्धाश्रम में कई दिनों से हरे पेड़ों पर आरी चलाई जा रही है। बड़े-बड़े छायादार और फलदार पेड़ों को बिना किसी अनुमति के काटा जा रहा है, और कटाई के बाद लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से ले जाया जा रहा है।

क्षेत्रीय निवासियों ने इस बात पर चिंता जताई कि जहाँ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए "एक पेड़ माँ के नाम" जैसे अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर फतेहाबाद में दबंग खुलेआम सरकार के इस अभियान को ठेंगा दिखा रहे हैं। इस अवैध कटान से पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुँच रहा है।

इस संबंध में वन क्षेत्र अधिकारी विशाल राठौर ने बताया कि जानकारी मिलते ही तत्काल टीम को मौके पर भेजा गया था, और पेड़ों को काटे जाने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि बचे हुए पेड़ों के संरक्षण के लिए एसडीएम और तहसीलदार को पत्र लिखकर अनुरोध किया जाएगा कि वे भविष्य में ऐसे किसी भी कटान की अनुमति न दें। इसके अतिरिक्त, पेड़ों को काटने वाले और कटवाने वाले दोनों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी, जिसके लिए आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।
    user_प्रदीप कुमार
    प्रदीप कुमार
    फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • रूपबास उपखंड के गांव सज्जनवास स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल सतीश तिवारी के सेवानिवृत्त होने पर लोगों ने उनका भव्य स्वागत और सम्मान किया। विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद, बैंड-बाजों के साथ एक सम्मान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा विद्यालय से शुरू होकर रूपबास कस्बा होते हुए प्रिंसिपल तिवारी के घर तक गई, जिसमें कस्बे के एसबीआई बैंक के सामने स्थित हनुमान मंदिर से बाजार होते हुए उनके आवास तक का मार्ग शामिल था। सेवानिवृत्त प्रिंसिपल का सज्जनवास गांव के लोगों, विद्यालय परिवार और रूपबास कस्बे के निवासियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर रूपबास सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक एवं अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। प्रिंसिपल तिवारी ने इस भव्य स्वागत के लिए सभी का हृदय से आभार जताया।
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    रूपबास उपखंड के गांव सज्जनवास स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल सतीश तिवारी के सेवानिवृत्त होने पर लोगों ने उनका भव्य स्वागत और सम्मान किया। विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद, बैंड-बाजों के साथ एक सम्मान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा विद्यालय से शुरू होकर रूपबास कस्बा होते हुए प्रिंसिपल तिवारी के घर तक गई, जिसमें कस्बे के एसबीआई बैंक के सामने स्थित हनुमान मंदिर से बाजार होते हुए उनके आवास तक का मार्ग शामिल था।

सेवानिवृत्त प्रिंसिपल का सज्जनवास गांव के लोगों, विद्यालय परिवार और रूपबास कस्बे के निवासियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर रूपबास सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक एवं अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। प्रिंसिपल तिवारी ने इस भव्य स्वागत के लिए सभी का हृदय से आभार जताया।
    user_मेरा प्रयास सच दिखाने का
    मेरा प्रयास सच दिखाने का
    रूपबास, भरतपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • मुरैना पुलिस ने अवैध रेत कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चंबल नदी तक पहुँचने वाले रास्तों को ही बंद कर दिया है। सरायछोला थाना पुलिस और वन विभाग की एक संयुक्त टीम ने जेसीबी का उपयोग कर गहरे गड्ढे खुदवाकर इन रास्तों को अवरुद्ध किया और बड़ी मात्रा में अवैध रूप से भंडारित रेत को भी नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के निर्देश पर जिलेभर में चलाए जा रहे अवैध रेत परिवहन, उत्खनन और भंडारण के खिलाफ विशेष अभियान का हिस्सा है। इसी अभियान के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह डावर और नगर पुलिस अधीक्षक दीपाली चंदौरिया के मार्गदर्शन में सरायछोला थाना पुलिस और वन विभाग की टीम ने बाबा देवपुरी मंदिर के आसपास चंबल नदी की ओर जाने वाले कच्चे और वैकल्पिक रास्तों की पहचान की। इसके बाद जेसीबी मशीनों से इन रास्तों पर गहरे गड्ढे खोदकर उन्हें पूरी तरह से बंद कर दिया गया, ताकि ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर और अन्य भारी वाहन अवैध रेत का परिवहन न कर सकें। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर अवैध रूप से भंडारित करीब 60 ट्रॉली (लगभग 120 घन मीटर) रेत को मिट्टी में मिलाकर नष्ट कर दिया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.32 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चंबल क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और अन्य अवैध रास्तों को भी चिन्हित कर बंद किया जाएगा। इस संयुक्त कार्रवाई में सरायछोला थाना प्रभारी सहित पुलिस बल के 10 और वन विभाग के 7 अधिकारी-कर्मचारियों सहित कुल 17 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
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    मुरैना पुलिस ने अवैध रेत कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चंबल नदी तक पहुँचने वाले रास्तों को ही बंद कर दिया है। सरायछोला थाना पुलिस और वन विभाग की एक संयुक्त टीम ने जेसीबी का उपयोग कर गहरे गड्ढे खुदवाकर इन रास्तों को अवरुद्ध किया और बड़ी मात्रा में अवैध रूप से भंडारित रेत को भी नष्ट कर दिया।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के निर्देश पर जिलेभर में चलाए जा रहे अवैध रेत परिवहन, उत्खनन और भंडारण के खिलाफ विशेष अभियान का हिस्सा है। इसी अभियान के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह डावर और नगर पुलिस अधीक्षक दीपाली चंदौरिया के मार्गदर्शन में सरायछोला थाना पुलिस और वन विभाग की टीम ने बाबा देवपुरी मंदिर के आसपास चंबल नदी की ओर जाने वाले कच्चे और वैकल्पिक रास्तों की पहचान की। इसके बाद जेसीबी मशीनों से इन रास्तों पर गहरे गड्ढे खोदकर उन्हें पूरी तरह से बंद कर दिया गया, ताकि ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर और अन्य भारी वाहन अवैध रेत का परिवहन न कर सकें।

इस कार्रवाई के दौरान मौके पर अवैध रूप से भंडारित करीब 60 ट्रॉली (लगभग 120 घन मीटर) रेत को मिट्टी में मिलाकर नष्ट कर दिया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.32 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चंबल क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और अन्य अवैध रास्तों को भी चिन्हित कर बंद किया जाएगा। इस संयुक्त कार्रवाई में सरायछोला थाना प्रभारी सहित पुलिस बल के 10 और वन विभाग के 7 अधिकारी-कर्मचारियों सहित कुल 17 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
    user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • जौरा नगर के वार्ड क्रमांक 11 और वार्ड क्रमांक 1 के निवासियों ने अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मंगलवार को नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेंद्र रावत को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान दोनों वार्डों के लोगों ने सड़क, जल निकासी और आम रास्ते जैसी समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की। वार्ड क्रमांक 11 के रहवासियों ने बताया कि पीएचई विभाग द्वारा नल-जल योजना के तहत करीब दो वर्ष पहले सड़क की खुदाई की गई थी। हालांकि, आज तक न तो पाइपलाइन बिछाई गई और न ही सड़क का पुनर्निर्माण कराया गया, जिससे सड़क बदहाल हो गई है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। वार्डवासियों का कहना है कि कई बार मौखिक शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें ज्ञापन देने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं, वार्ड क्रमांक 1 के रहवासियों ने विधायक प्रतिनिधि आशीष गोस्वामी के नेतृत्व में सीएमओ को ज्ञापन देते हुए बताया कि ब्रॉडगेज रेलवे लाइन बनने के बाद क्षेत्र में आम रास्ते की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसके साथ ही, जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें आशंका है कि बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों सहित आम नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। विधायक प्रतिनिधि आशीष गोस्वामी ने वार्डवासियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो वार्डवासी सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान दोनों वार्डों के बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित थे और उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से जनहित में त्वरित कार्रवाई की मांग की।
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    जौरा नगर के वार्ड क्रमांक 11 और वार्ड क्रमांक 1 के निवासियों ने अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मंगलवार को नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेंद्र रावत को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान दोनों वार्डों के लोगों ने सड़क, जल निकासी और आम रास्ते जैसी समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की।

वार्ड क्रमांक 11 के रहवासियों ने बताया कि पीएचई विभाग द्वारा नल-जल योजना के तहत करीब दो वर्ष पहले सड़क की खुदाई की गई थी। हालांकि, आज तक न तो पाइपलाइन बिछाई गई और न ही सड़क का पुनर्निर्माण कराया गया, जिससे सड़क बदहाल हो गई है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। वार्डवासियों का कहना है कि कई बार मौखिक शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें ज्ञापन देने के लिए मजबूर होना पड़ा।

वहीं, वार्ड क्रमांक 1 के रहवासियों ने विधायक प्रतिनिधि आशीष गोस्वामी के नेतृत्व में सीएमओ को ज्ञापन देते हुए बताया कि ब्रॉडगेज रेलवे लाइन बनने के बाद क्षेत्र में आम रास्ते की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसके साथ ही, जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें आशंका है कि बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों सहित आम नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

विधायक प्रतिनिधि आशीष गोस्वामी ने वार्डवासियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो वार्डवासी सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान दोनों वार्डों के बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित थे और उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से जनहित में त्वरित कार्रवाई की मांग की।
    user_Mahesh singh
    Mahesh singh
    Local News Reporter जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • शिवपुरी के पोहरी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 6 में एक बिजली का खंभा टूट गया है, जिसके कारण बिजली के तार सड़क पर फैल गए और आवागमन बाधित हुआ। गनीमत यह रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान बिजली नहीं आ रही थी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुँच गए हैं।
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    शिवपुरी के पोहरी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 6 में एक बिजली का खंभा टूट गया है, जिसके कारण बिजली के तार सड़क पर फैल गए और आवागमन बाधित हुआ। गनीमत यह रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान बिजली नहीं आ रही थी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुँच गए हैं।
    user_Lokesh shukla
    Lokesh shukla
    कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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