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मानसून सत्र 2026 के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद में चर्चा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पक्षों की राय आ चुकी है, आप भी चर्चा चाहते हैं, वे भी चर्चा चाहते हैं और सरकार भी चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इस तरह सदन की गैलरी में खड़े होकर चर्चा नहीं हो सकती। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसद में किसी भी मुद्दे पर चर्चा केवल सदन के नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होगी। इसके साथ ही उन्होंने सभी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखते हुए सार्थक चर्चा में भाग लेने की अपील की है।
Pradesh Khabar News Network
मानसून सत्र 2026 के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद में चर्चा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पक्षों की राय आ चुकी है, आप भी चर्चा चाहते हैं, वे भी चर्चा चाहते हैं और सरकार भी चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इस तरह सदन की गैलरी में खड़े होकर चर्चा नहीं हो सकती। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसद में किसी भी मुद्दे पर चर्चा केवल सदन के नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होगी। इसके साथ ही उन्होंने सभी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखते हुए सार्थक चर्चा में भाग लेने की अपील की है।
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- लोकसभा के मानसून सत्र 2026 के दौरान विपक्ष के भारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित रही। इस हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष को स्पष्ट किया कि जिन भी विषयों पर नोटिस दिया गया है, उन सभी पर चर्चा कराने के लिए वे तैयार हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि विपक्ष जितनी देर चर्चा करना चाहेगा, उसे पूरा समय दिया जाएगा। सदन में गतिरोध पर स्पीकर ने कहा, "यदि आप सदन नहीं चलाना चाहते, तो सदन इस तरह नहीं चल सकता।" इसके साथ ही उन्होंने सभी दलों से लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील की।1
- पानी में डूबे या फंसे ट्रैक्टर को लकड़ी या डंडा लगाकर बाहर निकालने की कोशिश बेहद खतरनाक साबित हो सकती है और इससे दुर्घटना होने की पूरी संभावना बनी रहती है। सरगुजा के उदयपुर क्षेत्र में ट्रैक्टर का एक हिस्सा पूरी तरह पानी में डूब चुका है, जिसे निकालने के लिए लोग उसमें डंडा और बाली फंसाकर प्रयास कर रहे हैं। इस तरह का जोखिम भरा तरीका अपनाते समय हर पल बड़े हादसे का डर बना रहता है। ट्रैक्टर में इस तरह जबरन डंडा या बाली फंसाकर निकालने के चक्कर में गाड़ियां पीछे की तरफ से आपस में टकरा जाती हैं। ऐसी स्थिति में जोखिम उठाने के बजाय यदि ट्रैक्टर पानी या कीचड़ में डूब जाए, तो दूसरा ट्रैक्टर मंगाकर टोचन (टोइंग) के जरिए ही उसे सुरक्षित बाहर निकाला जाना चाहिए।1
- 'किसान, मजदूर बचाओ अभियान, फेस-3' का पूरा वीडियो देखने की अपील की गई है। इस अभियान से संबंधित पूरा वीडियो 'AnnaPurna Muhim' यूट्यूब चैनल पर देखने के लिए कहा गया है।1
- सूरजपुर जिले के प्रेमनगर क्षेत्र में आज काफी दिनों के बाद झींक नाला का रौद्र नजारा देखने को मिला है। लंबे समय के अंतराल के बाद नाले का यह रौद्र रूप और भयानक दृश्य लोगों के सामने आया है।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कोतबा में कारगिल चौक से बागबहार तक बन रही 40 करोड़ रुपये की सड़क पर घुटने भर पानी और जानलेवा गड्ढों के कारण स्थिति बदतर हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और ठेकेदार पर घटिया निर्माण व कथित भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। अपनी नाकामी और फजीहत छुपाने के लिए विभाग ने भारी बरसात के बीच कारगिल चौक से बस्ती क्षेत्र में सड़क के मध्य से दोनों ओर 10-10 मीटर अतिक्रमण हटाने का मौखिक अल्टीमेटम जारी कर दिया है, जिससे स्थानीय रहवासियों में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विभाग पिछले 10 महीनों के सूखे मौसम में सोया रहा और अब मूसलाधार बारिश में आशियाने उजाड़ने की धमकी देकर ठेकेदार को बचाने व ध्यान भटकाने की साजिश रच रहा है। इस मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष सुमित शर्मा और युवा नेता आकाश मित्तल ने अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत के खिलाफ मुख्यमंत्री निवास 'बगिया' तक पैदल सत्याग्रह करने की चेतावनी दी है। वहीं, नगर पंचायत उपाध्यक्ष व भाजपा नेत्री श्रीमती सुमन सुनील शर्मा ने भी मोर्चा खोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और भाजपा के सुशासन में जनता के 40 करोड़ रुपयों का दुरुपयोग और ऐसा भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने कारगिल चौक से पटेल बस्ती तक तत्काल पैचवर्क व मरम्मत कराने, मानसून में बेदखली का खौफ बंद करने और 40 करोड़ की परियोजना में देरी व गुणवत्ताहीन कार्य के लिए जिम्मेदार PWD अधिकारियों और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस पूरी लापरवाही की लिखित शिकायत जिला कलेक्टर और मुख्यमंत्री से करने का फैसला लिया गया है।1
- मानसून सत्र 2026 के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद में चर्चा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पक्षों की राय आ चुकी है, आप भी चर्चा चाहते हैं, वे भी चर्चा चाहते हैं और सरकार भी चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इस तरह सदन की गैलरी में खड़े होकर चर्चा नहीं हो सकती। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसद में किसी भी मुद्दे पर चर्चा केवल सदन के नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होगी। इसके साथ ही उन्होंने सभी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखते हुए सार्थक चर्चा में भाग लेने की अपील की है।1
- सीतापुर में केशला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नदी के तेज बहाव और अचानक बढ़ते जलस्तर के बीच एक ट्रैक्टर पानी में डूब गया। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जेसीबी की मदद से रेस्क्यू कार्य शुरू कर दिया गया है, जो फिलहाल जारी है।1