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भानपुरा , मध्यप्रदेश मंदसौर में मलेरिया-डेंगू का बढ़ता प्रकोप दो बच्चों की मौत, दिल्ली से पहुंची टीम
प्रेस क्लब अध्यक्ष बेटमा रणजीत मंडलोई
भानपुरा , मध्यप्रदेश मंदसौर में मलेरिया-डेंगू का बढ़ता प्रकोप दो बच्चों की मौत, दिल्ली से पहुंची टीम
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- भानपुरा , मध्यप्रदेश मंदसौर में मलेरिया-डेंगू का बढ़ता प्रकोप दो बच्चों की मौत, दिल्ली से पहुंची टीम1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | इंदौर 🔴 जामनिया खुर्द में कथित अवैध कॉलोनी का विकास जारी! ▪️ ग्राम पंचायत द्वारा 2 साल पहले शिकायत किए जाने के बावजूद कॉलोनी में विकास कार्य जारी। ▪️ प्लॉट बिक्री और मकानों के निर्माण को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल। ▪️ प्रशासनिक रोक के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने के मामले में जांच की जरूरत। ▪️ जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की भूमिका पर निगाहें। बड़ा सवाल: दो साल पहले शिकायत के बाद भी कॉलोनी का विकास नहीं रुका, आखिर कब होगी कार्रवाई?1
- राजेंद्र नगर ब्रिज पर टूटी रेलिंग, हादसे के बाद भी मरम्मत का इंतज़ार! कुछ महीने पहले इंदौर के राजेंद्र नगर ब्रिज पर थार गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें ब्रिज की रेलिंग टूट गई थी। लेकिन आज भी रेलिंग की मरम्मत नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या जिम्मेदार विभाग किसी दूसरी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है? टूटी हुई रेलिंग से वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर कब ध्यान देंगे? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी?2
- हार्ट अटैक क्यों आता है हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ प्रदीप गुप्ता से जाने इंदौर प्रेस क्लब इंदौर में हृदय रोगों के बढ़ते मामलों, कम उम्र में हार्ट अटैक की घटनाओं और हृदय संबंधी बीमारियों से बचाव को लेकर आज एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गयी जिसमे विश्वभर में हर साल लगभग दो करोड़ मौतों का कारण हृदय रोग बनते हैं, ज कुल मौतों का करीब 33 प्रतिशत है। lचिंता की बात यह है कि इनमें से लगभग 75 प्रतिशत मौतें मध्यम और निम्न आय वाले देशों में होती हैं, जिनमें भारत भी शामिल है। वही इसी गंभीर विषय पर विशेषज् चिकित्सक हृदय रोगों के प्रमुख कारणों, बदलती जीवनशैली, प्रदूषण, मोटापे और समय रहते बीमारी की पहचान कर बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा करी गयी। हृदय रोग आज पूरी दुनिया के सामने एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुका हैं। वही विश्व हृदय महासंघ के अनुसार, समय रहते जागरूकता, नियमित स्वास्थ्य जांच और जीवनशैली में सुधार के माध्यम से हृदय संबंधी बीमारियों तथा स्ट्रोक के अनेक मामलों को रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से आज इंदौर के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हृदय रोगों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ ने अपनी बात रखीं। वही विश्व हृदय महासंघ के अध्यक्ष एवं यूएसए से जुड़े डॉ. जगत नरूला हृदय रोगों के इतिहास,l प्राचीन समय से लेकर आधुनिक चिकित्सा विज्ञान तक हुए बदलावों और शुरुआती स्तर पर रोकथाम के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं इंदौर के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ए. के. पंचोलिया इस सवाल पर चर्चा करी कि भारत में कम उम्रlमें लोगों को दिल के दौरे क्यों पड़ रहे हैं और शुरुआती लक्षणों की पहचान समय पर क्यों नहीं हो पाती। इसके साथ ही वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ एवं सीएसआई इंदौर के उपाध्यक्ष डॉ. राकेश जैन प्रदूषण, प्लास्टिक और मोटापे को हृदय रोगों केबढ़ते जोखिम से जोड़ते हुए इनके प्रभावोंl पर जानकारी भी दी। वही सीएसआई इंदौर के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप गुप्ता जीवनशैली को हृदय स्वास्थ्य से जोड़ते हुए बताया कि इसमें खानपान में सुधार, नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन परनियंत्रण, तंबाकू से दूरी और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच किस तरह हृदय रोगों के खतरे को कम करने मेंमदद कर सकती है। वही इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य आम जनता को हृदय रोगों के कारणों, शुरुआती संकेतों और बचाव के प्रभावी उपायों के प्रति जागरूक करना है, ताकि लोग समय रहते आवश्यक सावधानियां अपना सकें और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकें1
- आज कलेक्टर कार्यालय के बाहर कोटवालों ने अपनी मांगों को लेकर आवेदन दिया1
- 33 साल से प्लॉट का इंतजार, स्कीम 171 के पीड़ितों ने सीएम से लगाई गुहार इंदौर की स्कीम नंबर 171 के प्लॉट धारकों ने एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर अपनी समस्या के समाधान की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि करीब छह हजार प्लॉट धारक पिछले 33 वर्षों से परेशान हैं। पूरी रकम जमा करने और बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली है। मुख्यमंत्री का फूल-मालाओं से स्वागत करते हुए उन्होंने दीपावली से पहले समाधान की गुहार लगाई। वीओ: अपने घर का सपना लेकर वर्षों पहले प्लॉट खरीदने वाले परिवार आज भी समाधान का इंतजार कर रहे हैं। स्कीम नंबर 171 के करीब 100 पीड़ित महिलाएं और पुरुष अपनी परेशानी मुख्यमंत्री तक पहुंचाने एयरपोर्ट पहुंचे। प्लॉट धारकों का दावा है कि 1993 में आई इस स्कीम में उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई लगाकर प्लॉट खरीदे थे। उनका यह भी कहना है कि विकास और फ्रीहोल्ड के नाम पर प्राधिकरण की ओर से मांगे गए 5 करोड़ 84 लाख रुपये के साथ जीएसटी भी जमा किया जा चुका है। इसके बावजूद उनके प्लॉट संबंधी मामले अब तक नहीं सुलझे हैं और वे अपना मकान नहीं बना पाए हैं। पीड़ितों के मुताबिक, आईडीए कार्यालय से लेकर संबंधित अधिकारियों तक कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन समाधान नहीं निकला। मुलाकात करने पहुंचीं महिलाओं ने बताया कि लंबे इंतजार और आर्थिक परेशानी का असर बच्चों की पढ़ाई और शादी जैसे पारिवारिक दायित्वों पर भी पड़ रहा है। बाइट: एस. पी. श्रीवास्तव, प्लॉट धारक, इंदौर1
- आइसक्रीम पार्लर में छिपाकर रखे थे पटाखे! एरोड्रम पुलिस ने 50 बोरी माचिस बम किए जब्त1
- कटनी सरकारी जमीन पर अवैध प्लाटिंग का आरोप गलत खसरे पर कब्जा दिखाकर बेचने की शिकायत1