**फर्रुखाबाद: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता, डीएम ने नियमित मेडिकल शिविरों के दिए निर्देश** **फर्रुखाबाद।** जनपद में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दे रहा है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति को उपचार के अभाव में परेशानी न हो और स्वास्थ्य सेवाएं लगातार उपलब्ध कराई जाएं। हाल ही में बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रत्येक तीन दिन के अंतराल पर नियमित मेडिकल एवं पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान संक्रामक रोगों की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए उपचार के साथ-साथ रोकथाम संबंधी उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने नियंत्रण कक्ष में तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित किसी भी व्यक्ति का कॉल प्राप्त होने पर तत्काल संबंधित ग्राम प्रधान, लेखपाल और उपजिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर उसे सुरक्षित बाढ़ शरणालय तक पहुंचाया जाए। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराए। **33 से अधिक गांवों पर प्रशासन की नजर** जिला प्रशासन के अनुसार 33 से अधिक बाढ़ प्रभावित गांवों की लगातार निगरानी की जा रही है। राहत शिविर, स्वास्थ्य टीमें और बचाव दल सक्रिय रखे गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाएं, ओआरएस, क्लोरीन की गोलियां, एंटीबायोटिक तथा अन्य जरूरी औषधियों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। **विभागों के बीच समन्वय पर जोर** जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य, पशुपालन, राजस्व विभाग तथा स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर बल दिया। उनका कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा में राहत सामग्री वितरण के साथ-साथ लोगों और पशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन का कहना है कि नियमित स्वास्थ्य शिविरों, त्वरित चिकित्सा सहायता और रोगों की रोकथाम संबंधी उपायों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनस्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन की यह पहल राहत एवं बचाव कार्यों के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
**फर्रुखाबाद: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता, डीएम ने नियमित मेडिकल शिविरों के दिए निर्देश** **फर्रुखाबाद।** जनपद में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दे रहा है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति को उपचार के अभाव में परेशानी न हो और स्वास्थ्य सेवाएं लगातार उपलब्ध कराई जाएं। हाल ही में बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रत्येक तीन दिन के अंतराल पर नियमित मेडिकल एवं पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान संक्रामक रोगों की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए उपचार के साथ-साथ रोकथाम संबंधी उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने नियंत्रण कक्ष में तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित किसी भी व्यक्ति का कॉल प्राप्त होने पर तत्काल संबंधित ग्राम प्रधान, लेखपाल और उपजिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर उसे सुरक्षित बाढ़ शरणालय तक पहुंचाया जाए। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराए। **33 से अधिक गांवों पर प्रशासन की नजर** जिला प्रशासन के अनुसार 33 से अधिक बाढ़ प्रभावित गांवों की लगातार निगरानी की जा रही है। राहत शिविर, स्वास्थ्य टीमें और बचाव दल सक्रिय रखे गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाएं, ओआरएस, क्लोरीन की गोलियां, एंटीबायोटिक तथा अन्य जरूरी औषधियों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। **विभागों के बीच समन्वय पर जोर** जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य, पशुपालन, राजस्व विभाग तथा स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर बल दिया। उनका कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा में राहत सामग्री वितरण के साथ-साथ लोगों और पशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन का कहना है कि नियमित स्वास्थ्य शिविरों, त्वरित चिकित्सा सहायता और रोगों की रोकथाम संबंधी उपायों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनस्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन की यह पहल राहत एवं बचाव कार्यों के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- विवादित जमीन का हुआ समझौता नायब रहे तहसीलदार मौजूद हल्लापुर जलालाबाद, शाहजहांपुर। अल्लाहगंज थाना क्षेत्र के ग्राम हुल्लापुर में भूमि कब्जे के विवाद का आपसी सहमति से समाधान करा दिया गया। ग्राम निवासी राजपाल उर्फ वीरपाल पुत्र बलवंत ने अपनी निजी भूमि पर कब्जे की शिकायत जिलाधिकारी और डीजीपी को प्रार्थना पत्र देकर की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गांव के लंकुश पुत्र बच्चू ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। मामले की जांच के दौरान मौके पर पता चला कि दोनों पक्ष लंबे समय से एक-दूसरे की भूमि पर काबिज हैं। इसके बाद पंचायत भवन हुल्लापुर में ग्रामवासियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत कराई गई। आपसी सहमति बनने पर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान हो गया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे आपसी सौहार्द और समझदारी का उदाहरण बताया1
- गाजे - बाजे के साथ खाटू श्याम की निशान पदयात्रा लेकर भक्त हुए रवाना जलालाबाद। नगर के परशुरामपुरी स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर परिसर से शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति के माहौल में खाटू श्याम जी की निशान पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु हाथों में निशान लेकर गाजे-बाजे और जयकारों के साथ शाहजहांपुर-बरेली मोड़ स्थित खाटू श्याम मंदिर के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान श्रद्धालु "हारे के सहारे, खाटू श्याम हमारे" और "जय श्री श्याम" के जयघोष लगाते हुए पूरे मार्ग में भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए। पदयात्रा में महिला, पुरुष और युवा भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्तों ने खाटू श्याम बाबा से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना की। पदयात्रा के शुभारंभ अवसर पर मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद निशान अर्पित किए गए। इसके पश्चात श्रद्धालु भक्ति संगीत और गाजे-बाजे के साथ खाटू श्याम मंदिर के लिए रवाना हुए।1
- **फर्रुखाबाद: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता, डीएम ने नियमित मेडिकल शिविरों के दिए निर्देश** **फर्रुखाबाद।** जनपद में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दे रहा है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति को उपचार के अभाव में परेशानी न हो और स्वास्थ्य सेवाएं लगातार उपलब्ध कराई जाएं। हाल ही में बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रत्येक तीन दिन के अंतराल पर नियमित मेडिकल एवं पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान संक्रामक रोगों की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए उपचार के साथ-साथ रोकथाम संबंधी उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने नियंत्रण कक्ष में तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित किसी भी व्यक्ति का कॉल प्राप्त होने पर तत्काल संबंधित ग्राम प्रधान, लेखपाल और उपजिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर उसे सुरक्षित बाढ़ शरणालय तक पहुंचाया जाए। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराए। **33 से अधिक गांवों पर प्रशासन की नजर** जिला प्रशासन के अनुसार 33 से अधिक बाढ़ प्रभावित गांवों की लगातार निगरानी की जा रही है। राहत शिविर, स्वास्थ्य टीमें और बचाव दल सक्रिय रखे गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाएं, ओआरएस, क्लोरीन की गोलियां, एंटीबायोटिक तथा अन्य जरूरी औषधियों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। **विभागों के बीच समन्वय पर जोर** जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य, पशुपालन, राजस्व विभाग तथा स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर बल दिया। उनका कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा में राहत सामग्री वितरण के साथ-साथ लोगों और पशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन का कहना है कि नियमित स्वास्थ्य शिविरों, त्वरित चिकित्सा सहायता और रोगों की रोकथाम संबंधी उपायों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनस्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन की यह पहल राहत एवं बचाव कार्यों के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।1
- *थाना सवायजपुर पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 238/2026 धारा 85/80(2) बीएनएस व ¾ डीपी एक्ट से संबंधित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के संबंध में-* *थाना सवायजपुर पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 238/2026 धारा 85/80(2) बीएनएस व ¾ डीपी एक्ट से संबंधित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के संबंध में-*1
- 17 वर्षों से बाढ़ और गंदे नाले की समस्या से त्रस्त किसान 8 अगस्त से करेंगे अनिश्चितकालीन धरना 17 वर्षों से बाढ़ और गंदे नाले की समस्या से त्रस्त किसान 8 अगस्त से करेंगे अनिश्चितकालीन धरना भारतीय किसान यूनियन (श्रमिक जन शक्ति) ने चेतावनी दी, मांगे नहीं मानी गई तो होगा उग्र आंदोलन मुख्य मांगे संवाददाता, निशांत त्रिवेदी फर्रुखाबाद। संयुक्त भारतीय किसान संयुक्त मोर्चा के आहहान पर भारतीय किसान यूनियन (श्रमिक जन शक्ति) ने 8 अगस्त 2026 से अनिश्चिंतकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी कमलेश यादव के निर्देशन में यह आंदोलन ग्राम रामपुर डफरपुर, विकासखंड बढ़पुर स्थित जिला कार्यालय पर आयोजित होगा। भारतीय किसान यूनियन (भूमिक जन शक्ति) के जिलाध्यक्ष नरोतम सिंह राजपूत ने बताया कि न्याय पंचायत रामपुर डफरपुर के अंतर्गत आने वाली 8-9 ग्राम पंचायतों के किसान पिछले लगभग 17 वर्षों से नगर पालिका फर्रुखाबाद के गंदे नाले, हर वर्ष आने वाली बाढ़, फसल बर्बादी तथा प्रशासनिक उपेक्षा का सामना कर सो हैं। उन्होंने कहा कहा कि कि किन किसानों ने कई बार ज्ञापन दिए, धरना-प्रदर्शन किए और अधिकारियों से बार्ज भी की, लेकिन आज तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका। धरना देने की तैयारी करते भारतीय किसान यूनियन (श्रमिक जन शक्ति के पदाधिकारी व वरर्यकर्ताजग उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानी की मांगों पर श्रीकान की गई ती संगठन उम्र आंदोलनकर जाम, आमरण अनशन तथा अनियतकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अवनर्ज जिलाध्यक्ष नरीतम सिंह राजपूत ने कहा कि यह संवर्थ केवल वर्तमान किसानों के अधिकारों की लड़ाई नहीं, बल्कि आने वाली पीडियों के सुरक्षित भविष्य का भी प्रश्न है। आदोलन को सफल बनाने अपील की। हमारा संघर्ष सिर्फ हमारे लिए नहीं, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है। भारतीय किसान यूनियन जिंदाबाद। बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रल्लोक 15 दिन पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। रामपुर क्षेत्र के पूर्व एवं पश्विम दिशा के गालों कर पक्का निर्माण किया जाए। पिछले वर्षों में बर्बाद हुई फसलों का उचित मुआवजा दिया जाए। केसीसी ऋण, बिजली बिल एवं अन्य सभी प्रकार के ऋण माफ किए जाए। बाद प्रभादित किसानों को आवास और पुनर्वास हेतु भूमि उपलब्ध कराई जाए। सभी गांवों में सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट लगाई जाए। बाढ़ प्रभावित बढ़ों की स्कूल फीस माफ की जाए। किसानों के लिए सोलर पहांट लगाने की प्रक्रिया सरल बनाई जाए।3
- मालूपुर में नमकीन कारखाने का ताला तोड़कर 1.30 लाख रुपये का सामान चोरी, पुलिस से कार्रवाई की मांग जलालाबाद, शाहजहांपुर। कोतवाली क्षेत्र में बरेली रोड स्थित एक मालूपुर गांव के नमकीन के कारखाने का ताला तोड़कर चोर करीब 1.30 लाख रुपये का सामान चोरी कर ले गए। पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। मोहल्ला गोपालनगर निवासी अंकित गुप्ता पुत्र विनोद कुमार गुप्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका कारखाना ग्राम मालूपुर में बरेली रोड पर शेरे पंजाब ढाबा के पीछे स्थित है1
- हरदोई : अतरौली पुलिस की कार्रवाई, मारपीट के मामले में दो अभियुक्त गिरफ्तार हरदोई : अतरौली पुलिस की कार्रवाई, मारपीट के मामले में दो अभियुक्त गिरफ्तार हरदोई। थाना अतरौली पुलिस ने अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत मु०अ०सं० 251/2026 में दर्ज धारा 103(1), 3(5), 115(2), 352 एवं 351(3) बीएनएस से संबंधित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस के अनुसार, उक्त मुकदमे में नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसी क्रम में थाना अतरौली पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना प्रचलित है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जनपद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। रिपोर्टर : कृष्ण मोहन बाजपेयी1