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निरसा मनोज कुमार सिंह 7004056393 अवैध कोयला माफिया पर कसा शिकंजा निरसा में अवैध कोयला कारोबार, बालू, लोहा, गो तस्करी, अवैध लॉटरी,मांगुर मछली तस्करी निरसा विधायक ने किया विरोध
Manoj Kumar
निरसा मनोज कुमार सिंह 7004056393 अवैध कोयला माफिया पर कसा शिकंजा निरसा में अवैध कोयला कारोबार, बालू, लोहा, गो तस्करी, अवैध लॉटरी,मांगुर मछली तस्करी निरसा विधायक ने किया विरोध
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- निरसा में अवैध कोयला कारोबार, बालू, लोहा, गो तस्करी, अवैध लॉटरी,मांगुर मछली तस्करी निरसा विधायक ने किया विरोध1
- *डान बास्को स्कूल निरसा के बच्चों ने 10वीं की परीक्षा में लहराया सफलता का परचम* निरसा: निरसा के रामकनाली स्थित डॉन बॉस्को स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी मेधा से न केवल स्कूल का, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। स्कूल के निदेशक सह प्रधानाध्यापिका सोनू सिंह सैनी ने कहा कि विद्यालय के छात्रों ने गोविंदपुर और निरसा विधानसभा स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किए हैं। जिसमें मयंक प्रसाद ने 97%, शुभम दास 95.04%, बरनाली मंडल 90%, कृष्णा कुमार 86.6%, तथा धोनी मंडल ने 86% अंक लाकर अपने स्कूल का नाम रोशन किया। विद्यार्थियों ने अपनी इस बड़ी कामयाबी का श्रेय स्कूल का कड़ा और सकारात्मक अनुशासन, शिक्षकों द्वारा सही समय पर दी गई सही सलाह, कड़ी मेहनत, छात्रों की अपनी निरंतर लगन तथा माता-पिता का आशीर्वाद और समर्थन को दिया। वहीं सोनू कौर सैनी ने मीडिया को बताया कि हमारे स्कूल के बच्चे हर साल उम्दा प्रदर्शन करते हैं। इस बार भी पूरे गोविंदपुर और निरसा विधानसभा में हमारे छात्रों ने शीर्ष स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा साबित की है। इन सभी होनहार विद्यार्थियों को सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाए दीं।7
- Post by JMM yuwa Neta imran Ansari1
- झरिया से नयन मोदक की रिपोर्ट ... झरिया के डायमंड क्लब में समाजसेवा की एक मिसाल लगातार देखने को मिल रही है। यहां साल 2016 से छोटे-छोटे बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दी जा रही है। डायमंड क्लब की इस पहल के तहत गरीब और जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाया जाता है, ताकि वे शिक्षा से जुड़कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें। स्थानीय स्तर पर यह प्रयास काफी सराहनीय माना जा रहा है और लोगों का समर्थन भी लगातार मिल रहा है। इस सामाजिक कार्य में शबनम खातून और जैसी महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करती हैं। यह पहल झरिया में शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में अहम कदम साबित हो रही है।1
- JD Sajan DJ1
- Post by Niraj Kumar3
- Post by Sandeep Dutta1
- निरसा में अवैध कारोबार का जाल लगातार फैलता जा रहा है और अब यह मुद्दा खुलकर सियासी टकराव का रूप ले चुका है। दिनदहाड़े कोयला चोरी, बालू तस्करी, लोहा चोरी और नेशनल हाईवे पर पशु तस्करी जैसी घटनाएं आम हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में करीब 30 भट्टों के जरिए कोयले का अवैध कारोबार बड़े पैमाने पर संचालित हो रहा है। हर दिन प्रत्येक भट्टे से 18 से 20 गाड़ियों में कोयले की निकासी हो रही है, जो इस पूरे नेटवर्क की गहराई और संगठित स्वरूप को दर्शाता है। इसी मुद्दे को लेकर निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने पहले ही प्रशासन को दो दिनों का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने साफ कहा था कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे खुद जनता के साथ सड़क पर उतरेंगे। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे तस्करों का मनोबल और बढ़ गया। आखिरकार सोमवार रात करीब 8:30 बजे मैथन टोल प्लाज़ा के पास विधायक अरूप चटर्जी ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर अवैध कोयला लोड दो ट्रकों को रोक लिया। जांच के दौरान एक ट्रक पश्चिम बंगाल और दूसरा धनबाद रजिस्ट्रेशन का पाया गया। दोनों में कोयला लोड था और ड्राइवरों ने इसे उत्तर प्रदेश ले जाने की बात कही। जब ट्रकों के कागजात मांगे गए तो ड्राइवरों ने बहाने बनाए और कहा कि मालिक कागजात लेकर आ रहे हैं। लेकिन काफी इंतजार के बाद भी कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका। इसके बाद विधायक ने प्रशासन को मौके पर बुलाया और दोनों ट्रकों को उनके हवाले कर दिया। मीडिया से बात करते हुए विधायक अरूप चटर्जी ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि अवैध कारोबारियों का मनोबल इस कदर बढ़ चुका है कि उन्हें लगता है पुलिस उनकी जेब में है। इसके बाद उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि सतीश अग्रवाल और प्रेम सिंह नामक दो व्यक्ति “सुमित फ्यूल्स” के नाम से एक भट्ठा चला रहे हैं। उनके अनुसार, इस भट्ठे से रोजाना 15 से 20 अवैध कोयला लोडेड ट्रक निकलते हैं, जिन्हें बाहर भेज दिया जाता है। विधायक ने आरोप लगाया कि आज के समय में ये लोग पूरे धनबाद के सबसे बड़े कोयला माफिया बन चुके हैं और उन्हें यह भरोसा हो गया है कि जब पुलिस उनके प्रभाव में है, तो उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। अब सवाल यह उठता है कि इतने बड़े खुलासे और रंगे हाथों पकड़े गए ट्रकों के बाद भी क्या प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।7