महेंद्र पाल ने दबंगों पर अपनी नाबालिग पुत्री के साथ छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है और इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए एसएसपी बरेली को प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित महेंद्र पाल ने बताया कि उनके गांव के ही लवी और आदर्श नामक युवक उनकी कॉलेज जाने वाली बेटी को रास्ते में घेरकर परेशान करते हैं और मोबाइल पर भी गलत तरीके के मैसेज भेजते हैं। महेंद्र पाल जो बाहर काम करते हैं, उनके अनुसार, हाल ही में दो-तीन दिन पहले लवी और आदर्श ने उनकी पुत्री को रास्ते में घेर लिया और उसके साथ छेड़खानी की। आरोपियों ने लड़की को यह धमकी भी दी कि यदि उसने थाने में सूचना दी तो उसे जान से मार देंगे। इस घटना की जानकारी लड़की ने अपने पिता महेंद्र पाल को दी, जिसके बाद उन्होंने थाना नवाबगंज में प्रार्थना पत्र दिया। पीड़ित महेंद्र पाल का आरोप है कि थाना नवाबगंज की पुलिस ने उन्हें काफी देर तक थाने में बैठाए रखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने इस घटना की शिकायत ऑनलाइन सीएम पोर्टल पर भी की। न्याय न मिलने से परेशान होकर महेंद्र पाल ने बरेली एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है। पीड़ित की पुत्री ने बताया है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी। एसएसपी बरेली ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का पूर्ण आश्वासन दिया है।
महेंद्र पाल ने दबंगों पर अपनी नाबालिग पुत्री के साथ छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है और इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए एसएसपी बरेली को प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित महेंद्र पाल ने बताया कि उनके गांव के ही लवी और आदर्श नामक युवक उनकी कॉलेज जाने वाली बेटी को रास्ते में घेरकर परेशान
करते हैं और मोबाइल पर भी गलत तरीके के मैसेज भेजते हैं। महेंद्र पाल जो बाहर काम करते हैं, उनके अनुसार, हाल ही में दो-तीन दिन पहले लवी और आदर्श ने उनकी पुत्री को रास्ते में घेर लिया और उसके साथ छेड़खानी की। आरोपियों ने लड़की को यह धमकी भी दी कि यदि उसने थाने में सूचना दी
तो उसे जान से मार देंगे। इस घटना की जानकारी लड़की ने अपने पिता महेंद्र पाल को दी, जिसके बाद उन्होंने थाना नवाबगंज में प्रार्थना पत्र दिया। पीड़ित महेंद्र पाल का आरोप है कि थाना नवाबगंज की पुलिस ने उन्हें काफी देर तक थाने में बैठाए रखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने इस घटना की शिकायत
ऑनलाइन सीएम पोर्टल पर भी की। न्याय न मिलने से परेशान होकर महेंद्र पाल ने बरेली एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है। पीड़ित की पुत्री ने बताया है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी। एसएसपी बरेली ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का पूर्ण आश्वासन दिया है।
- महेंद्र पाल ने दबंगों पर अपनी नाबालिग पुत्री के साथ छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है और इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए एसएसपी बरेली को प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित महेंद्र पाल ने बताया कि उनके गांव के ही लवी और आदर्श नामक युवक उनकी कॉलेज जाने वाली बेटी को रास्ते में घेरकर परेशान करते हैं और मोबाइल पर भी गलत तरीके के मैसेज भेजते हैं। महेंद्र पाल जो बाहर काम करते हैं, उनके अनुसार, हाल ही में दो-तीन दिन पहले लवी और आदर्श ने उनकी पुत्री को रास्ते में घेर लिया और उसके साथ छेड़खानी की। आरोपियों ने लड़की को यह धमकी भी दी कि यदि उसने थाने में सूचना दी तो उसे जान से मार देंगे। इस घटना की जानकारी लड़की ने अपने पिता महेंद्र पाल को दी, जिसके बाद उन्होंने थाना नवाबगंज में प्रार्थना पत्र दिया। पीड़ित महेंद्र पाल का आरोप है कि थाना नवाबगंज की पुलिस ने उन्हें काफी देर तक थाने में बैठाए रखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने इस घटना की शिकायत ऑनलाइन सीएम पोर्टल पर भी की। न्याय न मिलने से परेशान होकर महेंद्र पाल ने बरेली एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है। पीड़ित की पुत्री ने बताया है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी। एसएसपी बरेली ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का पूर्ण आश्वासन दिया है।4
- भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष के समर्थन में उत्साहपूर्ण नारे लगाए गए हैं। इन नारों के माध्यम से भारतीय किसान यूनियन और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय के प्रति गहरा सम्मान और समर्थन व्यक्त किया गया।1
- बरेली के केंद्रीय कारागार के कृषि फार्म से पॉक्सो एक्ट में उम्रकैद की सजा काट रहा एक बंदी दिनेश पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया है, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फरार हुआ बंदी दिनेश अमरोहा जिले के डिडौली थाना क्षेत्र के नन्हेड़ा राजपूत गांव का निवासी है। जानकारी के अनुसार, 22 जून को दिनेश को अन्य 45 बंदियों के साथ कृषि कार्य के लिए जेल के कृषि फार्म पर भेजा गया था। दोपहर करीब 12:30 बजे वह पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला। इस मामले को लेकर थाना इज्जतनगर में मुकदमा दर्ज किया गया है और उसकी तलाश के लिए कई पुलिस टीमों को लगाया गया है। वहीं, बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने फरार बंदी दिनेश की गिरफ्तारी पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया है। पुलिस लगातार दबिश देकर आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।1
- बरेली के सीबीगंज क्षेत्र में एक युवती ने अपने प्रेमी पर शादी का झांसा देकर दो वर्षों तक शारीरिक शोषण करने और उसे देह व्यापार में धकेलने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर आरोपी के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता के अनुसार, वह परसाखेड़ा स्थित एक फैक्ट्री में काम करती थी और सीबीगंज क्षेत्र में एक किराये के मकान में रहती थी। उसका आरोप है कि करीब दो वर्ष पहले उसकी मुलाकात सीबीगंज निवासी मोहित गुप्ता से हुई थी। आरोपी ने पहले शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए और फिर विवाह का आश्वासन देकर लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। युवती ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर होटलों में ले जाता था, जहां उसकी बेहोशी का फायदा उठाकर कई लोगों द्वारा उसका शोषण कराया जाता था। युवती का कहना है कि जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की, गला दबाने का प्रयास किया और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसका घरेलू सामान अभी भी आरोपी के कब्जे में है और वह उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। इस मामले में एसएसपी अनुराग आर्य ने जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पीड़िता की शिकायत के आधार पर पूरे प्रकरण की गहन जांच में जुटी है।1
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में नदियों की सफाई के लिए एक अभियान चलाया जा रहा था। हालांकि, जमीनी स्तर पर इस अभियान का कोई भी असर दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे नदियों की स्थिति अभी भी बदहाल बनी हुई है। ऐसा प्रतीत होता है कि सफाई अभियान केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है, जबकि नदियों की वास्तविक हालत देखकर यह स्पष्ट है कि प्रयास कहीं भी साकार नहीं हुए हैं।1
- पीलीभीत के गांधी सभागार में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जनपद के सभी बैंक अधिकारियों और फाइनेंसरों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराना था। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक युवाओं को ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना को बढ़ावा देने तथा पात्र किसानों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। इसके अतिरिक्त, फसल बीमा योजना, बकरी पालन, लघु एवं कुटीर उद्योगों तथा मुख्यमंत्री युवा योजनाओं से संबंधित ऋण सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। जिलाधिकारी ने आईजीआरएस प्रणाली के प्रभावी संचालन और महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, विशेषकर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी बल दिया, यह कहते हुए कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। हालांकि, स्वयं सहायता समूहों को ऋण वितरण में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों एवं फाइनेंसरों को कड़ी फटकार लगाई और कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- पीलीभीत जिले के बीसलपुर ब्लॉक सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ग्राम प्रधान प्रशासक, बीडीसी सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, प्राकृतिक खेती और ग्राम पंचायतों की विकास कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा करना था, जिसमें जिलाधिकारी ने गाॅवों के विकास और युवाओं के रोजगार पर विशेष जोर दिया। जिलाधिकारी ने सभी ग्राम प्रधान प्रशासकों को निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों की विकास कार्ययोजनाएँ शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करें, जिनकी ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की उपस्थिति में समीक्षा कर स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए विशेष अभियान चलाने और आवश्यक शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने पर जोर देते हुए उसके लाभ बताए गए। जिलाधिकारी ने क्षेत्र के शिक्षित युवाओं से जल्द से जल्द जिला सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण कराने को कहा ताकि उन्हें निजी कम्पनियों में रोजगार के अवसर मिल सकें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रत्येक पंचायत से कम से कम 10 युवाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ₹5 लाख तक का ऋण दिलाने का प्रयास करने का निर्देश दिया और आवास सूची की जानकारी भी ली। कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई, साथ ही ग्राम प्रधानों को गांव के छोटे-मोटे आपसी विवादों को गांव स्तर पर ही सुलझाने की सलाह दी गई। मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र ने मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि जनपद को 1787 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जबकि अभी तक विकासखंडों से केवल 890 पात्र लाभार्थियों की सूची ही मिली है। उन्होंने पात्र परिवारों से ग्राम पंचायत सचिव या खंड विकास अधिकारी से संपर्क कर योजना का लाभ उठाने की अपील की। जिलाधिकारी ने सभी ग्राम पंचायतों में श्मशान भवन निर्माण तथा जर्जर पंचायत भवनों की मरम्मत एवं सुधार कार्य कराने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर बीसलपुर के माननीय विधायक विवेक वर्मा ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी चौपालों के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचाई जाए ताकि पात्र व्यक्तियों को पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। विधायक ने सभी से अपने गांव को एक आदर्श गांव बनाने में योगदान देने का आग्रह किया, जिससे जनपद, प्रदेश और देश को प्रगति मिलेगी।4
- ग्राम भीखमपुर जहांगीर, थाना बबराला के रहने वाले रामदास ने अपने साले संजीव पर मारपीट का आरोप लगाते हुए बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित रामदास ने एसएसपी को एक प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर एसएसपी बरेली ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। रामदास ने बताया कि वह अपनी पत्नी को लिवाने के लिए ग्राम नगरिया विक्रमपुर, थाना फरीदपुर स्थित अपनी ससुराल गए थे। दिनांक 19.06.2026 की सुबह, जब उन्होंने अपने साले संजीव से अपनी पत्नी को विदा करने के लिए कहा, तो संजीव आगबबूला हो गया। संजीव ने गाली-गलौज करते हुए लाठी से रामदास पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। इस घटना की जानकारी रामदास ने फरीदपुर पुलिस को दी थी, जिसके बाद पुलिस ने उनका मेडिकल तो करवाया, लेकिन आरोपितों के खिलाफ कोई आगे की कार्रवाई नहीं की। इसी निष्क्रियता के चलते पीड़ित रामदास ने अब बरेली एसएसपी का दरवाजा खटखटाया है।3