धरियावद-बांसी मार्ग पर आरामपुरा घाट सेक्शन के समीप सोमवार को ट्रॉला और बोलेरो की भीषण टक्कर में बोलेरो में सवार 13 यात्री घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो सड़क किनारे खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही धरियावद थानाधिकारी हजारी लाल मीणा ने तत्काल एएसआई भगवान लाल मीणा, हेड कांस्टेबल मोहन पाल सिंह सहित पुलिस जाब्ते को सरकारी वाहन से मौके पर रवाना किया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से सभी घायलों को निजी वाहनों से तत्काल राजकीय चिकित्सालय धरियावद पहुंचाया। अस्पताल में डॉ. ईश्वर मीणा तथा मेल नर्स लक्ष्मण डड़गा, पियूष मनोहर एवं चिकित्सा स्टाफ ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को आगे के उपचार के लिए रेफर कर दिया गया। घायलों की पहचान शिवपुरी (थाना केसरियावाद) निवासी केसिया पुत्र रूपा मीणा, बाबरू पुत्र लिम्बा मीणा, नरदा रूपा मीणा, भगवती चोखा मीणा, रतनलाल मीणा, नाथूलाल पुत्र मानिया मीणा, कानुराम पुत्र गोतिया मीणा, मेघा पुत्र थावरा मीणा, रतनलाल पुत्र लालजी मीणा, गौतमा पुत्र मानिया मीणा, कालुराम पुत्र नाथिया मीणा, नारायण पुत्र भगवान मीणा, केशु पुत्र नाथिया मीणा के रूप में हुई है। इनमें से गंभीर रूप से घायल यात्रियों को प्रतापगढ़ और उदयपुर के लिए रेफर किया गया। सभी यात्री बोलेरो से बांसी की ओर से धरियावद आ रहे थे। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर कारणों की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्रवासियों ने बांसी घाट सेक्शन की खराब एवं अव्यवस्थित सड़क व्यवस्था पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि इस घाट पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन संबंधित विभाग अब तक स्थायी समाधान नहीं कर पाया है। करोड़ों रुपये की स्वीकृतियों के बावजूद घाट सेक्शन का समुचित सुधार नहीं होने से आमजन की जान जोखिम में बनी हुई है। ग्रामीणों ने सरकार एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि प्रतापगढ़ घाट की तर्ज पर बांसी घाट का भी शीघ्र चौड़ीकरण एवं सुरक्षा कार्य कराया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।
धरियावद-बांसी मार्ग पर आरामपुरा घाट सेक्शन के समीप सोमवार को ट्रॉला और बोलेरो की भीषण टक्कर में बोलेरो में सवार 13 यात्री घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो सड़क किनारे खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही धरियावद थानाधिकारी हजारी लाल मीणा ने तत्काल एएसआई भगवान लाल मीणा, हेड कांस्टेबल मोहन पाल सिंह सहित पुलिस जाब्ते को सरकारी वाहन से मौके पर रवाना किया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से सभी घायलों को निजी वाहनों से तत्काल राजकीय चिकित्सालय धरियावद पहुंचाया। अस्पताल में डॉ. ईश्वर मीणा तथा मेल नर्स लक्ष्मण डड़गा, पियूष मनोहर एवं चिकित्सा स्टाफ ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को आगे के उपचार के लिए रेफर कर दिया गया। घायलों की पहचान शिवपुरी (थाना केसरियावाद) निवासी केसिया पुत्र रूपा मीणा, बाबरू पुत्र लिम्बा मीणा, नरदा रूपा मीणा, भगवती चोखा मीणा, रतनलाल मीणा, नाथूलाल पुत्र मानिया मीणा, कानुराम पुत्र गोतिया मीणा, मेघा पुत्र थावरा मीणा, रतनलाल पुत्र लालजी मीणा, गौतमा पुत्र मानिया मीणा, कालुराम पुत्र नाथिया मीणा, नारायण पुत्र भगवान मीणा, केशु पुत्र नाथिया मीणा के रूप में हुई है। इनमें से गंभीर रूप से घायल यात्रियों को प्रतापगढ़ और उदयपुर के लिए रेफर किया गया। सभी यात्री बोलेरो से बांसी की ओर से धरियावद आ रहे थे। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर कारणों की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्रवासियों ने बांसी घाट सेक्शन की खराब एवं अव्यवस्थित सड़क व्यवस्था पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि इस घाट पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन संबंधित विभाग अब तक स्थायी समाधान नहीं कर पाया है। करोड़ों रुपये की स्वीकृतियों के बावजूद घाट सेक्शन का समुचित सुधार नहीं होने से आमजन की जान जोखिम में बनी हुई है। ग्रामीणों ने सरकार एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि प्रतापगढ़ घाट की तर्ज पर बांसी घाट का भी शीघ्र चौड़ीकरण एवं सुरक्षा कार्य कराया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।
- आसपुर, 27 जुलाई। 'गौ सम्मान आवाहन अभियान' के तहत सोमवार को गौ रक्षा दल आसपुर और बजरंग दल आसपुर के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी आसपुर को गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। दिनेश जी त्रिवेदी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि गौवंश भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था का प्रमुख आधार है। लेकिन वर्तमान में क्षेत्र में अनेक गौवंश घायल अवस्था में, प्लास्टिक खाने से बीमार, सड़क दुर्घटनाओं का शिकार और लावारिस घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए प्रशासन से त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन के माध्यम से उपखंड क्षेत्र में निराश्रित एवं घायल गौवंश के लिए स्थायी रेस्क्यू एवं उपचार व्यवस्था, ग्राम पंचायतों एवं नगर क्षेत्र में चारा और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, सड़कों पर विचरण करने वाले गौवंश की सुरक्षा, प्लास्टिक मुक्त स्वच्छता अभियान, अवैध गौ तस्करी एवं गौ क्रूरता पर कठोर कार्रवाई, गौशालाओं को आर्थिक एवं प्रशासनिक सहयोग तथा गौ संरक्षण के प्रति नियमित जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से गौमाता की सुरक्षा एवं सम्मान के इस महत्वपूर्ण विषय पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया। इस दौरान राजेन्द्रसिंह अमृतिया, यशपाल सिंह, मयंक शर्मा, प्रदीप सेवक, शुभम सुथार, शैतान सिंह, गौरव भाटिया, महेंद्र मीणा, वीरेंद्र सुथार, अरविंद, मनीष, सुजल एवं प्रशांत बनकोडा सहित गौ रक्षा दल एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- प्रतापगढ़ जिले के कनाड़ में जर्जर भवन होने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकेगी। ग्रामीणों और शिक्षा विभाग ने मिलकर पढ़ाई जारी रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई है, ताकि जर्जर स्थिति के कारण पठन-पाठन का कार्य प्रभावित न हो।1
- नगर पालिका का बुलडोजर एक्शन: मेस्सी शोरूम से इंद्रानगर तक हटे अवैध अतिक्रमण नीमच में नगर पालिका का बुलडोजर एक्शन: मेस्सी शोरूम से इंद्रानगर तक हटे अवैध अतिक्रमण1
- मंदसौर के गोल चौराहा क्षेत्र में एक अज्ञात बदमाश ने घर के बाहर खड़ी बाइक चुरा ली। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। खास बात यह है कि बदमाश पहली बार असफल रहा, लेकिन दूसरी कोशिश में उसे सफलता मिल गई। घटना मंदसौर नगर के गोल चौराहा क्षेत्र की है, जहां एक घर के बाहर खड़ी बाइक को अज्ञात चोर ने चुरा लिया। सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि बदमाश पहली बार बाइक को चुराने में नाकाम रहा, लेकिन उसने हार नहीं मानी और दूसरी कोशिश में सफल हो गया।1
- मध्य प्रदेश के नीमच में हजारों गो प्रेमियों ने गो सम्मान महाआंदोलन के तहत एक पैदल मार्च निकाला। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य गो माता को राष्ट्रीय दर्ज़ा दिलाना और गोहत्या पर सख्त कानून लागू करना है। आंदोलनकारी गो माता की रक्षा और सम्मान के लिए दृढ़ संकल्पित दिखे। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान नारेबाजी की और गो माता की तस्वीरों के साथ मार्च किया। उनका कहना है कि गो माता सिर्फ़ एक पशु नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। इसलिए इसे राष्ट्रीय दर्ज़ा मिलना चाहिए। साथ ही, गोहत्या पर सख्त कानून की मांग भी की गई ताकि गोवंश की रक्षा हो सके। यह आंदोलन गो प्रेमियों की एकजुटता और उनकी मांगों को बलपूर्वक सामने लाता है। भविष्य न्यूज़ 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, नीमच में यह पैदल मार्च गो माता के सम्मान में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।1
- नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला सिल्वर मेडल दिलाने का गौरव मणिपुर के वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह चनामबम को प्राप्त हुआ है। ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स के चौथे दिन 26 जुलाई रविवार को ऋषिकांत ने पुरुषों के 60 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने कुल 264 किग्रा वजन उठाकर भारत को पोडियम पर जगह दिलाई। इस दमदार प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने स्नैच राउंड में 121 किग्रा का भार उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड भी कायम किया। प्रतियोगिता की शुरुआत से ही मणिपुर के इस लिफ्टर ने अपना दबदबा बनाए रखा। ऋषिकांत ने स्नैच वर्ग में बेहद संतुलित शुरुआत की। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 116 किग्रा का भार उठाया। दूसरे प्रयास में ऋषिकांत ने 119 किग्रा का भार उठाने में सफलता हासिल की। अपने तीसरे प्रयास में 121 किग्रा का वजन उठाते ही ऋषिकांत ने पूर्व मानक (120 किग्रा) को पीछे छोड़ते हुए नया सीडब्ल्यूजी स्नैच रिकॉर्ड स्थापित किया।1
- आसपुर थाना क्षेत्र के सड़ा गांव में एक युवक अपनी भैंसों को सोम नदी से निकालने के दौरान पैर फिसलने से नदी में गिर गया और दो दिन से लापता है। युवक का नाम राइया (40) है, जो कैसिया बरगोट मीणा का पुत्र है और सड़ा खुदरड़ा का निवासी है। रविवार दोपहर को यह घटना हुई जब राइया अपनी भैंसों को नदी से निकालने का प्रयास कर रहा था। अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गया। पास में मवेशी चरा रहे लोगों ने यह देखा और तत्काल गांव में सूचना दी। सूचना पर कई लोग मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों ने पानी में तैर कर ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। बाद में आसपुर पुलिस को जानकारी दी गई। थानाधिकारी शैलेन्द्र सिंह और हेड कांस्टेबल शांतिलाल मौके पर पहुंचे। थानाधिकारी ने डूंगरपुर एसडीआरएफ टीम को सूचना दी, जो सोमवार सुबह दस बजे सोम नदी पहुंचे और तलाश शुरू की। लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई सुराग नहीं लगा है। सोम नदी के किनारे पर सैकड़ों लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। एसडीआरएफ की D 4 टीम डूंगरपुर के निर्देशन में ADGP रुपिंदर सिंह और कमांडेंट SDRF राजेंद्र सिंह सिसोदिया, IPS के नेतृत्व में तलाशी अभियान जारी है।1
- नई दिल्ली। E20 पेट्रोल का नाम तो सुना ही होगा। बीते दिनों जंतर-मंतर पर हुए भूख हड़ताल, अनशन और 'Gen-Z' के आंदोलनों के बीच ये नाम चर्चा से बाहर हो गया था। लेकिन एक बार फिर से इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल सुर्खियों में है। पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरा। जिसका नतीजा रहा कि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। अब सोशल मीडिया पर एक नई 'पार्टी' उतर आई है। नाम है E20 जनता पार्टी। मांग सिर्फ एक है: देश के लोगों को E20 के साथ 100% शुद्ध पेट्रोल खरीदने का भी विकल्प मिलना चाहिए। मीम्स, तंज और सवालों के सहारे शुरू हुआ यह अभियान अब पेट्रोल पंप से लेकर सरकार की ईंधन नीति तक बहस छेड़ रहा है। CJP से कैसे जुड़ रहा है नाम E20 जनता पार्टी का अंदाज काफी हद तक कॉकरोच जनता पार्टी जैसा है। यह भी सोशल मीडिया, मीम्स और व्यंग्य के जरिए लोगों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई 2026 में हुई थी, जो एक सटायर कैंपेन के तौर पर शुरू हुआ था, लेकिन बाद में NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी में ये कैंपेन एक बड़े आंदोलन में बदल गया। जिसमें देश भर से आए छात्रों और छात्र संगठनों ने हिस्सा लिया। E20 जनता पार्टी ने भी उसी शैली को अपनाती नज़र आ रही है। इस ग्रुप ने अभिजीत दिपके की 16 मई की एक पोस्ट शेयर की है। क्या है E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक लंबे पोस्ट के मुताबिक, E20 जनता पार्टी खुद को नागरिकों की ओर से चलाया जा रहा मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर बाकायदा इसके एक कंज्यूमर राइट कैंपेन बताती है। सोशल लिए एक हैंडल बनाया गया है। इस ग्रुप का कहना है कि, फ्यूल पॉलिसी में पारदर्शिता, सही जानकारी और उपभोक्ताओं की पसंद का सम्मान होना चाहिए। उनका कहना है कि जैसे दूसरे प्रोडक्ट्स में लोगों को विकल्प मिलता है, वैसे ही पेट्रोल खरीदते आजादी मिलनी चाहिए। समय भी ग्राहकों को अपनी पसंद चुनने की आजादी मिलनी चाहिए। E20 जनता पार्टी औपचारिक संगठन नहीं है। इसका कोई घोषित संस्थापक, संगठन या बड़े स्तर पर सड़क पर आंदोलन नहीं है। यह अभी एक डिजिटल अभियान के रूप में सोशल मीडिया पर एक्टिव है। लेकिन 'X' और इंस्टाग्राम पर लोग तेजी से इस कैंपेन से जुड़ रहे हैं। खबर लिखे जाने तक 'X' पर इस हैंडल के तकरीबन 13,000 और इंस्टाग्राम हैंडल पर तकरीबन 8800 से ज्यादा फॉलोवर जुड़ चुके हैं। क्या है मांगें? E20 जनता पार्टी की सबसे बड़ी मांग यह है कि देश के हर पेट्रोल पंप पर E20 के साथ 100% शुद्ध पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाए। इस सोशल मीडिया हैंडल से किए गए पोस्ट के अनुसार, किसी सब्सिडी, फ्री फ्यूल या इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को बंद करने की मांग नहीं कर रहे हैं। वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि ग्राहकों को अपनी जरूरत के हिसाब से पेट्रोल चुनने का अधिकार मिले। ग्रुप का कहना है कि कई वाहन मालिकों ने माइलेज में कमी, इंजन की खराबी, मेंटेनेंस खर्च और लंबे समय में इंजन पर असर को लेकर चिंता जताई है। इसके अलावा उन्होंने हर तरह के फ्यूल की फायदे और नुकसान से जुड़ा डेटा साफ लेबलिंग, अलग-अलग फ्यूल ब्लैंड के सार्वजनिक करने, माइलेज, इंजन पर असर, प्रदूषण और मेंटेनेंस लागत पर इंडिपेंडेंट रिसर्च कराने और उसकी रिपोर्ट लोगों के सामने रखने की भी मांग की है। पार्टी का कहना है कि नागरिकों को जानकारी देकर फैसला लेने का अधिकार मिलना चाहिए, न कि सिर्फ एक ही विकल्प दिया जाए।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले की दलौदा तहसील अंतर्गत बेहपुर के किसानों ने आज दलौदा तहसील का घेराव किया और तहसीलदार के नाम ज्ञापन दिया। किसानों का आरोप है कि 19 जुलाई को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की खरीफ फसल की राशि का अंतरण मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा किया गया था, लेकिन केवल 4-5 किसानों के खाते में बीमा की राशि ₹50 बीघा आई है, जबकि बाकी किसानों के खाते में राशि नहीं आई है। किसानों ने बताया कि जब उन्होंने पटवारी से संपर्क किया, तो पटवारी द्वारा 70% नुकसान की रिपोर्ट ऊपर भेजी गई थी। लेकिन बीमा कंपनी ने केवल आधा प्रतिशत के हिसाब से कुछ किसानों को मुआवजा बांट दिया। इससे आहत होकर बेहपुर के किसानों ने दलौदा तहसील का घेराव किया और ज्ञापन के माध्यम से जल्द से जल्द बचे किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर 10 दिन में उनकी समस्या का निवारण नहीं होता है, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे जिसकी समस्त जवाबदारी शासन की रहेगी।1