चिचारा गांव में 'हर घर जल' योजना का बुरा हाल, नलों से आ रहा मिट्टी युक्त पानी, बीमारी का खतराग्रामीण महोबा: चिचारा गांव में 'हर घर जल' योजना का बुरा हाल, नलों से आ रहा मिट्टी युक्त पानी, बीमारी का खतराग्रामीण ब्यूरोचिचारा, कबरई (महोबा)उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कबरई ब्लॉक अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत चिचारा में सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर जल योजना' (जल जीवन मिशन) विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ती दिख रही है। गांव के तमाम घरों में बिछाई गई पाइपलाइन से इन दिनों मिट्टी युक्त मटमैला और दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद संजोए बैठे चिचारा के ग्रामीणों के हाथ सिर्फ निराशा लगी है, जिससे स्थानीय लोगों में जल निगम और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।🚰 नलों से टपक रहा कीचड़, दावों की खुली पोलचिचारा गांव के निवासियों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर में कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन पानी की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पिछले कई दिनों से नलों को खोलते ही मिट्टी और सिल्ट (कीचड़) मिला हुआ पानी आ रहा है। पानी इतना गंदा और बदबूदार है कि यह जानवरों के पीने या कपड़े धोने लायक भी नहीं है।ग्रामीणों ने कहा, "कागजों पर तो हमारा गांव जल जीवन मिशन से संतृप्त दिखाया जा रहा होगा, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी हमें पीने के साफ पानी के लिए हैंडपंपों की कतारों में खड़ा होना पड़ता है। नलों से सिर्फ मिट्टी आ रही है।"🛠️ पाइपलाइन में लीकेज और बदहाल फिल्टर प्लांट है वजहगांव के जागरूक लोगों का कहना है कि इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं:घटिया निर्माण और लीकेज: कबरई ब्लॉक के कई हिस्सों में पाइपलाइन बिछाते समय मानकों की अनदेखी की गई। चिचारा गांव में भी कई जगहों पर पाइपलाइन लीक है, जिससे जमीन के अंदर की मिट्टी पानी के साथ मिलकर नलों तक पहुंच रही है।वाटर ट्रीटमेंट में लापरवाही: मुख्य जल स्रोत (पेयजल परियोजना) पर पानी को ठीक से फिल्टर नहीं किया जा रहा है और बिना पूरी तरह साफ किए ही पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाती है।🤮 मंडराया बीमारियों का खतरा, ग्रामीण लामबंददूषित जलापूर्ति के कारण चिचारा गांव में डायरिया, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और त्वचा संबंधी संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल निगम ने जल्द ही पाइपलाइन की मरम्मत कर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की, तो वे कबरई ब्लॉक मुख्यालय और जिला मुख्यालय महोबा में प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
चिचारा गांव में 'हर घर जल' योजना का बुरा हाल, नलों से आ रहा मिट्टी युक्त पानी, बीमारी का खतराग्रामीण महोबा: चिचारा गांव में 'हर घर जल' योजना का बुरा हाल, नलों से आ रहा मिट्टी युक्त पानी, बीमारी का खतराग्रामीण ब्यूरोचिचारा, कबरई (महोबा)उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कबरई ब्लॉक अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत चिचारा में सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर जल योजना' (जल जीवन मिशन) विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ती दिख रही है। गांव के तमाम घरों में बिछाई गई पाइपलाइन से इन दिनों मिट्टी युक्त मटमैला और दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद संजोए बैठे चिचारा के ग्रामीणों के हाथ सिर्फ निराशा लगी है, जिससे स्थानीय लोगों में जल निगम और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।🚰 नलों से टपक रहा कीचड़, दावों की खुली पोलचिचारा गांव के निवासियों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर में कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन पानी की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पिछले कई दिनों से नलों को खोलते ही मिट्टी और सिल्ट (कीचड़) मिला हुआ पानी आ रहा है। पानी इतना गंदा और बदबूदार है कि यह जानवरों के पीने या कपड़े धोने लायक भी नहीं है।ग्रामीणों ने कहा, "कागजों पर तो हमारा गांव जल जीवन मिशन से संतृप्त दिखाया जा रहा होगा, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी हमें पीने के साफ पानी के लिए हैंडपंपों की कतारों में खड़ा होना पड़ता है। नलों से सिर्फ मिट्टी आ रही है।"🛠️ पाइपलाइन में लीकेज और बदहाल फिल्टर प्लांट है वजहगांव के जागरूक लोगों का कहना है कि इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं:घटिया निर्माण और लीकेज: कबरई ब्लॉक के कई हिस्सों में पाइपलाइन बिछाते समय मानकों की अनदेखी की गई। चिचारा गांव में भी कई जगहों पर पाइपलाइन लीक है, जिससे जमीन के अंदर की मिट्टी पानी के साथ मिलकर नलों तक पहुंच रही है।वाटर ट्रीटमेंट में लापरवाही: मुख्य जल स्रोत (पेयजल परियोजना) पर पानी को ठीक से फिल्टर नहीं किया जा रहा है और बिना पूरी तरह साफ किए ही पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाती है।🤮 मंडराया बीमारियों का खतरा, ग्रामीण लामबंददूषित जलापूर्ति के कारण चिचारा गांव में डायरिया, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और त्वचा संबंधी संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल निगम ने जल्द ही पाइपलाइन की मरम्मत कर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की, तो वे कबरई ब्लॉक मुख्यालय और जिला मुख्यालय महोबा में प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
- बड़ी माता के दरबार से चित्रकूट धाम तक आस्था की पदयात्रा जयकारों से गूंजा पनवाड़ी, पदयात्रा निकला श्रद्धालुओं का जत्था बड़ी माता के दरबार से चित्रकूट धाम तक आस्था की पदयात्रा जयकारों से गूंजा पनवाड़ी, पदयात्रा निकला श्रद्धालुओं का जत्था1
- चिचारा गांव में 'हर घर जल' योजना का बुरा हाल, नलों से आ रहा मिट्टी युक्त पानी, बीमारी का खतराग्रामीण महोबा: चिचारा गांव में 'हर घर जल' योजना का बुरा हाल, नलों से आ रहा मिट्टी युक्त पानी, बीमारी का खतराग्रामीण ब्यूरोचिचारा, कबरई (महोबा)उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कबरई ब्लॉक अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत चिचारा में सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर जल योजना' (जल जीवन मिशन) विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ती दिख रही है। गांव के तमाम घरों में बिछाई गई पाइपलाइन से इन दिनों मिट्टी युक्त मटमैला और दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद संजोए बैठे चिचारा के ग्रामीणों के हाथ सिर्फ निराशा लगी है, जिससे स्थानीय लोगों में जल निगम और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।🚰 नलों से टपक रहा कीचड़, दावों की खुली पोलचिचारा गांव के निवासियों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर में कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन पानी की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पिछले कई दिनों से नलों को खोलते ही मिट्टी और सिल्ट (कीचड़) मिला हुआ पानी आ रहा है। पानी इतना गंदा और बदबूदार है कि यह जानवरों के पीने या कपड़े धोने लायक भी नहीं है।ग्रामीणों ने कहा, "कागजों पर तो हमारा गांव जल जीवन मिशन से संतृप्त दिखाया जा रहा होगा, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी हमें पीने के साफ पानी के लिए हैंडपंपों की कतारों में खड़ा होना पड़ता है। नलों से सिर्फ मिट्टी आ रही है।"🛠️ पाइपलाइन में लीकेज और बदहाल फिल्टर प्लांट है वजहगांव के जागरूक लोगों का कहना है कि इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं:घटिया निर्माण और लीकेज: कबरई ब्लॉक के कई हिस्सों में पाइपलाइन बिछाते समय मानकों की अनदेखी की गई। चिचारा गांव में भी कई जगहों पर पाइपलाइन लीक है, जिससे जमीन के अंदर की मिट्टी पानी के साथ मिलकर नलों तक पहुंच रही है।वाटर ट्रीटमेंट में लापरवाही: मुख्य जल स्रोत (पेयजल परियोजना) पर पानी को ठीक से फिल्टर नहीं किया जा रहा है और बिना पूरी तरह साफ किए ही पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाती है।🤮 मंडराया बीमारियों का खतरा, ग्रामीण लामबंददूषित जलापूर्ति के कारण चिचारा गांव में डायरिया, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और त्वचा संबंधी संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल निगम ने जल्द ही पाइपलाइन की मरम्मत कर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की, तो वे कबरई ब्लॉक मुख्यालय और जिला मुख्यालय महोबा में प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- बिहार में कैबिनेट मंत्री का निधन हो गया जिसमें काफी लोग दूर-दूर से आए बिहार में कैबिनेट मंत्री का निधन हो गया जिसमें काफी लोग दूर-दूर से आए1
- ठेका बंद होने के बाद भी शराब बिक्री का वीडियो वायरल, आबकारी विभाग पर उठे सवाल महोबा। पठा तिगैला के पास स्थित शराब की दुकान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर निर्धारित समय के बाद भी शराब की बिक्री किए जाने का दावा किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के बीच इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का सवाल है कि यदि निर्धारित समय के बाद शराब की दुकान बंद होनी चाहिए, तो देर रात बिक्री किसकी अनुमति या संरक्षण में हो रही है। मामले को लेकर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रही गतिविधियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना यह है कि आबकारी विभाग वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच करता है या नहीं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। #ikvnews #mahobainsight1
- श्री गुमान बिहारी जू मंदिर में प्रसाद और उपहारों की बौछार श्री गुमान बिहारी जू मंदिर में प्रसाद और उपहारों की बौछार चरखारी (महोबा)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्री गुमान बिहारी जू महाराज मंदिर में भक्ति और उल्लास का अद्भुत माहौल देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक धन न्योछावर कर प्रसाद एवं उपहार लुटाने की परंपरा निभाई। स्थानीय बोलचाल की भाषा में इसे ‘धनकाना लुटाना’ कहा जाता है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी एडवोकेट मनोज पाठक एवं हिलेदार पदम सिंह यादव द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में श्रद्धालुओं के बीच खिलौने, सिक्के, नारियल, टॉफी, लोटा सहित विभिन्न प्रसाद एवं उपहार लुटाए गए। उपहारों और प्रसाद की बौछार से मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान के बाल स्वरूप पर इस प्रकार धन एवं उपहार न्योछावर करना उनके प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण की अभिव्यक्ति है। कान्हा के जन्म की खुशी में निभाई जाने वाली यह परंपरा क्षेत्र में लंबे समय से धार्मिक उत्सव का आकर्षण बनी हुई है।2
- *ब्रेकिंग न्यूज़ : हमीरपुर* *राठ-पनवाड़ी स्टेट हाईवे-21 बना हादसों का रास्ता, एक्सियन के ‘गड्ढा मुक्त’ दावे की सड़क पर दिख रही तस्वीरों ने खोली पोल* *राठ (हमीरपुर)।* राठ-पनवाड़ी स्टेट हाईवे-21 की बदहाली ने लोक निर्माण विभाग के दावों की पोल खोल दी है। विभाग के एक्सियन दृगपाल वर्मा का कहना है कि सड़क चकाचक और गड्ढा मुक्त है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। हाईवे पर जगह-जगह जानलेवा गड्ढे बने हुए हैं, जिससे आए दिन हादसे का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी AC कमरों में बैठकर कागजों में सड़क को गड्ढा मुक्त घोषित कर रहे हैं, जबकि राठ-पनवाड़ी मार्ग पर वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। बाइक सवार और छोटे वाहन चालक इन गड्ढों के कारण सबसे ज्यादा परेशान हैं। सूत्रों की मानें तो इस मार्ग पर सैकड़ों जानलेवा गड्ढे हैं। बरसात के बाद तो स्थिति और भी भयावह हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि गड्ढा भराई के नाम पर आया बजट आखिर गया कहां? जब सड़क गड्ढा मुक्त है तो सड़क पर ये गड्ढे कैसे? कागजों में गड्ढा मुक्त और हकीकत में गड्ढों से छलनी इस हाईवे ने विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने जिलाधिकारी से इस मामले की जांच कराकर जल्द सड़क की मरम्मत की मांग की है।1
- हमीरपुर :तहसील रोड से नगर पालिका ने हटाया अवैध अतिक्रमण, जाम से मिलेगी राहत हमीरपुर। शहर के तहसील रोड पर सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर पालिका प्रशासन ने रविवार को अभियान चलाकर कार्रवाई की। नगर पालिका की टीम ने सड़क पर अस्थायी दुकानें लगाकर तथा सामान फैलाकर किए गए कब्जों को हटवाते हुए मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया। तहसील रोड पर लंबे समय से सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा था और आए दिन जाम की स्थिति बन रही थी। राहगीरों व वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नगर पालिका की कार्रवाई के बाद सड़क किनारे का रास्ता साफ होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। नगर पालिका प्रशासन ने दुकानदारों को चेतावनी दी है कि दोबारा सड़क अथवा सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण किया गया तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने दुकानदारों से निर्धारित स्थान पर ही दुकानें लगाने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। वहीं, दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर पालिका की ओर से करीब 20 नई दुकानों का निर्माण कराया गया है। इन दुकानों की 10 सितंबर को नीलामी प्रस्तावित है। नगर पालिका का कहना है कि दुकानों के व्यवस्थित होने से सड़क किनारे अतिक्रमण की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।1
- किसानों की समस्या को लेकर बृजराज अहिरवार ने उठाई सूपा मंडी चालू कराने की मांग किसानों की समस्या को लेकर बृजराज अहिरवार ने उठाई सूपा मंडी चालू कराने की मांग1