ठेका बंद होने के बाद भी शराब बिक्री का वीडियो वायरल, आबकारी विभाग पर उठे सवाल महोबा। पठा तिगैला के पास स्थित शराब की दुकान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर निर्धारित समय के बाद भी शराब की बिक्री किए जाने का दावा किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के बीच इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का सवाल है कि यदि निर्धारित समय के बाद शराब की दुकान बंद होनी चाहिए, तो देर रात बिक्री किसकी अनुमति या संरक्षण में हो रही है। मामले को लेकर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रही गतिविधियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना यह है कि आबकारी विभाग वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच करता है या नहीं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। #ikvnews #mahobainsight
ठेका बंद होने के बाद भी शराब बिक्री का वीडियो वायरल, आबकारी विभाग पर उठे सवाल महोबा। पठा तिगैला के पास स्थित शराब की दुकान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर निर्धारित समय के बाद भी शराब की बिक्री किए जाने का दावा किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के बीच इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का सवाल है कि यदि निर्धारित समय के बाद शराब की दुकान बंद होनी चाहिए, तो देर रात बिक्री किसकी अनुमति या संरक्षण में हो रही है। मामले को लेकर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रही गतिविधियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना यह है कि आबकारी विभाग वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच करता है या नहीं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। #ikvnews #mahobainsight
- कांग्रेस का बड़ा फैसला पंजाब में उलट पलट हुई सरकार सोच रहे हैं विपक्ष कांग्रेस का बड़ा फैसला पंजाब में उलट पलट हुई सरकार सोच रहे हैं विपक्ष1
- जिला अस्पताल में ‘पर्चियों का खेल’: सीएमओ-सीएमएस की निगरानी पर भी सवाल बांदा। औचक निरीक्षण में छह पर्चियां बाहर से दवा खरीदने की मिलीं और सीएमओ ने ‘पर्चियों का खेल’ होने की बात स्वीकारते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया। लेकिन असली सवाल यहीं से शुरू होता है—जब खेल अस्पताल के भीतर चल रहा था, तो सीएमओ और सीएमएस की निगरानी आखिर किस काम की थी?क्या सीएमओ-सीएमएस को यह पता नहीं था कि मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं? अगर पता था तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और अगर पता नहीं था तो फिर नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था किसलिए है? क्या अस्पताल में दवा के स्टॉक और डॉक्टरों की पर्चियों का कभी मिलान किया गया?मरीजों से बाहर की दवा और रुपये लिए जाने की शिकायतें पहले भी पहुंचीं तो उनका क्या हुआ?क्या शिकायतों की जांच हुई या उन्हें भी सरकारी फाइलों की तरह धूल खाने के लिए छोड़ दिया गया?सबसे चुभता सवाल यह है कि मंत्री के पांच बजे अचानक पहुंचते ही छह पर्चियां मिल गईं, लेकिन सीएमओ-सीएमएस की नियमित निगाहों के सामने यह खेल क्यों नहीं दिखा? क्या निरीक्षण सिर्फ मंत्री के आने पर ही सक्रिय होता है?और यदि यह केवल कुछ कर्मचारियों की मनमानी थी, तो उनकी जवाबदेही तय करने में अब तक देरी क्यों हुई? यदि व्यवस्था की कमी थी, तो उस व्यवस्था के संरक्षक अधिकारियों की जिम्मेदारी क्यों नहीं तय होनी चाहिए?पर्ची लिखने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई आसान है, लेकिन उस कुर्सी की जवाबदेही तय करना जरूरी है जिस पर पूरे अस्पताल की निगरानी का दायित्व है।अब जनता जानना चाहती है—सीएमओ और सीएमएस सिर्फ कार्रवाई का आश्वासन देंगे या अपनी निगरानी की विफलता का भी जवाब देंगे?1
- हमीरपुर :बाढ़ के पानी में दिखा पांच फुट लंबा मगरमच्छ, ग्रामीणों में मचा हड़कंप ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल, वन विभाग ने शुरू की जांच कुरारा (हमीरपुर)। थाना क्षेत्र के हरेठा गांव में बाढ़ के पानी के बीच करीब पांच फुट लंबा मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। मगरमच्छ का ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में मगरमच्छ पानी से बाहर निकलकर धूप सेंकता हुआ दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इसी दौरान बाढ़ के पानी के बीच मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी और वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लेते हुए मगरमच्छ की मौजूदगी की जांच शुरू कर दी है। विभागीय टीम द्वारा क्षेत्र में निगरानी की जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से बाढ़ के पानी के आसपास सावधानी बरतने और मगरमच्छ दिखाई देने पर उसके नजदीक न जाने की अपील की है।1
- खेल मैदान में गूंजा जीत का जश्न, तालियों से गूंज उठा इंडोर हाल, *बांदा मिनी ओलंपिक का भव्य समापन, डीएम ने कहा—नशे से दूर रहें युवा, खेलों से जोड़ें जीवन* बांदा। खेलों के रोमांच, खिलाड़ियों के उत्साह और हजारों दर्शकों की गगनभेदी तालियों के बीच बांदा मिनी ओलंपिक प्रथम चरण का भव्य एवं दिव्य समापन हुआ। स्पोर्ट्स स्टेडियम बांदा के इंडोर हाल में देर शाम तक चले समारोह में विजेता खिलाड़ियों को जिलाधिकारी अमित आसेरी ने मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। आयोजन में बड़ी संख्या में खिलाड़ी, अभिभावक और खेलप्रेमी मौजूद रहे। ऐतिहासिक समापन समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि युवाओं को नशे जैसे दुर्व्यसनों से दूर रहकर खेल मैदान से जुड़ना चाहिए। खेल केवल शरीर को स्वस्थ नहीं बनाते, बल्कि मन को भी प्रसन्न रखते हैं। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और सहयोगियों को सफल आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर होते रहेंगे। कबड्डी में जेएन योद्धा ने मारी बाजी समापन समारोह का रोमांच कबड्डी के फाइनल मुकाबले में चरम पर पहुंच गया। जेएन योद्धा और जेएन कॉलेज के बीच हुए जोरदार मुकाबले में जेएन योद्धा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जेएन कॉलेज को 40-26 से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। रस्साकसी के महिला और पुरुष वर्ग के मुकाबले भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहे। खिलाड़ियों के दमखम और जोरदार संघर्ष ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और पूरे इंडोर हाल में लगातार तालियां गूंजती रहीं। *पांडा और भालू दादा की एंट्री ने लूटी महफिल* समारोह में उस समय विशेष उत्साह देखने को मिला, जब बांदा मिनी ओलंपिक का शुभंकर पांडा अपने साथी भालू दादा के साथ इंडोर हाल में प्रवेश कर गया। शुभंकरों के मैदान में पहुंचते ही मौजूद दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया और पूरा इंडोर हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। *वालीबाल विजेताओं का हुआ सम्मान* जिलाधिकारी अमित आसेरी ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आदर्श राय के नेतृत्व में विजेता वालीबाल सीनियर पुरुष वर्ग की बांदा स्टेडियम टीम के खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। बैडमिंटन पुरुष एकल ओपन वर्ग में अजफर को स्वर्ण तथा अर्श सईद को रजत, महिला ओपन एकल में गौरी को स्वर्ण तथा मांडवी को रजत और अंडर-15 बालिका एकल में अपूर्वा को स्वर्ण तथा गरिमा को रजत पदक प्रदान किया गया। ताइक्वांडो की अंडर-21 कैटेगरी में श्रेयांस को स्वर्ण, कबीर को रजत तथा आरएस अथान को कांस्य पदक दिया गया। श्रेयांस का नाम पुकारे जाते ही नन्हे खिलाड़ी के स्वागत में पूरा इंडोर हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। शतरंज में शुभ सोनी को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। टेबल टेनिस जूनियर बालिका एकल वर्ग में वैभवी को स्वर्ण तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बड़ोखर खुर्द की रागनी को रजत पदक से सम्मानित किया गया। शूटिंग में भी खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम शूटिंग प्रतियोगिता में आरव, यशवंत द्विवेदी, श्रेया, नंदिनी, स्मृति और सुमित को स्वर्ण पदक एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। ओपन पुरुष कैटेगरी में डिप्टी लेबर कमिश्नर नासिर खान को भी स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। आयोजन से जुड़े लोगों को भी मिला सम्मान4
- पीठाधीश्वर महाराज धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी एक बार फिर अपने छोटे भाई शालिकराम गर्ग को लेकर चर्चे में है। इनके भाई छतरपुर के आस पास के गांवों की जमीनों पर कब्जा कर रहे है और उस जमीनों को धाम के नाम पर रहे जा ऐसा कहना है गांव के लोगों का1
- सरस्वती विद्या मन्दिर में शिक्षक दिवस पर आचार्य व कर्मचारी सम्मानित, राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम सरस्वती विद्या मन्दिर में शिक्षक दिवस पर आचार्य व कर्मचारी सम्मानित, राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम1
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- दूसरी शिक्षिका से संबंध के आरोप पर स्कूल में हंगामा!... #मांट के एक सरकारी स्कूल में बुधवार सुबह उस समय हंगामा मच गया, जब एक शिक्षक की पत्नी अपने माता-पिता के साथ स्कूल पहुंची और पति पर दूसरी शिक्षिका से संबंध होने के आरोप लगाए। मामला इतना बढ़ गया कि शिक्षक और उसके ससुर के बीच स्कूल के बाहर कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान शिक्षक ने पत्नी और ससुर के साथ मारपीट भी की। शिक्षा के मंदिर में पढ़ाई की जगह निजी विवाद ने लिया हिंसक रूप—मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- गुजरात पुलिस हत्या के आरोपी फैजल को क्राइम सीन क्रिएट कराने ले गई है - #गुजरात पुलिस हत्या के आरोपी फैजल को क्राइम सीन क्रिएट कराने ले गई है - इस दौरान पुलिस ने बर्बरता से आरोपी को डंडो से पीटा है..कई अलग अलग स्थानों के वीडियो वायरल हैं..! मैं सिर्फ ये जानना चाहता हूं कि क्या अब न्यायालय अथवा जेलों की आवश्यकता नहीं बची...? ऐसे तमाम वीडियो वायरल है..मैं हैरान हूं मानवाधिकार आरोप न जाने कहां सो रहा है..! एक प्रश्न और क्या ऐसी सजा देने से अपराध पर नियंत्रण लगेगा..?1