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Devend Yadav
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- खैरागढ़ छुईखदान गंडई (केसीजी) जिले के अंतिम छोर पर स्थित भावे गांव सहित जुरलाखार, थोर्राडीह और कौहाबहारा के किसानों को अब खाद लेने के लिए 40 किलोमीटर दूर भोथली समिति नहीं जाना पड़ेगा। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देश पर अब गांव स्तर पर ही उर्वरक वितरण शुरू किया गया है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। बुधवार 24 जून को सुबह 10 बजे मिली जानकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था के तहत भोथली समिति के माध्यम से 12 किसानों को कुल 42 बोरी यूरिया, 14 बोरी इफको और 7 बोरी पोटाश का वितरण किया गया है। किसानों ने प्रशासन की इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए इसे खेती-किसानी के लिए एक बड़ी राहत बताया है।1
- गरियाबंद जिला मुख्यालय के राजिम स्थित पीडब्ल्यूडी विभाग के रेस्टहाउस में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री यज्ञदत्त शर्मा ने आपातकाल की बरसी पर एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 1975 में लगाए गए आपातकाल को लोकतंत्र के इतिहास का 'काला अध्याय' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 25 जून 1975 को पूरे देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की निर्मम हत्या की थी। राजिम विधायक रोहित साहू ने इस अवसर पर कहा कि आपातकाल के दौरान देशवासियों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे। उन्होंने बताया कि प्रेस की स्वतंत्रता पर सेंसरशिप थोप दी गई और लाखों निर्दोष लोगों को जेलों में डाल दिया गया, जिससे महीनों तक चले इस दौर ने भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को झकझोर कर रख दिया। मंत्री यज्ञदत्त शर्मा ने कांग्रेस पर सत्ता की तानाशाही मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि देशहित से ऊपर एक परिवार और एक व्यक्ति के अहंकार को रखा गया था। पत्रकार वार्ता में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले युवाओं, पत्रकारों और जनआंदोलनों में भाग लेने वाले नागरिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई और आपातकाल के विरोध में उठी हर आवाज को नमन किया गया। इस दौरान राजिम विधायक रोहित साहू, जिला भाजपा महामंत्री चंद्रशेखर साहू, नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव, मंडल अध्यक्ष रिकेश साहू सहित भाजपा के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- कांकेर शहर के ऊपर-नीचे रोड पर स्थित एक विशाल पीपल का पेड़ बुधवार दोपहर मेनरोड पर अचानक गिर गया। यह घटना पेड़ की जड़ें सड़ जाने के कारण हुई, जिससे वह धराशायी हो गया। पेड़ गिरने से उसकी चपेट में कई वाहन आ गए, जिसके परिणामस्वरूप वे क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। हालांकि, इस हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।3
- राज्य में पंजीकृत महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए ₹1 लाख 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।1
- छत्तीसगढ़ में पत्रकारों पर कथित फर्जी मुकदमे, एफआईआर और प्रताड़ना के विरोध में छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ ने धरसींवा में एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेशभर से आए सैकड़ों पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की पुरजोर मांग उठाई। प्रदर्शन के तहत, पत्रकारों ने पहले धरसींवा रेस्ट हाउस में एक सभा आयोजित की, जिसके बाद पैदल मार्च करते हुए धरसींवा थाना पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस महानिदेशक और गृह मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। महासंघ का आरोप है कि प्रदेश में पत्रकारों के खिलाफ लगातार ऐसे मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जिनसे उन्हें कानूनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने इस स्थिति को लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। सभा के दौरान वक्ताओं ने धरसींवा के एक पत्रकार के विशेष मामले का उल्लेख किया, जिन्होंने क्षेत्र में नाबालिग से हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को उजागर किया था। हालांकि, बाद में उसी पत्रकार को मामले में सह-आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। महासंघ ने इस कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाते हुए पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामले को तत्काल निरस्त करने और इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पत्रकारों ने सामूहिक रूप से जोर दिया कि छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना नितांत आवश्यक है, ताकि उनकी सुरक्षा और स्वतंत्र कार्य वातावरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने भविष्य में पत्रकारों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कथित दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को रोकने की भी मांग की। इस प्रदर्शन में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्ररथ गर्व, उपाध्यक्ष पुनीत सोनकर, अब्दुल शमीम, सुधीर तंबोली आजाद, प्रेम सोनी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों, तहसीलों और ब्लॉकों से बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे, जिसमें तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के कई पत्रकारों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।3
- लांजी तहसील के आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए हैं। इन्हीं में से एक, ग्राम लोहारा के सालिकराम बिसेन, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत सहायता, वृद्धावस्था पेंशन की बहाली और प्रताड़ित करने वाले बेटों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग लेकर आए थे। सालिकराम बिसेन का कहना है कि उनके बेटों ने उनके साथ मारपीट की और प्रताड़ित कर उनका घर तोड़ दिया, जिससे वे बेघर हो गए हैं और अब बालाघाट के रैन बसेरा में रहते हैं। उनकी वृद्धावस्था पेंशन योजना भी कुछ महीनों से बंद हो गई है। इस प्रकरण में लांजी के एसडीएम को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में, ठेमा निवासी प्रणिता शिवेदी आशा कार्यकर्ता के पद पर अपनी नियुक्ति की मांग लेकर पहुंची थीं। प्रणिता ने बताया कि वर्ष 2022 में चयन और नियुक्ति पत्र मिलने के बावजूद उन्हें नियमित नियुक्ति और मानदेय का लाभ अभी तक नहीं मिला है। इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा गया है।1
- रायपुर के राज टॉकीज में 25 जून को रात 9:00 बजे पेड प्रीव्यू का आयोजन किया जाएगा।1
- केसीजी जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आज, बुधवार 24 जून को सुबह 10:30 बजे से ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं। इन ग्राम सभाओं का प्रमुख एजेंडा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस 2.0 सर्वे के आधार पर तैयार की गई स्थायी प्रतीक्षा सूची का वाचन, अवलोकन और अनुमोदन करना है। ग्राम सभाओं के दौरान, हितग्राहियों की सूची का सार्वजनिक प्रदर्शन किया जाएगा और प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) सहित विभिन्न अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी भी दी जाएगी। प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से इन ग्राम सभाओं में शामिल होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।1
- गरियाबंद जिला मुख्यालय राजिम स्थित पीडब्ल्यूडी विभाग के रेस्टहाउस में, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री यज्ञदत्त शर्मा ने आपातकाल की बरसी पर एक पत्रकार वार्ता आयोजित की। इस दौरान उन्होंने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को लोकतंत्र के इतिहास का एक 'काला अध्याय' करार दिया। शर्मा ने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 25 जून 1975 को पूरे देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की निर्मम हत्या की थी। राजिम विधायक रोहित साहू ने इस बात पर जोर दिया कि आपातकाल के दौरान देशवासियों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए, प्रेस की स्वतंत्रता पर सेंसरशिप थोप दी गई और लाखों निर्दोष लोगों को जेलों में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि कई महीनों तक चले इस दौर ने भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया था। कांग्रेस पर सत्ता की तानाशाही मानसिकता का आरोप लगाते हुए, शर्मा ने कहा कि देशहित से ऊपर एक परिवार और एक व्यक्ति के अहंकार को रखा गया था। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले युवाओं, पत्रकारों और जनआंदोलनों में भाग लेने वाले नागरिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, और आपातकाल के विरोध में उठी हर आवाज को नमन किया। इस पत्रकार वार्ता में राजिम विधायक रोहित साहू, जिला भाजपा महामंत्री चंद्रशेखर साहू, नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव, मंडल अध्यक्ष रिकेश साहू सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4