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शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी पोंछे जयपुर विधानसभा ओरण गोचर भूमि के धरना-प्रदर्शन शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी पोंछे जयपुर विधानसभा ओरण गोचर भूमि के धरना-प्रदर्शन mla ravindra Singh Bhati news
JITENDRA SINGH
शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी पोंछे जयपुर विधानसभा ओरण गोचर भूमि के धरना-प्रदर्शन शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी पोंछे जयपुर विधानसभा ओरण गोचर भूमि के धरना-प्रदर्शन mla ravindra Singh Bhati news
More news from राजस्थान and nearby areas
- शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी पोंछे जयपुर विधानसभा ओरण गोचर भूमि के धरना-प्रदर्शन mla ravindra Singh Bhati news1
- Post by रमेश सिंह1
- • सड़क पर खतरनाक स्टंट कर वाहन चलाने वाले *चार युवक चेतन पुरी, संतोष पुरी, रिषभ पुरी एवं रवि पुरी गिरफ्तार।* • स्टंट में प्रयुक्त तीनों वाहन *एक बोलेरो कैम्पर एवं दो मोटरसाइकिलें जब्त।* • शादी समारोह के दौरान सड़क पर एक डीजे के पीछे उक्त चारों व्यक्तियों ने बोलेरो एवं मोटरसाइकिलों पर स्टंट करते हुए, खतरनाक तरीके लहराते हुए चलाई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। थाना मेड़तारोड पुलिस टीम की रही शानदार कार्यवाही।3
- मेड़ता सिटी में मौसम का मिजाज बदला, तेज बारिश और आंधी से शादी समारोहों पर असर मेड़ता सिटी, 25 अप्रैल। क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने आमजन को राहत तो दी, लेकिन शादी-विवाह के सीजन में आयोजकों की चिंता बढ़ा दी है। दिनभर गर्मी और उमस के बाद शाम होते ही आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। अचानक आए इस बदलाव से खुले में आयोजित होने वाले विवाह समारोहों में अव्यवस्था की स्थिति बन गई। कई स्थानों पर टेंट उखड़ गए और सजावट को नुकसान पहुंचा। तेज हवाओं के कारण लाइटिंग व्यवस्था भी प्रभावित हुई, जिससे कार्यक्रमों में व्यवधान आया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आंधी के चलते अस्थायी मंडपों को नुकसान होने की खबरें सामने आई हैं। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में इसी तरह के बदलाव की संभावना जताई गई है, जिससे आयोजकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह के मौसम से शादी से जुड़े कारोबार पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, गर्मी से परेशान लोगों को इस बारिश से राहत जरूर मिली, लेकिन अचानक बदले मौसम ने शादी सीजन की रौनक पर असर डाल दिया है।1
- जोधपुर | बनाड़ (खोखरीया) बनाड़ रोड स्थित परिवार पिलार बालाजी मंदिर परिसर शनिवार को एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। खोखरीया के किसान परिवार में जन्मे पाबुराम फगाल ने अपने जीवन के 101 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इस दुर्लभ अवसर पर आयोजित जन्मोत्सव में न केवल फगाल परिवार, बल्कि आसपास के 50-60 गांवों से '36 कौम' के हजारों लोग आशीर्वाद लेने पहुंचे। गांव-ढाणी से पहुंचे हजारों लोग सफेद दाढ़ी, चेहरे पर तजुर्बे की झुर्रियां और आंखों में अपनत्व लिए पाबुराम को बधाई देने के लिए सुबह से ही तांता लग गया। खोखरीया, बनाड़ और दिनार क्षेत्र के गांवों से हर जाति और धर्म के लोग गाजे-बाजे के साथ पहुंचे। लोगों का कहना था कि पाबुराम केवल एक परिवार के बुजुर्ग नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की धरोहर और एकता के प्रतीक हैं। दिग्गज हस्तियों ने की शिरकत कार्यक्रम में सामाजिक समरसता की अनूठी झलक देखने को मिली। इस दौरान मुख्य रूप से उपस्थित रहे: आईदानराम सारण (पार्षद) गोपाराम कड़वासरा (अध्यक्ष, जाट समाज 17 खेड़ा) सुआ देवी तांडी (सरपंच, बनाड़) राजेन्द्र छबरवाल (बनाड़) चौथाराम तांडी व किशन पटवारी साथ ही जाट समाज सहित विभिन्न समाजों के प्रबुद्ध नागरिक और युवाओं ने पाबुराम का साफा पहनाकर और मालाएं अर्पण कर सम्मान किया। "आज के दौर में 101 साल का स्वस्थ जीवन और समाज का इतना प्रेम मिलना ईश्वर की विशेष कृपा है। पाबुराम जी का जीवन सादगी और संघर्ष की जीती-जागत मिसाल है।" — उपस्थित अतिथियों के विचार समरसता का केंद्र बना परिवार बालाजी मंदिर मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सुरक्षा और व्यवस्था के लिए युवाओं की टोलियां तैनात रहीं। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों के लिए प्रसादी का भी आयोजन किया गया। बुजुर्गों के प्रति सम्मान की यह परंपरा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गई है। मुख्य बिंदु: जन्मस्थान: किसान परिवार, खोखरीया। अवसर: 101वां जन्मदिवस। क्षेत्र: 50 से 60 गांवों के ग्रामीणों की उपस्थिति। संदेश: सामाजिक एकता और बुजुर्गों का सम्मान।1
- अजमेर में रास्ते के विवाद ने लिया हिंसक रूप: जायरीनों और स्थानीय लोगों में खूनी संघर्ष, भारी पुलिस बल तैनात4
- अजमेर कलेक्ट्रेट परिसर में नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल के दौरान सायरन, ब्लैकआउट और धमाकों के बीच आपातकालीन स्थिति का रियल सीन तैयार किया गया। 🚨 इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा प्रबंधन और इमरजेंसी हालात में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को परखना था। जैसे ही सायरन बजा, तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभ्यास किया गया। इस दौरान जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, चिकित्सा टीम, अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस, NDRF और SDRF की टीमों ने मिलकर बेहतरीन समन्वय दिखाया। 👉 क्या अजमेर प्रशासन किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है? देखें यह ग्राउंड रिपोर्ट।1
- Post by रमेश सिंह1