मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मोड़क थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 1 किलो 946 ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने पंजाब निवासी ट्रक चालक गुरविंदर सिंह को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के निर्देशानुसार संचालित विशेष अभियान 'ऑपरेशन रूट क्लियरेंस' के तहत की गई। मोड़क थाना पुलिस अपने क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी, जब उन्होंने पंजाब नंबर के एक टाटा ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रक में छिपाकर रखा गया डोडा चूरा बरामद हुआ, जिसके बाद चालक गुरविंदर सिंह को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया और मादक पदार्थ को जब्त कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस तस्करी के नेटवर्क, मादक पदार्थ की सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। कोटा ग्रामीण पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मोड़क थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 1 किलो 946 ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने पंजाब निवासी ट्रक चालक गुरविंदर सिंह को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के निर्देशानुसार संचालित विशेष अभियान 'ऑपरेशन रूट क्लियरेंस' के तहत की गई। मोड़क थाना पुलिस अपने क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी, जब उन्होंने पंजाब नंबर के एक टाटा ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रक
में छिपाकर रखा गया डोडा चूरा बरामद हुआ, जिसके बाद चालक गुरविंदर सिंह को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया और मादक पदार्थ को जब्त कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस तस्करी के नेटवर्क, मादक पदार्थ की सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। कोटा ग्रामीण पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- कोटा जिले के मोड़क उपखंड क्षेत्र में गुरुवार की सुबह से ही मौसम खुशनुमा बना रहा, जिससे आमजन को उमसभरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। तेज़ रफ़्तार हवा के साथ हुई बारिश ने न्यूनतम तापमान को सामान्य बनाए रखा। जानकारी के अनुसार, पिछले चार दिनों से जिले में धूल भरी आंधी-तूफान के साथ कहीं न कहीं बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में आकाशीय बिजली चमकने, मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बेमौसम बारिश हुई, जिसने एक बार फिर क्षेत्र के मौसम को सुहावना बना दिया।4
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के चंदवासा से रामप्रसाद धनगर गुर्जर से जुड़ी एक खास खबर सामने आई है। इस विशेष जानकारी के संबंध में खबर रामप्रसाद धनगर गुर्जर से जुड़ी बताई गई है।1
- मानव जीवन में किसी चीज़ का अभाव होने पर व्यक्ति उसे पाने के लिए कर्म करता है और अंततः उसे प्राप्त कर लेता है। परंतु, यदि व्यक्ति असहाय भी हो, तो उसे जीवन जीना ही पड़ता है। ऐसी स्थिति में हिम्मत और जज्बा ही उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं, जिससे वह आखिरकार अपने मुकाम पर पहुँच जाता है। इसी दृढ़ता को 'जीवन' का दूसरा नाम कहा गया है, और ऐसे अदम्य साहस तथा जज्बे को सलाम किया गया है।1
- केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बाद अब राजस्थान में इसके आगमन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे प्रदेशवासियों को मानसून से राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यदि समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो राजस्थान में मानसून 25 से 30 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग के मानसून प्रोग्रेस चार्ट के मुताबिक, इस वर्ष मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। शुरुआती चरण में राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जिनमें तेज हवाएं, बादलों की गरज, धूलभरी आंधियां और हल्की से मध्यम बारिश शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान में मानसून की पहली दस्तक दक्षिण-पूर्वी जिलों में हो सकती है, जिसके बाद यह धीरे-धीरे मध्य राजस्थान और फिर पश्चिमी क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा। मानसून के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार भी दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों शाखाओं के माध्यम से आगे बढ़ेगा। फिलहाल, मौसम विभाग इसकी प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जून के अंतिम सप्ताह में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। प्रदेश में किसान, आमजन और जल संसाधनों से जुड़े विभाग मानसून की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि अच्छी बारिश से खेती, पेयजल व्यवस्था और भूजल स्तर को लाभ मिलने की उम्मीद है।1
- डोटासरा ने बीजेपी के मंत्रियों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'चवन्नी चोर' करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब काम नहीं होते तो वे गालियां देते हैं। डोटासरा ने मौजूदा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सरकार नहीं, बल्कि एक सर्कस है। उन्होंने लगातार हो रहे पेपर लीक को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के चंदवासा से रामप्रसाद धनगर गुर्जर से जुड़ी एक खास खबर सामने आई है। इस खबर के बारे में अधिक विवरण नहीं दिए गए हैं, लेकिन यह रामप्रसाद धनगर गुर्जर से संबंधित है।1
- गुरुवार शाम को हाड़ौती क्षेत्र, जिसमें कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले शामिल हैं, में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित हुआ। कोटा शहर और आसपास के इलाकों में धूलभरी आंधी के बाद हुई इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। इसी तरह, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में भी तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं और कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी हाड़ौती क्षेत्र के कुछ हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।1
- फरीदाबाद के पनहेड़ा खुर्द गांव में जेवर एयरपोर्ट से जुड़े एक फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान एक भारी क्रेन पलटने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर अभी भी फंसा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा तेज आंधी के कारण हुआ, जब हाइवे निर्माण में लगी दो क्रेन गर्डर रखते समय आपस में टकरा गईं। बताया गया है कि दुर्घटना से पहले हुई बारिश के कारण घटनास्थल पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति थी, फिर भी बारिश रुकते ही मजदूरों को काम पर लगा दिया गया था, जिसके बाद यह दुखद घटना घटित हुई।1