होलागढ़ जाने वाली सड़क हुई जर्जर धौरहरा तहसील अधिकारी मौन धौरहरा तहसील में 8 महीने में जर्जर हुई PWD की सड़क — जिम्मेदार कौन? धौरहरा तहसील के अंतर्गत ब्लॉक रमिया भेड से होलागढ़ जाने वाली सड़क, जिसे Public Works Department (PWD) द्वारा बड़ी गुणवत्ता और मजबूती का दावा करते हुए बनाया गया था, महज 8 महीने के भीतर ही जर्जर हालत में पहुंच गई है। सड़क निर्माण के समय बड़े-बड़े दावे किए गए, बैनर लगाए गए, गुणवत्ता की प्रशंसा की गई — लेकिन आज हकीकत यह है कि सड़क जगह-जगह टूट चुकी है, गड्ढों में तब्दील हो गई है और राहगीरों के लिए खतरा बन चुकी है। सवाल उठते हैं: क्या सड़क सिर्फ कागजों में उच्च गुणवत्ता की बनाई गई थी? क्या निर्माण में मानकों की अनदेखी हुई? क्यों लखीमपुर खीरी के उच्च अधिकारियों की नजर इस ओर नहीं पहुंच रही? क्या जनता के टैक्स के पैसों का यही उपयोग होगा? स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि खबरें प्रकाशित होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। मांग: सड़क निर्माण की उच्च स्तरीय जांच हो दोषी अधिकारियों व ठेकेदार पर कार्रवाई हो सड़क का पुनः निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया जाए जनता पूछ रही है — क्या सरकार के पैसों को यूं ही बर्बाद किया जाएगा या जवाबदेही तय होगी? यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ स संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा दिनेश आचार्य 8948983388
होलागढ़ जाने वाली सड़क हुई जर्जर धौरहरा तहसील अधिकारी मौन धौरहरा तहसील में 8 महीने में जर्जर हुई PWD की सड़क — जिम्मेदार कौन? धौरहरा तहसील के अंतर्गत ब्लॉक रमिया भेड से होलागढ़ जाने वाली सड़क, जिसे Public Works Department (PWD) द्वारा बड़ी गुणवत्ता और मजबूती का दावा करते हुए बनाया गया था, महज 8 महीने के भीतर ही जर्जर हालत में पहुंच गई है। सड़क निर्माण के समय बड़े-बड़े दावे किए गए, बैनर लगाए गए, गुणवत्ता की प्रशंसा की गई — लेकिन आज हकीकत यह है कि सड़क जगह-जगह टूट चुकी है, गड्ढों में तब्दील हो गई है और राहगीरों के लिए खतरा बन चुकी है। सवाल उठते हैं: क्या सड़क सिर्फ कागजों में उच्च गुणवत्ता की बनाई गई थी? क्या निर्माण में मानकों की अनदेखी हुई? क्यों लखीमपुर खीरी के उच्च अधिकारियों की नजर इस ओर नहीं पहुंच रही? क्या जनता के टैक्स के पैसों का यही उपयोग होगा? स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि खबरें प्रकाशित होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। मांग: सड़क निर्माण की उच्च स्तरीय जांच हो दोषी अधिकारियों व ठेकेदार पर कार्रवाई हो सड़क का पुनः निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया जाए जनता पूछ रही है — क्या सरकार के पैसों को यूं ही बर्बाद किया जाएगा या जवाबदेही तय होगी? यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ स संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा दिनेश आचार्य 8948983388
- इसी क्रम में प्रशासन ने नगर के सिनेमा रोड पर व अन्य मार्गों पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाया एवं उन्हें सख्त हिदायत दी,* इस मौके पर नायब तहसीलदार गोला भानु प्रताप सिंह, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी संजय कुमार, गोला कोतवाल अंबर सिंह, लेखपाल अनिल त्रिपाठी, सफाई निरीक्षक संदीप वर्मा, नगर पालिका लिपिक मोहित अवस्थी एवं अमित श्रीवास्तव व नगरपालिका की एवं पुलिस की टीम साथ में मौजूद रही।*1
- ✨ ईसानगर कोतवाली में बदलाव की नई तस्वीर! ✨ लखीमपुर खीरी की ईसानगर कोतवाली में इन दिनों सौंदर्यीकरण का कार्य जोरों पर है। थाना परिसर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए रंगाई-पुताई, दीवारों की पेंटिंग, साफ-सफाई और हरियाली बढ़ाने जैसे कार्य किए जा रहे हैं। 🚩 यह पहल न केवल थाना परिसर की खूबसूरती बढ़ाएगी, बल्कि आमजन के लिए एक सकारात्मक और स्वागतयोग्य माहौल भी तैयार करेगी। स्थानीय लोगों ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि बदलती तस्वीर प्रशासन की सजगता और जिम्मेदारी को दर्शाती है। #Isanagar #LakhimpurKheri #UPPolice #सौंदर्यीकरण #विकास #IsanagarKotwali1
- धौरहरा तहसील में 8 महीने में जर्जर हुई PWD की सड़क — जिम्मेदार कौन? धौरहरा तहसील के अंतर्गत ब्लॉक रमिया भेड से होलागढ़ जाने वाली सड़क, जिसे Public Works Department (PWD) द्वारा बड़ी गुणवत्ता और मजबूती का दावा करते हुए बनाया गया था, महज 8 महीने के भीतर ही जर्जर हालत में पहुंच गई है। सड़क निर्माण के समय बड़े-बड़े दावे किए गए, बैनर लगाए गए, गुणवत्ता की प्रशंसा की गई — लेकिन आज हकीकत यह है कि सड़क जगह-जगह टूट चुकी है, गड्ढों में तब्दील हो गई है और राहगीरों के लिए खतरा बन चुकी है। सवाल उठते हैं: क्या सड़क सिर्फ कागजों में उच्च गुणवत्ता की बनाई गई थी? क्या निर्माण में मानकों की अनदेखी हुई? क्यों लखीमपुर खीरी के उच्च अधिकारियों की नजर इस ओर नहीं पहुंच रही? क्या जनता के टैक्स के पैसों का यही उपयोग होगा? स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि खबरें प्रकाशित होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। मांग: सड़क निर्माण की उच्च स्तरीय जांच हो दोषी अधिकारियों व ठेकेदार पर कार्रवाई हो सड़क का पुनः निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया जाए जनता पूछ रही है — क्या सरकार के पैसों को यूं ही बर्बाद किया जाएगा या जवाबदेही तय होगी? यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ स संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा दिनेश आचार्य 89489833881
- बैंक के पास हुआ हंगामा, वीडियो वायरल; एसडीएम ने कार्रवाई का दिया आश्वासन मिहींपुरवा (बहराइच)। तहसील क्षेत्र में फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने के नाम पर ठगी और महिला से अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर आरोपित ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला को गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। घटना का वीडियो आसपास मौजूद लोगों ने बना लिया, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कौआभारी, कोतवाली मूर्तिहा निवासी सुधा देवी ने करीब दो माह पूर्व अपनी बेटी का आधार कार्ड बनवाने के लिए एक व्यक्ति को रुपये दिए थे। आरोप है कि नरेंद्र परशुराम निवासी बैवाही, जो पहले एचपी गैस एजेंसी पर कार्यरत था, गैस एजेंसी से ब्लैकलिस्ट होने के बाद बीते करीब छह माह से कथित रूप से बाईपास आईडी के जरिए फर्जी आधार कार्ड बनाने का काम कर रहा था। महिला का आरोप है कि वह पिछले दो माह से आधार कार्ड बनवाने के लिए मिहींपुरवा का चक्कर लगाती रही, लेकिन न तो आधार कार्ड बना और न ही रुपये वापस मिले। बुधवार को जब महिला ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के पास अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपित चार लोगों के साथ पहुंच गया। महिला का कहना है कि वहां मौजूद मोतीपुर थाना के गार्ड और सिपाही के सामने ही उसे भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति बिगड़ती देख आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। इस दौरान कुछ लोगों ने घटना का वीडियो भी बना लिया। हंगामे के बाद आरोपित मौके से फरार हो गया। क्षेत्र में चर्चा है कि अशिक्षा का लाभ उठाकर कुछ लोग आधार कार्ड जैसे सरकारी दस्तावेज बनाने के नाम पर लोगों से अवैध वसूली कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी रामदयाल ने बताया कि यदि पीड़िता लिखित प्रार्थना पत्र थाने और उनके कार्यालय में देती है तो मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by Rajeev Mishra1
- सिंगाही खीरी - शीतलापुर में मनरेगा कार्य के दौरान मजदूर पर हमला, पुलिस कर रही मामले की जांच1
- सैलगांव में जन चौपाल, विकास कार्यों की दी जानकारी लखीमपुर खीरी। विकासखंड नकहा के ग्राम पंचायत सैलगांव में जन चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और गांव में कराए गए विकास कार्यों की जानकारी दी गई। प्रधान प्रतिनिधि संजय गुप्ता ने बताया कि पंचायत द्वारा सड़क, नाली, सफाई व्यवस्था सहित कई विकास कार्य कराए गए हैं तथा आगे भी गांव के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जनहित के कार्य लगातार जारी रहेंगे। जन चौपाल में सचिव सतवीर सिंह राना सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।4
- जर्जर सड़क का रिपेयरिंग कार्य शुरू। रिपेयरिंग में भी गुणवत्ता से समझौते के आरोप। बिना नीचे की मिट्टी साफ किए ऊपर से डामर डालकर की जा रही खानापूर्ति। इसी लापरवाही के कारण कई बार रिपेयर के बावजूद सड़क फिर उखड़ गई। स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक करीब तीन बार हो चुकी है मरम्मत। जिला पंचायत की ओर से तीन साल पहले जल्दबाजी में बनाई गई थी सड़क। सवाल है लगातार शिकायतों के बाद भी ठेकेदार पर क्यों मेहरबान हैं जिला पंचायत अधिकारी1