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भीलवाड़ा अजमेर नेशनल हाईवे-48 पर रूपाहेली भट्टा श्री रामदेव होटल के पास लावारिस ट्रेलर में मिली लाखों की शराब: अलग-अलग ब्रांड की 1379 पेटियां बरामद , ड्राइवर फरार
Prahalad singh
भीलवाड़ा अजमेर नेशनल हाईवे-48 पर रूपाहेली भट्टा श्री रामदेव होटल के पास लावारिस ट्रेलर में मिली लाखों की शराब: अलग-अलग ब्रांड की 1379 पेटियां बरामद , ड्राइवर फरार
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- स्वच्छ देवगढ़ की ओर नगर पालिका की पहल, आमजन को वितरित किए डस्टबिन देवगढ़। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत नगर पालिका देवगढ़ द्वारा स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने एवं आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से डस्टबिन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पी.एल. जाट द्वारा आमजन को डस्टबिन वितरित किए गए। अधिशासी अधिकारी पी.एल. जाट ने कहा कि स्वच्छ एवं सुंदर देवगढ़ बनाने में आमजन की भागीदारी महत्वपूर्ण है। प्रत्येक नागरिक अपने घर एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखे तथा कचरे को खुले में न डालकर डस्टबिन का उपयोग करे। उन्होंने गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा नगर पालिका की कचरा संग्रहण व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। डस्टबिन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में अर्जुन लाल, नारायण लाला, सुरेश, भंवर भील एवं प्यारालाल सहित अन्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान हरिसिंह, अरविन सांगेला, अशोक सरगरा, SBM-MIS शिवराज मीणा एवं गुमान सिंह मीणा सहित नगर पालिका के कार्मिक एवं अन्य उपस्थितजन मौजूद रहे। नगर पालिका अधिकारियों एवं उपस्थितजनों ने आमजन से स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत का हिस्सा बनाने तथा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं डालने की अपील की। डस्टबिन वितरण कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। नगर पालिका देवगढ़ द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने के लिए स्वच्छता जागरूकता एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। नगर पालिका देवगढ़ का संदेश —“स्वच्छता में जनभागीदारी, स्वच्छ देवगढ़ की जिम्मेदारी।”2
- मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर सजा कल्पवृक्ष मेला, उमड़ा जनसैलाब श्रावण मास की हरियाली अमावस्या के अवसर पर अजमेर के मांगलियावास स्थित प्राचीन कल्पवृक्ष मेले में शुक्रवार को श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा। मान्यता है कि 800-1000 साल पुराना यह कल्पवृक्ष मनोकामना पूरी करता है। सुबह से ही महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पेड़ की परिक्रमा कर नारियल, चुनरी और मन्नत का धागा बांधा। कई दंपतियों ने संतान प्राप्ति की कामना की। मेला प्रशासन ने सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए थे। मेले में झूले, खिलौने, घरेलू सामान और कृषि उपकरणों की दुकानें आकर्षण का केंद्र रही।4
- जन हॉस्पिटल में आज ओपीडी रही निशुल्क, पैथोलॉजी जांच, सोनोग्राफी एवं एक्स-रे पर मिली 50 प्रतिशत छूट मनोज शर्मा, वॉइस ऑफ मारवाड़ पाली शहर के नया गांव रोड स्थित जन हॉस्पिटल में आमजन की सुविधा के लिए प्रत्येक बुधवार को विशेष स्वास्थ्य सेवा अभियान शुरू किया है। इसके तहत आज आयोजित शिविर में मरीजों को सभी ओपीडी सेवाएं 100 प्रतिशत निशुल्क उपलब्ध करवाई गई, उसी के साथसभी प्रकार की पैथोलॉजी जांच, सोनोग्राफी एवं एक्सरे पर 50 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की गई। आज आयोजित शिविर मरीजों ने मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल एवं शिशु रोग, डायलिसिस, जेरियाट्रिक केयर, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नवजात क्रिटिकल केयर, डेंटल तथा फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन जैसी विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ लेते हुआ अपना उपचार करवाकर शिविर का लाभ लिया।1
- कांवाखेड़ा कच्ची बस्ती विकास को तरसी, 15 वर्षों के भाजपा शासन पर उठे सवाल राकेश देसाई, वार्ड नं.27 भीलवाड़ा, 12 अगस्त। नगर निगम भीलवाड़ा में पिछले करीब 15 वर्षों से भाजपा का बोर्ड रहने के बावजूद शहर के कई कच्ची बस्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है। बड़े-बड़े विकास के दावे और चुनावी वादे करने वाले नेताओं एवं पार्षदों के कार्यकाल पूरे होते रहे, लेकिन वार्डवासियों का कहना है कि उनके इलाके में अपेक्षित विकास आज तक नहीं पहुंच पाया। वार्ड नंबर 27 की कांवाखेड़ा कच्ची बस्ती इसका एक बड़ा उदाहरण दिखाई देती है। यहां की तस्वीरें विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को साफ तौर पर सामने रखती हैं। कहीं बरसाती पानी और गंदा पानी सड़कों पर जमा है, तो कहीं नालियां कचरे और गंदगी से अटी पड़ी हैं। कई स्थानों पर नालियों का पानी खुले क्षेत्र में जमा होकर स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। सड़कें और रास्ते जलमग्न हो जाते हैं तथा लोगों को घरों से निकलने तक में परेशानी का सामना करना पड़ता है। गंदे पानी के बीच सफाई करने की मजबूरी यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर वर्षों से नगर निगम में बोर्ड होने और विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बावजूद कच्ची बस्ती के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए क्यों संघर्ष करना पड़ रहा है? नाला निर्माण को लेकर भी उठे सवाल पूर्व में जिला कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में वार्ड 24, 25 एवं 27 में बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाए जा रहे नालों की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए थे। ज्ञापन में आरोप लगाया गया था कि नालों के निर्माण में निर्धारित गहराई एवं तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया तथा निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की आशंका है। ज्ञापन में यह भी कहा गया था कि कुछ स्थानों पर नाले की गहराई कम होने के कारण बरसात के समय पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है। यदि ऐसी स्थिति बनी रहती है तो कच्ची बस्ती के आवासीय क्षेत्रों में जलभराव और गंदे पानी के फैलाव की समस्या और गंभीर होने की आशंका है। इन आरोपों की वास्तविकता सामने लाने के लिए संबंधित निर्माण कार्यों की तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच कराया जाना जरूरी है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। सड़कें बनीं, लेकिन नालियां और रास्ते अधूरे कांवाखेड़ा क्षेत्र की तस्वीरों में कई जगह सड़क के किनारे खुले और क्षतिग्रस्त नाले दिखाई देते हैं। कुछ स्थानों पर सड़क के बीच अथवा किनारे गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिनसे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वहीं नालियों में जमा कचरा और गंदा पानी यह बताता है कि केवल सड़क बना देना ही विकास नहीं है; सड़क, नाली, जल निकासी और सफाई व्यवस्था का समुचित प्रबंधन भी उतना ही आवश्यक है। नालियां बदहाल, जलभराव से परेशान लोग, सड़कों की हालत भी चिंताजनक; चुनावी वादों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर लोगों का सवाल है कि जब चुनाव आते हैं तो जनप्रतिनिधि विकास के अनेक वादे करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को बार-बार अधिकारियों के चक्कर क्यों लगाने पड़ते हैं? जनता के भरोसे का क्या हुआ? हर चुनाव में जनता अपने क्षेत्र के विकास और समस्याओं के समाधान की उम्मीद में जनप्रतिनिधियों को चुनती है। वार्डवासी उम्मीद करते हैं कि उनका प्रतिनिधि सड़क, नाली, पेयजल, सफाई, स्ट्रीट लाइट और जल निकासी जैसी बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता देगा। लेकिन कांवाखेड़ा कच्ची बस्ती की मौजूदा स्थिति को देखकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि पिछले वर्षों में किए गए विकास कार्यों का वास्तविक लाभ यहां के लोगों तक कितना पहुंचा? जनता को भाषण नहीं, जमीन पर विकास चाहिए। उसे वादों की सूची नहीं, साफ-सुथरी सड़कें चाहिए। उसे आश्वासन नहीं, जलभराव से मुक्ति चाहिए। उसे कागजों में बने नाले नहीं, प्रभावी जल निकासी व्यवस्था चाहिए। आवाज उठाने वालों को दबाने के बजाय सुना जाए क्षेत्र की समस्याओं को प्रशासन और नगर निगम तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। यदि किसी नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता या जनप्रतिनिधि द्वारा किसी निर्माण कार्य की गुणवत्ता अथवा अनियमितता को लेकर सवाल उठाए जाते हैं तो उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। किसी की आवाज को दबाने के बजाय शिकायतों को रिकॉर्ड पर लेकर उनकी जांच करना ही लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहचान है। जनता द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों की है। अब जनता हिसाब मांग रही है कांवाखेड़ा कच्ची बस्ती के हालात अब केवल एक वार्ड की समस्या नहीं, बल्कि शहरी विकास की प्राथमिकताओं पर सवाल हैं। यदि शहर के एक हिस्से में सड़कें और नालियां बदहाल हैं, बारिश का पानी घरों और रास्तों में जमा होता है तथा गंदगी के बीच लोगों को रहना पड़ता है, तो विकास के दावों की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब जरूरत है कि नगर निगम प्रशासन वार्ड 27 की कांवाखेड़ा कच्ची बस्ती का मौके पर निरीक्षण कराकर नालियों, जल निकासी, सड़कों और सफाई व्यवस्था की स्थिति का आकलन करे। निर्माणाधीन एवं पूर्व में निर्मित नालों की तकनीकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए तथा जहां कमियां मिलें वहां तत्काल सुधार कराया जाए। साथ ही, पिछले वर्षों में इस क्षेत्र में स्वीकृत और पूर्ण कराए गए विकास कार्यों की सूची, उनकी लागत तथा उनकी वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि जनता खुद देख सके कि उसके क्षेत्र में कितना विकास हुआ और कितना केवल कागजों तक सीमित रहा। कांवाखेड़ा की जनता अब सवाल पूछ रही है—15 वर्षों के बाद भी अगर बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़े, तो आखिर विकास का लाभ किसे मिला? जनता को अब केवल चुनावी वादे नहीं, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और धरातल पर दिखाई देने वाला विकास चाहिए।4
- पाली आज हरियाली अमावस पर शिवलिंग की सजावट बागर मोहल्ला पाली बागेश्वर महादेव बागर मोहल्ला स्थित हरियाली अमावस पर शिवलिंग का श्रृंगार शहरवासियों का आकर्षण केन्द्र बना मन्दिर के पूजारी राज कुमार व्यास ने बताया कि आज दिन भर भक्तों के पेड़ नजर आई सावन महीने में सर दिन अलग-अलग श्रंगार की जाता है व मन्दिर परिसर में दिन भर भजन कीर्तन करती है1
- भीलवाड़ा अजमेर नेशनल हाईवे-48 पर रूपाहेली भट्टा श्री रामदेव होटल के पास लावारिस ट्रेलर में मिली लाखों की शराब: अलग-अलग ब्रांड की 1379 पेटियां बरामद , ड्राइवर फरार1
- *निकाय एवं पंचायत चुनाव को तैयारियों को लेकर भाजपा की अहम बैठक आयोजित* निकाय चुनावों में त्रिस्तरीय प्रभारियों की नियुक्ति कर चुनाव प्रबंधन को करेंगे चाक चौबंद - अरुण चतुर्वेदी राज्य में आगामी निकाय एवं पंचायत राज चुनावों की तैयारियों को लेकर भाजपा जिला कार्यालय पर एक अहम संगठनात्मक बैठक अजमेर संभाग चुनाव प्रभारी तथा राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी के मुख्य आतिथ्य, सह प्रभारी पूर्व मंत्री लालचंद कटारिया, पूर्व सांसद देवजी पटेल के विशिष्ट आतिथ्य एवं जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिला सह प्रभारी मिट्ठूलाल जाट, विधायक उदयलाल भडाना, जब्बरसिंह सांखला, लालाराम बैरवा, पूर्व मंत्री कालूलाल गुर्जर, पूर्व विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी, बालुलाल चौधरी, बद्रीप्रसाद गुरुजी, पूर्व महापौर राकेश पाठक भी मंचासीन रहे। जिला प्रवक्ता अंकुर बोरदिया ने बताया कि बैठक में संभाग प्रभारी अरुण चतुर्वेदी ने आगामी निकाय व पंचायत चुनावों के लिए सांगठनिक संरचना को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिला, निकाय और वार्ड स्तर पर प्रभारियों की नियुक्ति कर चुनाव प्रबंधन को चाक-चौबंद किया जा रहा है, ताकि हर बूथ पर जीत हासिल की जा सके। बूथ जीता तो चुनाव जीता का मंत्र देते हुए उन्होंने पदाधिकारियों से अपने अपने वार्ड में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का आह्वान करते हुए सघन जनसंपर्क के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता के कार्य का आंकलन संगठन स्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग को संगठन की गतिविधियों से जोड़ने की बात भी कही। जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने इस अवसर पर विश्वास जताया कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों के बाद अब निकाय और पंचायतराज चुनावों में भी जिले को कांग्रेस मुक्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इस अवसर पर जिला महामंत्री अविनाश जीनगर, कन्हैयालाल जाट, प्रहलाद त्रिपाठी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- हरियाली अमावस्या पर देवगढ़ में उमडा शिव भक्तों का सैलाब तरुण जोशी राजसमंद 9414 239644 हरियाली अमावस्या पर राजसमंद में वर्षा शिव भक्ति का रंग, 9 लाख 11 हजार के नोटों से सजा देवगढ़ का माधव विलास मंदिर, हरियाली अमावस्या पर दर्शनों के लिए उमड़ी शिव भक्तों की भीड़, विशेष आयोजन को लेकर एक माह से चल रही थी तैयारीया, राजसमंद के देवगढ़ सावन मास के हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर समूचा देवगढ़ नगर शिव भक्ति के अनूठे और दिव्य रंग में रंगा नजर आया। अलसुबह से ही क्षेत्र के प्रसिद्ध माधव विलास शिव मंदिर में दर्शन, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। अल सुबह तड़के हुई रिमझिम बारिश ने मौसम में ठंडक घोल दी, जिससे श्रद्धालुओं के उत्साह में और भी इजाफा देखने को मिला।माधव विलास मंदिर के पुजारी विनोद दाधीच ने बताया कि सावन के उपलक्ष्य में भगवान भोलेनाथ का 9 लाख 11 हजार रुपये मूल्य के भारतीय नोटों और ताजे आकर्षक फूलों से विशेष अलौकिक श्रृंगार किया गया। नोटों और फूलों के अद्भुत संयोजन से सजे भोलेनाथ के इस दिव्य स्वरूप को निहारने के लिए दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे मंदिर प्रांगण को रंग-बिरंगी लाइटों और सुंदर पुष्प-मालाओं से भव्य रूप से सजाया गया था। महाआरती और जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर विशेष श्रृंगार के पश्चात विद्वान पंडितों द्वारा विधि-विधानपूर्वक महाआरती संपन्न करवाई गई। इस दौरान पूरा मंदिर प्रांगण 'हर-हर महादेव', 'जय भोलेनाथ' और 'ओम नमः शिवाय' के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने व्रत एवं उपवास रखकर क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। दर्शनार्थियों के आने का यह सिलसिला देर रात तक निर्बाध रूप से जारी रहा।4
- औज्याडा गांव के श्मशान घाट की बदहाल व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण परेशान औज्याडा गांव के श्मशान घाट की बदहाल व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण परेशान हमीरगढ़। भीलवाड़ा तहसील के हमीरगढ़ क्षेत्र के ग्राम औज्याडा में श्मशान घाट की बदहाल व्यवस्था ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर पर भी ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार श्मशान घाट पर टीन शेड की व्यवस्था नहीं होने से बारिश, तेज धूप और खराब मौसम के दौरान अंतिम संस्कार करना मुश्किल हो जाता है। वहीं श्मशान स्थल तक सीसी रोड का अभाव होने के कारण बारिश के दिनों में रास्ता कीचड़युक्त हो जाता है, जिससे आवागमन में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं ग्राम पंचायत से श्मशान स्थल पर टीन शेड, सीसी रोड सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जल्द उपलब्ध करवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील परिस्थिति में लोगों को मौसम और खराब रास्ते की समस्या से जूझना न पड़े। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक विकास कार्य करवाने चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि औज्याडा गांव के लोगों को अंतिम संस्कार के दौरान मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। क्राइम न्यूज़ संपादक — प्रकाश चंद्र2