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बिल्हा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसके अंतर्गत 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
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बिल्हा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसके अंतर्गत 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
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- बिलासपुर जिले के बिल्हा में पुलिस ने संवरा पारा में छापेमारी कर बिक्री के लिए रखी गई अवैध देशी प्लेन और मसाला शराब के 72 पावों के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के तहत आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। गुरुवार की रात 10:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, बिल्हा पुलिस ने गुरुवार रात 8:22 बजे इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज की थी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलराम संवरा, पिता स्व. मालिकराम संवरा (उम्र 26 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 05, संवरापारा बिल्हा, थाना बिल्हा, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, दिनांक 04.06.2026 को थाने में एक मुखबिर ने सूचना दी थी कि बलराम संवरा अपने घर के कमरे में पेटी के अंदर भारी मात्रा में अवैध शराब बिक्री के लिए रखे हुए है। इस सूचना पर बिल्हा पुलिस की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संवरा पारा स्थित बलराम संवरा के घर दबिश दी। तलाशी के दौरान, बलराम संवरा के घर के कमरे के एक कोने में रखे सिल्वर रंग के टीन के पेटी के अंदर 24 नग 180 ML देशी मंदिरा मसाला (कुल मात्रा 4.320 लीटर, कीमत ₹2400) और 48 नग 180 ML देशी मदिरा प्लेन शराब (कुल मात्रा 8.640 लीटर, कीमत ₹3840) बरामद हुई। कुल मिलाकर, 72 नग 180 ML की बोतलों में भरी 12.960 लीटर शराब जब्त की गई, जिसकी कुल कीमत ₹6240 है। यह पूरी कार्रवाई गवाहों के समक्ष की गई। आरोपी बलराम संवरा के कृत्य को आबकारी एक्ट की धारा 34(2) का अपराध पाए जाने पर उसे हिरासत में लेकर थाने लाया गया। इसके बाद, अपराध पंजीबद्ध कर आगे की विवेचना कार्रवाई शुरू की गई है।1
- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था की पार्षद रानी सौरभ जैन ने अंचल के सभी पत्रकारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्व शांति का संदेश भी दिया।1
- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'सुशासन तिहार' को लेकर युवा वर्ग ने जमकर नाराजगी व्यक्त की है। युवाओं ने इस आयोजन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए सरकार पर जोरदार तरीके से हमला बोला।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, रायपुर जिले के मढ़ी गांव में स्थित गौरी गणेश इस्पात प्राइवेट लिमिटेड ने 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल में कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए फलदार, छायादार और फूलदार पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कंपनी के वरिष्ठ महाप्रबंधक शुभागेश मिश्रा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि पेड़ केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की भी नींव हैं। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएं और उसकी उचित देखभाल करें। मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने यह भी बताया कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान लोगों को अपनी मां के सम्मान में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने की प्रेरणा देता है। इस कार्यक्रम में चांडक जी, शरद राज मिश्रा, एस.के. महोबिया, अमित सिंह सहित कंपनी के कई अधिकारी, कर्मचारी, स्थानीय नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। इस विशेष पौधरोपण कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और एक हरित भविष्य का संदेश दिया गया।1
- एक कोल वॉशरी में चोरी की एक बड़ी वारदात को टाल दिया गया है। इस घटना के बाद, अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।1
- ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया गया है। यह पूछा जा रहा है कि जिस पहल को ट्रैफिक की दिक्कतें दूर करनी थीं, क्या वह वास्तव में कचरे के मैदान में तब्दील हो गई है, या उसे कचरे के मैदान के रूप में देखा जा रहा है।1
- बिलासपुर में एक हत्याकांड का मामला सामने आया है, जहाँ एक शक्की पति ने एक बाउंसर को मौत के घाट उतार दिया। इस वारदात को पति समेत कुल 4 आरोपियों ने अंजाम दिया है।1
- छत्तीसगढ़ में कोलवासरी के बढ़ते जाल को लेकर किसान खासे चिंतित हैं। किसानों के मन में यह सवाल है कि कोलवासरी का यह विस्तार उनके लिए विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा या फिर एक अभिशाप बनकर सामने आएगा।1
- प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, तिल्दा नेवरा में 04 जून 2026 को पत्रकार दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य "पत्रकार सम्मान समारोह एवं परिचर्चा - वैश्विक शांति की आवश्यकता: मीडिया की भूमिका" कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों के महत्वपूर्ण योगदान का सम्मान करना, साथ ही समाज में शांति, नैतिकता और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में तिल्दा नेवरा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद नन्हे बच्चों ने एक आकर्षक स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर सभी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन का वातावरण आध्यात्मिकता, सम्मान और सामाजिक समरसता से परिपूर्ण रहा। मुख्य अतिथि मधुकर द्वेदी ने अपने संबोधन में पत्रकारिता को समाज और विश्व में शांति स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने पत्रकारों को "नारद मुनि" की उपाधि देते हुए कहा कि आदिकाल से ही सूचना और संवाद का समाज में विशेष महत्व रहा है। उन्होंने पत्रकारों से निष्पक्षता, संवेदनशीलता और सत्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का प्रसारण नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का कार्य भी करती है। इस अवसर पर प्रियंका कौशल ने पत्रकारों को समाज का सजग प्रहरी बताया और कहा कि वे अपने कर्तव्य को ईमानदारी तथा वफादारी से निभाकर समाज में जागरूकता व सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें विशेष उपाधि से संबोधित किया। विशाल कौशल ने पत्रकारिता के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका उद्भव वर्ष 1826 में हुआ था और तब से यह लोकतंत्र व समाज का महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर निरंतर विकसित होती रही है, अपनी विश्वसनीयता और प्रभाव को मजबूत करती हुई। तिल्दा प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोती ज्ञान चंदानी, संरक्षक गौरीशंकर शैनी और छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष गजेन्द्र रथ गर्व ने भी पत्रकारों के सम्मान में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने पत्रकारिता को न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के समान "समाचार पालिका" के रूप में चौथे स्तंभ की उपाधि दी, जो समाज को जागरूक और उत्तरदायी बनाती है। तिल्दा नेवरा की पार्षद रानी सौरभ जैन ने भी पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज की आवाज बनकर जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं। समारोह के समापन पर, उपस्थित सभी पत्रकारों को स्मृति चिन्ह के रूप में डायरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। इस पूरे आयोजन ने पत्रकारिता के महत्व, उसकी सामाजिक जिम्मेदारी और वैश्विक शांति के संदेश को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।4