विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, रायपुर जिले के मढ़ी गांव में स्थित गौरी गणेश इस्पात प्राइवेट लिमिटेड ने 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल में कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए फलदार, छायादार और फूलदार पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कंपनी के वरिष्ठ महाप्रबंधक शुभागेश मिश्रा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि पेड़ केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की भी नींव हैं। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएं और उसकी उचित देखभाल करें। मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने यह भी बताया कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान लोगों को अपनी मां के सम्मान में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने की प्रेरणा देता है। इस कार्यक्रम में चांडक जी, शरद राज मिश्रा, एस.के. महोबिया, अमित सिंह सहित कंपनी के कई अधिकारी, कर्मचारी, स्थानीय नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। इस विशेष पौधरोपण कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और एक हरित भविष्य का संदेश दिया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, रायपुर जिले के मढ़ी गांव में स्थित गौरी गणेश इस्पात प्राइवेट लिमिटेड ने 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल में कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए फलदार, छायादार और फूलदार पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कंपनी के वरिष्ठ महाप्रबंधक शुभागेश मिश्रा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि पेड़ केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की भी नींव हैं। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएं और उसकी उचित देखभाल करें। मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने यह भी बताया कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान लोगों को अपनी मां के सम्मान में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने की प्रेरणा देता है। इस कार्यक्रम में चांडक जी, शरद राज मिश्रा, एस.के. महोबिया, अमित सिंह सहित कंपनी के कई अधिकारी, कर्मचारी, स्थानीय नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। इस विशेष पौधरोपण कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और एक हरित भविष्य का संदेश दिया गया।
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, रायपुर जिले के मढ़ी गांव में स्थित गौरी गणेश इस्पात प्राइवेट लिमिटेड ने 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल में कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए फलदार, छायादार और फूलदार पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कंपनी के वरिष्ठ महाप्रबंधक शुभागेश मिश्रा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि पेड़ केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की भी नींव हैं। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएं और उसकी उचित देखभाल करें। मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने यह भी बताया कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान लोगों को अपनी मां के सम्मान में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने की प्रेरणा देता है। इस कार्यक्रम में चांडक जी, शरद राज मिश्रा, एस.के. महोबिया, अमित सिंह सहित कंपनी के कई अधिकारी, कर्मचारी, स्थानीय नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। इस विशेष पौधरोपण कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और एक हरित भविष्य का संदेश दिया गया।1
- प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, तिल्दा नेवरा में 04 जून 2026 को पत्रकार दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य "पत्रकार सम्मान समारोह एवं परिचर्चा - वैश्विक शांति की आवश्यकता: मीडिया की भूमिका" कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों के महत्वपूर्ण योगदान का सम्मान करना, साथ ही समाज में शांति, नैतिकता और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में तिल्दा नेवरा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद नन्हे बच्चों ने एक आकर्षक स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर सभी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन का वातावरण आध्यात्मिकता, सम्मान और सामाजिक समरसता से परिपूर्ण रहा। मुख्य अतिथि मधुकर द्वेदी ने अपने संबोधन में पत्रकारिता को समाज और विश्व में शांति स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने पत्रकारों को "नारद मुनि" की उपाधि देते हुए कहा कि आदिकाल से ही सूचना और संवाद का समाज में विशेष महत्व रहा है। उन्होंने पत्रकारों से निष्पक्षता, संवेदनशीलता और सत्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का प्रसारण नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का कार्य भी करती है। इस अवसर पर प्रियंका कौशल ने पत्रकारों को समाज का सजग प्रहरी बताया और कहा कि वे अपने कर्तव्य को ईमानदारी तथा वफादारी से निभाकर समाज में जागरूकता व सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें विशेष उपाधि से संबोधित किया। विशाल कौशल ने पत्रकारिता के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका उद्भव वर्ष 1826 में हुआ था और तब से यह लोकतंत्र व समाज का महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर निरंतर विकसित होती रही है, अपनी विश्वसनीयता और प्रभाव को मजबूत करती हुई। तिल्दा प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोती ज्ञान चंदानी, संरक्षक गौरीशंकर शैनी और छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष गजेन्द्र रथ गर्व ने भी पत्रकारों के सम्मान में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने पत्रकारिता को न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के समान "समाचार पालिका" के रूप में चौथे स्तंभ की उपाधि दी, जो समाज को जागरूक और उत्तरदायी बनाती है। तिल्दा नेवरा की पार्षद रानी सौरभ जैन ने भी पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज की आवाज बनकर जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं। समारोह के समापन पर, उपस्थित सभी पत्रकारों को स्मृति चिन्ह के रूप में डायरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। इस पूरे आयोजन ने पत्रकारिता के महत्व, उसकी सामाजिक जिम्मेदारी और वैश्विक शांति के संदेश को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।4
- गोबरा नवापारा में प्रशासन ने महानदी के दुलना घाट पर अवैध रेत खनन और परिवहन को रोकने के लिए शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई की। राजस्व और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने अवैध रेत परिवहन के लिए बनाए गए रपटा को जेसीबी मशीन की सहायता से ध्वस्त कर दिया। यह पहली बार नहीं है जब प्रशासन ने ऐसी कार्रवाई की है; दुलना महानदी में रेत का अवैध परिवहन लगातार जारी था और बार-बार की कार्रवाइयों के बावजूद रुकने का नाम नहीं ले रहा था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर के नेतृत्व में पटवारी और पुलिस जवानों की टीम मौके पर पहुंची और नदी किनारे अवैध रूप से निर्मित इस रपटा को गिरा दिया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, रात के अंधेरे में ट्रैक्टर और हाइवा के माध्यम से रेत का अवैध परिवहन धड़ल्ले से होता है, और प्रशासन की कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद फिर से रपटा बना लिया जाता है। इस स्थिति पर अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी है कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, साथ ही लगातार निगरानी रखने के लिए एक टीम गठित करने की बात भी कही गई है।1
- बलौदाबाजार जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम बड़े भरसेला में पुरानी रंजिश के चलते बेल्ट और चाकू से जानलेवा हमला करने वाले दोनों मुख्य आरोपियों को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। 3 जून 2026 की रात एक ही गाँव में तीन गंभीर वारदातों को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती देने वाले इन शातिर अपराधियों को 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे पहुँचाया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (SP) श्री ओ.पी. शर्मा के कड़े रुख, मीडिया के भारी दबाव और ग्रामीणों के आक्रोश के बाद संभव हुई। दरअसल, 3 जून को वारदात के तुरंत बाद ग्रामीणों ने सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन शुरुआती पुलिसिया सुस्ती से नाराज़ होकर 4 जून को सैकड़ों ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय का घेराव कर दिया। मीडिया में इस खबर के प्रमुखता से आने और ग्रामीणों के भारी आक्रोश को देखते हुए एसपी श्री ओम प्रकाश शर्मा ने स्वयं मामले का संज्ञान लिया और उनके कुशल निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने तत्काल जाल बिछाकर दोनों नामजद आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रार्थी रोमनाथ वर्मा की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ अपराध क्र. 455/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(2), 118(1), और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया था। गवाहों के बयानों और गहन तफ्तीश के आधार पर पुलिस ने 20 वर्षीय बेदराम ध्रुव उर्फ बेदू और 19 वर्षीय महेंद्र पैकरा, दोनों निवासी ग्राम बड़े भरसेला, थाना सिटी कोतवाली को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर लिया है और अब माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस त्वरित गिरफ्तारी के बाद बड़े भरसेला गाँव के ग्रामीणों ने आखिरकार राहत की साँस ली है।1
- बलौदाबाजार में नेशनल हाईवे 130बी पर नालियों की बदहाल व्यवस्था ने नगरवासियों की चिंता बढ़ा दी है। मानसून की शुरुआत से पहले ही नालियों में भरा पानी सड़क पर बहने लगा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि भारी वर्षा के दौरान जल निकासी व्यवस्था किस तरह काम करेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई न होने और जल निकासी बाधित होने के कारण ही यह गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। इस समस्या से राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जमा यह गंदा पानी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ाने के साथ-साथ मच्छरों और संक्रामक बीमारियों के फैलने का कारण भी बन सकता है। नागरिकों का आरोप है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो मानसून के दौरान स्थिति और भी भयावह हो सकती है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में जलभराव, गंदगी और संभावित स्वास्थ्य संकट से लोगों को बचाया जा सके। अब यह देखना बाकी है कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं और लोगों को राहत पहुँचाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।1
- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था की पार्षद रानी सौरभ जैन ने अंचल के सभी पत्रकारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्व शांति का संदेश भी दिया।1
- बिल्हा पुलिस ने अवैध शराब पर अपनी लगातार कार्रवाई जारी रखते हुए 72 पाव देशी शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध शराब बेचने वाले कोचियों में दहशत का माहौल है। शुक्रवार शाम 7:32 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी की पहचान वार्ड क्रमांक 05 संवरापारा बिल्हा निवासी बलराम संवरा, पिता स्व. मालिकराम संवरा, उम्र 26 वर्ष के रूप में हुई है। यह कार्रवाई उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर (आईपीएस) श्री रजनेश सिंह द्वारा जिले के सभी थाना/चौकी प्रभारियों को अवैध शराब बिक्री और परिवहन करने वाले व्यक्तियों पर अंकुश लगाने के दिए गए निर्देशों के परिपालन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाटा सुश्री अनिता प्रभा मिंज के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी ने एक सिविल टीम का गठन किया था। इस टीम ने बिल्हा क्षेत्र के ग्रामीणों से संपर्क कर अवैध शराब बिक्री और परिवहन संबंधी जानकारी एकत्र की और विश्वसनीय मुखबिरों के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इसी क्रम में, दिनांक 04.06.2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी बलराम संवरा ने अपने घर के कमरे में एक पेटी के अंदर भारी मात्रा में अवैध शराब बिक्री के लिए रखी है। सूचना मिलते ही सिविल टीम ने संवरा मोहल्ला पहुंचकर बलराम संवरा की मौजूदगी में उसके मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कमरे के अंदर सिल्वर रंग की टीना पेटी से 24 नग देशी मसाला शराब और 48 नग देशी प्लेन शराब, कुल 72 नग देशी शराब जब्त की गई, जिसकी मात्रा 12.960 लीटर और अनुमानित कीमत 6240 रुपये है। जब्त किए गए माल के साथ आरोपी बलराम संवरा को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, उप निरीक्षक जी.एल. चंद्राकर, प्रधान आरक्षक 786 अनिल बंजारे, आरक्षक 1062 संजय निर्मलकर, 1390 संतोष मरकाम और 1431 अर्जुन जांगड़े का विशेष योगदान रहा। बिल्हा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध गतिविधियों के खिलाफ ऐसी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।1
- 4 जून को तिल्दा-नेवरा में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा द्वारा एक पत्रकार सम्मान समारोह और 'वैश्विक शांति की आवश्यकता : मीडिया की भूमिका' विषय पर विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के पत्रकारों और गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार मधुकर द्विवेदी ने पत्रकारिता को समाज को दिशा देने का एक सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने पत्रकारों की विश्वसनीयता को उनकी सबसे बड़ी पूंजी कहते हुए सकारात्मक और जनहितकारी पत्रकारिता पर बल दिया। द्विवेदी ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में मीडिया की भूमिका सिर्फ समाचार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सकारात्मकता और शांति की ओर प्रेरित करना भी है। वरिष्ठ पत्रकार प्रियंका कौशल ने विश्व शांति की शुरुआत आत्म-परिवर्तन से बताई, वहीं विशाल भाई ने समाज में शांति और सद्भाव के लिए सकारात्मक चिंतन को आधार बताया। तिल्दा प्रेस क्लब के संरक्षक गौरीशंकर सैनी और छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र रथ गौरव ने भी पत्रकारों से अपनी लेखनी के माध्यम से संवाद, समाधान और शांति का संदेश फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा की संचालिका बीके प्रियंका ने किया। समापन अवसर पर सभी अतिथियों और पत्रकारों को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन को पत्रकारिता में सकारात्मकता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने वाला एक प्रेरणादायी प्रयास बताया गया।4