प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, तिल्दा नेवरा में 04 जून 2026 को पत्रकार दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य "पत्रकार सम्मान समारोह एवं परिचर्चा - वैश्विक शांति की आवश्यकता: मीडिया की भूमिका" कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों के महत्वपूर्ण योगदान का सम्मान करना, साथ ही समाज में शांति, नैतिकता और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में तिल्दा नेवरा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद नन्हे बच्चों ने एक आकर्षक स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर सभी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन का वातावरण आध्यात्मिकता, सम्मान और सामाजिक समरसता से परिपूर्ण रहा। मुख्य अतिथि मधुकर द्वेदी ने अपने संबोधन में पत्रकारिता को समाज और विश्व में शांति स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने पत्रकारों को "नारद मुनि" की उपाधि देते हुए कहा कि आदिकाल से ही सूचना और संवाद का समाज में विशेष महत्व रहा है। उन्होंने पत्रकारों से निष्पक्षता, संवेदनशीलता और सत्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का प्रसारण नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का कार्य भी करती है। इस अवसर पर प्रियंका कौशल ने पत्रकारों को समाज का सजग प्रहरी बताया और कहा कि वे अपने कर्तव्य को ईमानदारी तथा वफादारी से निभाकर समाज में जागरूकता व सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें विशेष उपाधि से संबोधित किया। विशाल कौशल ने पत्रकारिता के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका उद्भव वर्ष 1826 में हुआ था और तब से यह लोकतंत्र व समाज का महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर निरंतर विकसित होती रही है, अपनी विश्वसनीयता और प्रभाव को मजबूत करती हुई। तिल्दा प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोती ज्ञान चंदानी, संरक्षक गौरीशंकर शैनी और छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष गजेन्द्र रथ गर्व ने भी पत्रकारों के सम्मान में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने पत्रकारिता को न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के समान "समाचार पालिका" के रूप में चौथे स्तंभ की उपाधि दी, जो समाज को जागरूक और उत्तरदायी बनाती है। तिल्दा नेवरा की पार्षद रानी सौरभ जैन ने भी पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज की आवाज बनकर जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं। समारोह के समापन पर, उपस्थित सभी पत्रकारों को स्मृति चिन्ह के रूप में डायरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। इस पूरे आयोजन ने पत्रकारिता के महत्व, उसकी सामाजिक जिम्मेदारी और वैश्विक शांति के संदेश को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, तिल्दा नेवरा में 04 जून 2026 को पत्रकार दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य "पत्रकार सम्मान समारोह एवं परिचर्चा - वैश्विक शांति की आवश्यकता: मीडिया की भूमिका" कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों के महत्वपूर्ण योगदान का सम्मान करना, साथ ही समाज में शांति, नैतिकता और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में तिल्दा नेवरा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद नन्हे बच्चों ने एक आकर्षक स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर सभी उपस्थित लोगों का मन मोह
लिया। पूरे आयोजन का वातावरण आध्यात्मिकता, सम्मान और सामाजिक समरसता से परिपूर्ण रहा। मुख्य अतिथि मधुकर द्वेदी ने अपने संबोधन में पत्रकारिता को समाज और विश्व में शांति स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने पत्रकारों को "नारद मुनि" की उपाधि देते हुए कहा कि आदिकाल से ही सूचना और संवाद का समाज में विशेष महत्व रहा है। उन्होंने पत्रकारों से निष्पक्षता, संवेदनशीलता और सत्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का प्रसारण नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का कार्य भी करती है। इस अवसर पर प्रियंका कौशल ने पत्रकारों को समाज का सजग प्रहरी बताया
और कहा कि वे अपने कर्तव्य को ईमानदारी तथा वफादारी से निभाकर समाज में जागरूकता व सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें विशेष उपाधि से संबोधित किया। विशाल कौशल ने पत्रकारिता के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका उद्भव वर्ष 1826 में हुआ था और तब से यह लोकतंत्र व समाज का महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर निरंतर विकसित होती रही है, अपनी विश्वसनीयता और प्रभाव को मजबूत करती हुई। तिल्दा प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोती ज्ञान चंदानी, संरक्षक गौरीशंकर शैनी और छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष गजेन्द्र रथ गर्व ने भी पत्रकारों के सम्मान में अपने
विचार व्यक्त किए। उन्होंने पत्रकारिता को न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के समान "समाचार पालिका" के रूप में चौथे स्तंभ की उपाधि दी, जो समाज को जागरूक और उत्तरदायी बनाती है। तिल्दा नेवरा की पार्षद रानी सौरभ जैन ने भी पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज की आवाज बनकर जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं। समारोह के समापन पर, उपस्थित सभी पत्रकारों को स्मृति चिन्ह के रूप में डायरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। इस पूरे आयोजन ने पत्रकारिता के महत्व, उसकी सामाजिक जिम्मेदारी और वैश्विक शांति के संदेश को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
- बिलासपुर जिले के बिल्हा में पुलिस ने संवरा पारा में छापेमारी कर बिक्री के लिए रखी गई अवैध देशी प्लेन और मसाला शराब के 72 पावों के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के तहत आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। गुरुवार की रात 10:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, बिल्हा पुलिस ने गुरुवार रात 8:22 बजे इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज की थी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलराम संवरा, पिता स्व. मालिकराम संवरा (उम्र 26 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 05, संवरापारा बिल्हा, थाना बिल्हा, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, दिनांक 04.06.2026 को थाने में एक मुखबिर ने सूचना दी थी कि बलराम संवरा अपने घर के कमरे में पेटी के अंदर भारी मात्रा में अवैध शराब बिक्री के लिए रखे हुए है। इस सूचना पर बिल्हा पुलिस की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संवरा पारा स्थित बलराम संवरा के घर दबिश दी। तलाशी के दौरान, बलराम संवरा के घर के कमरे के एक कोने में रखे सिल्वर रंग के टीन के पेटी के अंदर 24 नग 180 ML देशी मंदिरा मसाला (कुल मात्रा 4.320 लीटर, कीमत ₹2400) और 48 नग 180 ML देशी मदिरा प्लेन शराब (कुल मात्रा 8.640 लीटर, कीमत ₹3840) बरामद हुई। कुल मिलाकर, 72 नग 180 ML की बोतलों में भरी 12.960 लीटर शराब जब्त की गई, जिसकी कुल कीमत ₹6240 है। यह पूरी कार्रवाई गवाहों के समक्ष की गई। आरोपी बलराम संवरा के कृत्य को आबकारी एक्ट की धारा 34(2) का अपराध पाए जाने पर उसे हिरासत में लेकर थाने लाया गया। इसके बाद, अपराध पंजीबद्ध कर आगे की विवेचना कार्रवाई शुरू की गई है।1
- बिलासपुर के कोटा थाना क्षेत्र में, सीवी रमन यूनिवर्सिटी के पास, जिम संचालक निखिल गोस्वामी की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले उनकी आँखों में मिर्ची डाली और फिर पत्थर से उनका सिर कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक जाँच में इस निर्मम हत्या की मुख्य वजह अवैध संबंध का शक बताई जा रही है। मृतक निखिल कोनी के निवासी थे और वे जिम संचालन के अलावा बाउंसर सप्लाई का काम भी करते थे। पुलिस इस मामले में शामिल सभी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1
- बिल्हा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसके अंतर्गत 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है।1
- दुर्ग पुलिस ने अवैध कोयला भंडारण और फर्जी बिलिंग के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए 15 टन से अधिक कोयला जब्त किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। संपत्ति संबंधी अपराधों और अवैध कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत, खुर्सीपार गेट पर विजय केसरवानी द्वारा भारी मात्रा में कोयले के अवैध भंडारण और बिक्री की सूचना मिली थी, जिस पर थाना खुर्सीपार पुलिस और एसीसीयू दुर्ग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। मौके पर दबिश के दौरान, मुख्य आरोपी विजय कुमार केसरवानी के कब्जे से लगभग 15.530 टन कोयला, जिसका मूल्य 3 लाख रुपये से अधिक बताया गया है, और व्यापार में प्रयुक्त कांटा-तराजू सहित अन्य अभिलेख बरामद किए गए। विजय ने खुद को वैध व्यापारी प्रदर्शित करने के लिए फर्जी जीएसटी बिल जैसे कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सूझबूझ, तकनीकी विश्लेषण और वैज्ञानिक जांच पद्धति का उपयोग करते हुए इन दस्तावेजों का गहन सत्यापन कराया। जांच के दौरान, प्रस्तुत सभी जीएसटी दस्तावेज, परिवहन अभिलेख और अन्य रिकॉर्ड फर्जी पाए गए, जिससे पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। विवेचना में यह तथ्य भी सामने आया कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और उपलब्ध कराने में राजकुमार मिश्रा और उसके सहयोगी सुनील शर्मा की सक्रिय भूमिका थी। वित्तीय लेनदेन, डिजिटल भुगतान माध्यमों और मोबाइल संचार के विश्लेषण से उनकी संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने इन दोनों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस प्रकरण में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें विजय कुमार केसरवानी, राजकुमार मिश्रा और सुनील शर्मा शामिल हैं। प्रकरण में बरामद कोक-कोयले के वास्तविक स्रोत, स्वामित्व और संभावित चोरी या अन्य आपराधिक गतिविधियों से संबंध की जांच अभी जारी है। दुर्ग पुलिस इस आर्थिक अपराध और संपत्ति संबंधी मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी विस्तृत पड़ताल कर रही है।4
- डोंडेरा के निवासियों ने अपने घरों के पीछे के नाले की लगातार गंदगी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि नाला पूरी तरह साफ नहीं रहता और गंदा पड़ा रहता है, जिसके चलते डोंडेरा का सारा कचरा उनके नाले में आ जाता है। इस गंदगी के कारण बड़े पैमाने पर मच्छरों का प्रकोप पनप रहा है, जिससे उन्हें अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा है। नागरिकों ने नगर निगम रिसाली डोंडेरा नगर पंचायत से इस समस्या का तत्काल समाधान करने और नाले की पूरी तरह सफाई कराने की मांग की है।1
- एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जहाँ सिक्योरिटी गार्ड की मौजूदगी में ही चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। इस मामले से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी अब सामने आया है, जिससे यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि क्या चोरी को अंजाम देने वाला खुद चौकीदार ही था।1
- स्थानीय निवासियों को नल में पानी न आने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि यह समस्या घर के कनेक्शन में खराबी के कारण उत्पन्न हुई है। इस संबंध में नगर निगम, निसली, डौंकेरा और जिला पंचायत को अवगत कराया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में एक भयावह घटना सामने आई है, जहाँ आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित चौपाटी में एक झूले से गिरने के बाद एक 15 वर्षीय बच्चे की दुखद मौत हो गई। इस हादसे का लाइव वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।1
- बिलासपुर में एक खोवा व्यापारी को सूनी सड़क पर लूट का शिकार बनाया गया। इस घटना में आरोपियों ने व्यापारी से नगद रकम और उसकी सोने की चेन छीन ली, जिसके बाद वे मौके से फरार हो गए। इस वारदात ने बिलासपुर में लुटेरों के सक्रिय होने की ओर इशारा किया है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है।1