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सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत सत्तौर पंचायत के नारायणपुर गांव में करोड़ों रुपये की लागत से कराया गया कटाव निरोधक कार्य अब सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि कोसी नदी में तेज बाढ़ न होने के बावजूद, यह संरचना मामूली लहरों के बीच ही टूटकर नदी में समा गई। उनका स्पष्ट कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और मानकों की घोर अनदेखी की गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि निर्माण कार्य सही तरीके और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से किया गया होता, तो यह इतनी आसानी से ध्वस्त नहीं होती। वे कहते हैं कि करोड़ों रुपये की सरकारी योजना कुछ ही समय में कोसी नदी की धारा में बह गई, जिससे सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ क्षेत्र की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों व संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई करता है या नहीं।

16 hrs ago
user_Mukesh kr mandal
Mukesh kr mandal
Voice of people Nauhatta, Saharsa•
16 hrs ago

सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत सत्तौर पंचायत के नारायणपुर गांव में करोड़ों रुपये की लागत से कराया गया कटाव निरोधक कार्य अब सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि कोसी नदी में तेज बाढ़ न होने के बावजूद, यह संरचना मामूली लहरों के बीच ही टूटकर नदी में समा गई। उनका स्पष्ट कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और मानकों की घोर अनदेखी की गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि निर्माण कार्य सही तरीके और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से किया गया होता, तो यह इतनी आसानी से ध्वस्त नहीं होती। वे कहते हैं कि करोड़ों रुपये की सरकारी योजना कुछ ही समय में कोसी नदी की धारा में बह गई, जिससे सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ क्षेत्र की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों व संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई करता है या नहीं।

More news from बिहार and nearby areas
  • दरभंगा के तरडीह में एक सामाजिक कार्यकर्ता ने खुद पर लगे आरोपों का तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जवाब देने की बात कही है। उन्होंने पत्रकार मनीष चौधरी पर बिना उनका पक्ष जाने और निष्पक्ष ग्राउंड रिपोर्टिंग किए बिना उनके खिलाफ खबर प्रकाशित करने का आरोप लगाया, साथ ही सवाल उठाया कि क्या पत्रकारिता का धर्म केवल एक पक्ष की बात सुनकर फैसला सुना देना है। कार्यकर्ता ने दोहराया कि वह अपने लगाए गए हर आरोप को सबूतों के साथ साबित करेंगे। उनका कहना है कि यदि उनके आरोप गलत हैं, तो कानून अपना काम करे, लेकिन यदि भ्रष्टाचार हुआ है, तो दोषियों पर भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने तारडीह प्रखंड और महथौर पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार को उजागर करना अपना सामाजिक दायित्व बताया और स्पष्ट किया कि वह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। कार्यकर्ता ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब वह न्यायालय और संबंधित सक्षम प्राधिकरण के समक्ष देंगे। इसके साथ ही, बिना उनका पक्ष लिए उनके बारे में तथ्यात्मक निष्कर्ष प्रकाशित करने वालों के विरुद्ध भी वह उपलब्ध कानूनी उपायों पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता और यदि वह गलत हैं तो कानून उन्हें सजा दे, लेकिन यदि भ्रष्टाचार हुआ है तो दोषियों को भी कानून के कटघरे में आना होगा।
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    दरभंगा के तरडीह में एक सामाजिक कार्यकर्ता ने खुद पर लगे आरोपों का तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जवाब देने की बात कही है। उन्होंने पत्रकार मनीष चौधरी पर बिना उनका पक्ष जाने और निष्पक्ष ग्राउंड रिपोर्टिंग किए बिना उनके खिलाफ खबर प्रकाशित करने का आरोप लगाया, साथ ही सवाल उठाया कि क्या पत्रकारिता का धर्म केवल एक पक्ष की बात सुनकर फैसला सुना देना है।

कार्यकर्ता ने दोहराया कि वह अपने लगाए गए हर आरोप को सबूतों के साथ साबित करेंगे। उनका कहना है कि यदि उनके आरोप गलत हैं, तो कानून अपना काम करे, लेकिन यदि भ्रष्टाचार हुआ है, तो दोषियों पर भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने तारडीह प्रखंड और महथौर पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार को उजागर करना अपना सामाजिक दायित्व बताया और स्पष्ट किया कि वह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

कार्यकर्ता ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब वह न्यायालय और संबंधित सक्षम प्राधिकरण के समक्ष देंगे। इसके साथ ही, बिना उनका पक्ष लिए उनके बारे में तथ्यात्मक निष्कर्ष प्रकाशित करने वालों के विरुद्ध भी वह उपलब्ध कानूनी उपायों पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता और यदि वह गलत हैं तो कानून उन्हें सजा दे, लेकिन यदि भ्रष्टाचार हुआ है तो दोषियों को भी कानून के कटघरे में आना होगा।
    user_Kishore Mahendra Paswan
    Kishore Mahendra Paswan
    Social Media Manager तरडीह, दरभंगा, बिहार•
    23 hrs ago
  • घाटमपुर से लौटते समय ट्रक चालक मनीष ने एक वर्दीधारी दरोगा को लिफ्ट दी। आरोप है कि रास्ते में दरोगा ने ट्रक की केबिन से ₹20,000 निकाल कर अपनी वर्दी में छिपा लिए। इस घटना को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रक चालक का यह कदम सही था या गलत, और ऐसी स्थिति में लोगों की क्या प्रतिक्रिया होती।
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    घाटमपुर से लौटते समय ट्रक चालक मनीष ने एक वर्दीधारी दरोगा को लिफ्ट दी। आरोप है कि रास्ते में दरोगा ने ट्रक की केबिन से ₹20,000 निकाल कर अपनी वर्दी में छिपा लिए। इस घटना को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रक चालक का यह कदम सही था या गलत, और ऐसी स्थिति में लोगों की क्या प्रतिक्रिया होती।
    user_बिनोद झा (संपादक)
    बिनोद झा (संपादक)
    Voice of people झंझारपुर, मधुबनी, बिहार•
    10 hrs ago
  • सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत महेशपुर मार्केट में खाद की कालाबाजारी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकानदार यूरिया ₹700 में और डीएपी ₹2000 से लेकर ₹2200 तक की कीमतों पर बेच रहे हैं, जो अत्यधिक ऊँची दरें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे इन बढ़ी हुई कीमतों पर सवाल उठाते हैं या कुछ ज्यादा कहते हैं, तो दुकानदार सीधा जवाब देते हैं कि उनके पास खाद ही नहीं है। इस स्थिति के कारण ग्रामीण किसान खाद के लिए काफी परेशान हैं, और महेशपुर बाजार में खाद की इस कालाबाजारी को लेकर ग्रामीणों में व्यापक गुस्सा और नाराजगी देखी जा रही है।
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    सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत महेशपुर मार्केट में खाद की कालाबाजारी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकानदार यूरिया ₹700 में और डीएपी ₹2000 से लेकर ₹2200 तक की कीमतों पर बेच रहे हैं, जो अत्यधिक ऊँची दरें हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जब वे इन बढ़ी हुई कीमतों पर सवाल उठाते हैं या कुछ ज्यादा कहते हैं, तो दुकानदार सीधा जवाब देते हैं कि उनके पास खाद ही नहीं है। इस स्थिति के कारण ग्रामीण किसान खाद के लिए काफी परेशान हैं, और महेशपुर बाजार में खाद की इस कालाबाजारी को लेकर ग्रामीणों में व्यापक गुस्सा और नाराजगी देखी जा रही है।
    user_Deepak kumar Deepak kumar
    Deepak kumar Deepak kumar
    पिपरा, सुपौल, बिहार•
    13 hrs ago
  • बिहार राज्य किसान सभा के बैनर तले समस्तीपुर जिले के सिंधिया प्रखंड कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान किसान सलाहकारों पर कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए गए।
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    बिहार राज्य किसान सभा के बैनर तले समस्तीपुर जिले के सिंधिया प्रखंड कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान किसान सलाहकारों पर कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए गए।
    user_JantaStarNews
    JantaStarNews
    Graphic designer सिंघिया, समस्तीपुर, बिहार•
    14 hrs ago
  • झंझारपुर अनुमंडल के अंधराठाढ़ी प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय कसमा गौड़ में बुधवार को मध्याह्न भोजन बनाते समय गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई, जिससे विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। घटना के समय स्कूल में 48 बच्चे मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के अनुसार, जब रसोइया दोपहर का भोजन तैयार कर रही थी, तभी अचानक गैस भट्टी के नॉब में आग लग गई। उस कमरे में चार बच्चे भी बैठे थे, जो रसोइया और शिक्षकों के साथ जान बचाकर बाहर भागे। ग्रामीणों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर भीगे जूट (सुतरी) के बोरे से सिलेंडर को ढंककर आग पर काबू पाया। डायल 112 पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने आग पूरी तरह बुझा दी थी। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इस घटना ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय लापरवाही को उजागर किया है। नियमों के विरुद्ध कमर्शियल की जगह घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग हो रहा था, और स्कूल में रखा आग बुझाने वाला संयंत्र (फायर एक्स्टिंग्विशर) भी एक्सपायर होने के कारण काम नहीं आया। प्रभारी प्रधानाध्यापक पूनम देवी ने बताया कि गैस एजेंसी द्वारा कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध न कराने के कारण घरेलू सिलेंडर का उपयोग करना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि गैस एजेंसी कभी भी गैस, भट्टी या रेगुलेटर की तकनीकी जांच नहीं करती। प्रधानाध्यापक ने यह भी बताया कि विद्यालय में केवल दो कमरे हैं, जहाँ कक्षा 1 से 5 तक के कुल 54 नामांकित बच्चों की पढ़ाई और भोजन निर्माण साथ-साथ होता है। विद्यालय परिसर में रसोई घर का निर्माण कार्य पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा है, क्योंकि संवेदक काम अधूरा छोड़कर चला गया। इस वजह से मजबूरन कक्षाओं के पास असुरक्षित ढंग से भोजन बनाना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अधूरे रसोई घर का निर्माण जल्द पूरा कराने और दोषी संवेदक पर कार्रवाई करने की मांग की है।
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    झंझारपुर अनुमंडल के अंधराठाढ़ी प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय कसमा गौड़ में बुधवार को मध्याह्न भोजन बनाते समय गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई, जिससे विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। घटना के समय स्कूल में 48 बच्चे मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।

ग्रामीणों के अनुसार, जब रसोइया दोपहर का भोजन तैयार कर रही थी, तभी अचानक गैस भट्टी के नॉब में आग लग गई। उस कमरे में चार बच्चे भी बैठे थे, जो रसोइया और शिक्षकों के साथ जान बचाकर बाहर भागे। ग्रामीणों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर भीगे जूट (सुतरी) के बोरे से सिलेंडर को ढंककर आग पर काबू पाया। डायल 112 पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने आग पूरी तरह बुझा दी थी। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

इस घटना ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय लापरवाही को उजागर किया है। नियमों के विरुद्ध कमर्शियल की जगह घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग हो रहा था, और स्कूल में रखा आग बुझाने वाला संयंत्र (फायर एक्स्टिंग्विशर) भी एक्सपायर होने के कारण काम नहीं आया। प्रभारी प्रधानाध्यापक पूनम देवी ने बताया कि गैस एजेंसी द्वारा कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध न कराने के कारण घरेलू सिलेंडर का उपयोग करना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि गैस एजेंसी कभी भी गैस, भट्टी या रेगुलेटर की तकनीकी जांच नहीं करती।

प्रधानाध्यापक ने यह भी बताया कि विद्यालय में केवल दो कमरे हैं, जहाँ कक्षा 1 से 5 तक के कुल 54 नामांकित बच्चों की पढ़ाई और भोजन निर्माण साथ-साथ होता है। विद्यालय परिसर में रसोई घर का निर्माण कार्य पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा है, क्योंकि संवेदक काम अधूरा छोड़कर चला गया। इस वजह से मजबूरन कक्षाओं के पास असुरक्षित ढंग से भोजन बनाना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अधूरे रसोई घर का निर्माण जल्द पूरा कराने और दोषी संवेदक पर कार्रवाई करने की मांग की है।
    user_Dharmendra Jha
    Dharmendra Jha
    Local News Reporter झंझारपुर, मधुबनी, बिहार•
    15 hrs ago
  • बिहार के समस्तीपुर में देर रात एक चर्चित शराब कारोबारी प्रभात चौधरी और उसके एक साथी की ताबड़तोड़ गोलीबारी कर हत्या कर दी गई। मृतकों के शरीर गोलियों से छलनी पाए गए। इस दोहरी हत्या के पीछे शराब कारोबार में वर्चस्व को लेकर विवाद और पैसों का लेनदेन मुख्य कारण होने की आशंका जताई जा रही है।
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    बिहार के समस्तीपुर में देर रात एक चर्चित शराब कारोबारी प्रभात चौधरी और उसके एक साथी की ताबड़तोड़ गोलीबारी कर हत्या कर दी गई। मृतकों के शरीर गोलियों से छलनी पाए गए। इस दोहरी हत्या के पीछे शराब कारोबार में वर्चस्व को लेकर विवाद और पैसों का लेनदेन मुख्य कारण होने की आशंका जताई जा रही है।
    user_NK (पत्रकार)
    NK (पत्रकार)
    हसनपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    23 hrs ago
  • बेगूसराय में बच्चों के बीच सुलेशन का नशा ‘आग की तरह’ तेजी से फैल रहा है। इस नशे की लत बच्चों में लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे क्षेत्र में चिंता का माहौल है।
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    बेगूसराय में बच्चों के बीच सुलेशन का नशा ‘आग की तरह’ तेजी से फैल रहा है। इस नशे की लत बच्चों में लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे क्षेत्र में चिंता का माहौल है।
    user_News Bihar
    News Bihar
    बखरी, बेगूसराय, बिहार•
    3 hrs ago
  • बिहार के मधेपुरा जिले के चौसा थाना क्षेत्र के फुलौत गांव में महज 18 साल की एक विवाहिता शिल्पी कुमारी अपने घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई है, जिसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के पति गुरुचरण कुमार का दावा है कि उसने आत्महत्या की है, जबकि मायके वालों ने आरोप लगाया है कि शिल्पी की हत्या की गई और फिर शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है। शिल्पी और गुरुचरण की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। मृतका के मायके पक्ष ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए आरोप लगाया है कि गुरुचरण कुमार का किसी दूसरी युवती से कथित संबंध था, जिसका शिल्पी लगातार विरोध करती थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। परिजनों के अनुसार, मंगलवार रात इसी विवाद के दौरान शिल्पी की हत्या कर दी गई और फिर सबूत मिटाने के लिए शव को दुपट्टे के सहारे फंदे से लटका दिया गया, ताकि इसे आत्महत्या साबित किया जा सके। दूसरी ओर, पति गुरुचरण कुमार का कहना है कि शिल्पी ने दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या की। उसने खुद चौसा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी थी। सूचना मिलने पर जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो पति ने फंदे से लटके होने की तस्वीर दिखाई, लेकिन पुलिस के घर पहुंचने पर शव फंदे से उतारकर बेड पर रखा हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया। चौसा थाना के एसआई विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक मृतका के परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है; आवेदन मिलने के बाद एफआईआर दर्ज कर सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मामला आत्महत्या का है या हत्या का। फिलहाल इस घटना से जुड़े कई सवाल अनुत्तरित हैं, जिनके जवाब पुलिस जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों से सामने आने की उम्मीद है।
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    बिहार के मधेपुरा जिले के चौसा थाना क्षेत्र के फुलौत गांव में महज 18 साल की एक विवाहिता शिल्पी कुमारी अपने घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई है, जिसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के पति गुरुचरण कुमार का दावा है कि उसने आत्महत्या की है, जबकि मायके वालों ने आरोप लगाया है कि शिल्पी की हत्या की गई और फिर शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है। शिल्पी और गुरुचरण की शादी करीब दो साल पहले हुई थी।

मृतका के मायके पक्ष ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए आरोप लगाया है कि गुरुचरण कुमार का किसी दूसरी युवती से कथित संबंध था, जिसका शिल्पी लगातार विरोध करती थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। परिजनों के अनुसार, मंगलवार रात इसी विवाद के दौरान शिल्पी की हत्या कर दी गई और फिर सबूत मिटाने के लिए शव को दुपट्टे के सहारे फंदे से लटका दिया गया, ताकि इसे आत्महत्या साबित किया जा सके।

दूसरी ओर, पति गुरुचरण कुमार का कहना है कि शिल्पी ने दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या की। उसने खुद चौसा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी थी। सूचना मिलने पर जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो पति ने फंदे से लटके होने की तस्वीर दिखाई, लेकिन पुलिस के घर पहुंचने पर शव फंदे से उतारकर बेड पर रखा हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया। चौसा थाना के एसआई विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक मृतका के परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है; आवेदन मिलने के बाद एफआईआर दर्ज कर सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मामला आत्महत्या का है या हत्या का। फिलहाल इस घटना से जुड़े कई सवाल अनुत्तरित हैं, जिनके जवाब पुलिस जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों से सामने आने की उम्मीद है।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    14 hrs ago
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