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सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत महेशपुर मार्केट में खाद की कालाबाजारी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकानदार यूरिया ₹700 में और डीएपी ₹2000 से लेकर ₹2200 तक की कीमतों पर बेच रहे हैं, जो अत्यधिक ऊँची दरें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे इन बढ़ी हुई कीमतों पर सवाल उठाते हैं या कुछ ज्यादा कहते हैं, तो दुकानदार सीधा जवाब देते हैं कि उनके पास खाद ही नहीं है। इस स्थिति के कारण ग्रामीण किसान खाद के लिए काफी परेशान हैं, और महेशपुर बाजार में खाद की इस कालाबाजारी को लेकर ग्रामीणों में व्यापक गुस्सा और नाराजगी देखी जा रही है।
Deepak kumar Deepak kumar
सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत महेशपुर मार्केट में खाद की कालाबाजारी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकानदार यूरिया ₹700 में और डीएपी ₹2000 से लेकर ₹2200 तक की कीमतों पर बेच रहे हैं, जो अत्यधिक ऊँची दरें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे इन बढ़ी हुई कीमतों पर सवाल उठाते हैं या कुछ ज्यादा कहते हैं, तो दुकानदार सीधा जवाब देते हैं कि उनके पास खाद ही नहीं है। इस स्थिति के कारण ग्रामीण किसान खाद के लिए काफी परेशान हैं, और महेशपुर बाजार में खाद की इस कालाबाजारी को लेकर ग्रामीणों में व्यापक गुस्सा और नाराजगी देखी जा रही है।
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- दिव्यांशु मोबाइल रिटेल एवं होलसेल नामक दुकान का भव्य उद्घाटन किया गया है।1
- झंझारपुर के डीएसपी सुबोध कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अंधराठाढ़ी, रुद्रपुर, भैरवस्थान और आरएस ओपी सहित कुल नौ थानों के थानाध्यक्ष तथा सर्किल इंस्पेक्टर मौजूद रहे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी दिनों में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना, किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और सभी पुलिस अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। यह कदम मधुबनी जिले में आगामी श्रावणी मेला, पंचायत चुनाव, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े आयोजनों को देखते हुए उठाया गया है, जिसके कारण पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।1
- आज महथौर पंचायत के मुखिया के पुत्र श्री राम जतन दास ने यह जानकारी दी है कि उनके साथ मारपीट हुई है। उन्होंने बताया कि इस घटना के संबंध में उनकी शिकायत पुलिस थाना द्वारा दर्ज नहीं की जा रही है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राम जतन दास ने अपनी यह बात जनता तक पहुँचाने का अनुरोध किया है। इस मामले में उनका पूरा पक्ष एक वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। जनता से अपील की गई है कि वे इस वीडियो को देखें, अपनी राय दें और अधिक से अधिक साझा करें ताकि उनकी आवाज़ लोगों तक पहुँच सके और न्याय की गुहार लगाई जा सके। यह स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तुत वीडियो श्री राम जतन दास द्वारा किए गए दावों और उनके व्यक्तिगत पक्ष को दर्शाता है। इस मामले की सत्यता और कानूनी जांच का दायित्व संबंधित एजेंसियों के अधीन है।1
- पूर्णिया जिले के बनमनखी विधानसभा क्षेत्र के बी कोठी प्रखंड अंतर्गत रसदामपुर पंचायत में मुकुरजान चौक से सुखासन कोठी तक जाने वाले रोड की स्थिति का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही, बनमनखी विधानसभा क्षेत्र के इसी बी कोठी प्रखंड में स्थित रसदामपुर पंचायत के मुकुरजान गांव की वर्तमान स्थिति के बारे में भी जानकारी मांगी गई है।1
- घाटमपुर से लौटते समय ट्रक चालक मनीष ने एक वर्दीधारी दरोगा को लिफ्ट दी। आरोप है कि रास्ते में दरोगा ने ट्रक की केबिन से ₹20,000 निकाल कर अपनी वर्दी में छिपा लिए। इस घटना को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रक चालक का यह कदम सही था या गलत, और ऐसी स्थिति में लोगों की क्या प्रतिक्रिया होती।1
- झंझारपुर अनुमंडल के अंधराठाढ़ी प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय कसमा गौड़ में बुधवार को मध्याह्न भोजन बनाते समय गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई, जिससे विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। घटना के समय स्कूल में 48 बच्चे मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के अनुसार, जब रसोइया दोपहर का भोजन तैयार कर रही थी, तभी अचानक गैस भट्टी के नॉब में आग लग गई। उस कमरे में चार बच्चे भी बैठे थे, जो रसोइया और शिक्षकों के साथ जान बचाकर बाहर भागे। ग्रामीणों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर भीगे जूट (सुतरी) के बोरे से सिलेंडर को ढंककर आग पर काबू पाया। डायल 112 पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने आग पूरी तरह बुझा दी थी। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इस घटना ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय लापरवाही को उजागर किया है। नियमों के विरुद्ध कमर्शियल की जगह घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग हो रहा था, और स्कूल में रखा आग बुझाने वाला संयंत्र (फायर एक्स्टिंग्विशर) भी एक्सपायर होने के कारण काम नहीं आया। प्रभारी प्रधानाध्यापक पूनम देवी ने बताया कि गैस एजेंसी द्वारा कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध न कराने के कारण घरेलू सिलेंडर का उपयोग करना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि गैस एजेंसी कभी भी गैस, भट्टी या रेगुलेटर की तकनीकी जांच नहीं करती। प्रधानाध्यापक ने यह भी बताया कि विद्यालय में केवल दो कमरे हैं, जहाँ कक्षा 1 से 5 तक के कुल 54 नामांकित बच्चों की पढ़ाई और भोजन निर्माण साथ-साथ होता है। विद्यालय परिसर में रसोई घर का निर्माण कार्य पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा है, क्योंकि संवेदक काम अधूरा छोड़कर चला गया। इस वजह से मजबूरन कक्षाओं के पास असुरक्षित ढंग से भोजन बनाना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अधूरे रसोई घर का निर्माण जल्द पूरा कराने और दोषी संवेदक पर कार्रवाई करने की मांग की है।4
- नगर पंचायत आलमनगर में स्थित एक स्कूल की हालत बेहद दयनीय हो गई है, जहाँ पूरा स्कूल भवन बंजर हो चुका है। इस गंभीर दुर्दशा के कारण, छात्रों की पढ़ाई अभी तक 'मारी के घर' में संचालित की जा रही है। लोगों ने स्थानीय विधायक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या उन्हें इस स्कूल की खराब हालत और इसे बनवाने की आवश्यकता दिखाई नहीं देती है।1
- मधुबनी जिले के झंझारपुर में, कन्हौली के पास स्थित नेशनल हाईवे (एनएच) 27 के अंडरपास से गुजरने वाली सर्विस रोड की हालत बेहद दयनीय हो गई है, जहाँ बड़े-बड़े गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। मानसून की पहली बारिश ने इस महत्वपूर्ण सड़क की स्थिति को और भी खस्ताहाल कर दिया है, जिससे जगह-जगह जलजमाव हो गया है और पूरी सड़क तालाब में बदल गई है। पानी से लबालब भरे गड्ढे दिखाई न देने के कारण, इस मार्ग से गुजरने वाले हर वाहन चालक को दुर्घटना के साए में सफर करना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था का सर्वाधिक खामियाजा दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है, जहाँ पानी और कीचड़ के कारण संतुलन बिगड़ने से आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कन्हौली स्थित इस अंडरपास का उपयोग प्रतिदिन हजारों लोग मुख्य बाजार और राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुँचने के लिए करते हैं, लेकिन वर्तमान में यह रास्ता एक बड़ी मुसीबत बन गया है। स्थानीय लोगों में इस प्रशासनिक उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश है, उनका कहना है कि झंझारपुर क्षेत्र से सरकार में मंत्री का प्रतिनिधित्व होने के बावजूद, एक प्रमुख सर्विस रोड की ऐसी दुर्दशा बेहद चिंताजनक है। वे आरोप लगाते हैं कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के दावे जमीनी हकीकत से परे हैं और लोग अभी भी बुनियादी सड़क तथा जल निकासी की समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों, ग्रामीणों और राहगीरों ने जिला प्रशासन के साथ-साथ संबंधित एनएचएआई विभाग से पुरजोर माँग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना इस सर्विस रोड की मरम्मत अविलंब कराई जाए। इसके अतिरिक्त, अंडरपास के समीप जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।3