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दिव्यांशु मोबाइल रिटेल एवं होलसेल नामक दुकान का भव्य उद्घाटन किया गया है।
पत्रकार हेमंत चौधरी
दिव्यांशु मोबाइल रिटेल एवं होलसेल नामक दुकान का भव्य उद्घाटन किया गया है।
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- दिव्यांशु मोबाइल रिटेल एवं होलसेल नामक दुकान का भव्य उद्घाटन किया गया है।1
- सहरसा जिले में बनमा ईटहरी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक युवक को देसी कट्टा और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है।1
- बिहार एक बार फिर विकास की एक नई दुनिया की ओर तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में, बरौनी रिफाइनरी के लिए एक मालवाहक जलयान भागलपुर होकर गुजरा है। इस तरह की खबरों से जुड़े रहने के लिए, 'स्क राजा' चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह किया गया है।1
- बिहार के दरभंगा जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ एक बिना ड्राइवर के ट्रैक्टर ने एक महिला को रौंद दिया। इस भीषण दुर्घटना में महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।1
- यह संदेश भ्रष्टाचारी और दुर्व्यवहारी लोगों की कड़ी निंदा करता है, जो अपने अच्छे कर्मों और कर्तव्यों से विमुख हो चुके हैं। आरोप है कि ये लोग हर कदम पर घूस मांगते हैं और भ्रष्ट आचरण से पोषित होते हुए गरीबों के अधिकारों को लूट रहे हैं। पोस्ट में इन भ्रष्टाचारियों का धरती से प्रतिकार करने की जोरदार अपील की गई है। इसके विपरीत, यह उन ज्ञानी उपदेशकों की प्रशंसा करता है जो स्वयं आजीवन दुःख सहते हुए भी जन-जन का कष्ट हरते हैं और सकल ब्रह्मांड के शिरोमणि बनते हैं।1
- रायगढ़ की एक नदी में पानी में तैरते हुए 3 हज़ार भरे हुए गैस सिलेंडर पाए गए, जिससे पूरे इलाके में भारी हड़कंप मच गया। इस चौंकाने वाली घटना को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह किसी बड़ी लापरवाही का परिणाम है या इसके पीछे कोई गहरी और बड़ी साजिश है।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत सत्तौर पंचायत के नारायणपुर गांव में करोड़ों रुपये की लागत से कराया गया कटाव निरोधक कार्य अब सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि कोसी नदी में तेज बाढ़ न होने के बावजूद, यह संरचना मामूली लहरों के बीच ही टूटकर नदी में समा गई। उनका स्पष्ट कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और मानकों की घोर अनदेखी की गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि निर्माण कार्य सही तरीके और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से किया गया होता, तो यह इतनी आसानी से ध्वस्त नहीं होती। वे कहते हैं कि करोड़ों रुपये की सरकारी योजना कुछ ही समय में कोसी नदी की धारा में बह गई, जिससे सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ क्षेत्र की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों व संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई करता है या नहीं।1
- बैजनाथपुर चौक पर उत्पन्न समस्या अब एक ऐतिहासिक स्वरूप ले चुकी है, जिसे लोग अपने जीवनकाल में शायद ही भूल पाएंगे। यह कुछ महीनों की नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही परेशानी है, जिसे लेकर हुए कष्ट को भुला पाना लोगों के लिए मुश्किल है। जहाँ एक ओर सरकार फ्लाईओवर निर्माण को लेकर अपनी वाहवाही लूटने का प्रयास कर रही है, वहीं यह फ्लाईओवर स्थानीय लोगों के लिए एक सिरदर्द बनकर उभरा है, जिसने कई गंभीर समस्याओं को जन्म दिया है। फ्लाईओवर के नीचे से गुजरने वाला सड़क मार्ग बारिश के दिनों में पूरी तरह जलमग्न हो जाता है, जिसके कारण न जाने कितने लोग और वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। स्थिति यह है कि जब कोई दुकानदार अपनी दुकान के सामने मिट्टी भरता भी है, तो उसे डरा-धमकाकर हटवा दिया जाता है, जिससे सड़क मार्ग जलमग्न रहता है। मिट्टी हटाने के बावजूद कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन सड़क निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं किया गया है, जो सरकार की घोर नाकामी और स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। बैजनाथपुर चौक के निवासी इस भारी परेशानी से जूझ रहे हैं और जानना चाहते हैं कि उन्हें इस समस्या से कब निजात मिलेगी।1