टीकाकरण से जुड़े विषयों पर बालरोग विशेषज्ञों को मिला समाधान लखनऊ,फरवरी. भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी के प्रेसिडेंशियल एक्शन प्लान 2026 के अंतर्गत बालरोग विशेषज्ञों के लिए टीकाकरण विषय पर वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अमित रस्तोगी की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजित हुयी। जनपद के एक होटल में आयोजित इस कार्यशाला में प्रमुख सूत्रधार एवं राष्ट्रीय वैज्ञानिक संयोजक डॉ जयदीप चौधरी (कोलकाता) ने प्रतिभागियों के टीकाकरण से जुड़े विभिन्न प्रश्नों का संतोषजनक समाधान किया। उन्होंने बताया कि किसी भी स्तनधारी पशु द्वारा काटने या खरोंचने की स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श लेना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आवश्यकता अनुसार रैबीज टीका एवं इम्युनोग्लोब्युलिन लगाया जा सके। आगरा के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आर.एन. शर्मा ने कहा कि फ्लू एवं टाइफाइड के टीके अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, हालांकि ये अभी राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल नहीं हैं। वहीं, डॉ विनय कुमार मित्तल ने बताया कि बीसीजी टीकाकरण के पश्चात बाएं हाथ पर निशान बनना सामान्य प्रक्रिया है तथा यदि किसी बच्चे को यह टीका जन्म के समय नहीं लग पाया हो तो इसे पाँच वर्ष की आयु तक लगाया जा सकता है। लखनऊ के डॉ उत्कर्ष बंसल ने जानकारी दी कि हेपेटाइटिस-ए एवं चिकन पॉक्स के टीके संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के तुरंत बाद लगाने से बीमारी से बचाव संभव है। ये दोनों टीके भी अभी राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं हैं। इसी क्रम में डॉ सलमान खान ने बताया कि किशोरावस्था में प्रत्येक बच्चे को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) का टीका अवश्य लगवाना चाहिए, जो जननांग एवं मुख से संबंधित कई प्रकार के कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है। कार्यक्रम में कुल 47 चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन सचिव डॉ आशीष वर्मा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष डॉ एकांश राठौरिया द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस कार्यशाला की विशेषता यह रही कि बालरोग विशेषज्ञों के समक्ष प्रतिदिन आने वाली टीकाकरण संबंधी व्यावहारिक समस्याओं को उदाहरण सहित प्रस्तुत कर उनके प्रभावी समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई।
टीकाकरण से जुड़े विषयों पर बालरोग विशेषज्ञों को मिला समाधान लखनऊ,फरवरी. भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी के प्रेसिडेंशियल एक्शन प्लान 2026 के अंतर्गत बालरोग विशेषज्ञों के लिए टीकाकरण विषय पर वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अमित रस्तोगी की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजित हुयी। जनपद के एक होटल में आयोजित इस कार्यशाला में प्रमुख सूत्रधार एवं राष्ट्रीय वैज्ञानिक संयोजक डॉ जयदीप चौधरी (कोलकाता) ने प्रतिभागियों के टीकाकरण से जुड़े विभिन्न प्रश्नों का संतोषजनक समाधान किया। उन्होंने बताया कि किसी भी स्तनधारी पशु द्वारा काटने या खरोंचने की स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श लेना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आवश्यकता अनुसार रैबीज टीका एवं इम्युनोग्लोब्युलिन लगाया जा सके। आगरा के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आर.एन. शर्मा ने कहा कि फ्लू एवं टाइफाइड के टीके अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, हालांकि ये अभी राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल नहीं हैं। वहीं, डॉ विनय कुमार मित्तल ने बताया कि बीसीजी टीकाकरण के पश्चात बाएं हाथ पर निशान बनना सामान्य प्रक्रिया है तथा यदि किसी बच्चे को यह टीका जन्म के समय नहीं लग पाया हो तो इसे पाँच वर्ष की आयु तक लगाया जा सकता है। लखनऊ के डॉ उत्कर्ष बंसल ने जानकारी दी कि हेपेटाइटिस-ए एवं चिकन पॉक्स के टीके संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के तुरंत बाद लगाने से बीमारी से बचाव संभव है। ये दोनों टीके भी अभी राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं हैं। इसी क्रम में डॉ सलमान खान ने बताया कि किशोरावस्था में प्रत्येक बच्चे को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) का टीका अवश्य लगवाना चाहिए, जो जननांग एवं मुख से संबंधित कई प्रकार के कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है। कार्यक्रम में कुल 47 चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन सचिव डॉ आशीष वर्मा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष डॉ एकांश राठौरिया द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस कार्यशाला की विशेषता यह रही कि बालरोग विशेषज्ञों के समक्ष प्रतिदिन आने वाली टीकाकरण संबंधी व्यावहारिक समस्याओं को उदाहरण सहित प्रस्तुत कर उनके प्रभावी समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई।
- दलीप नगर मढैयन तहसील चकर नगर इटावा उ प्र मदद मागो तो मुझे बंद मारपीट करते है शादी की हुई पत्नी को नही रहने देते रोते बिलखते परिवार की कोई मदद नही करते है पुलिस पतनी का मेटर बनाने के लिए मेरी ही लूटपाट करवा दी अपराधियो को बचाने लिये यही सिलसिला 40वर्ष से चल रहा है ,सतेन्द्र केवट1
- अजीतमल कोतवाली पुलिस, सर्विलांस और SOG की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। संयुक्त टीम ने कोतवाली क्षेत्र के अमावता गांव में हुई किसान हत्या की घटना का लगभग 72 घंटे में सफल अनावरण कर दिया। चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि खेतों पर रखवाली करने गए किसान अर्जुन सिंह की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी बहन के दोस्त ने ही की थी। अपर पुलिस अधीक्षक औरैया आलोक मिश्रा ने बताया कि अभियुक्त मृतक की बहन से बातचीत करता था। जब इसकी जानकारी अर्जुन सिंह को हुई तो उसने इसका विरोध किया, बहन को डांटा और उसका मोबाइल फोन छीन लिया था। इसी बात से नाराज होकर अभियुक्त ने सुनियोजित तरीके से किसान अर्जुन सिंह की हत्या कर दी। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर अभियुक्त को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता की सराहना की जा रही है।1
- *यूपी – मुंबई में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर फायरिंग करने वाले 7 शूटर गिरफ्तार। मुख्य शूटर दीपक चंद्र है। उसके साथी विष्णु कुशवाहा, जतिन भारद्वाज, विशाल, सोनू, रितिक, सनी भी पकड़े गए। ये सभी आगरा, नोएडा, इटावा के रहने वाले हैं। सिर्फ दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की गई। STF UP और हरियाणा को सफलता मिली। सभी आरोपियों को मुंबई ले जाया गया।*1
- ग्राम गंसरा में भव्य कुश्ती दंगल, सामाजिक एकता का बना प्रतीक..। भरथना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गंसरा में पारंपरिक कुश्ती दंगल का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रभर से आए पहलवानों ने अपने दमखम और शानदार दांव-पेंच से दर्शकों का दिल जीत लिया। गांव के इस खेल महोत्सव में भारी जनसमूह उमड़ा और पूरे आयोजन स्थल पर उत्साह का माहौल बना रहा। दंगल का शुभारंभ वरिष्ठ समाजवादी नेता एवं प्रदेश संरक्षक, भारतीय किसान यूनियन धरतीपुत्र इंजीनियर सुघर सिंह दोहरे द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। बताया गया कि इंजीनियर सुघर सिंह दोहरे लगातार क्षेत्र में सामाजिक, शैक्षिक और जनकल्याणकारी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना, किसानों और आम जनता की समस्याओं को उठाना तथा सामाजिक एकता को मजबूत करना उनके कार्यों की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। कार्यक्रम में पूर्व न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं राष्ट्रीय संरक्षक, भारतीय किसान यूनियन धरतीपुत्र डॉ. रामयस सिंह यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव यादव, जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा उर्मेंद्र पुष्कर, ब्लॉक अध्यक्ष चकरनगर आदित्य त्यागी, प्रसिद्ध जय पहलवान तथा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण अंचल में ऐसे आयोजनों से प्रतिभाओं को मंच मिलता है और युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। अंत में विजेता एवं उपविजेता पहलवानों को सम्मानित किया गया और खेल भावना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।1
- जसवंतनगर:हरदोई जिले में 65 साल पहले डकैतों द्वारा अगवा की गई एक महिला आखिरकार अपने मायके लौट आईं। आज उनकी उम्र करीब 80 वर्ष है, लेकिन जब उन्होंने अपने गांव की मिट्टी को पहचाना तो वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो उठा। बताया जाता है कि 1961-62 में डकैती के दौरान 15 वर्ष की उम्र में ‘रामश्री’ को डकैत उठा ले गए थे। बाद में उन्हें छुड़ाया गया और उन्होंने नई जिंदगी बसा ली, लेकिन मायके की याद कभी नहीं भूलीं। उनकी बेटी सीमा की कोशिशों से आखिरकार 65 साल बाद मां अपने रिश्तेदारों से मिल सकीं। आंसुओं और भावनाओं से भरा यह मिलन लोगों को हैरान भी कर रहा है और भावुक भी.1
- जनपद जालौन में पढ़ाई में होनहार छात्र ने क्यों चुना मौत का रास्ता1
- भिण्ड एक्सीडेंट में मृतक की लाश को साडक पर रखकर किया चक्का जाम सांसद जी को कई बार फोन लगाया मगर सांसद सांध्यराय नहीं आई जनता में काफी आक्रोश रहा1
- विश्वामित्र के आगमन से भावविभोर हुए दशरथ अजीतमल। क्षेत्र के जैनपुर स्थित शिव धाम ऋषि आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिवस में अयोध्या कांड का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास आचार्य पंडित राज नारायण शास्त्री राजा रामायनी ने संत विश्वामित्र के अयोध्या आगमन और महाराज दशरथ से भेंट का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के अनुसार जब महर्षि विश्वामित्र भगवान श्रीराम के दर्शनों की अभिलाषा लेकर अयोध्या पहुंचे तो महाराज दशरथ ने स्वयं उनका स्वागत किया। संत ने राम और लक्ष्मण के दर्शन कर उन्हें आशीर्वाद दिया। इस प्रसंग का वर्णन करते हुए व्यास जी ने बताया कि यह क्षण केवल गुरु-शिष्य मिलन नहीं, बल्कि धर्म स्थापना की भूमिका था। आगे कथा में बताया गया कि संत विश्वामित्र ने राजा दशरथ से दोनों राजकुमारों को शिक्षा एवं दीक्षा के लिए अपने साथ गुरुकुल भेजने का आग्रह किया। प्रारंभ में दशरथ मोहवश चिंतित हुए, किंतु गुरु वशिष्ठ के समझाने पर उन्होंने धर्म को सर्वोपरि मानते हुए सहमति दे दी। इसके बाद राम और लक्ष्मण संत के साथ दुर्गम वन यात्रा पर निकल पड़े, जहां उन्होंने अनेक बाधाओं का सामना करते हुए दिव्य अस्त्र-शस्त्र और शास्त्रों की शिक्षा प्राप्त की। कथा श्रवण के दौरान पंडाल में बैठे श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। अंत में प्रसाद वितरण किया गया। आयोजक बाबा प्रेम गिरी प्रेम महाराज ने बताया कि कथा आगामी दस दिनों तक जारी रहेगी और क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आह्वान किया।2