शिव धाम ऋषि आश्रम में अयोध्या कांड का मार्मिक प्रसंग, श्रद्धालु भक्ति में सराबोर विश्वामित्र के आगमन से भावविभोर हुए दशरथ अजीतमल। क्षेत्र के जैनपुर स्थित शिव धाम ऋषि आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिवस में अयोध्या कांड का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास आचार्य पंडित राज नारायण शास्त्री राजा रामायनी ने संत विश्वामित्र के अयोध्या आगमन और महाराज दशरथ से भेंट का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के अनुसार जब महर्षि विश्वामित्र भगवान श्रीराम के दर्शनों की अभिलाषा लेकर अयोध्या पहुंचे तो महाराज दशरथ ने स्वयं उनका स्वागत किया। संत ने राम और लक्ष्मण के दर्शन कर उन्हें आशीर्वाद दिया। इस प्रसंग का वर्णन करते हुए व्यास जी ने बताया कि यह क्षण केवल गुरु-शिष्य मिलन नहीं, बल्कि धर्म स्थापना की भूमिका था। आगे कथा में बताया गया कि संत विश्वामित्र ने राजा दशरथ से दोनों राजकुमारों को शिक्षा एवं दीक्षा के लिए अपने साथ गुरुकुल भेजने का आग्रह किया। प्रारंभ में दशरथ मोहवश चिंतित हुए, किंतु गुरु वशिष्ठ के समझाने पर उन्होंने धर्म को सर्वोपरि मानते हुए सहमति दे दी। इसके बाद राम और लक्ष्मण संत के साथ दुर्गम वन यात्रा पर निकल पड़े, जहां उन्होंने अनेक बाधाओं का सामना करते हुए दिव्य अस्त्र-शस्त्र और शास्त्रों की शिक्षा प्राप्त की। कथा श्रवण के दौरान पंडाल में बैठे श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। अंत में प्रसाद वितरण किया गया। आयोजक बाबा प्रेम गिरी प्रेम महाराज ने बताया कि कथा आगामी दस दिनों तक जारी रहेगी और क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आह्वान किया।
शिव धाम ऋषि आश्रम में अयोध्या कांड का मार्मिक प्रसंग, श्रद्धालु भक्ति में सराबोर विश्वामित्र के आगमन से भावविभोर हुए दशरथ अजीतमल। क्षेत्र के जैनपुर स्थित शिव धाम ऋषि आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिवस में अयोध्या कांड का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास आचार्य पंडित राज नारायण शास्त्री राजा रामायनी ने संत विश्वामित्र के अयोध्या आगमन और महाराज दशरथ से भेंट का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के अनुसार जब महर्षि विश्वामित्र भगवान श्रीराम के दर्शनों की अभिलाषा लेकर अयोध्या पहुंचे तो महाराज दशरथ ने स्वयं उनका स्वागत किया। संत ने राम और लक्ष्मण के दर्शन कर उन्हें आशीर्वाद दिया। इस प्रसंग का वर्णन करते हुए व्यास जी ने बताया कि यह क्षण केवल गुरु-शिष्य मिलन नहीं, बल्कि धर्म स्थापना की भूमिका
था। आगे कथा में बताया गया कि संत विश्वामित्र ने राजा दशरथ से दोनों राजकुमारों को शिक्षा एवं दीक्षा के लिए अपने साथ गुरुकुल भेजने का आग्रह किया। प्रारंभ में दशरथ मोहवश चिंतित हुए, किंतु गुरु वशिष्ठ के समझाने पर उन्होंने धर्म को सर्वोपरि मानते हुए सहमति दे दी। इसके बाद राम और लक्ष्मण संत के साथ दुर्गम वन यात्रा पर निकल पड़े, जहां उन्होंने अनेक बाधाओं का सामना करते हुए दिव्य अस्त्र-शस्त्र और शास्त्रों की शिक्षा प्राप्त की। कथा श्रवण के दौरान पंडाल में बैठे श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। अंत में प्रसाद वितरण किया गया। आयोजक बाबा प्रेम गिरी प्रेम महाराज ने बताया कि कथा आगामी दस दिनों तक जारी रहेगी और क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आह्वान किया।
- अजीतमल कोतवाली पुलिस, सर्विलांस और SOG की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। संयुक्त टीम ने कोतवाली क्षेत्र के अमावता गांव में हुई किसान हत्या की घटना का लगभग 72 घंटे में सफल अनावरण कर दिया। चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि खेतों पर रखवाली करने गए किसान अर्जुन सिंह की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी बहन के दोस्त ने ही की थी। अपर पुलिस अधीक्षक औरैया आलोक मिश्रा ने बताया कि अभियुक्त मृतक की बहन से बातचीत करता था। जब इसकी जानकारी अर्जुन सिंह को हुई तो उसने इसका विरोध किया, बहन को डांटा और उसका मोबाइल फोन छीन लिया था। इसी बात से नाराज होकर अभियुक्त ने सुनियोजित तरीके से किसान अर्जुन सिंह की हत्या कर दी। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर अभियुक्त को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता की सराहना की जा रही है।1
- औरैया। फफूँद थाना क्षेत्र के सींगनपुर गांव में फिल्मी अंदाज में प्रेमी के साथ फरार हुई 21 वर्षीय रीना के मामले में एक नाटकीय मोड़ आ गया है। सोमवार को जब पुलिस ने युवती को 183 BNSS (कलमबंद बयान) के लिए जिला न्यायालय में पेश किया, तो युवती ने अपने पूर्व के बयानों से पलटते हुए प्रेमी श्याम शर्मा के साथ रहने से इनकार कर दिया। हैरत की बात यह है कि कुछ दिन पहले इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर अपनी मर्जी से शादी की बात करने वाली रीना ने कोर्ट में कहा कि उसे नहीं पता कि वह घर से कैसे गई और न ही उसे बिस्तर पर सांप की केंचुल रखने के ड्रामे की कोई जानकारी है। जबकि इससे पहले उसने परिजनों पर ही 'नागिन' बनने का ढोंग रचने का आरोप लगाया था। न्यायालय परिसर में युवती अपने घर जाने की जिद पर अड़ी रही, जिसके बाद पाता चौकी इंचार्ज नरेंद्र कुमार ने उसे उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर चल रहे 'नागिन' वाले हाई-प्रोफाइल ड्रामे पर विराम लगा दिया है।1
- शहर के संजय गेट पर टीवी टावर के पास नगर पालिका परिषद औरैया द्वारा बनवाये गए सार्वजनिक शौचालय का मंगलवार को नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने फीता काट कर किया शुभारंभ किया। इस शौचालय से व्यापारियों व राहगीरों को बहुत राहत मिलेगी।1
- औरैया थाना अजीतमल/स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा थाना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम अमावता में हुई हत्या का सफल अनावरण करते हुए हत्याभियुक्त को किया गिरफ्तार कर आलाकत्ल बरामद किया गया –* *कार्यवाही-* श्रीमान अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन, कानपुर व श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र, कानपुर के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस अधीक्षक औरैया व अपर पुलिस अधीक्षक औरैया तथा क्षेत्राधिकारी अजीतमल के कुशल पर्यवेक्षण में थाना अजीतमल/स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा दिनांक 17.02.2026 को थाना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम अमावता में हुई हत्या का सफल अनावरण करते हुए हत्याभियुक्त भानू उर्फ दुरपत सिंह को गिरफ्तार कर कब्जे से आलाकत्ल एक अदद टार्च व एक अदद ईट तथा 02 अदद मोबाईल फोन किये गये बरामद । *घटना का संक्षिप्त विवरण -* दिनांक 14.02.2026 को डायल-112 पर सूचना प्राप्त हुई कि थाना अजीतमल क्षेत्रान्तर्गत ग्राम अमावता में एक युवक (अर्जुन सिंह पुत्र दुर्गा सिंह निवासी ग्राम अमावता थाना अजीतमल उम्र करीब 35 वर्ष) का शव गेहूँ के खेत में पडा मिला है । प्राप्त सूचना पर थाना अजीतमल/स्वाट/फील्ड यूनिट की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गयी तथा उच्चाधिकारीगण द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर घटना के शीघ्र अनावरण हेतु टीमों का गठन किया गया था । मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर थाना अजीतमल पर अभियोग मु0अं0सं0 66/26 धारा 103(1) बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया था जिसके क्रम में संयुक्त पुलिस टीम द्वारा आज दिनांक 17.02.2026 को रात्रि चैंकिग के दौरान मुखबिर की सूचना पर इटावा की तरफ जाने वाली रोड पर प्रतापपुर पुल के नीचे से अभियुक्त भानू उर्फ दरपत सिंह को हिरासत में लेकर अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है । *पूछताछ विवरण-* अभियुक्त द्वारा पूछताछ में बताया कि वह भारतीय थल सेना में वर्ष 2017 से कार्यरत है । मृतक ( अर्जुन ) की बहन से अभियुक्त ( भानू उर्फ दुरपत सिंह ) की मित्रता थी जिस कारण अर्जुन की बहन अभियुक्त से बातचीत करती थी जिसका पता अर्जुन को चल गया था जिसका अर्जुन ने विरोध किया तथा अपनी बहन को डांटा व उसका फोन छीन लिया था । भानू उर्फ दुरपत इस बात से नाराज था जिस कारण भानू उर्फ दुरपत ने अर्जुन को मारने की योजना बनाई । भानू उर्फ दुरपत को पहले से ही जानकारी थी कि अर्जुन अपने खेतों की रखवाली करने के लिये खेतों पर ही सोता है । वह रात के अंधेरे में छुपकर अर्जुन के पास पहुंचा,खेतों में आहट सुनकर अर्जुन जाग गया और उठकर बैठ गया । अभियुक्त द्वारा योजना के तहत अर्जुन की आंखों में मिर्ची पाउडर डाल दिया जिससे अर्जुन ने भागने का प्रयास किया था तभी अभियुक्त द्वारा पास में पडी ईंट से अर्जुन पर वार किया जिससे अर्जुन जमीन पर गिर गया तथा अभियुक्त द्वारा अर्जुन को दबोचकर अर्जुन की टार्च से उसके चेहरे व सिर पर कई वार किये जिससे अर्जुन की मृत्यु हो गयी थी अभियुक्त द्वारा परिजनों को गुमराह करने के इरादे से मृतक (अर्जुन) के फोन से ही उसके छोटे भाई मुन्नू को फोन किया तथा अपना नाम पता न बताते हुये दबी आवाज में बताया कि अर्जुन को किसी जंगली जानवर ने टक्कर मार दी है जिससे उसकी मृत्यु हो गयी है और फोन को अपने साथ लेकर मौके से चला गया । *गिरफ्तार अभियुक्त विवरण-* 1.भानू उर्फ दुरपत सिंह चौहान पुत्र उमेश सिंह चौहान निवासी ग्राम अमावता थाना अजीतमल जनपद औरैया उम्र 28 वर्ष । *अनावरित अभियोग-* 1.मु0अं0सं0 66/26 धारा 103(1) थाना अजीतमल जनपद औरैया । *अपराधिक इतिहास-* निल *बरामदगी-* 1.एक अदद टार्च 2.एक अदद ईंट 3.दो अदद मोबाईल फोन *गिरफ्तारकर्ता पुलिस टीम-* 1.श्री ललितेश नारायण त्रिपाठी प्रभारी निरीक्षक थाना अजीतमल जनपद औरैया मय हमराह। 2.उ0नि श्री समित चौधरी प्रभारी स्वाट/सर्विलांस सेल मय टीम। 3.उ0नि0 उदय प्रकाश थाना अजीतमल।2
- दलीप नगर मढैयन तहसील चकर नगर इटावा उ प्र मदद मागो तो मुझे बंद मारपीट करते है शादी की हुई पत्नी को नही रहने देते रोते बिलखते परिवार की कोई मदद नही करते है पुलिस पतनी का मेटर बनाने के लिए मेरी ही लूटपाट करवा दी अपराधियो को बचाने लिये यही सिलसिला 40वर्ष से चल रहा है ,सतेन्द्र केवट1
- श्रीमान अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन, कानपुर व श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र, कानपुर के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस अधीक्षक औरैया व अपर पुलिस अधीक्षक औरैया तथा क्षेत्राधिकारी अजीतमल के कुशल पर्यवेक्षण में थाना अजीतमल/स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम श्री ललितेश नारायण त्रिपाठी प्रभारी निरीक्षक थाना अजीतमल जनपद औरैया मय हमराह, उ0नि श्री समित चौधरी प्रभारी स्वाट/सर्विलांस सेल मय टीम, उ0नि0 श्री उदय प्रकाश थाना अजीतमल द्वारा दिनांक 17.02.2026 को थाना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम अमावता में हुई हत्या का सफल अनावरण करते हुए हत्याभियुक्त भानू उर्फ दुरपत सिंह चौहान पुत्र उमेश सिंह चौहान निवासी ग्राम अमावता थाना अजीतमल जनपद औरैया उम्र 28 वर्ष को गिरफ्तार कर कब्जे से आलाकत्ल एक अदद टार्च व एक अदद ईट तथा 02 अदद मोबाईल फोन बरामद किए गए। दिनांक 14.02.2026 को डायल-112 पर सूचना प्राप्त हुई कि थाना अजीतमल क्षेत्रान्तर्गत ग्राम अमावता में एक युवक (अर्जुन सिंह पुत्र दुर्गा सिंह निवासी ग्राम अमावता थाना अजीतमल उम्र करीब 35 वर्ष) का शव गेहूँ के खेत में पडा मिला है । प्राप्त सूचना पर थाना अजीतमल/स्वाट/फील्ड यूनिट की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गयी तथा उच्चाधिकारीगण द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर घटना के शीघ्र अनावरण हेतु टीमों का गठन किया गया था । मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर थाना अजीतमल पर अभियोग मु0अं0सं0 66/26 धारा 103(1) बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया था जिसके क्रम में संयुक्त पुलिस टीम द्वारा आज दिनांक 17.02.2026 को रात्रि चैंकिग के दौरान मुखबिर की सूचना पर इटावा की तरफ जाने वाली रोड पर प्रतापपुर पुल के नीचे से अभियुक्त भानू उर्फ दरपत सिंह को हिरासत में लेकर अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है । पूछताछ करने पर अभियुक्त ने बताया कि वह भारतीय थल सेना में वर्ष 2017 से कार्यरत है । मृतक ( अर्जुन ) की बहन से अभियुक्त ( भानू उर्फ दुरपत सिंह ) की मित्रता थी जिस कारण अर्जुन की बहन अभियुक्त से बातचीत करती थी जिसका पता अर्जुन को चल गया था जिसका अर्जुन ने विरोध किया तथा अपनी बहन को डांटा व उसका फोन छीन लिया था । भानू उर्फ दुरपत इस बात से नाराज था जिस कारण भानू उर्फ दुरपत ने अर्जुन को मारने की योजना बनाई । भानू उर्फ दुरपत को पहले से ही जानकारी थी कि अर्जुन अपने खेतों की रखवाली करने के लिये खेतों पर ही सोता है । वह रात के अंधेरे में छुपकर अर्जुन के पास पहुंचा,खेतों में आहट सुनकर अर्जुन जाग गया और उठकर बैठ गया । अभियुक्त द्वारा योजना के तहत अर्जुन की आंखों में मिर्ची पाउडर डाल दिया जिससे अर्जुन ने भागने का प्रयास किया था तभी अभियुक्त द्वारा पास में पडी ईंट से अर्जुन पर वार किया जिससे अर्जुन जमीन पर गिर गया तथा अभियुक्त द्वारा अर्जुन को दबोचकर अर्जुन की टार्च से उसके चेहरे व सिर पर कई वार किये जिससे अर्जुन की मृत्यु हो गयी थी अभियुक्त द्वारा परिजनों को गुमराह करने के इरादे से मृतक (अर्जुन) के फोन से ही उसके छोटे भाई मुन्नू को फोन किया तथा अपना नाम पता न बताते हुये दबी आवाज में बताया कि अर्जुन को किसी जंगली जानवर ने टक्कर मार दी है जिससे उसकी मृत्यु हो गयी है और फोन को अपने साथ लेकर मौके से चला गया ।3
- *थाना अजीतमल/स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा थाना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम अमावता में हुई हत्या का सफल अनावरण करते हुए हत्याभियुक्त को किया गिरफ्तार कर आलाकत्ल बरामदगी के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा दी गई बाईट*1
- विश्वामित्र के आगमन से भावविभोर हुए दशरथ अजीतमल। क्षेत्र के जैनपुर स्थित शिव धाम ऋषि आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिवस में अयोध्या कांड का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास आचार्य पंडित राज नारायण शास्त्री राजा रामायनी ने संत विश्वामित्र के अयोध्या आगमन और महाराज दशरथ से भेंट का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के अनुसार जब महर्षि विश्वामित्र भगवान श्रीराम के दर्शनों की अभिलाषा लेकर अयोध्या पहुंचे तो महाराज दशरथ ने स्वयं उनका स्वागत किया। संत ने राम और लक्ष्मण के दर्शन कर उन्हें आशीर्वाद दिया। इस प्रसंग का वर्णन करते हुए व्यास जी ने बताया कि यह क्षण केवल गुरु-शिष्य मिलन नहीं, बल्कि धर्म स्थापना की भूमिका था। आगे कथा में बताया गया कि संत विश्वामित्र ने राजा दशरथ से दोनों राजकुमारों को शिक्षा एवं दीक्षा के लिए अपने साथ गुरुकुल भेजने का आग्रह किया। प्रारंभ में दशरथ मोहवश चिंतित हुए, किंतु गुरु वशिष्ठ के समझाने पर उन्होंने धर्म को सर्वोपरि मानते हुए सहमति दे दी। इसके बाद राम और लक्ष्मण संत के साथ दुर्गम वन यात्रा पर निकल पड़े, जहां उन्होंने अनेक बाधाओं का सामना करते हुए दिव्य अस्त्र-शस्त्र और शास्त्रों की शिक्षा प्राप्त की। कथा श्रवण के दौरान पंडाल में बैठे श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। अंत में प्रसाद वितरण किया गया। आयोजक बाबा प्रेम गिरी प्रेम महाराज ने बताया कि कथा आगामी दस दिनों तक जारी रहेगी और क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आह्वान किया।2