Shuru
Apke Nagar Ki App…
नीम का थाना में बिजली विभाग की कथित नाकामी, कामचोरी और रिश्वतखोरी के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक दुकानदार ने शिकायत की है कि उनकी दुकान के बाहर लगा बिजली का पैनल खुला पड़ा है, जिससे कभी भी जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। यह पैनल लगातार खराब होता रहता है। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए निजी पावर हाउस में कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस खुले पैनल से किसी भी प्रकार का जान-माल का नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
Vishal sharan
नीम का थाना में बिजली विभाग की कथित नाकामी, कामचोरी और रिश्वतखोरी के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक दुकानदार ने शिकायत की है कि उनकी दुकान के बाहर लगा बिजली का पैनल खुला पड़ा है, जिससे कभी भी जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। यह पैनल लगातार खराब होता रहता है। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए निजी पावर हाउस में कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस खुले पैनल से किसी भी प्रकार का जान-माल का नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
More news from Jaipur and nearby areas
- जयपुर के शाहपुरा उपजिला अस्पताल से बेहद चिंताजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुई हैं, जिनमें अस्पताल परिसर के भीतर कचरे और गंदगी के बड़े अंबार दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं और मुख्यमंत्री से इस मामले का संज्ञान लेने की माँग की गई है। सरकार द्वारा प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को सुधारने और अस्पतालों को हाईटेक बनाने के दावों के बीच यह मामला सामने आया है। वायरल तस्वीरों में अस्पताल के एक हिस्से में काले रंग के बड़े प्लास्टिक बैग और खुले कचरे का भारी जमावड़ा स्पष्ट देखा जा सकता है। मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य सुधार के लिए बने इस परिसर में हफ्तों से कचरा न उठने के कारण भयंकर दुर्गंध फैल रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों का कहना है कि वे यहाँ बीमारियों का इलाज कराने आते हैं, लेकिन इस गंदगी को देखकर लगता है कि लोग यहाँ से नई बीमारियां लेकर घर लौटेंगे। नियमों के अनुसार, अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग रंग के डिब्बों में प्रबंधन और निस्तारण अनिवार्य है, लेकिन शाहपुरा उपजिला अस्पताल में सामान्य कचरे के साथ-साथ अन्य प्रकार का कचरा भी खुले में पड़ा है, जिससे इन नियमों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। इसी बीच, शाहपुरा नगर पालिका में ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों की हड़ताल भी जारी है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनका शोषण किया जा रहा है, उन्हें कम वेतन मिल रहा है और समय पर भुगतान भी नहीं हो रहा है। इस संबंध में नगर पालिका प्रशासन और ठेकेदार के बीच कर्मचारियों की सहमति नहीं बन पाई है।1
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले के कुजोता गांव में देर रात एक हादसा हुआ। यह घटना डंपर चालक की लापरवाही के कारण हुई, जिसके चलते एक बिजली का पोल गिर गया। इस हादसे के परिणामस्वरूप, गांव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है।1
- झुंझुनूं जिले के लुमास गांव स्थित खेल स्टेडियम में मण्डावा थाना पुलिस ने एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर पुलिस ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया। जागरूकता अभियान के तहत साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, यातायात नियम, बाल अपराध और नए कानूनों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।1
- पूर्व यातायात मंत्री रोहिताश्व कुमार गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर बानसूर पहुँचे, जहाँ उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने उनकी सुपुत्री उषा प्रियदर्शी को हरियाणा महिला आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने पर मिठाई खिलाकर और गुलदस्ते भेंट कर बधाई दी। इस अवसर पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में रोहिताश्व कुमार ने बानसूर के राजकीय महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन की शिला पट्टिका के लोकार्पण समारोह पर सवाल उठाते हुए इसे "वाहवाही लूटने का कार्यक्रम" करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि जब भवन का वर्चुअल लोकार्पण पहले ही हो चुका है, तो दोबारा शिला पट्टिका अनावरण का कोई औचित्य नहीं बचता। महाविद्यालय खुलवाने का श्रेय वर्तमान विधायक को दिए जाने पर पलटवार करते हुए, पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि बानसूर में राजकीय महाविद्यालय तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने उनकी मांग पर स्वीकृत किया था। उन्होंने आगे बताया कि मात्र 2 दिन के भीतर स्टाफ की नियुक्ति कर इसे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन में तुरंत संचालित करवा दिया गया था। रोहिताश्व कुमार ने जोर देकर कहा कि कॉलेज की स्थापना का वास्तविक श्रेय वसुंधरा राजे सरकार और उनकी पहल को जाता है, न कि बाद में इसका श्रेय लेने वालों को। अपनी बेटी उषा प्रियदर्शी की नियुक्ति पर खुशी जताते हुए, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वह महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में हरियाणा में बेहतर काम करेंगी।1
- ट्रेन में यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को सावधान रहने की चेतावनी दी गई है। यह संदेश इस बात पर जोर देता है कि अगर सिस्टम की तरफ से कोई गलती होती है, तो उसका परिणाम और खामियाजा यात्रियों को ही भुगतना पड़ेगा।1
- झुंझुनूं में आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन और ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच के प्रतिनिधि धर्मेंद्र राठौड़ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) आरक्षण की मौजूदा पात्रता शर्तों में संशोधन की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा कि आरक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए। राठौड़ ने केंद्र सरकार के 2019 में 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू करने के फैसले को ऐतिहासिक बताया, लेकिन साथ ही यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान जटिल पात्रता मानदंड और प्रक्रियाओं के कारण बड़ी संख्या में पात्र एवं जरूरतमंद परिवार इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। धर्मेंद्र राठौड़ ने केंद्र सरकार से ईडब्ल्यूएस आरक्षण की प्रक्रिया को सरल और व्यवहारिक बनाने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि केंद्र सरकार की नौकरियों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण के लिए पात्रता शर्तों का सरलीकरण किया जाए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद युवाओं को लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पंचायत राज संस्थाओं और नगर निकाय चुनावों में भी 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण के अनुरूप सीटें आरक्षित करने की मांग रखी, ताकि इस वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिल सके। राठौड़ ने पात्र व्यक्तियों के ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र तत्काल प्रभाव से जारी करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि उन्हें भर्ती प्रक्रियाओं और अन्य सरकारी योजनाओं में कोई बाधा न आए। उन्होंने कृषि भूमि संबंधी शर्तों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बढ़ती कृषि लागत और सीमित आय के बावजूद कई किसान परिवार सिर्फ भूमि स्वामित्व के कारण ईडब्ल्यूएस श्रेणी से बाहर हो जाते हैं, जो वास्तविकता के विपरीत है। राठौड़ ने जानकारी दी कि मंच के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से पहले ही मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत करा चुके हैं। उन्होंने एक बार फिर मांग की कि भूमि एवं आवास संबंधी शर्तों को समाप्त किया जाए और पात्रता मानदंडों को अधिक सरल, यथार्थपरक तथा समावेशी बनाया जाए। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रवक्ता यशवर्धन सिंह शेखावत, रणजीत सिंह चंदेलिया, कुलदीप सिंह भाटी, रामपाल सिंह राठौड़, प्रवीण सिंह राठौड़, कैलाश व्यास, प्रमेन्द्र सिंह शेखावत, जय पहाड़ी, सरवन सैनी सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- नीम का थाना में बिजली विभाग की कथित नाकामी, कामचोरी और रिश्वतखोरी के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक दुकानदार ने शिकायत की है कि उनकी दुकान के बाहर लगा बिजली का पैनल खुला पड़ा है, जिससे कभी भी जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। यह पैनल लगातार खराब होता रहता है। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए निजी पावर हाउस में कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस खुले पैनल से किसी भी प्रकार का जान-माल का नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।1