Shuru
Apke Nagar Ki App…
बेमौसम बारिश से परेशान किसान मांग रहा मुआवजा, कहा अगर भगवान मिल जाए तो
डीग लाइव पत्रकार
बेमौसम बारिश से परेशान किसान मांग रहा मुआवजा, कहा अगर भगवान मिल जाए तो
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- RPRNEWSTV ना बिल, ना जानकारी… अचानक कटती बिजली! मथुरा में बवाल" "स्मार्ट मीटर बना सिरदर्द? मथुरा के गांवों में हंगामा" "मथुरा में स्मार्ट मीटर को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है…" "टेक मेन बिजली घर पर ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया… आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद ना बिल आता है, ना बिजली का कोई हिसाब मिलता है…" "लोगों का कहना है कि अचानक बिजली काट दी जाती है, जिससे उन्हें भारी परेशानी हो रही है "ग्रामीणों ने साफ कहा—सरकार की ये मनमानी नहीं चलेगी… हमें वापस पुराने मीटर चाहिए "अब सवाल ये है—क्या सरकार जनता की मांग सुनेगी या बढ़ेगा ये आक्रोश? आप क्या सोचते हैं, कमेंट में जरूर बताएं…"1
- #मथुरा - छाता तहसील के कैंटीन संचालन को लेकर नीलामी प्रक्रिया पूरी 👉नायब तहसीलदार शिव शंकर की मौजूदगी में हुई इस नीलामी में 10 ठेकेदारों ने हिस्सा लिया 👉पिछले साल यह नीलामी दो लाख तैतालीश हजार में हुई थी, जबकि इस बार रुपये दो लाख सरसठ हजार से शुरू होकर बोली तीन लाख 11 हजार पर जाकर रुकी। 👉रोहताश सिंह रावत ने कैंटीन के संचालन की जिम्मेदारी अपने नाम की 👉नीलामी में पारदर्शिता के लिए प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों से पहले ही 50-50 हजार रुपये सिक्योरिटी जमा कराए। 👉कैंटीन की प्रक्रिया तो सफल रही, लेकिन पार्किंग के ठेके के लिए कोई भी बोलीदाता तैयार नहीं हुआ। प्रशासन अब एक हफ्ते के भीतर पार्किंग नीलामी के लिए नया नोटिस जारी करेगा। #viralmathura #mathuranews #chhata #viralnews1
- घर से लापता एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ जमकर वायरस परिवारी जन परेशान1
- Post by Subhash Chand1
- : उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा की छाता तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बटैनखुर्द में जमीन धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों ने वर्तमान ग्राम प्रधान पर मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने और उनके आधार पर अवैध तरीके से बैंक ऋण (Loan) लेने का गंभीर आरोप लगाया है। क्या है पूरा मामला? बटैनखुर्द के दर्जनों ग्रामीणों ने आज तहसील मुख्यालय पहुँचकर उप जिलाधिकारी (SDM) को एक शिकायती पत्र सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम के खसरा संख्या 347 की भूमि, जिस पर वे पीढ़ी-दर-पीढ़ी काबिज हैं, उसे ग्राम प्रधान ने कागजों में हेरफेर कर अन्य लोगों के नाम दर्ज करा दिया है। शिकायत के अनुसार, ग्राम प्रधान ने कोरी समुदाय के कुछ व्यक्तियों (परशुराम, झम्मन, विजय, विजन, भगत सिंह और ठाकुर लाल) के नाम फर्जी 'घरौनी' तैयार करवाई। आरोप है कि इसके बाद इन फर्जी कागजातों के आधार पर सब-रजिस्ट्री कार्यालय छाता में 'दानपत्र' भी निष्पादित करा लिया गया। बैंक से ऋण लेने का भी आरोप पीड़ित ग्रामीणों का दावा है कि इस फर्जीवाड़े की हद यहीं तक नहीं रही। आरोपियों ने इन जाली दस्तावेजों का उपयोग कर बैंक से भारी-भरकम लोन भी स्वीकृत करा लिया है। ग्रामीणों ने पत्र में स्पष्ट किया है कि खसरा संख्या 347 की जमीन पर वर्तमान में श्रीमती ओमवती, बलवीर, भगवान सिंह, शांति, देवीसिंह, सुनील और राजेन्द्र आदि का कब्जा है और वहां उनके घरेलू सामान (लकड़ी, बुर्जी, बिटौरा) रखे हुए हैं। जांच और कार्रवाई की ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि: निर्मित की गई फर्जी घरौनी की तत्काल उच्चस्तरीय जांच हो। जालसाजी में शामिल ग्राम प्रधान और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। बैंक से लिए गए अवैध ऋण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाए। शिकायतकर्ताओं (देवी सिंह, सुनील, शीनू, हेमराज आदि) का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस भू-माफिया तंत्र पर नकेल नहीं कसी, तो वे तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।4
- नदबई का जो बाजार सुबह से बंद था ,वह पुलिस और प्रशासन के आश्वासन के बाद दोपहर के बाद में खुल पाया । इसी प्रकार की खबरों से अपडेट रहने के लिए हमें फॉलो करें।1
- मथुरा। वंशी अवतार श्रीहित हरिवंश चन्द्र महाप्रभु की पावन जन्मभूमि, बाद ग्राम स्थित श्रीकृष्ण सरोवर इन दिनों पर्यावरण प्रदूषण की मार झेल रही है। पिछले कई दिनों से बारिश के पानी के साथ बहकर आए काले केमिकल और दूषित तेल ने सरोवर के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। इस ज़हरीले पानी के कारण सरोवर में मौजूद हज़ारों मछलियों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश व्याप्त है। सरोवर की बदहाली और जलीय जीवों की सामूहिक मृत्यु से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मथुरा रिफाइनरी प्रबंधन और स्थानीय सांसद हेमा मालिनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है, जिससे उनकी धार्मिक आस्था और पर्यावरण दोनों को ठेस पहुँच रही है। अडींग वाली नहर से बारिश का पानी खेतों के रास्ते होता हुआ बाद ग्राम के श्रीकृष्ण सरोवर में आता है। बारिश के मौसम में मथुरा रिफाइनरी के प्लांट से निकलने वाला काला तेल और केमिकल भी इसी पानी के साथ बहकर सरोवर में मिल जाता है। पिछले कई दिनों से लगातार आ रहे इस केमिकल के कारण सरोवर का पानी पूरी तरह काला और प्रदूषित हो चुका है। सरोवर के तट पर मरी हुई मछलियों के अंबार को देख ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द सरोवर की सफाई नहीं कराई गई और दूषित पानी का आना नहीं रोका गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। बाद ग्राम निवासी दिनेश सिंह तरकर ने कहा कि रिफाइनरी प्रबंधन और जिला प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत जल शोधन की व्यवस्था करे, ताकि लगातार हो रही जलीय जीवों की मौत को रोका जा सके और नहर से आ रहे जल की निकासी का मार्ग अलग से किया जाए।3
- मेरे क्षेत्र सीकरी, डीग, राजस्थान में उपभोक्ता इंदर राम पुत्र श्री सुक्कन राम (कंज्यूमर नंबर: 211922002865, 211922002864) के यहां हाल ही में नए स्मार्ट बिजली मीटर लगाए गए हैं, लेकिन इस कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई है। मीटर तो बदल दिए गए हैं, परंतु उनसे जुड़ी सर्विस लाइन को नहीं बदला गया है और पुराने, जर्जर तारों का ही उपयोग किया जा रहा है। यह स्थिति अत्यंत खतरनाक है, क्योंकि कई स्थानों पर बिजली के तार बहुत ही नीचे लटक रहे हैं, जिससे किसी भी समय कोई बच्चा या राहगीर अनजाने में उन्हें छू सकता है और करंट लगने की आशंका बनी रहती है। इसके अतिरिक्त कई जगह तारों में कट और क्षति भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जो किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रही है। यह पूरी स्थिति विद्युत सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दर्शाती है। स्मार्ट मीटर लगाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य में केवल औपचारिकता निभाई गई है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज किया गया है। इससे यह संदेह भी उत्पन्न होता है कि कहीं इस कार्य में अनियमितता या भ्रष्टाचार तो नहीं हुआ है। अतः निवेदन है कि इस मामले की शीघ्र जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों एवं संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा सभी असुरक्षित और जर्जर तारों को तुरंत बदलकर सुरक्षित ऊंचाई पर व्यवस्थित रूप से लगाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।2
- Post by Subhash Chand1