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User9708 - कपिल मिश्रा क्राइम पत्रकार
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More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- *आज बहुत ही खुशी का माहौल बना हुआ है ग्राम पंचायत मामोनी खुर्द में जो की आज mp बोर्ड का रिजल्ट आया हुआ है जिसमें राज राजा परमार ने क्लास 12th की परीक्षा पास कर 81% बनाई जिससे अपने ही ग्राम का नाम रोशन किया अपने क्षेत्र का नाम किया अपने पिता अजय राजा परमार का भी नाम रोशन किया जिससे ग्राम में बहुत ही खुशी का माहौल बना हुआ हैं*1
- Post by Mohammad Irshad3
- परिवार जनों का आरोप, सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल करते हुए शव को कब्रिस्तान में दफनाने से पूर्व लिया कब्जे में। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। झांसी के स्पा सेंटर से जुड़ा है मामला।1
- Post by Bablu Ramaiya1
- झाँसी। शहर के सदर बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत भट्टागांव में अराजक तत्वों से परेशान मोहल्ला वासियों ने अपनी सुरक्षा के लिए गेट व बाउंड्री बनवाई, लेकिन अब उसी गेट को तोड़ने और धमकी देने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से कुछ असामाजिक तत्व खुलेआम सिगरेट, गांजा और शराब का सेवन करते थे। इसके अलावा जुआ खेलना, गाली-गलौज करना और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार जैसी घटनाएं भी लगातार हो रही थीं, जिससे मोहल्ले का माहौल खराब हो गया था। इन घटनाओं से तंग आकर मोहल्ला वासियों ने जमीन मालिक से सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की। इसके बाद संबंधित भूमि पर गेट लगवाया गया और बाउंड्री का निर्माण कराया गया, ताकि बाहरी लोगों की अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगाई जा सके। प्रार्थना पत्र के अनुसार, कुछ लोगों ने गेट तोड़ने का प्रयास किया और अवैध रूप से रुपये की मांग की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भय और आक्रोश व्याप्त है। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है। मोहल्ला वासियों ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।1
- आरटीई के तहत चयनित छात्र को निजी स्कूल ने प्रवेश देने से किया इंकार, एसडीएम से शिकायत मोंठ (झांसी)। तहसील क्षेत्र के एक निजी विद्यालय प्रशासन ने आरटीई (निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2009) के तहत चयनित छात्र को प्रवेश देने से इंकार करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित अभिभावकों ने उपजिलाधिकारी मोंठ को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थी सौजना निवासी इरफान पुत्र चुन्ना खान ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र रासिद का पंजीकरण आरटीई योजना के तहत कराया था। विभागीय प्रक्रिया के तहत द्वितीय चरण की लॉटरी में उनके पुत्र का चयन बम्हरौली मोंठ के एक निजी स्कूल में हुआ था। इरफान का आरोप है कि जब वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ विद्यालय में प्रवेश के लिए पहुंचे, तो विद्यालय प्रबंधन ने कई बार उन्हें टालमटोल कर वापस भेज दिया। अंततः विद्यालय प्रशासन ने साफ तौर पर बच्चे का प्रवेश लेने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने विभाग द्वारा जारी चयन पत्र भी विद्यालय में प्रस्तुत किया, लेकिन इसके बावजूद प्रवेश नहीं दिया गया। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि विद्यालय द्वारा शासन के स्पष्ट आदेशों की अवहेलना की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने बच्चे को निजी विद्यालय में पढ़ाने में असमर्थ हैं। ऐसे में आरटीई योजना ही उनके बच्चे की शिक्षा का एकमात्र सहारा है। इस मामले में प्रार्थी ने उपजिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करने तथा अपने पुत्र का प्रवेश सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो उनका बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित रह जाएगा। इस मामले में मोंठ एसडीएम अवनीश तिवारी ने कहा कि मामले की जांच पड़ताल हेतु खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है। जांचोपरांत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।2
- Post by Kamlesh tiwari पत्रकार करेरा1
- *मानवता की मिसाल नाले में फंसी बछिया को बचाकर गौसेवकों ने दिया नया जीवन* हिम्मतपुर क्षेत्र में इंसानियत और सेवा का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है, जहां एक मासूम बछिया को नाले में फेंक दिया गया था। जैसे ही इस घटना की सूचना स्थानीय गौसेवक कल्लू महाराज को मिली, वे बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे और बछिया को सुरक्षित बाहर निकालकर अपनी निजी गौशाला दिनारा लेकर आए। बताया जा रहा है कि बछिया बेहद कमजोर अवस्था में थी और खुद से खड़ी होने में भी असमर्थ थी। ऐसे में गौसेवकों ने तुरंत उसकी देखभाल शुरू की और उसे दूध की बोतल से दूध पिलाकर जीवनदान दिया। लगातार सेवा और देखरेख के चलते अब बछिया पूरी तरह सुरक्षित है और धीरे-धीरे स्वस्थ भी हो रही है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गौसेवकों ने सिर्फ बचाव तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि बछिया की मां को खोजने का भी प्रयास शुरू किया। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ करने पर यह दुखद जानकारी सामने आई कि बछिया की मां का रात्रि के समय सड़क हादसे में निधन हो गया था। इस खबर ने सभी को भावुक कर दिया, लेकिन साथ ही गौसेवकों के प्रयासों की सराहना और भी बढ़ गई। गौसेवक कल्लू महाराज और उनकी टीम द्वारा किया गया यह कार्य न केवल पशु प्रेम का उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी है कि हर जीव की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। जहां एक ओर कुछ लोग बेजुबान जानवरों के प्रति अमानवीय व्यवहार करते हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे सेवाभावी लोग मानवता की असली पहचान बनकर सामने आते हैं। स्थानीय लोगों ने भी गौसेवकों के इस कार्य की खुलकर प्रशंसा की है और कहा कि ऐसे प्रयासों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। बछिया को नया जीवन देने वाले इन गौसेवकों का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है और यह दिखाता है कि दया और करुणा आज भी जिंदा है। यह घटना हमें यह सिखाती है कि अगर हम चाहें, तो छोटी-सी मदद भी किसी के लिए नई जिंदगी बन सकती है।1
- Post by Abhishek Jain1