*मानवता की मिसाल नाले में फंसी बछिया को बचाकर गौसेवकों ने दिया नया जीवन* हिम्मतपुर क्षेत्र में इंसानियत और सेवा का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है, जहां एक मासूम बछिया को नाले में फेंक दिया गया था। जैसे ही इस घटना की सूचना स्थानीय गौसेवक कल्लू महाराज को मिली, वे बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे और बछिया को सुरक्षित बाहर निकालकर अपनी निजी गौशाला दिनारा लेकर आए। बताया जा रहा है कि बछिया बेहद कमजोर अवस्था में थी और खुद से खड़ी होने में भी असमर्थ थी। ऐसे में गौसेवकों ने तुरंत उसकी देखभाल शुरू की और उसे दूध की बोतल से दूध पिलाकर जीवनदान दिया। लगातार सेवा और देखरेख के चलते अब बछिया पूरी तरह सुरक्षित है और धीरे-धीरे स्वस्थ भी हो रही है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गौसेवकों ने सिर्फ बचाव तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि बछिया की मां को खोजने का भी प्रयास शुरू किया। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ करने पर यह दुखद जानकारी सामने आई कि बछिया की मां का रात्रि के समय सड़क हादसे में निधन हो गया था। इस खबर ने सभी को भावुक कर दिया, लेकिन साथ ही गौसेवकों के प्रयासों की सराहना और भी बढ़ गई। गौसेवक कल्लू महाराज और उनकी टीम द्वारा किया गया यह कार्य न केवल पशु प्रेम का उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी है कि हर जीव की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। जहां एक ओर कुछ लोग बेजुबान जानवरों के प्रति अमानवीय व्यवहार करते हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे सेवाभावी लोग मानवता की असली पहचान बनकर सामने आते हैं। स्थानीय लोगों ने भी गौसेवकों के इस कार्य की खुलकर प्रशंसा की है और कहा कि ऐसे प्रयासों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। बछिया को नया जीवन देने वाले इन गौसेवकों का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है और यह दिखाता है कि दया और करुणा आज भी जिंदा है। यह घटना हमें यह सिखाती है कि अगर हम चाहें, तो छोटी-सी मदद भी किसी के लिए नई जिंदगी बन सकती है। *मानवता की मिसाल नाले में फंसी बछिया को बचाकर गौसेवकों ने दिया नया जीवन* हिम्मतपुर क्षेत्र में इंसानियत और सेवा का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है, जहां एक मासूम बछिया को नाले में फेंक दिया गया था। जैसे ही इस घटना की सूचना स्थानीय गौसेवक कल्लू महाराज को मिली, वे बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे और बछिया को सुरक्षित बाहर निकालकर अपनी निजी गौशाला दिनारा लेकर आए। बताया जा रहा है कि बछिया बेहद कमजोर अवस्था में थी और खुद से खड़ी होने में भी असमर्थ थी। ऐसे में गौसेवकों ने तुरंत उसकी देखभाल शुरू की और उसे दूध की बोतल से दूध पिलाकर जीवनदान दिया। लगातार सेवा और देखरेख के चलते अब बछिया पूरी तरह सुरक्षित है और धीरे-धीरे स्वस्थ भी हो रही है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गौसेवकों ने सिर्फ बचाव तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि बछिया की मां को खोजने का भी प्रयास शुरू किया। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ करने पर यह दुखद जानकारी सामने आई कि बछिया की मां का रात्रि के समय सड़क हादसे में निधन हो गया था। इस खबर ने सभी को भावुक कर दिया, लेकिन साथ ही गौसेवकों के प्रयासों की सराहना और भी बढ़ गई। गौसेवक कल्लू महाराज और उनकी टीम द्वारा किया गया यह कार्य न केवल पशु प्रेम का उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी है कि हर जीव की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। जहां एक ओर कुछ लोग बेजुबान जानवरों के प्रति अमानवीय व्यवहार करते हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे सेवाभावी लोग मानवता की असली पहचान बनकर सामने आते हैं। स्थानीय लोगों ने भी गौसेवकों के इस कार्य की खुलकर प्रशंसा की है और कहा कि ऐसे प्रयासों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। बछिया को नया जीवन देने वाले इन गौसेवकों का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है और यह दिखाता है कि दया और करुणा आज भी जिंदा है। यह घटना हमें यह सिखाती है कि अगर हम चाहें, तो छोटी-सी मदद भी किसी के लिए नई जिंदगी बन सकती है।
*मानवता की मिसाल नाले में फंसी बछिया को बचाकर गौसेवकों ने दिया नया जीवन* हिम्मतपुर क्षेत्र में इंसानियत और सेवा का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है, जहां एक मासूम बछिया को नाले में फेंक दिया गया था। जैसे ही इस घटना की सूचना स्थानीय गौसेवक कल्लू महाराज को मिली, वे बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे और बछिया को सुरक्षित बाहर निकालकर अपनी निजी गौशाला दिनारा लेकर आए। बताया जा रहा है कि बछिया बेहद कमजोर अवस्था में थी और खुद से खड़ी होने में भी असमर्थ थी। ऐसे में गौसेवकों ने तुरंत उसकी देखभाल शुरू की और उसे दूध की बोतल से दूध पिलाकर जीवनदान दिया। लगातार सेवा और देखरेख के चलते अब बछिया पूरी तरह सुरक्षित है और धीरे-धीरे स्वस्थ भी हो रही है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गौसेवकों ने सिर्फ बचाव तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि बछिया की मां को खोजने का भी प्रयास शुरू किया। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ करने पर यह दुखद जानकारी सामने आई कि बछिया की मां का रात्रि के समय सड़क हादसे में निधन हो गया था। इस खबर ने सभी को भावुक कर दिया, लेकिन साथ ही गौसेवकों के प्रयासों की सराहना और भी बढ़ गई। गौसेवक कल्लू महाराज और उनकी टीम द्वारा किया गया यह कार्य न केवल पशु प्रेम का उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी है कि हर जीव की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। जहां एक ओर कुछ लोग बेजुबान जानवरों के प्रति अमानवीय व्यवहार करते हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे सेवाभावी लोग मानवता की असली पहचान बनकर सामने आते हैं। स्थानीय लोगों ने भी गौसेवकों के इस कार्य की खुलकर प्रशंसा की है और कहा कि ऐसे प्रयासों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। बछिया को नया जीवन देने वाले इन गौसेवकों का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है और यह दिखाता है कि दया और करुणा आज भी जिंदा है। यह घटना हमें यह सिखाती है कि अगर हम चाहें, तो छोटी-सी मदद भी किसी के लिए नई जिंदगी बन सकती है। *मानवता की मिसाल नाले में फंसी बछिया को बचाकर गौसेवकों ने दिया नया जीवन* हिम्मतपुर क्षेत्र में इंसानियत और सेवा का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है, जहां एक मासूम बछिया को नाले में फेंक दिया गया था। जैसे ही इस घटना की सूचना स्थानीय गौसेवक कल्लू महाराज को मिली, वे बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे और बछिया को सुरक्षित बाहर निकालकर अपनी निजी गौशाला दिनारा लेकर आए। बताया जा रहा है कि बछिया बेहद कमजोर अवस्था में थी और खुद से खड़ी होने में भी असमर्थ थी। ऐसे में गौसेवकों ने तुरंत उसकी देखभाल शुरू की और उसे दूध की बोतल से दूध पिलाकर जीवनदान दिया। लगातार सेवा और देखरेख के चलते अब बछिया पूरी तरह सुरक्षित है और धीरे-धीरे स्वस्थ भी हो रही है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गौसेवकों ने सिर्फ बचाव तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि बछिया की मां को खोजने का भी प्रयास शुरू किया। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ करने पर यह दुखद जानकारी सामने आई कि बछिया की मां का रात्रि के समय सड़क हादसे में निधन हो गया था। इस खबर ने सभी को भावुक कर दिया, लेकिन साथ ही गौसेवकों के प्रयासों की सराहना और भी बढ़ गई। गौसेवक कल्लू महाराज और उनकी टीम द्वारा किया गया यह कार्य न केवल पशु प्रेम का उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी है कि हर जीव की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। जहां एक ओर कुछ लोग बेजुबान जानवरों के प्रति अमानवीय व्यवहार करते हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे सेवाभावी लोग मानवता की असली पहचान बनकर सामने आते हैं। स्थानीय लोगों ने भी गौसेवकों के इस कार्य की खुलकर प्रशंसा की है और कहा कि ऐसे प्रयासों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। बछिया को नया जीवन देने वाले इन गौसेवकों का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है और यह दिखाता है कि दया और करुणा आज भी जिंदा है। यह घटना हमें यह सिखाती है कि अगर हम चाहें, तो छोटी-सी मदद भी किसी के लिए नई जिंदगी बन सकती है।
- *आज बहुत ही खुशी का माहौल बना हुआ है ग्राम पंचायत मामोनी खुर्द में जो की आज mp बोर्ड का रिजल्ट आया हुआ है जिसमें राज राजा परमार ने क्लास 12th की परीक्षा पास कर 81% बनाई जिससे अपने ही ग्राम का नाम रोशन किया अपने क्षेत्र का नाम किया अपने पिता अजय राजा परमार का भी नाम रोशन किया जिससे ग्राम में बहुत ही खुशी का माहौल बना हुआ हैं*1
- नगर परिषद मगरौनी जिला शिवपुरी मध्यप्रदेश से बड़ी खबर विपिन कुमार मंगल की रिपोर्ट मगरौनी क्षेत्र से एक गर्व की खबर सामने आई है राजीव गांधी मेमोरियल स्कूल मगरौनी के छात्र ब्रजेश कुमार बघेल ने बोर्ड परीक्षा मैं शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले मैं पहला स्थान प्राप्त किया है घोषित हुए परीक्षा परिणाम मैं ब्रजेश ने कुल 500 अंकों मैं से 488 अंक प्राप्त कर 97,6 प्रतिशत अंक1
- सेवड़ा विधायक को मिला आजीब तरीके से आशीर्वाद बाबा का आशीर्वाद लेने पहुँचे सेवड़ा के भाजपा विधायक प्रदीप अग्रवाल को बाबा ने मारे मुक्के, पहनाई गई माला फेंकी l दतिया जिले के ग्राम बेरछा श्रीमद् भागवत कथा में एक ऐसी विचित्र घटना हो गई जिसकी पूरे जिले में चर्चा है l बेरछा ग्राम में भगवत कथा चल रही है l कथा में भिंड के एक प्रसिद्ध संत आए हुए थे उनका आशीर्वाद लेने गई सेवडा के भाजपा विधायक प्रदीप अग्रवाल पहुँचे l संत सीताराम महाराज को माला पहना कर आशीर्वाद लेने झुके तो संत ने आशीर्वाद देने के बजाए सेवडा विधायक प्रदीप अग्रवाल को मुक्का मारे और अपने से अलग कर दिया साथ ही उनके द्वारा पहनाई माला को फेंक दिया l वीडियो 4 दिन पुराना है लेकिन वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है l बताया जाता है कि बाबा सीताराम इसी तरह से अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं आए दिन बाबा की ऐसी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है l सेवड़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल आशीर्वाद देने के बजाए गुस्से में भगाने के वीडियो के वायरल होने के बाद क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है l1
- Post by S News1
- Post by Abhishek Jain1
- *दतिया परिवहन चेक पोस्ट पर 15 दिवसीय चालानी करवाई वर्ष 2025 - 26 में तुलनात्मक रही*1
- Post by Kamlesh tiwari पत्रकार करेरा1
- *मानवता की मिसाल नाले में फंसी बछिया को बचाकर गौसेवकों ने दिया नया जीवन* हिम्मतपुर क्षेत्र में इंसानियत और सेवा का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है, जहां एक मासूम बछिया को नाले में फेंक दिया गया था। जैसे ही इस घटना की सूचना स्थानीय गौसेवक कल्लू महाराज को मिली, वे बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे और बछिया को सुरक्षित बाहर निकालकर अपनी निजी गौशाला दिनारा लेकर आए। बताया जा रहा है कि बछिया बेहद कमजोर अवस्था में थी और खुद से खड़ी होने में भी असमर्थ थी। ऐसे में गौसेवकों ने तुरंत उसकी देखभाल शुरू की और उसे दूध की बोतल से दूध पिलाकर जीवनदान दिया। लगातार सेवा और देखरेख के चलते अब बछिया पूरी तरह सुरक्षित है और धीरे-धीरे स्वस्थ भी हो रही है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गौसेवकों ने सिर्फ बचाव तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि बछिया की मां को खोजने का भी प्रयास शुरू किया। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ करने पर यह दुखद जानकारी सामने आई कि बछिया की मां का रात्रि के समय सड़क हादसे में निधन हो गया था। इस खबर ने सभी को भावुक कर दिया, लेकिन साथ ही गौसेवकों के प्रयासों की सराहना और भी बढ़ गई। गौसेवक कल्लू महाराज और उनकी टीम द्वारा किया गया यह कार्य न केवल पशु प्रेम का उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी है कि हर जीव की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। जहां एक ओर कुछ लोग बेजुबान जानवरों के प्रति अमानवीय व्यवहार करते हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे सेवाभावी लोग मानवता की असली पहचान बनकर सामने आते हैं। स्थानीय लोगों ने भी गौसेवकों के इस कार्य की खुलकर प्रशंसा की है और कहा कि ऐसे प्रयासों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। बछिया को नया जीवन देने वाले इन गौसेवकों का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है और यह दिखाता है कि दया और करुणा आज भी जिंदा है। यह घटना हमें यह सिखाती है कि अगर हम चाहें, तो छोटी-सी मदद भी किसी के लिए नई जिंदगी बन सकती है।1
- मगरौनी नगर परिषद मैं आज आम नागरिकों की समस्याएं सुनी और हमारी वृद्ध माताजी ने बताया कि उन्हें अपना जीवन यापन करने के लिए कितने परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है मेरा सरकार से निवेदन है कि इन माताजी की समस्या का हल करें1