वन अधिकार कानून को लागू करने में प्रशासनिक ढुलमुल रवैये और उदासीनता के खिलाफ मध्य प्रदेश के बिछिया में भारी गुस्सा फूटा है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत सामाजिक संगठनों और जन संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में एक विशाल रैली और सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान मवई और बिछिया के दर्जनों गांवों से आए 360 आदिवासियों सहित भारी संख्या में महिला-पुरुषों ने बिछिया थाने पहुंचकर शांतिपूर्ण गिरफ्तारी दी। बाद में, उन्होंने राज्यपाल के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी लंबित मांगों को रखा गया। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि जिले की 10 ग्राम सभाओं के सामुदायिक वन संसाधन दावे और हजारों व्यक्तिगत दावे लंबे समय से प्रशासन के पास लंबित हैं। इस आंदोलन में बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता विशेष रूप से शामिल हुए।
वन अधिकार कानून को लागू करने में प्रशासनिक ढुलमुल रवैये और उदासीनता के खिलाफ मध्य प्रदेश के बिछिया में भारी गुस्सा फूटा है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत सामाजिक संगठनों और जन संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में एक विशाल रैली और सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान मवई और बिछिया के दर्जनों गांवों से आए 360 आदिवासियों सहित भारी संख्या में महिला-पुरुषों ने बिछिया थाने पहुंचकर शांतिपूर्ण गिरफ्तारी दी। बाद में, उन्होंने राज्यपाल के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी लंबित मांगों को रखा गया। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि जिले की 10 ग्राम सभाओं के सामुदायिक वन संसाधन दावे और हजारों व्यक्तिगत दावे लंबे समय से प्रशासन के पास लंबित हैं। इस आंदोलन में बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता विशेष रूप से शामिल हुए।
- मंडला जिले के ग्राम बाजा-बोरिया में एक जमीन विवाद सामने आया है। इस मामले में एक 70 वर्षीय किसान ने हस्तक्षेप और सहायता के लिए जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है।1
- जबलपुर और मंडला के मनेरी क्षेत्र में स्थित फैक्टरियों को गंदे तालाब से पानी दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इन फैक्टरियों में से 10 से 15 फैक्टरियां विशेष रूप से डिस्टिल्ड वॉटर बनाने का काम करती हैं। यह डिस्टिल्ड वॉटर जबलपुर रेलवे और जबलपुर शहर को आपूर्ति किया जाता है। हालांकि, इन फैक्टरियों तक नर्मदा जल पहुंचने में अभी समय है, जिसके कारण वे गंदे तालाब के पानी का उपयोग कर रही हैं। इस पूरी स्थिति पर संबंधित आयोग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।1
- आज सिवनी में एक बड़ा धमाका हुआ है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, लोगों से तत्काल मौके पर पहुँचने का आह्वान किया गया है।1
- लालबर्रा में विधायक अनुभा मुंजारे ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने इन परियोजनाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए। अपने निरीक्षण के दौरान, विधायक मुंजारे ने कॉलेज, अस्पताल, मंडी, स्टेडियम और पुलिया जैसे महत्वपूर्ण स्थानों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए।1
- मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में स्थित कान्हा नेशनल पार्क में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के कारण लगातार हो रही बाघों की मौत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को वायरस की रोकथाम के लिए निर्धारित मानकों के तहत कार्य करने तथा जल्द से जल्द एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मुंबई के वकील सुब्रत चक्रवर्ती की याचिका के अनुसार, पार्क में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और NTCA के नियमों की अनदेखी की जा रही है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अप्रैल में बाघिन सुनैना, अमाही और उसके चार शावकों सहित 19 मई 2026 को नर बाघ महावीर की मौत का मुख्य कारण घातक CDV वायरस ही है। याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि नियमों के बावजूद, प्रशासन ने रोग निगरानी, पशु चिकित्सा और जैव-सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। माननीय हाईकोर्ट ने इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण सचिव, NTCA और राज्य के वन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।1
- बालाघाट जिले के ग्राम घोन्दी में भूमि को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग उस जमीन को संरक्षित वन भूमि बताकर खाली कराने की कार्रवाई कर रहा है, जिस पर वे पिछले 35 से 40 वर्षों से खेती कर रहे हैं। इस स्थिति ने ग्रामीणों में भ्रम और नाराजगी पैदा कर दी है, क्योंकि राजस्व अभिलेखों में इस भूमि की प्रविष्टियां अलग-अलग दर्ज हैं। ग्राम घोन्दी और जगनटोला ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वन विभाग इस भूमि को कक्ष क्रमांक 1803 की संरक्षित वन भूमि बताते हुए किसानों को बेदखल करने की तैयारी कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में उक्त भूमि का एक हिस्सा आबादी एवं गौठान के रूप में दर्ज है, जबकि अन्य प्रविष्टियों में वन विभाग और शासकीय भूमि का उल्लेख है। इस विरोधाभास और वन विभाग के बढ़ते दबाव के कारण किसानों के सामने अपनी आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में 9 जून 2026 को जनसुनवाई में एक आवेदन दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनकी रोजी-रोटी का संकट गहरा जाएगा। उन्होंने कलेक्टर से वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और वर्षों से खेती कर रहे किसानों को राहत प्रदान करने की मांग की है।4
- मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी 'सेफ क्लिक 2.0 साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान' के तहत टिकरिया पुलिस ने नारायणगंज में एक साइबर जागरूकता रैली और कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना था, खासकर ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सतर्कता का संदेश दिया गया। अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, संदिग्ध लिंक्स, ओटीपी साझा करने से जुड़े खतरे, बैंक खातों से संबंधित धोखाधड़ी, और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले हनीट्रैप व ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों से सावधान रहने की सलाह दी। पुलिस ने यह भी जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या आधिकारिक साइबर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इस जागरूकता रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय व्यापारी शामिल हुए। रैली के माध्यम से लोगों को डिजिटल लेनदेन करते समय 'रुको, सोचो और फिर क्लिक करो' का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया, ताकि वे सावधानी बरतें और साइबर जालसाजी का शिकार होने से बच सकें।1
- जबलपुर के सदर कैंट बोर्ड क्षेत्र में पानी की गंभीर किल्लत से परेशान जनता ने अपना विरोध दर्ज कराया है। पानी की कमी से जूझ रही जनता की परेशानी को उजागर करते हुए, यूथ कांग्रेस और केंट ब्लॉक के कार्यकर्ताओं ने कैंट छावनी में मटकी फोड़कर जोरदार प्रदर्शन किया।1
- जेल में बंद हत्या के एक आरोपी की अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक के परिजनों ने इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं, आरोप लगाया है कि आरोपी के साथ थाने और जेल में बेरहमी से मारपीट की गई थी। परिजनों ने बताया कि मृतक के शरीर पर सूजन थी, जिसे देखकर उन्हें संदेह हुआ कि उसकी मौत स्वाभाविक नहीं है। वहीं, इस पूरे मामले पर जेल अधीक्षक ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि आरोपी की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जेल अधीक्षक ने यह भी बताया कि इस मामले में फिलहाल जांच शुरू कर दी गई है।1