मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी 'सेफ क्लिक 2.0 साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान' के तहत टिकरिया पुलिस ने नारायणगंज में एक साइबर जागरूकता रैली और कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना था, खासकर ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सतर्कता का संदेश दिया गया। अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, संदिग्ध लिंक्स, ओटीपी साझा करने से जुड़े खतरे, बैंक खातों से संबंधित धोखाधड़ी, और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले हनीट्रैप व ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों से सावधान रहने की सलाह दी। पुलिस ने यह भी जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या आधिकारिक साइबर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इस जागरूकता रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय व्यापारी शामिल हुए। रैली के माध्यम से लोगों को डिजिटल लेनदेन करते समय 'रुको, सोचो और फिर क्लिक करो' का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया, ताकि वे सावधानी बरतें और साइबर जालसाजी का शिकार होने से बच सकें।
मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी 'सेफ क्लिक 2.0 साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान' के तहत टिकरिया पुलिस ने नारायणगंज में एक साइबर जागरूकता रैली और कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना था, खासकर ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सतर्कता का संदेश दिया गया। अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, संदिग्ध लिंक्स, ओटीपी साझा करने से जुड़े खतरे, बैंक खातों से संबंधित धोखाधड़ी, और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले हनीट्रैप व ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों से सावधान रहने की सलाह दी। पुलिस ने यह भी जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या आधिकारिक साइबर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इस जागरूकता रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय व्यापारी शामिल हुए। रैली के माध्यम से लोगों को डिजिटल लेनदेन करते समय 'रुको, सोचो और फिर क्लिक करो' का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया, ताकि वे सावधानी बरतें और साइबर जालसाजी का शिकार होने से बच सकें।
- मंडला जिले के ग्राम बाजा-बोरिया में एक जमीन विवाद सामने आया है। इस मामले में एक 70 वर्षीय किसान ने हस्तक्षेप और सहायता के लिए जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है।1
- मंडला में 26 जून को एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन इस शिविर के संबंध में अपना जनजागरण अभियान तेज गति से चला रहा है।1
- जबलपुर और मंडला के मनेरी क्षेत्र में स्थित फैक्टरियों को गंदे तालाब से पानी दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इन फैक्टरियों में से 10 से 15 फैक्टरियां विशेष रूप से डिस्टिल्ड वॉटर बनाने का काम करती हैं। यह डिस्टिल्ड वॉटर जबलपुर रेलवे और जबलपुर शहर को आपूर्ति किया जाता है। हालांकि, इन फैक्टरियों तक नर्मदा जल पहुंचने में अभी समय है, जिसके कारण वे गंदे तालाब के पानी का उपयोग कर रही हैं। इस पूरी स्थिति पर संबंधित आयोग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।1
- आज सिवनी में एक बड़ा धमाका हुआ है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, लोगों से तत्काल मौके पर पहुँचने का आह्वान किया गया है।1
- मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में स्थित कान्हा नेशनल पार्क में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के कारण लगातार हो रही बाघों की मौत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को वायरस की रोकथाम के लिए निर्धारित मानकों के तहत कार्य करने तथा जल्द से जल्द एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मुंबई के वकील सुब्रत चक्रवर्ती की याचिका के अनुसार, पार्क में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और NTCA के नियमों की अनदेखी की जा रही है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अप्रैल में बाघिन सुनैना, अमाही और उसके चार शावकों सहित 19 मई 2026 को नर बाघ महावीर की मौत का मुख्य कारण घातक CDV वायरस ही है। याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि नियमों के बावजूद, प्रशासन ने रोग निगरानी, पशु चिकित्सा और जैव-सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। माननीय हाईकोर्ट ने इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण सचिव, NTCA और राज्य के वन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।1
- बालाघाट जिले के ग्राम घोन्दी में भूमि को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग उस जमीन को संरक्षित वन भूमि बताकर खाली कराने की कार्रवाई कर रहा है, जिस पर वे पिछले 35 से 40 वर्षों से खेती कर रहे हैं। इस स्थिति ने ग्रामीणों में भ्रम और नाराजगी पैदा कर दी है, क्योंकि राजस्व अभिलेखों में इस भूमि की प्रविष्टियां अलग-अलग दर्ज हैं। ग्राम घोन्दी और जगनटोला ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वन विभाग इस भूमि को कक्ष क्रमांक 1803 की संरक्षित वन भूमि बताते हुए किसानों को बेदखल करने की तैयारी कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में उक्त भूमि का एक हिस्सा आबादी एवं गौठान के रूप में दर्ज है, जबकि अन्य प्रविष्टियों में वन विभाग और शासकीय भूमि का उल्लेख है। इस विरोधाभास और वन विभाग के बढ़ते दबाव के कारण किसानों के सामने अपनी आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में 9 जून 2026 को जनसुनवाई में एक आवेदन दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनकी रोजी-रोटी का संकट गहरा जाएगा। उन्होंने कलेक्टर से वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और वर्षों से खेती कर रहे किसानों को राहत प्रदान करने की मांग की है।4
- मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी 'सेफ क्लिक 2.0 साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान' के तहत टिकरिया पुलिस ने नारायणगंज में एक साइबर जागरूकता रैली और कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना था, खासकर ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सतर्कता का संदेश दिया गया। अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, संदिग्ध लिंक्स, ओटीपी साझा करने से जुड़े खतरे, बैंक खातों से संबंधित धोखाधड़ी, और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले हनीट्रैप व ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों से सावधान रहने की सलाह दी। पुलिस ने यह भी जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या आधिकारिक साइबर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इस जागरूकता रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय व्यापारी शामिल हुए। रैली के माध्यम से लोगों को डिजिटल लेनदेन करते समय 'रुको, सोचो और फिर क्लिक करो' का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया, ताकि वे सावधानी बरतें और साइबर जालसाजी का शिकार होने से बच सकें।1
- जबलपुर के सदर कैंट बोर्ड क्षेत्र में पानी की गंभीर किल्लत से परेशान जनता ने अपना विरोध दर्ज कराया है। पानी की कमी से जूझ रही जनता की परेशानी को उजागर करते हुए, यूथ कांग्रेस और केंट ब्लॉक के कार्यकर्ताओं ने कैंट छावनी में मटकी फोड़कर जोरदार प्रदर्शन किया।1
- जनपद पंचायत वारासिवनी के अंतर्गत ग्राम पंचायत कायदी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ लेखापाल वोमेंद्र कुमार रोकड़े को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सहायक शिक्षक नरेंद्र डोहरे की शिकायत के आधार पर की गई, जिन्होंने बताया था कि लेखापाल रोकड़े उनके एरियर की राशि जारी करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे थे। लोकायुक्त निरीक्षक जितेंद्र यादव के अनुसार, शिक्षक नरेंद्र डोहरे की वेतन विसंगति का जुलाई 2017 से दिसंबर 2023 तक का कुल 94,085 रुपये का एरियर बना था। इसमें से 66,557 रुपये उन्हें पहले ही मिल चुके थे। शेष 27,528 रुपये की एरियर राशि को निकालने के एवज में आरोपी लेखापाल वोमेंद्र रोकड़े द्वारा 4 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत की जांच के बाद आज बुधवार, 24 जून को लोकायुक्त टीम ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कायदी के शिक्षक कक्ष में शिकायतकर्ता नरेंद्र डोहरे से रिश्वत लेते हुए लेखापाल वोमेंद्र रोकड़े को रंगेहाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किए जाने के निर्देशों एवं पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7, 13(1)B, 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है। ट्रैप दल में निरीक्षक राहुल गजभिए, टीएलओ निरीक्षक जितेंद्र यादव और लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल रहा। लोकायुक्त संगठन ने यह भी बताया कि वे लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही कर रहे हैं। संगठन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करे तो वे पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त, सिविक सेंटर, जेडीए बिल्डिंग, 3rd फ्लोर, जबलपुर स्थित कार्यालय या दूरभाष नंबर 0761-2408599 और 0761-2408588 पर संपर्क कर सकते हैं।1