राज्य सरकार के निर्देश पर, टोंक की देवली ग्राम पंचायत में आमजन को त्वरित राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक जन सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में ब्लॉक स्तर के 20 विभिन्न विभागों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों को लाभ मिला। शिविर प्रभारी धर्मेंद्र तसेरा के अनुसार, विभिन्न विभागों ने यहाँ तत्परता दिखाते हुए आमजन की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। राजस्व विभाग ने 166 से अधिक दस्तावेजों में शुद्धि की, साथ ही 74 नामांतरण और 8 बंटवारे संबंधी प्रकरणों का समाधान किया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 50 से अधिक लोगों की जाँच की और चल (मोबाइल) एक्स-रे मशीन के माध्यम से 100 से अधिक लोगों के एक्स-रे किए। इसके अलावा, पंचायत राज विभाग द्वारा 5 पट्टे वितरित किए गए, वहीं पशुपालन विभाग ने 33 मंगला पशु बीमा किए। इस महत्वपूर्ण शिविर में स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भूमिका रही, जिसमें विकास अधिकारी शंकर लाल मेघवाल, नायब तहसीलदार रामप्रशाद मीना, गिरदावर सरिता यादव, स्टेटिक्स विभाग के सौरभ अवस्थी, महिला अधिकारिता के नरेश मीना सहित PEEO हरिपाल मीना, PHED JEN भूपेंद्र सैनी, समाज कल्याण विभाग से इकलेश गौतम, ICDS सुपरवाइजर किरण मीना, वैध राधेश्याम स्वर्णकार, VDO राघव, बलवीर सिंह, पशुपालन नोडल अधिकारी हरीश कुमार मीना, नर्सिंग ऑफिसर पूजा शर्मा, सहायक प्रबंधक राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के लोकेस शर्मा, पटवारी रामवतार मीना, धर्मराज और साथिन मल्लों जैसे ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनके निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इस जन सेवा शिविर के सफल आयोजन से ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया, क्योंकि उन्हें एक ही छत के नीचे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से बड़ी राहत मिली।
राज्य सरकार के निर्देश पर, टोंक की देवली ग्राम पंचायत में आमजन को त्वरित राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक जन सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में ब्लॉक स्तर के 20 विभिन्न विभागों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों को लाभ मिला। शिविर प्रभारी धर्मेंद्र तसेरा के अनुसार, विभिन्न विभागों ने यहाँ तत्परता दिखाते हुए आमजन की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। राजस्व विभाग ने 166 से अधिक दस्तावेजों में शुद्धि की, साथ ही 74 नामांतरण और 8 बंटवारे संबंधी प्रकरणों का समाधान किया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 50 से अधिक लोगों की जाँच की और चल (मोबाइल) एक्स-रे मशीन के माध्यम से 100 से अधिक लोगों के एक्स-रे किए। इसके अलावा, पंचायत राज विभाग द्वारा 5 पट्टे वितरित किए गए, वहीं पशुपालन विभाग ने 33 मंगला पशु बीमा किए। इस महत्वपूर्ण शिविर में स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भूमिका रही, जिसमें विकास अधिकारी शंकर लाल मेघवाल, नायब तहसीलदार रामप्रशाद मीना, गिरदावर सरिता यादव, स्टेटिक्स विभाग के सौरभ अवस्थी, महिला अधिकारिता के नरेश मीना सहित PEEO हरिपाल मीना, PHED JEN भूपेंद्र सैनी, समाज कल्याण विभाग से इकलेश गौतम, ICDS सुपरवाइजर किरण मीना, वैध राधेश्याम स्वर्णकार, VDO राघव, बलवीर सिंह, पशुपालन नोडल अधिकारी हरीश कुमार मीना, नर्सिंग ऑफिसर पूजा शर्मा, सहायक प्रबंधक राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के लोकेस शर्मा, पटवारी रामवतार मीना, धर्मराज और साथिन मल्लों जैसे ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनके निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इस जन सेवा शिविर के सफल आयोजन से ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया, क्योंकि उन्हें एक ही छत के नीचे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से बड़ी राहत मिली।
- चौथ का बरवाड़ा के ग्राम कुस्तला में गहराते पेयजल संकट से ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है। स्थिति यह है कि महिलाओं को प्रतिदिन सिर पर मटके रखकर दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। दो दिन पहले, पानी की भीषण समस्या से त्रस्त महिलाओं ने पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद जलदाय विभाग ने बेहतर जलापूर्ति का आश्वासन दिया था। हालांकि, इस आश्वासन के बावजूद गाँव में अब तक हालात नहीं सुधरे हैं। गाँव के मुख्य बाजार, शिव विहार कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, जाट मोहल्ला और कोली मोहल्ला सहित कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग लीकेज ठीक करने और व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, जबकि ज़मीनी स्तर पर पानी की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है और कोई सुधार देखने को नहीं मिला है। महिलाओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि पानी की कमी के चलते उनके घर-गृहस्थी के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें घंटों तक पानी की तलाश में भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे का तत्काल समाधान करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि समस्या का निराकरण नहीं किया गया, तो वे एक बार फिर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।1
- सवाई माधोपुर जिला कलेक्टर कानाराम ने खिलचीपुर ग्रामीण सेवा शिविर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में मौजूद लोगों की समस्याओं को जाना और अधिकारियों से फीडबैक भी लिया। यह दौरा लोगों की परेशानियों को समझने और प्रशासनिक प्रतिक्रिया जानने के उद्देश्य से किया गया था।1
- पूरे राजस्थान में आज, 2 जुलाई से 15 दिवसीय विशेष हेलमेट जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान शुरू हो गया है। यह अभियान 16 जुलाई तक चलेगा, जिसके तहत अब सिर्फ बाइक चलाने वाले ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इस अभियान के दौरान हेलमेट नियमों का पालन न करने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। यह जानकारी एक वीडियो के माध्यम से दी गई है, जिसमें अभियान से संबंधित सभी महत्वपूर्ण विवरण शामिल हैं।1
- राजस्थान में मानसून ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है, जो अब प्रदेश की सीमा तक पहुंच चुका है।1
- आजकल गांवों के युवा तेजाजी अलगोजा गायन के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस सांस्कृतिक पहल के लिए ऐसे सभी युवाओं को व्यापक समर्थन दिए जाने की आवश्यकता है।1
- लालसोट विधानसभा क्षेत्र के देवली ग्राम में 'वीबी-जी राम जी' योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में लालसोट विधायक रामविलास डूंगरपुर ने सहभागिता की और क्षेत्रवासियों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान, उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित यह योजना ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान करते हुए सशक्त आजीविका का नया आधार उपलब्ध कराएगी। विधायक डूंगरपुर ने बताया कि डबल इंजन सरकार श्रमिकों के कल्याण एवं समग्र ग्रामीण विकास के लिए पूर्णतः संकल्पित है। उन्होंने आगे कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ श्रमिक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेगी। कार्यक्रम में विधायक रामविलास डूंगरपुर कार्यकर्ताओं के साथ उपस्थित रहे और उन्होंने क्षेत्रवासियों के स्नेह, विश्वास एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। विधायक ने क्षेत्र के विकास एवं जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करते रहने का अपना संकल्प भी दोहराया।3
- राजस्थान के धौलपुर में आयोजित मनिया क्रिकेट टूर्नामेंट में वर्धमान और कृष्णा मोटर्स ने शानदार जीत दर्ज की है। इस प्रतियोगिता में दोनों टीमों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा।1
- चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र के बंजारी ग्राम पंचायत के बासड़ा गांव में सड़क से कुछ ही दूरी पर स्थित एक कुएं में एक पैंथर गिर गया। गुरुवार सुबह गांव की कुछ महिलाओं ने जंगली जानवर की आवाज सुनी, जिसके बाद गांव वालों को सूचित किया गया और मौके पर पैंथर दिखाई दिया। यह कुआं करीब 80 फीट गहरा था जिसमें 40 फीट पानी भरा हुआ था। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उनके साथ चिकित्सा विभाग और अन्य सभी विभागों की टीम एवं प्रशासन भी मौजूद था। वन विभाग की टीम ने लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद जाल के सहारे पैंथर को कुएं से सकुशल बाहर निकाल लिया। वन विभाग के डीएफओ सुनील कुमार ने बताया कि यह पैंथर लगभग डेढ़ साल का था और पिछले कई दिनों से इसी क्षेत्र में इसकी गतिविधि बनी हुई थी। संभवतः रात के समय यह कुएं में गिर गया था। पैंथर को सफलतापूर्वक बाहर निकालने के बाद उसे सवाई माधोपुर स्थित जंगल में छोड़ दिया गया। इस घटना को देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसके कारण व्यवस्था बनाए रखने के लिए तहसीलदार नीरज सिंह ने राजस्थान पुलिस को तैनात कर इंतजाम किए।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन और राज्य सरकार की सकारात्मक पहल के बाद करौली जिले के पांचना बांध के पानी के वितरण को लेकर चला आ रहा 20 वर्ष पुराना विवाद आखिरकार सुलझ गया है। जयपुर के शिक्षा संकुल में ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम की उपस्थिति में दोनों पक्षों के बीच एक लिखित समझौता संपन्न हुआ, जिसमें सभी जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए सौहार्दपूर्ण वातावरण में सहमति बनाई। यह उल्लेखनीय है कि 2100 एमसीएफटी क्षमता के पांचना बांध से लगभग 10,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है, लेकिन वर्ष 2006 से बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी का प्रवाह बाधित था। गुडला सहित क्षेत्र के 21 राजस्व गांव लगातार यह मांग कर रहे थे कि नहरों में पानी छोड़ने की अनुमति तभी दी जाए जब उन्हें लिफ्ट सिंचाई परियोजना के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2026-27 के बजट में गुडला क्षेत्र के इन 21 राजस्व गांवों को लिफ्ट सिंचाई स्कीम से पानी दिए जाने की घोषणा की थी, जिससे विवाद समाधान की दिशा में सकारात्मक माहौल बना। इस घोषणा के बाद नहरों की मरम्मत के लिए 11.50 करोड़ रुपए की लागत से कार्य प्रारंभ किया गया, जो अब समाप्ति की ओर है, और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने इस योजना के क्रियान्वयन का आश्वासन दिया है। प्रेस वार्ता के दौरान, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सकारात्मक सोच के कारण ही दोनों पक्षों में सहमति बनी और सरकार ने उनकी जायज मांगें मानी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बांध का पानी छोड़े जाने की तारीख सात दिन के भीतर तय कर ली जाएगी और नहरी तंत्र का तकनीकी आकलन कर जल्द ही टेस्टिंग के लिए जल प्रवाह शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सिंचाई क्षेत्र को विकसित करने और कमांड क्षेत्र में लिफ्ट योजना से सिंचाई तंत्र को सुदृढ़ करने की मांग पर भी शीघ्र कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया गया है। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए नहरों में जल प्रवाह शीघ्र प्रारंभ करने का आग्रह किया, जबकि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दो दशक पुराने इस विवाद को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद दिया और किसानों से आपसी सहयोग बनाए रखने का आह्वान किया। बैठक में जल संसाधन विभाग, आरपीए, ग्रामीण विकास विभाग, पुलिस, और जिला प्रशासन के कई उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने समाधान से जुड़े सभी पहलुओं और सरकार की कार्यवाही की जानकारी दी। इस अवसर पर गुडला संघर्ष समिति, ग्रामोत्थान संस्था एवं गंभीर नदी जल बचाओ समिति के प्रतिनिधियों ने भी इस दशकों पुरानी समस्या का समाधान करने पर भजनलाल सरकार का आभार व्यक्त किया।1