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सिसई : गुमला जिला में अवैध उत्खनन के विरुद्ध सघन कार्रवाई, छापेमारी में हाईवा जब्त बालू घाट में अनियमितता पर कारण पृच्छा नोटिस; बिना चालान परिवहन पर प्राथमिकी दर्ज गुमला - आज बुधवार को अनुमण्डल पदाधिकारी, गुमला की अध्यक्षता में जिला खनन पदाधिकारी, गुमला एवं अंचल अधिकारी, सिसई द्वारा संयुक्त रूप से ओलमुण्डा पंचायत के केउन्दचाँवरा एवं पाटसरना (बालू घाट) का औचक निरीक्षण एवं छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान बन्दोबस्तीधारी के प्रतिनिधि की उपस्थिति में बालू घाट का निरीक्षण किया गया। जांच के क्रम में घाट पर अनियमितता पाई गई, जिसके लिए बन्दोबस्तीधारी को कारण पृच्छा नोटिस निर्गत किया जा रहा है। साथ ही निर्देशित किया गया कि नियमानुसार ही बालू का उठाव सुनिश्चित करें, अन्यथा विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में बसिया-सिसई पथ पर झटनी टोली के समीप बालू लदे हाईवा (संख्या BR24GB-5711) की जांच की गई। जांच के दौरान वाहन चालक द्वारा बालू से संबंधित वैध खनिज परिवहन चालान प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर वाहन को बालू सहित जप्त करते हुए सिसई थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।

18 hrs ago
user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
SHAMBHU. S. CHAUHAN
Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
18 hrs ago
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सिसई : गुमला जिला में अवैध उत्खनन के विरुद्ध सघन कार्रवाई, छापेमारी में हाईवा जब्त बालू घाट में अनियमितता पर कारण पृच्छा नोटिस; बिना चालान परिवहन पर प्राथमिकी दर्ज गुमला - आज बुधवार को अनुमण्डल पदाधिकारी, गुमला की अध्यक्षता में जिला खनन पदाधिकारी, गुमला एवं अंचल अधिकारी, सिसई द्वारा संयुक्त रूप से ओलमुण्डा पंचायत के केउन्दचाँवरा एवं पाटसरना (बालू घाट) का औचक निरीक्षण एवं छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान बन्दोबस्तीधारी के प्रतिनिधि की उपस्थिति में बालू घाट का निरीक्षण किया गया। जांच के क्रम में घाट पर अनियमितता पाई गई, जिसके लिए बन्दोबस्तीधारी को कारण पृच्छा नोटिस

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निर्गत किया जा रहा है। साथ ही निर्देशित किया गया कि नियमानुसार ही बालू का उठाव सुनिश्चित करें, अन्यथा विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में बसिया-सिसई पथ पर झटनी टोली के समीप बालू लदे हाईवा (संख्या BR24GB-5711) की जांच की गई। जांच के दौरान वाहन चालक द्वारा बालू से संबंधित वैध खनिज परिवहन चालान प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर वाहन को बालू सहित जप्त करते हुए सिसई थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।

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  • सड़क दुर्घटना में दादी पोता जख्मी इलाज के दौरान वृद्ध महिला की मौत घटना बांधटोली पतरा के समीप हुआ
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    सड़क दुर्घटना में दादी पोता जख्मी इलाज के दौरान वृद्ध महिला की मौत घटना बांधटोली पतरा के समीप हुआ
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    20 hrs ago
  • *अगस्त माह से झारखंड आंदोलनकारी समन्वय समिति के बैनर तले शुरू किया जाएगा आर-पार की लड़ाई: राजू महतो* *आंदोलनकारियों के हित में कम से कम गुरूजी मॉडल को ही लागू करे सरकार: मो. कय्यूम खान* *आंदोलनकारियों के मांगों पर सहानुभूति पूर्वक वार्ता करें मुख्यमंत्री: अनिल कुमार भगत* *अलग राज्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संघर्ष तेज करने की आवश्यकता: प्रो. विनोद भगत* *आंदोलनकारी के पुत्र होने का हक अदा करें हेमंत सोरेन: अमर किन्डो* संवाददाता लोहरदगा: झारखंड आंदोलनकारी महासभा लोहरदगा जिला समिति की बैठक बुधवार को जिलाध्यक्ष अनिल कुमार भगत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुख्य रूप से केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष राजू महतो, प्रधान महासचिव मो. कय्यूम खान, संयोजिका विनीता खलखो, सीता उरांव, जिला संयोजक प्रो. विनोद भगत, आदि मौजूद थे। मौके पर केन्द्रीय अध्यक्ष राजू महतो ने अपने संबोधन में कहा कि वर्षों से अपने मांगों को लेकर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन उनकी मांगों पर सरकार अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठायी है। उन्होंने कहा कि अगस्त माह क्रांति का माह है। आने वाले अगस्त में हमलोग झारखंड आंदोलनकारी समन्वय समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों के साथ मिल कर अंतिम लड़ाई लड़ेंगे और अपने उद्देश्यों में सफल होंगे। केन्द्रीय प्रधान महासचिव मो. कय्यूम खान ने कहा कि सरकार सभी आंदोलनकारियों समान रूप से सम्मान, नियोजन पेंशन समेत व्यवस्थाओं का लाभ देने की दिशा में ठोस कार्य करें। उन्होंने कहा कि कम से कम कि आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन मोडल लागू करें। जिला संयोजक प्रो. विनोद भगत ने कहा कि कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा आंदोलनकारियों को बरगला कर आर्थिक दोहन करने का प्रयास कर रहे हैं। उनसे सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि झारखंड के अमर पुरोधाओं के सपने को साकार करने, और अलग राज्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संघर्ष तेज करने की आवश्यकता है। जिला अध्यक्ष अनिल कुमार भगत ने संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के मामले को सरकार को जल्द से जल्द वार्ता कर निष्पादित करना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि आंदोलनकारियों से वार्ता करें और आंदोलनकारियों के लिए बनी नियमावली में संशोधन कर जेल जाने की बाध्यता समाप्त करें। जिला कार्यकारी अध्यक्ष अमर किन्डो ने संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार झारखंड आंदोलन की ही उपज है। सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द आंदोलनकारियों के हित में ठोस निर्णय लेकर वार्ता कर समस्याओं का समाधान करें। कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आंदोलनकारी के पुत्र होने का हक अदा करें। केन्द्रीय संयोजित विनिता खलखो ने कहा कि बिना किसी दबाव के जेल जाने की बाध्यता समाप्त करते हुए सभी झारखंड आंदोलनकारियों को समान रूप से मान-सम्मान, पहचान, नियोजन, पेंशन आदि के मामले को अविलंब निष्पादित करें। संबोधित करने वालों में सीता उरांव, जिला सचिव विशेषण भगत, बालोमुनी बखला, सुखदेव उरांव, उषा रानी लकड़ा, विजय विद्यार्थी, संचालन कृष्णा कुमार ठाकुर, शाहिद अहमद आदि शामिल थे। बैठक में चैतू मुंडा, गंगा उरांव, तारामनी मिंज, सुशीला लकड़ा, नगर रवि उरांव, ललिता भगत, विफई पाहन, सूरज मोहन लकड़ा, जगदीश उरांव आदि सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे। सर्व सहमति से अगली बैठक 20 मई बुधवार को रखी गई
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    *अगस्त माह से झारखंड आंदोलनकारी समन्वय समिति के बैनर तले शुरू किया जाएगा आर-पार की लड़ाई: राजू महतो* 
*आंदोलनकारियों के हित में कम से कम  गुरूजी मॉडल को ही लागू करे सरकार: मो. कय्यूम खान* 
*आंदोलनकारियों के मांगों पर सहानुभूति पूर्वक वार्ता करें मुख्यमंत्री: अनिल कुमार भगत*
*अलग राज्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संघर्ष तेज करने की आवश्यकता: प्रो. विनोद भगत*
*आंदोलनकारी के पुत्र होने का हक अदा करें हेमंत सोरेन: अमर किन्डो*
संवाददाता 
लोहरदगा: झारखंड आंदोलनकारी महासभा लोहरदगा जिला समिति की बैठक बुधवार को जिलाध्यक्ष अनिल कुमार भगत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुख्य रूप से केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष राजू महतो, प्रधान महासचिव मो. कय्यूम खान, संयोजिका विनीता खलखो, सीता उरांव, जिला संयोजक प्रो. विनोद भगत, आदि मौजूद थे। मौके पर केन्द्रीय अध्यक्ष राजू महतो ने अपने संबोधन में कहा कि वर्षों से अपने मांगों को लेकर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन उनकी मांगों पर सरकार अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठायी है। उन्होंने कहा कि अगस्त माह क्रांति का माह है। आने वाले अगस्त में हमलोग झारखंड आंदोलनकारी समन्वय समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों के साथ मिल कर अंतिम लड़ाई लड़ेंगे और अपने उद्देश्यों में सफल होंगे। केन्द्रीय प्रधान महासचिव मो. कय्यूम खान ने कहा कि सरकार सभी आंदोलनकारियों  समान रूप से सम्मान, नियोजन पेंशन समेत व्यवस्थाओं का लाभ देने की दिशा में ठोस कार्य करें। उन्होंने कहा कि कम से कम कि आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन मोडल लागू करें। जिला संयोजक प्रो. विनोद भगत ने कहा कि कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा आंदोलनकारियों को बरगला कर आर्थिक दोहन करने का प्रयास कर रहे हैं। उनसे सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि झारखंड के अमर पुरोधाओं के सपने को साकार करने, और अलग राज्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संघर्ष तेज करने की आवश्यकता है। जिला अध्यक्ष अनिल कुमार भगत ने संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के मामले को सरकार को जल्द से जल्द वार्ता कर निष्पादित करना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि आंदोलनकारियों से वार्ता करें और आंदोलनकारियों के लिए बनी नियमावली में संशोधन कर जेल जाने की बाध्यता समाप्त करें। जिला कार्यकारी अध्यक्ष अमर किन्डो ने संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार झारखंड आंदोलन की ही उपज है। सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द आंदोलनकारियों के हित में ठोस निर्णय लेकर वार्ता कर समस्याओं का समाधान करें।  कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आंदोलनकारी के पुत्र होने का हक अदा करें। केन्द्रीय संयोजित विनिता खलखो ने कहा कि बिना किसी दबाव के जेल जाने की बाध्यता समाप्त करते हुए सभी झारखंड आंदोलनकारियों को समान रूप से मान-सम्मान, पहचान, नियोजन, पेंशन आदि के मामले को अविलंब निष्पादित करें। संबोधित करने वालों में सीता उरांव, जिला सचिव विशेषण भगत, बालोमुनी बखला, सुखदेव उरांव, उषा रानी लकड़ा, विजय विद्यार्थी, संचालन कृष्णा कुमार ठाकुर, शाहिद अहमद आदि शामिल थे। बैठक में चैतू मुंडा, गंगा उरांव, तारामनी मिंज, सुशीला लकड़ा, नगर रवि उरांव, ललिता भगत, विफई पाहन, सूरज मोहन लकड़ा, जगदीश उरांव आदि सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे। सर्व सहमति से अगली बैठक 20 मई बुधवार को रखी गई
    user_Vijay kumar. vidhyarthi
    Vijay kumar. vidhyarthi
    Local News Reporter लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    8 hrs ago
  • रांची खेलगांव स्थित कपड़ा कंपनी ओरिएंट क्राफ्ट में अनियमित वेतन को लेकर के आज भी प्रदर्शन हो रहा है। सड़क पर प्रदर्शन।
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    रांची खेलगांव स्थित कपड़ा कंपनी ओरिएंट क्राफ्ट में अनियमित वेतन को लेकर के आज भी प्रदर्शन हो रहा है।
सड़क पर प्रदर्शन।
    user_Amit Kr Chiku Objectionnews
    Amit Kr Chiku Objectionnews
    Local News Reporter बुरमू, रांची, झारखंड•
    1 hr ago
  • Post by Sanjay kumar
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    Post by Sanjay kumar
    user_Sanjay kumar
    Sanjay kumar
    Newspaper publisher बुरमू, रांची, झारखंड•
    2 hrs ago
  • किसी भी फंक्शन के लिए कॉल करें,, जन्मदिन, सालगिरह, शादी का रिसेप्शन, शादी की पार्टी, कोई भी म्यूजिकल शो के लिए कॉल करें-6201862890
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    किसी भी फंक्शन के लिए कॉल करें,, जन्मदिन, सालगिरह, शादी का रिसेप्शन, शादी की पार्टी, कोई भी म्यूजिकल शो के लिए कॉल करें-6201862890
    user_Ansar Aashu
    Ansar Aashu
    Artist Ratu, Ranchi•
    6 hrs ago
  • चैनपुर अनुमंडल में बुधवार को प्रशासनिक स्तर पर एक अहम बदलाव देखने को मिला, जब आईपीएस अधिकारी श्रुति अग्रवाल ने सातवीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के रूप में पदभार ग्रहण किया। झारखंड में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत पूर्व एसडीपीओ ललित मीणा का तबादला किया गया, जिसके बाद श्रुति अग्रवाल ने चैनपुर की कमान संभाली।
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    चैनपुर अनुमंडल में बुधवार को प्रशासनिक स्तर पर एक अहम बदलाव देखने को मिला, जब आईपीएस अधिकारी श्रुति अग्रवाल ने सातवीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के रूप में पदभार ग्रहण किया। झारखंड में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत पूर्व एसडीपीओ ललित मीणा का तबादला किया गया, जिसके बाद श्रुति अग्रवाल ने चैनपुर की कमान संभाली।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    19 hrs ago
  • कलश यात्रा के साथ आरंभ हुआ आयोजित तीन दिवसीय हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम
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    कलश यात्रा के साथ आरंभ हुआ आयोजित तीन दिवसीय हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार द्वारा पृथ्वी दिवस 2026 के अवसर पर "हमारी शक्ति, हमारा ग्रह" थीम के तहत पलाश सभागार, वन भवन, डोरंडा में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और पर्यावरण विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF & HAFF) संजीव कुमार ने कहा कि पृथ्वी दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि पूरे वर्ष पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत प्रयासों का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कहा, हम सालभर पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करते हैं, लेकिन इस दिन हम एकजुट होकर रणनीति बनाते हैं और आगे की दिशा तय करते हैं।" उन्होंने जल, जैव विविधता और वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ये तत्व मानव अस्तित्व के मूल आधार हैं। औद्योगिकीकरण के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस के भीतर नियंत्रित नहीं किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। श्री कुमार ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे ग्रंथों और जीवनशैली में प्रकृति संरक्षण का स्पष्ट संदेश निहित है। "अरण्यम सह पृथ्वी सो नमोस्तु" का उल्लेख करते हुए उन्होंने महुआ, कुसुम और आसन जैसे आजीविका से जुड़े पौधों के संरक्षण और जल संरक्षण पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में झारखंड राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष विश्वनाथ शाह, पीसीसीएफ (बंजर भूमि) ए.टी. मिश्रा, पीसीसीएफ (वन्यप्राणी) रवि रंजन, डॉ. ज्योतिष करकेट्टा और डॉ. बबली सिंह सहित कई विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास पर अपने विचार साझा किए। बोर्ड के सचिव आदिल अजीम ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है, और छोटे प्रयासों से बड़ा परिवर्तन संभव है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में अरुण महली, मधुबाला देवी, दिनेश तिग्गा, सुनील कच्छप, पप्पू कुमार और श्रीमती चंचला देवी शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पृथ्वी की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। इस मौके पर आईएफएस संदीप शिंदे, डॉ. आर. शेंगा पांडियन (आरसीसीएफ, बोकारो), डीएफओ हजारीबाग मोहन प्रकाश, डीएफओ रजनीश कुमार, तकनीकी पदाधिकारी हरिशंकर लाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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    वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार द्वारा पृथ्वी दिवस 2026 के अवसर पर "हमारी शक्ति, हमारा ग्रह" थीम के तहत पलाश सभागार, वन भवन, डोरंडा में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और पर्यावरण विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF & HAFF) संजीव कुमार ने कहा कि पृथ्वी दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि पूरे वर्ष पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत प्रयासों का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कहा, हम सालभर पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करते हैं, लेकिन इस दिन हम एकजुट होकर रणनीति बनाते हैं और आगे की दिशा तय करते हैं।" उन्होंने जल, जैव विविधता और वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ये तत्व मानव अस्तित्व के मूल आधार हैं। औद्योगिकीकरण के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस के भीतर नियंत्रित नहीं किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। श्री कुमार ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे ग्रंथों और जीवनशैली में प्रकृति संरक्षण का स्पष्ट संदेश निहित है। "अरण्यम सह पृथ्वी सो नमोस्तु" का उल्लेख करते हुए उन्होंने महुआ, कुसुम और आसन जैसे आजीविका से जुड़े पौधों के संरक्षण और जल संरक्षण पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में झारखंड राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष विश्वनाथ शाह, पीसीसीएफ (बंजर भूमि) ए.टी. मिश्रा, पीसीसीएफ (वन्यप्राणी) रवि रंजन, डॉ. ज्योतिष करकेट्टा और डॉ. बबली सिंह सहित कई विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास पर अपने विचार साझा किए। बोर्ड के सचिव आदिल अजीम ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है, और छोटे प्रयासों से बड़ा परिवर्तन संभव है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में अरुण महली, मधुबाला देवी, दिनेश तिग्गा, सुनील कच्छप, पप्पू कुमार और श्रीमती चंचला देवी शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पृथ्वी की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। इस मौके पर आईएफएस संदीप शिंदे, डॉ. आर. शेंगा पांडियन (आरसीसीएफ, बोकारो), डीएफओ हजारीबाग मोहन प्रकाश, डीएफओ रजनीश कुमार, तकनीकी पदाधिकारी हरिशंकर लाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
    user_Sanjay kumar
    Sanjay kumar
    Newspaper publisher बुरमू, रांची, झारखंड•
    3 hrs ago
  • गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार) एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा। शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा। *गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक* शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए। गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए। भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। *कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर* इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। *स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच* उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें। डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा। *शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल* राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। *पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा* क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को और अधिक विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही। *विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता* प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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    गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार)  एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा।
शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा।
*गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक*
शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए।
भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
*कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर*
इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है।
*स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच*
उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें।
डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। 
वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा।
*शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल*
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा*
क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को  और अधिक  विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही।
*विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता*
प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि  उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।
इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    21 hrs ago
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