लिटीयाचूआ एवं गनीदारा (PVTG गांव) में सैचुरेशन विशेष शिविर, उपायुक्त का व्यापक क्षेत्र भ्रमण जन-सरकार संवाद को मिला बल, विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का लिया जायजा, कृषि सहित आजीविका पर विशेष फोकस गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार) एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा। शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा। *गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक* शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए। गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए। भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। *कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर* इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। *स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच* उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें। डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा। *शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल* राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। *पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा* क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को और अधिक विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही। *विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता* प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
लिटीयाचूआ एवं गनीदारा (PVTG गांव) में सैचुरेशन विशेष शिविर, उपायुक्त का व्यापक क्षेत्र भ्रमण जन-सरकार संवाद को मिला बल, विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का लिया जायजा, कृषि सहित आजीविका पर विशेष फोकस गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार) एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा। शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान
उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान
सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा। *गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक* शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए। गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं
बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए। भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। *कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर* इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। *स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच* उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने
के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें। डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा। *शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल* राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए
इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। *पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा* क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को और अधिक विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही। *विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता* प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- प्रचंड गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग: नावाडीह चौक का जलमीनार खराब, खबर छपने के बाद भी प्रशासन मौन प्रचंड गर्मी के बीच डुमरी प्रखंड के नावाडीह चौक स्थित जलमीनार खराब होने से ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट गहरा गया है। जानकारी देते हुए मंगलवार शाम पाँच बजे ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार पिछले कई दिनों से बंद पड़ा है, जिसके कारण आसपास के दर्जनों परिवार पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इस समस्या को लेकर कई बार खबर प्रकाशित की जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो जनप्रतिनिधियों ने कोई पहल की और न ही संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। भीषण गर्मी में पानी की समस्या ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जलमीनार बंद रहने से महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब जलमीनार की मरम्मत कर पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि गर्मी के इस मौसम में लोगों को राहत मिल सके।1
- घाघरा थाना परिसर के पीछे अचानक लगी भीषण आग से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसकी चपेट में थाना में जब्त की गई कई वाहन आ गए और जलकर खाक हो गए। वहीं थाना परिसर के बगल में स्थित एक गुमटी भी आग की लपटों में घिरकर पूरी तरह राख हो गई। हालांकि आगजनी की घटना में किसी के हताहत की सूचना नहीं है। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन ने मिलकर आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि उस पर काबू पाना संभव नहीं हो पाया। इसके बाद तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। गुमटी संचालक विमल घोष ने बताया कि इस हादसे में उन्हें लगभग 45 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। थाना प्रभारी ने जानकारी दी कि थाना के पीछे कचरा फेंका जाता था और आशंका है कि किसी ने उसमें आग लगा दी, जिससे यह बड़ी घटना हुई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।3
- सड़क दुर्घटना में दादी पोता जख्मी इलाज के दौरान वृद्ध महिला की मौत घटना बांधटोली पतरा के समीप हुआ1
- Post by AAM JANATA1
- झारखंड में नक्सलियों का सफाया, हथियार बरामद झारखंड के हजारीबाग जिले के खपिया जंगल क्षेत्र में CRPF की 209 कोबरा बटालियन की टीमों द्वारा एक सफल एंटी-नक्सल ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। ऑपरेशन के दौरान, २०९ कोबरा बटालियन की टीमों का सामना नक्सलियों के एक समूह से हुआ, जिसका नेतृत्व सहदेव महतो (RCM) कर रहा था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने चार नक्सलियों को मार गिराया, जिनमें शामिल हैं: सहदेव महतो उर्फ अनुज RCM, नताशा SZCM, बुधन करमाली एरिया कमांडर रंजीत गंझू एरिया कमांडर मौके से निम्नलिखित हथियार बरामद किए गए: दो AK सीरीज राइफल, एक कोल्ट AR-15 राइफल, एक इंसास राइफल यह ऑपरेशन क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है जो सुरक्षा बलों की शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।1
- Post by Mr Dayashankar Yadav1
- रुद्रपुर जंगल में भीषण आग से मचा हड़कंप: वन विभाग नदारद, ग्रामीण जान जोखिम में डाल बुझाने में जुटे जारी प्रखंड अंतर्गत रुद्रपुर जंगल में लगी भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। जानकारी देते हुए मंगलवार की शाम पाँच बजे बताया गया कि असामाजिक तत्वों द्वारा जंगल में आग लगाए जाने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण पूरा वन क्षेत्र धुएं और आग की लपटों से घिर गया है। आग तेजी से फैलने के कारण आसपास के गांवों में भी दहशत का माहौल बन गया है। आग की लपटें इतनी तेज हैं कि दूर-दराज के इलाकों से भी धुएं का गुबार साफ दिखाई दे रहा है। इस भीषण आग में जंगल के छोटे-छोटे बेशकीमती पौधे जलकर राख हो रहे हैं, वहीं जंगली जानवरों और पक्षियों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों का आरोप है कि आग लगने की सूचना वन विभाग को देने के बावजूद विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि विभागीय सुस्ती और जागरूकता की कमी के कारण असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं, जो आए दिन जंगलों को आग के हवाले कर देते हैं। जब आग ने विकराल रूप लेना शुरू किया तो कई स्थानीय ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने के लिए जंगल की ओर दौड़ पड़े। सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण घंटों तक आग पर काबू पाने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन आग की भयावहता के कारण स्थिति लगातार नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। जंगल में लगी इस आग से पारिस्थितिकी तंत्र को भारी नुकसान पहुँच रहा है। जमीन पर रहने वाले जीव-जंतु, पक्षियों के घोंसले और छोटे पौधे पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, तो पूरा रुद्रपुर वन क्षेत्र गंभीर पर्यावरणीय संकट की चपेट में आ सकता है। समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था और लपटें लगातार फैलती जा रही थीं।1
- पालकोट थाना क्षेत्र के सारू बेड़ा निवासी कार्तिक नगेसिया (19 वर्ष) और समीर नगेसिया (16 वर्ष) सड़क हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हो गए। जानकारी के अनुसार, दोनों अपनी बाइक से रायडीह गए थे। लौटते समय बीती रात डोबडोबी मोड़ के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गड्ढे में गिर पड़े। इस घटना में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके चेहरे, पैर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों और साथियों की मदद से उन्हें तुरंत रायडीह उप स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए 108 एंबुलेंस के माध्यम से सदर अस्पताल गुमला में भर्ती कराया गया।1
- कलश यात्रा के साथ आरंभ हुआ आयोजित तीन दिवसीय हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम1