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घाघरा थाना के पीछे भड़की भीषण आग, जब्त वाहन खाक, गुमटी जलकर राख, मचा हड़कंप* घाघरा थाना परिसर के पीछे अचानक लगी भीषण आग से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसकी चपेट में थाना में जब्त की गई कई वाहन आ गए और जलकर खाक हो गए। वहीं थाना परिसर के बगल में स्थित एक गुमटी भी आग की लपटों में घिरकर पूरी तरह राख हो गई। हालांकि आगजनी की घटना में किसी के हताहत की सूचना नहीं है। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन ने मिलकर आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि उस पर काबू पाना संभव नहीं हो पाया। इसके बाद तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। गुमटी संचालक विमल घोष ने बताया कि इस हादसे में उन्हें लगभग 45 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। थाना प्रभारी ने जानकारी दी कि थाना के पीछे कचरा फेंका जाता था और आशंका है कि किसी ने उसमें आग लगा दी, जिससे यह बड़ी घटना हुई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

6 hrs ago
user_Dipak gupta
Dipak gupta
पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
6 hrs ago

घाघरा थाना के पीछे भड़की भीषण आग, जब्त वाहन खाक, गुमटी जलकर राख, मचा हड़कंप* घाघरा थाना परिसर के पीछे अचानक लगी भीषण आग से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसकी चपेट में थाना में जब्त की गई कई वाहन आ गए और जलकर खाक हो गए। वहीं थाना परिसर के बगल में स्थित एक गुमटी

भी आग की लपटों में घिरकर पूरी तरह राख हो गई। हालांकि आगजनी की घटना में किसी के हताहत की सूचना नहीं है। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन ने मिलकर आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि उस पर काबू पाना संभव नहीं हो पाया। इसके बाद तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची दमकल

टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। गुमटी संचालक विमल घोष ने बताया कि इस हादसे में उन्हें लगभग 45 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। थाना प्रभारी ने जानकारी दी कि थाना के पीछे कचरा फेंका जाता था और आशंका है कि किसी ने उसमें आग लगा दी, जिससे यह बड़ी घटना हुई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

More news from झारखंड and nearby areas
  • Post by Pawan arya
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    Post by Pawan arya
    user_Pawan arya
    Pawan arya
    Art Therapist गुमला, गुमला, झारखंड•
    1 hr ago
  • मॉडल स्कूल गुमला के तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं बुधवार की दोपहर चिलचिलाती धूप में शहर के टावर चौक को जाम कर दिया। छात्र-छात्राओं ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। पूर्व में प्रिंसिपल को मिलाकर कुल 5 शिक्षक थे। इसके बाद एक शिक्षक हटा दिए गए। वर्तमान में पुनः अंग्रेजी विषय के शिक्षक को हटाने की बात सामने आई है, जिसे लेकर आज हम सड़क पर उतरे हैं। करीब 200 छात्र-छात्राएं कक्षा 6 से 10वीं की पढ़ाई करते हैं लेकिन मात्र चार शिक्षक है। ऐसे में एक और शिक्षक को हटा दिया जाएगा, तो बच्चों का भविष्य कहां जाएगा। सूचना पर जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञानशंकर जायसवाल, थाना प्रभारी महेंद्र करमाली मौके पर पहुंचे और छात्र छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर भरोसा रखिए, जल्द ही एक टीम स्कूल जाकर पूरे मामले पर बातचीत करेगी। इतनी धूप में सड़क पर रहना सेहत के लिए नुकसानदेह है। प्रशासनिक अधिकारियों के बात मानकर छात्र-छात्राएं वापस स्कूल लौट गए।
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    मॉडल स्कूल गुमला के तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं बुधवार की दोपहर चिलचिलाती धूप में शहर के टावर चौक को जाम कर दिया। छात्र-छात्राओं ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। पूर्व में प्रिंसिपल को मिलाकर कुल 5 शिक्षक थे। इसके बाद एक शिक्षक हटा दिए गए। वर्तमान में पुनः अंग्रेजी विषय के शिक्षक को हटाने की बात सामने आई है, जिसे लेकर आज हम सड़क पर उतरे हैं। करीब 200 छात्र-छात्राएं कक्षा 6 से 10वीं की पढ़ाई करते हैं लेकिन मात्र चार शिक्षक है। ऐसे में एक और शिक्षक को हटा दिया जाएगा, तो बच्चों का भविष्य कहां जाएगा। सूचना पर जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञानशंकर जायसवाल, थाना प्रभारी महेंद्र करमाली मौके पर पहुंचे और छात्र छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर भरोसा रखिए, जल्द ही एक टीम स्कूल जाकर पूरे मामले पर बातचीत करेगी। इतनी धूप में सड़क पर रहना सेहत के लिए नुकसानदेह है। प्रशासनिक अधिकारियों के बात मानकर छात्र-छात्राएं वापस स्कूल लौट गए।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    5 hrs ago
  • झारखंड में नक्सलियों का सफाया, हथियार बरामद झारखंड के हजारीबाग जिले के खपिया जंगल क्षेत्र में CRPF की 209 कोबरा बटालियन की टीमों द्वारा एक सफल एंटी-नक्सल ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। ऑपरेशन के दौरान, २०९ कोबरा बटालियन की टीमों का सामना नक्सलियों के एक समूह से हुआ, जिसका नेतृत्व सहदेव महतो (RCM) कर रहा था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने चार नक्सलियों को मार गिराया, जिनमें शामिल हैं: सहदेव महतो उर्फ अनुज RCM, नताशा SZCM, बुधन करमाली एरिया कमांडर रंजीत गंझू एरिया कमांडर मौके से निम्नलिखित हथियार बरामद किए गए: दो AK सीरीज राइफल, एक कोल्ट AR-15 राइफल, एक इंसास राइफल यह ऑपरेशन क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है जो सुरक्षा बलों की शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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    झारखंड में नक्सलियों का सफाया, हथियार बरामद
झारखंड के हजारीबाग जिले के खपिया जंगल क्षेत्र में CRPF की 209 कोबरा बटालियन की टीमों द्वारा एक सफल एंटी-नक्सल ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
ऑपरेशन के दौरान, २०९ कोबरा बटालियन की टीमों का सामना नक्सलियों के एक समूह से हुआ, जिसका नेतृत्व सहदेव महतो (RCM) कर रहा था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई।
मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने चार नक्सलियों को मार गिराया, जिनमें शामिल हैं:
सहदेव महतो उर्फ अनुज RCM, 
नताशा SZCM, 
बुधन करमाली एरिया कमांडर
रंजीत गंझू  एरिया कमांडर
मौके से निम्नलिखित हथियार बरामद किए गए:
दो AK सीरीज राइफल, 
एक कोल्ट AR-15 राइफल, 
एक इंसास राइफल 
यह ऑपरेशन क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है जो सुरक्षा बलों की शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
  • गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार) एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा। शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा। *गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक* शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए। गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए। भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। *कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर* इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। *स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच* उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें। डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा। *शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल* राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। *पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा* क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को और अधिक विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही। *विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता* प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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    गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार)  एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा।
शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा।
*गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक*
शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए।
भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
*कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर*
इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है।
*स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच*
उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें।
डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। 
वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा।
*शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल*
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा*
क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को  और अधिक  विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही।
*विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता*
प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि  उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।
इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    44 min ago
  • *जन-सरकार संवाद को मिला बल, विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का लिया जायजा, कृषि सहित आजीविका पर विशेष फोकस* गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार) एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा। शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा। *गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक* शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए। गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए। भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। *कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर* इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। *स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच* उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें। डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा। *शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल* राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। *पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा* क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को और अधिक विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही। *विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता* प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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    *जन-सरकार संवाद को मिला बल, विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का लिया जायजा, कृषि सहित आजीविका पर विशेष फोकस*
गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार)  एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा।
शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा।
*गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक*
शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए।
भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
*कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर*
इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है।
*स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच*
उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें।
डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। 
वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा।
*शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल*
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा*
क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को  और अधिक  विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही।
*विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता*
प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि  उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।
इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    53 min ago
  • कलश यात्रा के साथ आरंभ हुआ आयोजित तीन दिवसीय हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम
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    कलश यात्रा के साथ आरंभ हुआ आयोजित तीन दिवसीय हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • Post by AAM JANATA
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    Post by AAM JANATA
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • घाघरा थाना परिसर के पीछे अचानक लगी भीषण आग से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसकी चपेट में थाना में जब्त की गई कई वाहन आ गए और जलकर खाक हो गए। वहीं थाना परिसर के बगल में स्थित एक गुमटी भी आग की लपटों में घिरकर पूरी तरह राख हो गई। हालांकि आगजनी की घटना में किसी के हताहत की सूचना नहीं है। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन ने मिलकर आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि उस पर काबू पाना संभव नहीं हो पाया। इसके बाद तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। गुमटी संचालक विमल घोष ने बताया कि इस हादसे में उन्हें लगभग 45 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। थाना प्रभारी ने जानकारी दी कि थाना के पीछे कचरा फेंका जाता था और आशंका है कि किसी ने उसमें आग लगा दी, जिससे यह बड़ी घटना हुई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
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    घाघरा थाना परिसर के पीछे अचानक लगी भीषण आग से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसकी चपेट में थाना में जब्त की गई कई वाहन आ गए और जलकर खाक हो गए। वहीं थाना परिसर के बगल में स्थित एक गुमटी भी आग की लपटों में घिरकर पूरी तरह राख हो गई। हालांकि आगजनी की घटना में किसी के हताहत की सूचना नहीं है। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन ने मिलकर आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि उस पर काबू पाना संभव नहीं हो पाया। इसके बाद तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया।
गुमटी संचालक विमल घोष ने बताया कि इस हादसे में उन्हें लगभग 45 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। थाना प्रभारी ने जानकारी दी कि थाना के पीछे कचरा फेंका जाता था और आशंका है कि किसी ने उसमें आग लगा दी, जिससे यह बड़ी घटना हुई।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
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