जनपद पंचायत क्षेत्र श्योपुर के ग्राम बगडूवा में हाल ही में हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। गांव में बनी सीसी सड़क और नाली निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण ये संरचनाएं समय से पहले ही क्षतिग्रस्त होने लगी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव की सीसी सड़क कई जगहों पर उखड़ गई है, जबकि नालियों में दरारें पड़ गई हैं और उनमें जल निकासी की समस्या बनी हुई है, साथ ही टूट-फूट भी साफ दिख रही है। इससे न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि जल निकासी व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। जब ग्राम पंचायत सचिव से इस संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने खुद को अनभिज्ञ बताते हुए सरपंच से बात करने को कहा, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। ग्रामीण इस बात पर जोर दे रहे हैं कि पंचायत के विकास कार्यों की निगरानी और रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी सचिव की भी होती है, और उनके द्वारा मामले से दूरी बनाना कई सवाल खड़े करता है, साथ ही आरोप लगाया जा रहा है कि जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि जवाबदेही से बच रहे हैं। इसके अलावा, गांव के आंगनवाड़ी केंद्र के आसपास फैली गंदगी भी चिंता का विषय बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र के चारों ओर कचरा और गंदा पानी जमा रहता है, जिससे छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि इस गंदगी के कारण बच्चों में डायरिया, मलेरिया, डेंगू और त्वचा संक्रमण जैसी बीमारियां बढ़ सकती हैं, जिसके चलते अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने जनपद पंचायत और जिला प्रशासन से सीसी सड़क व नाली निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से दोबारा बनवाने की मांग की है। ग्राम बगडूवा की यह बदहाल स्थिति अब ग्रामीणों के धैर्य की परीक्षा ले रही है, और सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इन शिकायतों पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है।
जनपद पंचायत क्षेत्र श्योपुर के ग्राम बगडूवा में हाल ही में हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। गांव में बनी सीसी सड़क और नाली निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण ये संरचनाएं समय से पहले ही क्षतिग्रस्त होने लगी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव की सीसी सड़क कई जगहों पर उखड़ गई है, जबकि नालियों में दरारें पड़ गई हैं और उनमें जल निकासी की समस्या बनी हुई है, साथ ही टूट-फूट भी साफ दिख रही है। इससे न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि जल निकासी व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। जब ग्राम पंचायत सचिव से इस संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने खुद को अनभिज्ञ बताते हुए सरपंच से बात करने को कहा, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। ग्रामीण इस बात पर जोर दे रहे हैं कि पंचायत के विकास कार्यों की निगरानी और रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी सचिव की भी होती है,
और उनके द्वारा मामले से दूरी बनाना कई सवाल खड़े करता है, साथ ही आरोप लगाया जा रहा है कि जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि जवाबदेही से बच रहे हैं। इसके अलावा, गांव के आंगनवाड़ी केंद्र के आसपास फैली गंदगी भी चिंता का विषय बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र के चारों ओर कचरा और गंदा पानी जमा रहता है, जिससे छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि इस गंदगी के कारण बच्चों में डायरिया, मलेरिया, डेंगू और त्वचा संक्रमण जैसी बीमारियां बढ़ सकती हैं, जिसके चलते अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने जनपद पंचायत और जिला प्रशासन से सीसी सड़क व नाली निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से दोबारा बनवाने की मांग की है। ग्राम बगडूवा की यह बदहाल स्थिति अब ग्रामीणों के धैर्य की परीक्षा ले रही है, और सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इन शिकायतों पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है।
- श्योपुर अनाज मंडी में गेहूं बेचने पहुंचे किसानों के ट्रैक्टरों पर आरटीओ ने कार्रवाई की, जिससे किसानों के बीच नाराज़गी देखने को मिली। आरटीओ ने उन ट्रैक्टर-वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जिनमें नंबर प्लेट नहीं पाई गई थी। इस दौरान कुछ वाहनों को जब्त कर देहात थाना परिसर में खड़ा भी कराया गया। किसानों का कहना है कि फसल बेचने आए किसानों पर इस तरह की कार्रवाई से उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं।1
- जनपद पंचायत क्षेत्र श्योपुर के ग्राम बगडूवा में हाल ही में हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। गांव में बनी सीसी सड़क और नाली निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण ये संरचनाएं समय से पहले ही क्षतिग्रस्त होने लगी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव की सीसी सड़क कई जगहों पर उखड़ गई है, जबकि नालियों में दरारें पड़ गई हैं और उनमें जल निकासी की समस्या बनी हुई है, साथ ही टूट-फूट भी साफ दिख रही है। इससे न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि जल निकासी व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। जब ग्राम पंचायत सचिव से इस संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने खुद को अनभिज्ञ बताते हुए सरपंच से बात करने को कहा, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। ग्रामीण इस बात पर जोर दे रहे हैं कि पंचायत के विकास कार्यों की निगरानी और रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी सचिव की भी होती है, और उनके द्वारा मामले से दूरी बनाना कई सवाल खड़े करता है, साथ ही आरोप लगाया जा रहा है कि जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि जवाबदेही से बच रहे हैं। इसके अलावा, गांव के आंगनवाड़ी केंद्र के आसपास फैली गंदगी भी चिंता का विषय बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र के चारों ओर कचरा और गंदा पानी जमा रहता है, जिससे छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि इस गंदगी के कारण बच्चों में डायरिया, मलेरिया, डेंगू और त्वचा संक्रमण जैसी बीमारियां बढ़ सकती हैं, जिसके चलते अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने जनपद पंचायत और जिला प्रशासन से सीसी सड़क व नाली निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से दोबारा बनवाने की मांग की है। ग्राम बगडूवा की यह बदहाल स्थिति अब ग्रामीणों के धैर्य की परीक्षा ले रही है, और सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इन शिकायतों पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है।2
- संग्रामपुरा (पिपल्दा क्षेत्र) में सड़क निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है। इस परियोजना को दिलीप राणावत के अथक संघर्ष की जीत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में विकास की उम्मीद जगी है।1
- जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम1
- माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानसेवक के रूप में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर, जयपुर स्थित श्री मोती डूंगरी गणेश मंदिर में विशेष दर्शन-पूजन किया गया। इस दौरान उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि हेतु प्रार्थना की गई। यह भी प्रार्थना की गई कि भगवान श्री गजानन जी की असीम कृपा से और आदरणीय प्रधानमंत्री जी के यशस्वी मार्गदर्शन में राष्ट्र निरंतर नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर होता रहे। इसके साथ ही, कामना की गई कि भारत और राजस्थान प्रगति, समृद्धि एवं जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करें।1
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र स्थित ईसरदा बांध के दोनों ओर सड़क निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इस परियोजना के सफल समापन से क्षेत्र के ग्रामीणों और बांध से जुड़े मार्गों पर आवागमन करने वाले लोगों को अब काफी सुविधा मिलने लगी है। संबंधित विभाग ने इस कार्य को गति देते हुए दोनों तरफ की सड़क का निर्माण पूरा कर लिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस सड़क के बनने से आवागमन सुगम हुआ है और उन्हें बारिश के मौसम में होने वाली परेशानियों से भी राहत मिलेगी। हालांकि, वर्तमान में सड़क से जुड़े कुछ शेष निर्माण कार्य और फिनिशिंग का काम अभी जारी है, जिसे विभाग द्वारा जल्द ही पूरा किए जाने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस सड़क निर्माण कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि शेष बचे हुए कार्य भी शीघ्र पूरे होंगे। उनका मानना है कि इससे क्षेत्र के विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा आवागमन की सुविधाएं भी पहले से बेहतर हो पाएंगी।1
- चौथ का बरवाड़ा की आदर्श ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गई है, जिसके कारण पूरे कस्बे में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इस वजह से स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को हो रही इस समस्या को देखते हुए, पंचायत समिति विकास अधिकारी इंद्राज मीणा ने बुधवार को सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें सफाई कर्मचारियों की संख्या कम मिली, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की और कर्मचारियों की कम संख्या पर फटकार लगाई। विकास अधिकारी ने सफाई कर्मचारी बढ़ाने और कस्बे में बेहतर सफाई व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए।1
- श्योपुर के जय स्तंभ चौक पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया और वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।1