बिरसिंहपुर में गुरु कृपा गैस एजेंसी की तानाशाही से जनता त्रस्त, कालाबाजारी और हादसों के साये में जीने को मजबूर। सतना जिले की बिरसिंहपुर तहसील में नगर की एकमात्र गुरु कृपा गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली और कथित भ्रष्टाचार से आम जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि एकाधिकार का फायदा उठाकर एजेंसी उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन कर रही है। सरकार द्वारा तय लगभग ₹950 की कीमत वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर को कालाबाजारी के जरिए ₹1500 से ₹1600 तक में बेचा जा रहा है। घंटों लाइन में खड़े रहने और हफ्तों पहले बुकिंग कराने के बावजूद आम उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिलता, जबकि नगर के व्यावसायिक होटलों में घरेलू सिलेंडरों की अवैध आपूर्ति धड़ल्ले से जारी है। नियमों को ताक पर रखकर होटल संचालक व्यावसायिक सिलेंडर की जगह सस्ते घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर रहे हैं। हाल ही में आई भीषण बाढ़ के कारण जिन बाढ़ पीड़ितों के जरूरी दस्तावेजों के साथ गैस पासबुक बह गई, उन्हें राहत देने के बजाय चक्कर लगवाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप भी एजेंसी पर लग रहे हैं। इसके साथ ही, घनी आबादी और बस स्टैंड के समीप स्थित एजेंसी का गैस गोदाम सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा मुहाना बना हुआ है, जहाँ किसी भी वक्त गंभीर हादसा होने पर जन-धन की भारी क्षति हो सकती है। नगरवासियों का कहना है कि कई वर्ष से लगातार जिला कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और नगर पंचायत को शिकायत आवेदन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जो प्रशासनिक अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ऐसे भ्रष्टाचार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), धारा 61 (आपराधिक षड्यंत्र) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। पीड़ित जनता ने प्रशासन से भ्रष्ट व्यवस्था पर तत्काल नकेल कसने, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने और जनहित में बिरसिंहपुर में एक नई गैस एजेंसी स्वीकृत करने की मांग की है।
बिरसिंहपुर में गुरु कृपा गैस एजेंसी की तानाशाही से जनता त्रस्त, कालाबाजारी और हादसों के साये में जीने को मजबूर। सतना जिले की बिरसिंहपुर तहसील में नगर की एकमात्र गुरु कृपा गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली और कथित भ्रष्टाचार से आम जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि एकाधिकार का फायदा उठाकर एजेंसी उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन कर रही है। सरकार द्वारा तय लगभग ₹950 की कीमत वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर को कालाबाजारी के जरिए ₹1500 से ₹1600 तक में बेचा जा रहा है। घंटों लाइन में खड़े रहने और हफ्तों पहले बुकिंग कराने के बावजूद आम उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिलता,
जबकि नगर के व्यावसायिक होटलों में घरेलू सिलेंडरों की अवैध आपूर्ति धड़ल्ले से जारी है। नियमों को ताक पर रखकर होटल संचालक व्यावसायिक सिलेंडर की जगह सस्ते घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर रहे हैं। हाल ही में आई भीषण बाढ़ के कारण जिन बाढ़ पीड़ितों के जरूरी दस्तावेजों के साथ गैस पासबुक बह गई, उन्हें राहत देने के बजाय चक्कर लगवाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप भी एजेंसी पर लग रहे हैं। इसके साथ ही, घनी आबादी और बस स्टैंड के समीप स्थित एजेंसी का गैस गोदाम सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा मुहाना बना हुआ है, जहाँ किसी भी वक्त गंभीर हादसा होने
पर जन-धन की भारी क्षति हो सकती है। नगरवासियों का कहना है कि कई वर्ष से लगातार जिला कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और नगर पंचायत को शिकायत आवेदन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जो प्रशासनिक अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ऐसे भ्रष्टाचार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), धारा 61 (आपराधिक षड्यंत्र) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। पीड़ित जनता ने प्रशासन से भ्रष्ट व्यवस्था पर तत्काल नकेल कसने, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने और जनहित में बिरसिंहपुर में एक नई गैस एजेंसी स्वीकृत करने की मांग की है।
- सीएम योगी ने चित्रकूट में बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत, बोले- कोई वंचित नहीं रहेगा चित्रकूट। मंदाकिनी की भयावह बाढ़ के बाद रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने रामघाट का हवाई व स्थलीय निरीक्षण किया, रैन बसेरा में पीड़ितों से मिले। रामायण मेला परिसर में 800 परिवारों को 50 किलो की 26 सामान वाली राहत किट बांटी। सीएम ने कहा- जनहानि न होना कामतानाथ का आशीर्वाद है, डबल इंजन सरकार साथ खड़ी है। जिनके घर बहे, उन्हें पीएम/सीएम आवास और जमीन का पट्टा मिलेगा। अतिक्रमण पर समीक्षा होगी। बाक्स की ख़बर सीएम दौरे से पहले सपा नेता हाउस अरेस्ट3
- "ॐ शारदा माता ईश्वरी, मैं नित सुमरि तोय। हाथ जोड़ अरजी करूं, विद्या वर दे मोय॥" प्रात:कालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन, मां शारदा मैया आपकी कृपा से मेरा सब काम हो रहा है करती है मेरी मां शारदा मैया नाम मेरा हो रहा है जय मां शारदा भवानी !! जय माई की!! !! जय माई की !! !! जय माई की !! !! जय माई की !! !!जय हो माई शारदा की!! !!जय हो माई शारदा की!!1
- प्रति, श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय, जिला मैहर, मध्यप्रदेश। विषय: ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ को जोड़ने वाली क्षतिग्रस्त नहर की पुलिया के बगल से तत्काल अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाए जाने तथा पुलिया निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार ठेकेदार एवं इंजीनियर के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन है कि ग्राम पंचायत जरियारी एवं बुड़ेरुआ सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाली नहर की पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उक्त मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग बंद किया जाना उचित है, किंतु इसके कारण ग्रामीणों तथा विशेष रूप से विद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में काफी असुविधा हो रही है। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक डायवर्सन मार्ग निर्धारित किया गया है, किंतु उक्त मार्ग की दूरी अधिक होने के कारण विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों का अतिरिक्त समय और धन खर्च हो रहा है। साथ ही, लंबी दूरी के कारण छात्र-छात्राओं को समय पर विद्यालय पहुंचने एवं वापस आने में भी परेशानी हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पुलिया की स्थायी मरम्मत में यदि समय लगना है, तो तब तक पुलिया के बगल से मिट्टी डालकर सुरक्षित एवं अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों का आवागमन सुचारू हो सके और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। इसके साथ ही, ग्रामीणों का कहना है कि उक्त पुलिया का निर्माण होने के लगभग 14 माह के अंदर ही पुलिया क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त होने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं उपयोग की गई सामग्री पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। अतः पुलिया निर्माण कार्य की तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण जांच कराना आवश्यक है। यदि जांच में निर्माण कार्य में गुणवत्ता-विहीन सामग्री का उपयोग अथवा निर्माण मापदंडों में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार, इंजीनियर एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों/व्यक्तियों की जवाबदेही निर्धारित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः हमारी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं— 1. पुलिया के बगल से तत्काल मिट्टी डालकर सुरक्षित अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाए, ताकि बच्चों एवं ग्रामीणों का आवागमन सुचारू हो सके। 2. क्षतिग्रस्त नहर पुलिया की शीघ्र स्थायी मरम्मत/पुनर्निर्माण कराया जाए। 3. पुलिया निर्माण की तकनीकी एवं गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 4. यदि जांच में गुणवत्ता-विहीन सामग्री अथवा निर्माण कार्य में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं इंजीनियर सहित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः श्रीमान जी से विनम्र निवेदन है कि उक्त जनहित एवं विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए तीन दिवस के अंदर संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित नहीं किया जाता तो समस्त ग्रामवासी जनाक्रोश प्रदर्शन एवं चक्का जाम के लिए बाध्य होगें जिसकी समस्त जवाबदारी शासन व प्रशासन की होगी। दिनांक: 06 सितंबर 2026 स्थान: बुड़ेरुआ पुलिया, मैहर (म.प्र.) भवदीय समस्त ग्रामवासी ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ तहसील एवं जिला मैहर (म.प्र.) मो. 7509878020 प्रति, श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय, जिला मैहर, मध्यप्रदेश। विषय: ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ को जोड़ने वाली क्षतिग्रस्त नहर की पुलिया के बगल से तत्काल अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाए जाने तथा पुलिया निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार ठेकेदार एवं इंजीनियर के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन है कि ग्राम पंचायत जरियारी एवं बुड़ेरुआ सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाली नहर की पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उक्त मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग बंद किया जाना उचित है, किंतु इसके कारण ग्रामीणों तथा विशेष रूप से विद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में काफी असुविधा हो रही है। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक डायवर्सन मार्ग निर्धारित किया गया है, किंतु उक्त मार्ग की दूरी अधिक होने के कारण विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों का अतिरिक्त समय और धन खर्च हो रहा है। साथ ही, लंबी दूरी के कारण छात्र-छात्राओं को समय पर विद्यालय पहुंचने एवं वापस आने में भी परेशानी हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पुलिया की स्थायी मरम्मत में यदि समय लगना है, तो तब तक पुलिया के बगल से मिट्टी डालकर सुरक्षित एवं अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों का आवागमन सुचारू हो सके और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। इसके साथ ही, ग्रामीणों का कहना है कि उक्त पुलिया का निर्माण होने के लगभग 14 माह के अंदर ही पुलिया क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त होने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं उपयोग की गई सामग्री पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। अतः पुलिया निर्माण कार्य की तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण जांच कराना आवश्यक है। यदि जांच में निर्माण कार्य में गुणवत्ता-विहीन सामग्री का उपयोग अथवा निर्माण मापदंडों में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार, इंजीनियर एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों/व्यक्तियों की जवाबदेही निर्धारित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः हमारी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं— 1. पुलिया के बगल से तत्काल मिट्टी डालकर सुरक्षित अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाए, ताकि बच्चों एवं ग्रामीणों का आवागमन सुचारू हो सके। 2. क्षतिग्रस्त नहर पुलिया की शीघ्र स्थायी मरम्मत/पुनर्निर्माण कराया जाए। 3. पुलिया निर्माण की तकनीकी एवं गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 4. यदि जांच में गुणवत्ता-विहीन सामग्री अथवा निर्माण कार्य में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं इंजीनियर सहित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः श्रीमान जी से विनम्र निवेदन है कि उक्त जनहित एवं विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए तीन दिवस के अंदर संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित नहीं किया जाता तो समस्त ग्रामवासी जनाक्रोश प्रदर्शन एवं चक्का जाम के लिए बाध्य होगें जिसकी समस्त जवाबदारी शासन व प्रशासन की होगी। दिनांक: 06 सितंबर 2026 स्थान: बुड़ेरुआ पुलिया, मैहर (म.प्र.) भवदीय समस्त ग्रामवासी ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ तहसील एवं जिला मैहर (म.प्र.) मो. 75098780201
- *बाबा उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ की पुण्यतिथि पर मैहर बैंड के कलाकारों ने अर्पित की श्रद्धांजलि* *बाबा उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ की पुण्यतिथि पर मैहर बैंड के कलाकारों ने अर्पित की श्रद्धांजलि* मैहर - मैहर विश्वविख्यात संगीत साधक एवं पद्म श्री बाबा उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ की पुण्यतिथि पर मैहर बैंड के कलाकारों ने मैहर स्थित बाबा के मदीना भवन एवं मजार पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। कलाकारों द्वारा मजार पर पुष्प अर्पित कर धूप-बत्ती जलाई गई तथा पुष्पांजलि अर्पित कर बाबा की स्मृति को नमन किया गया। इस अवसर पर मैहर बैंड के कलाकारों ने बाबा उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ के स्वयं निर्मित नल तरंग वाद्य से उनकी प्रिय धुन प्रस्तुत कर संगीतमय श्रद्धांजलि दी। बाबा द्वारा निर्मित यह अनूठा वाद्य उनकी रचनात्मकता और संगीत साधना का अद्भुत उदाहरण है। बताया गया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बेकार पड़ी बंदूकों की नलियों से बाबा ने नल तरंग का निर्माण किया था। यह वाद्य आज भी देश-विदेश के विभिन्न मंचों पर अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से बाबा की संगीत विरासत को जीवंत बनाए हुए है।श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मैहर बैंड के कलाकारों ने सहभागिता की। कलाकारों ने कहा कि बाबा उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ की संगीत साधना, अनुशासन और समर्पण भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत के लिए अमूल्य धरोहर है। मैहर घराने की इस महान परंपरा को आगे बढ़ाना ही बाबा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।3
- बेटी-नवजात की मौत पर पिता का अनशन 5वें दिन भी जारी: एफआईआर की मांग पर अड़े रामशिरोमणि मिश्रा रीवा। रीवा जिले के सिरमौर चौराहे पर अपनी मृत बेटी कल्पना मिश्रा और नवजात बच्चे को न्याय दिलाने के लिए पिता रामशिरोमणि मिश्रा का आमरण अनशन रविवार को 5वें दिन में प्रवेश कर गया है। पीड़िता के पिता लगातार जिम्मेदार अधिकारियों व स्वास्थ्य कर्मियों पर सख्त कार्रवाई और एफआईआर (FIR) दर्ज किए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच समिति तो गठित कर दी है, लेकिन पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह धरना और अनशन जारी रहेगा। धरना स्थल पर मौजूद परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने जिलेभर के लोगों से न्याय की इस लड़ाई में शामिल होने और धरना स्थल पर पहुँचकर समर्थन देने की अपील की है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।1
- बिरसिंहपुर में गुरु कृपा गैस एजेंसी की तानाशाही से जनता त्रस्त, कालाबाजारी और हादसों के साये में जीने को मजबूर। सतना जिले की बिरसिंहपुर तहसील में नगर की एकमात्र गुरु कृपा गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली और कथित भ्रष्टाचार से आम जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि एकाधिकार का फायदा उठाकर एजेंसी उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन कर रही है। सरकार द्वारा तय लगभग ₹950 की कीमत वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर को कालाबाजारी के जरिए ₹1500 से ₹1600 तक में बेचा जा रहा है। घंटों लाइन में खड़े रहने और हफ्तों पहले बुकिंग कराने के बावजूद आम उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिलता, जबकि नगर के व्यावसायिक होटलों में घरेलू सिलेंडरों की अवैध आपूर्ति धड़ल्ले से जारी है। नियमों को ताक पर रखकर होटल संचालक व्यावसायिक सिलेंडर की जगह सस्ते घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर रहे हैं। हाल ही में आई भीषण बाढ़ के कारण जिन बाढ़ पीड़ितों के जरूरी दस्तावेजों के साथ गैस पासबुक बह गई, उन्हें राहत देने के बजाय चक्कर लगवाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप भी एजेंसी पर लग रहे हैं। इसके साथ ही, घनी आबादी और बस स्टैंड के समीप स्थित एजेंसी का गैस गोदाम सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा मुहाना बना हुआ है, जहाँ किसी भी वक्त गंभीर हादसा होने पर जन-धन की भारी क्षति हो सकती है। नगरवासियों का कहना है कि कई वर्ष से लगातार जिला कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और नगर पंचायत को शिकायत आवेदन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जो प्रशासनिक अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ऐसे भ्रष्टाचार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), धारा 61 (आपराधिक षड्यंत्र) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। पीड़ित जनता ने प्रशासन से भ्रष्ट व्यवस्था पर तत्काल नकेल कसने, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने और जनहित में बिरसिंहपुर में एक नई गैस एजेंसी स्वीकृत करने की मांग की है।3
- पुल तक पहुँचने से पहले ग्रामीणों ने थाना प्रभारी की गाड़ी रोकी पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीण सड़क से हटे, थाना प्रभारी की गाड़ी निकली मैहर के जरियारी गांव में क्षतिग्रस्त पुल को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, सड़क पर बैठकर की डायवर्सन की मांग मैहर के जरियारी गांव में बीते दिनों क्षतिग्रस्त पुल को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। पुल की मरम्मत और आवागमन के लिए वैकल्पिक डायवर्सन की मांग को लेकर कुछ ग्रामीण जरियारी मार्ग पर सड़क पर बैठ गए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द डायवर्सन मार्ग बनाए जाने की मांग की।ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त पुल के कारण उन्हें आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है3
- बाढ़ के बाद चित्रकूट में स्वच्छता अभियान जारी जनपद पंचायत मझगवां अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, सहायक सचिव एवं पंचायत स्टाफ श्रमदान कर चित्रकूट के प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई कार्य में जुटे हैं। सामूहिक प्रयासों से सफाई अभियान तेजी से जारी है और कार्य जल्द ही पूर्ण कर लिया जाएगा। — श्री राहुल पाण्डेय, सीईओ जनपद पंचायत मझगवां1