प्रति, श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय, जिला मैहर, मध्यप्रदेश। विषय: ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ को जोड़ने वाली क्षतिग्रस्त नहर की पुलिया के बगल से तत्काल अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाए जाने तथा पुलिया निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार ठेकेदार एवं इंजीनियर के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन है कि ग्राम पंचायत जरियारी एवं बुड़ेरुआ सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाली नहर की पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उक्त मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग बंद किया जाना उचित है, किंतु इसके कारण ग्रामीणों तथा विशेष रूप से विद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में काफी असुविधा हो रही है। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक डायवर्सन मार्ग निर्धारित किया गया है, किंतु उक्त मार्ग की दूरी अधिक होने के कारण विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों का अतिरिक्त समय और धन खर्च हो रहा है। साथ ही, लंबी दूरी के कारण छात्र-छात्राओं को समय पर विद्यालय पहुंचने एवं वापस आने में भी परेशानी हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पुलिया की स्थायी मरम्मत में यदि समय लगना है, तो तब तक पुलिया के बगल से मिट्टी डालकर सुरक्षित एवं अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों का आवागमन सुचारू हो सके और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। इसके साथ ही, ग्रामीणों का कहना है कि उक्त पुलिया का निर्माण होने के लगभग 14 माह के अंदर ही पुलिया क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त होने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं उपयोग की गई सामग्री पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। अतः पुलिया निर्माण कार्य की तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण जांच कराना आवश्यक है। यदि जांच में निर्माण कार्य में गुणवत्ता-विहीन सामग्री का उपयोग अथवा निर्माण मापदंडों में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार, इंजीनियर एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों/व्यक्तियों की जवाबदेही निर्धारित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः हमारी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं— 1. पुलिया के बगल से तत्काल मिट्टी डालकर सुरक्षित अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाए, ताकि बच्चों एवं ग्रामीणों का आवागमन सुचारू हो सके। 2. क्षतिग्रस्त नहर पुलिया की शीघ्र स्थायी मरम्मत/पुनर्निर्माण कराया जाए। 3. पुलिया निर्माण की तकनीकी एवं गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 4. यदि जांच में गुणवत्ता-विहीन सामग्री अथवा निर्माण कार्य में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं इंजीनियर सहित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः श्रीमान जी से विनम्र निवेदन है कि उक्त जनहित एवं विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए तीन दिवस के अंदर संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित नहीं किया जाता तो समस्त ग्रामवासी जनाक्रोश प्रदर्शन एवं चक्का जाम के लिए बाध्य होगें जिसकी समस्त जवाबदारी शासन व प्रशासन की होगी। दिनांक: 06 सितंबर 2026 स्थान: बुड़ेरुआ पुलिया, मैहर (म.प्र.) भवदीय समस्त ग्रामवासी ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ तहसील एवं जिला मैहर (म.प्र.) मो. 7509878020 प्रति, श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय, जिला मैहर, मध्यप्रदेश। विषय: ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ को जोड़ने वाली क्षतिग्रस्त नहर की पुलिया के बगल से तत्काल अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाए जाने तथा पुलिया निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार ठेकेदार एवं इंजीनियर के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन है कि ग्राम पंचायत जरियारी एवं बुड़ेरुआ सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाली नहर की पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उक्त मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग बंद किया जाना उचित है, किंतु इसके कारण ग्रामीणों तथा विशेष रूप से विद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में काफी असुविधा हो रही है। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक डायवर्सन मार्ग निर्धारित किया गया है, किंतु उक्त मार्ग की दूरी अधिक होने के कारण विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों का अतिरिक्त समय और धन खर्च हो रहा है। साथ ही, लंबी दूरी के कारण छात्र-छात्राओं को समय पर विद्यालय पहुंचने एवं वापस आने में भी परेशानी हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पुलिया की स्थायी मरम्मत में यदि समय लगना है, तो तब तक पुलिया के बगल से मिट्टी डालकर सुरक्षित एवं अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों का आवागमन सुचारू हो सके और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। इसके साथ ही, ग्रामीणों का कहना है कि उक्त पुलिया का निर्माण होने के लगभग 14 माह के अंदर ही पुलिया क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त होने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं उपयोग की गई सामग्री पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। अतः पुलिया निर्माण कार्य की तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण जांच कराना आवश्यक है। यदि जांच में निर्माण कार्य में गुणवत्ता-विहीन सामग्री का उपयोग अथवा निर्माण मापदंडों में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार, इंजीनियर एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों/व्यक्तियों की जवाबदेही निर्धारित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः हमारी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं— 1. पुलिया के बगल से तत्काल मिट्टी डालकर सुरक्षित अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाए, ताकि बच्चों एवं ग्रामीणों का आवागमन सुचारू हो सके। 2. क्षतिग्रस्त नहर पुलिया की शीघ्र स्थायी मरम्मत/पुनर्निर्माण कराया जाए। 3. पुलिया निर्माण की तकनीकी एवं गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 4. यदि जांच में गुणवत्ता-विहीन सामग्री अथवा निर्माण कार्य में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं इंजीनियर सहित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः श्रीमान जी से विनम्र निवेदन है कि उक्त जनहित एवं विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए तीन दिवस के अंदर संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित नहीं किया जाता तो समस्त ग्रामवासी जनाक्रोश प्रदर्शन एवं चक्का जाम के लिए बाध्य होगें जिसकी समस्त जवाबदारी शासन व प्रशासन की होगी। दिनांक: 06 सितंबर 2026 स्थान: बुड़ेरुआ पुलिया, मैहर (म.प्र.) भवदीय समस्त ग्रामवासी ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ तहसील एवं जिला मैहर (म.प्र.) मो. 7509878020
प्रति, श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय, जिला मैहर, मध्यप्रदेश। विषय: ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ को जोड़ने वाली क्षतिग्रस्त नहर की पुलिया के बगल से तत्काल अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाए जाने तथा पुलिया निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार ठेकेदार एवं इंजीनियर के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन है कि ग्राम पंचायत जरियारी एवं बुड़ेरुआ सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाली नहर की पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उक्त मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग बंद किया जाना उचित है, किंतु इसके कारण ग्रामीणों तथा विशेष रूप से विद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में काफी असुविधा हो रही है। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक डायवर्सन मार्ग निर्धारित किया गया है, किंतु उक्त मार्ग की दूरी अधिक होने के कारण विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों का अतिरिक्त समय और धन खर्च हो रहा है। साथ ही, लंबी दूरी के कारण छात्र-छात्राओं को समय पर विद्यालय पहुंचने एवं वापस आने में भी परेशानी हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पुलिया की स्थायी मरम्मत में यदि समय लगना है, तो तब तक पुलिया के बगल से मिट्टी डालकर सुरक्षित एवं अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों का आवागमन सुचारू हो सके और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। इसके साथ ही, ग्रामीणों का कहना है कि उक्त पुलिया का निर्माण होने के लगभग 14 माह के अंदर ही पुलिया क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त होने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं उपयोग की गई सामग्री पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। अतः पुलिया निर्माण कार्य की तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण जांच कराना आवश्यक है। यदि जांच में निर्माण कार्य में गुणवत्ता-विहीन सामग्री का उपयोग अथवा निर्माण मापदंडों में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार, इंजीनियर एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों/व्यक्तियों की जवाबदेही निर्धारित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः हमारी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं— 1. पुलिया के बगल से तत्काल मिट्टी डालकर सुरक्षित अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाए, ताकि बच्चों एवं ग्रामीणों का आवागमन सुचारू हो सके। 2. क्षतिग्रस्त नहर पुलिया की शीघ्र स्थायी मरम्मत/पुनर्निर्माण कराया जाए। 3. पुलिया निर्माण की तकनीकी एवं गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 4. यदि जांच में गुणवत्ता-विहीन सामग्री अथवा निर्माण कार्य में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं इंजीनियर सहित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः श्रीमान जी से विनम्र निवेदन है कि उक्त जनहित एवं विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए तीन दिवस के अंदर संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित नहीं किया जाता तो समस्त ग्रामवासी जनाक्रोश प्रदर्शन एवं चक्का जाम के लिए बाध्य होगें जिसकी समस्त जवाबदारी शासन व प्रशासन की होगी। दिनांक: 06 सितंबर 2026 स्थान: बुड़ेरुआ पुलिया, मैहर (म.प्र.) भवदीय समस्त ग्रामवासी ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ तहसील एवं जिला मैहर (म.प्र.) मो. 7509878020 प्रति, श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय, जिला मैहर, मध्यप्रदेश। विषय: ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ को जोड़ने वाली क्षतिग्रस्त नहर की पुलिया के बगल से तत्काल अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाए जाने तथा पुलिया निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार ठेकेदार एवं इंजीनियर के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन है कि ग्राम पंचायत जरियारी एवं बुड़ेरुआ सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाली नहर की पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उक्त मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग बंद किया जाना उचित है, किंतु इसके कारण ग्रामीणों तथा विशेष रूप से विद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में काफी असुविधा हो रही है। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक डायवर्सन मार्ग निर्धारित किया गया है, किंतु उक्त मार्ग की दूरी अधिक होने के कारण विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों का अतिरिक्त समय और धन खर्च हो रहा है। साथ ही, लंबी दूरी के कारण छात्र-छात्राओं को समय पर विद्यालय पहुंचने एवं वापस आने में भी परेशानी हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पुलिया की स्थायी मरम्मत में यदि समय लगना है, तो तब तक पुलिया के बगल से मिट्टी डालकर सुरक्षित एवं अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों का आवागमन सुचारू हो सके और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। इसके साथ ही, ग्रामीणों का कहना है कि उक्त पुलिया का निर्माण होने के लगभग 14 माह के अंदर ही पुलिया क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त होने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं उपयोग की गई सामग्री पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। अतः पुलिया निर्माण कार्य की तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण जांच कराना आवश्यक है। यदि जांच में निर्माण कार्य में गुणवत्ता-विहीन सामग्री का उपयोग अथवा निर्माण मापदंडों में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार, इंजीनियर एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों/व्यक्तियों की जवाबदेही निर्धारित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः हमारी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं— 1. पुलिया के बगल से तत्काल मिट्टी डालकर सुरक्षित अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाए, ताकि बच्चों एवं ग्रामीणों का आवागमन सुचारू हो सके। 2. क्षतिग्रस्त नहर पुलिया की शीघ्र स्थायी मरम्मत/पुनर्निर्माण कराया जाए। 3. पुलिया निर्माण की तकनीकी एवं गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 4. यदि जांच में गुणवत्ता-विहीन सामग्री अथवा निर्माण कार्य में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं इंजीनियर सहित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः श्रीमान जी से विनम्र निवेदन है कि उक्त जनहित एवं विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए तीन दिवस के अंदर संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित नहीं किया जाता तो समस्त ग्रामवासी जनाक्रोश प्रदर्शन एवं चक्का जाम के लिए बाध्य होगें जिसकी समस्त जवाबदारी शासन व प्रशासन की होगी। दिनांक: 06 सितंबर 2026 स्थान: बुड़ेरुआ पुलिया, मैहर (म.प्र.) भवदीय समस्त ग्रामवासी ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ तहसील एवं जिला मैहर (म.प्र.) मो. 7509878020
- *संकट की घड़ी में चित्रकूट के बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़े हुए सौरज पांडेय* *‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का संदेश लेकर पहुंचे राहत सामग्री व वस्त्र लेकर, जरूरतमंद परिवारों की मदद का उठाया बीड़ा* *संकट की घड़ी में चित्रकूट के बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़े हुए सौरज पांडेय* *‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का संदेश लेकर पहुंचे राहत सामग्री व वस्त्र लेकर, जरूरतमंद परिवारों की मदद का उठाया बीड़ा* मैहर - प्रभु श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट इन दिनों बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित है। संकट की इस घड़ी में बाढ़ पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए समाजसेवी एवं युवा नेता सौरज पांडेय,माई की रसोई मैहर के संचालक पंडित धीरज महाराज के सुपुत्र, सेवा भाव के साथ चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जरूरतमंद लोगों से मुलाकात की और उन्हें वस्त्र सहित राहत सामग्री उपलब्ध कराई। बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के सामने जीवन-यापन की चुनौती खड़ी है। ऐसे कठिन समय में सौरज पांडेय ने पीड़ितों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और यथासंभव सहायता प्रदान की। उनका कहना है कि आपदा के समय जरूरतमंदों की सेवा करना ही सच्ची मानवता है और ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ की भावना से प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को आगे आकर पीड़ितों की मदद करनी चाहिए। सौरज पांडेय ने कहा कि चित्रकूट केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम की तपोभूमि है। यहां आई आपदा में प्रभावित लोगों के साथ खड़ा होना हमारा सामाजिक और मानवीय दायित्व है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास छोटा जरूर है, लेकिन बाढ़ पीड़ितों के चेहरों पर राहत और उम्मीद की मुस्कान लाना ही सेवा का सबसे बड़ा उद्देश्य है। इस दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों ने सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। सौरज पांडेय के इस सेवा प्रयास की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।4
- खबर अमरपाटन *बिश्वहिन्दू षरिषद प्रखंड अमरपाटन सहित सामाजिक संगठनों के द्वारा मुकुन्दपुर मे बारिश से पीड़ित परिवार जिन घरों में लगातार बारिश की वजह से जल भराव होंने के कारण लोगों के घरों रखा अनाज भीग कर नष्ट हो गया था उन परिवारों के घर पहुंच कर संवेदना जताई साथ ही पहुंचाई राहत सामग्री लोगों के मन मे जगी आशा।* खबर अमरपाटन *बिश्वहिन्दू षरिषद प्रखंड अमरपाटन सहित सामाजिक संगठनों के द्वारा मुकुन्दपुर मे बारिश से पीड़ित परिवार जिन घरों में लगातार बारिश की वजह से जल भराव होंने के कारण लोगों के घरों रखा अनाज भीग कर नष्ट हो गया था उन परिवारों के घर पहुंच कर संवेदना जताई साथ ही पहुंचाई राहत सामग्री लोगों के मन मे जगी आशा।* संगठन जिला महामंत्री मैहर लक्ष्मी कांत द्विवेदी सहित संगठन के कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठन के द्वारा बारिश के समय से लगातार सक्रियता निभाते रहे जल भराव के समय सभी बस्तियों का घर घर पहुंच कर अवलोकन किया पीडित परिवार से खाद्यान की जानकारी ली और जरुरत मंदों तक राहत सामग्री पहुंचाई तब तक प्रसासन बेख़बर था खबर सुर्खियों में आने के बाद प्रशासन ने भी सक्रियता निभाई लोगों का कहना है इस सामाजिक पहेल से पीड़ित परिवार को कुछ राहत महसूस कराई1
- रैगाँव विधानसभा के ग्राम पंचायत हिलौंधा, छोटे टोला की सड़क की दुर्दशा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। रैगाँव विधानसभा के ग्राम पंचायत हिलौंधा, छोटे टोला की सड़क की दुर्दशा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस क्षेत्र में लगातार 25 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के विधायक रहे हैं और वर्तमान में भी भाजपा की सरकार है, जहाँ से माननीय राज्यमंत्री श्रीमती प्रीतमा बागरी जी विधायक हैं तथा क्षेत्र को लंबे समय से भाजपा के सांसदों का प्रतिनिधित्व प्राप्त रहा है, वहाँ आज भी ग्रामीणों को सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इस बदहाल सड़क के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, बीमार महिलाएँ, बुजुर्ग और मरीज अस्पताल पहुँचने के लिए परेशान हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि ग्रामीणों द्वारा शासन-प्रशासन से कई बार शिकायत और अपील करने के बावजूद आज तक इस समस्या की ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। मध्यप्रदेश युवक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव शिवम सिंह परिहार जी एवं पूर्व युवक कांग्रेस जिला प्रवक्ता धर्मेन्द्र रजक हिलौंधा माननीय राज्यमंत्री प्रीतमा बागरी जी एवं क्षेत्रीय सांसद जी से आग्रह करता हूँ कि हिलौंधा छोटे टोला की सड़क की तत्काल सुध ली जाए और सड़क निर्माण/मरम्मत का कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो हम ग्रामवासियों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से अनशन और आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे। Ajay Singh Neelanshu Chaturvedi Pratima Bagri Ganesh Singh Collector Satna Dr Mohan Yadav Jitu Patwari1
- रामपुर बघेलान में 'माटी गणेश - सिद्ध गणेश' अभियान को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित *रामपुर बघेलान में 'माटी गणेश - सिद्ध गणेश' अभियान को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित* *राइजिंग सतना रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट✍️* *रामपुर बघेलान, सतना।* मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं नर्मदा समग्र द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर *'माटी गणेश - सिद्ध गणेश अभियान'* चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रामपुर बघेलान में जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए लोगों को पीओपी की जगह मिट्टी के गणेश जी स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है। नागरिकों से अपील की गई कि वे घर में ही माटी की प्रतिमा स्थापित करें और विसर्जन भी घर पर ही बाल्टी या टब में करें, ताकि प्राप्त मिट्टी का उपयोग पौधारोपण में किया जा सके। इससे नदियों और तालाबों को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा। कार्यक्रम में प्रशिक्षक डॉ. सरदार चौधरी द्वारा मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाकर प्रशिक्षण दिया गया। मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम की कक्षा में आयोजित इस कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक श्रीमती ममता सिंह, ग्राम सुधार समिति से अशोक द्विवेदी, वरुण त्रिपाठी, संकट मोचन सेवा संस्थान से प्रभात मिश्रा, परामर्शदाता डॉ. सरदार चौधरी, शिखा सिंह, पूनम सिंह, चेतना द्विवेदी, रामहर्ष पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।3
- *जरियारी पुलिया की समस्या को लेकर चल रहे ग्रामीणों के प्रदर्शन में जनप्रतिनिधि के रूप में कुलदीप तिवारी भी मौके पर पहुंचे।* उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों का समर्थन करते हुए प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद प्रशासन के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त किया गया। आश्वासन से ग्रामीण फिलहाल संतुष्ट हैं और अब उन्हें जल्द समाधान की उम्मीद है। *जरियारी पुलिया की समस्या को लेकर चल रहे ग्रामीणों के प्रदर्शन में जनप्रतिनिधि के रूप में कुलदीप तिवारी भी मौके पर पहुंचे।* उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों का समर्थन करते हुए प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद प्रशासन के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त किया गया। आश्वासन से ग्रामीण फिलहाल संतुष्ट हैं और अब उन्हें जल्द समाधान की उम्मीद है।1
- 🚨 जरियारी में ग्रामीणों की आवाज बनी डिप्टी सीएम तक 🚨 हाईवे से गुजर रहे उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को जरियारी के ग्रामीणों ने सम्मानपूर्वक रुकवाकर गांव की क्षतिग्रस्त पुलिया की गंभीर समस्या बताई। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन प्रभावित है और ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने डिप्टी सीएम से तत्काल डायवर्सन निर्माण कराने की मांग रखी। उपमुख्यमंत्री के सामने समस्या रखते हुए ग्रामीणों ने जल्द समाधान की उम्मीद जताई। 📍 जरियारी | मध्य प्रदेश 🗣️ ग्रामीणों की मांग—समस्या का जल्द हो समाधान! #जरियारी #डिप्टीसीएम #राजेंद्रशुक्ल #ग्रामीण #क्षतिग्रस्तपुलिया #डायवर्सन #जनसमस्या #मध्यप्रदेश 🚨 जरियारी में ग्रामीणों की आवाज बनी डिप्टी सीएम तक 🚨 हाईवे से गुजर रहे उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को जरियारी के ग्रामीणों ने सम्मानपूर्वक रुकवाकर गांव की क्षतिग्रस्त पुलिया की गंभीर समस्या बताई। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन प्रभावित है और ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने डिप्टी सीएम से तत्काल डायवर्सन निर्माण कराने की मांग रखी। उपमुख्यमंत्री के सामने समस्या रखते हुए ग्रामीणों ने जल्द समाधान की उम्मीद जताई। 📍 जरियारी | मध्य प्रदेश 🗣️ ग्रामीणों की मांग—समस्या का जल्द हो समाधान! #जरियारी #डिप्टीसीएम #राजेंद्रशुक्ल #ग्रामीण #क्षतिग्रस्तपुलिया #डायवर्सन #जनसमस्या #मध्यप्रदेश1
- मैहर जिले / अमरपाटन के ग्राम पंचायत झिन्ना के अमरपाटन जनपद से एक शर्मनाक खबर सामने आई है... जहां एक सरपंच ने धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ कर दिया *चैनल के लिए फाइनल पैकेज - खबर मैहर से* *SLUG - मैहर / सरपंच ने धार्मिक आस्था से किया खिलवाड़, तालाब में बना दिया शौचालय - ग्रामीणों में आक्रोश* --- *[एंकर INTRO]* मैहर जिले के अमरपाटन जनपद से एक शर्मनाक खबर सामने आई है... जहां एक सरपंच ने धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ कर दिया... ग्राम झिन्ना के ककरहा टोला में देवी दाई के प्राचीन मंदिर से लगे तालाब की मेड़ के अंदर ही सामुदायिक शौचालय और कचरा दान बनवा दिया गया... अब बारिश में शौचालय का सेफ्टी टैंक धराशायी हो गया और मल-मूत्र मंदिर के पानी में मिल गया... जिससे ग्रामीणों सहित धार्मिक संगठनों में भारी आक्रोश है... *[VO - 1]* जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत ग्राम झिन्ना के ककरहा टोला में देवी दाई का प्राचीन मंदिर स्थित है... जिससे क्षेत्र के लोगों की अटूट आस्था जुड़ी है... मंदिर की तलहटी में एक पुराना तालाब है... और उसी तालाब के जल से हर सुबह माता का स्नान कराया जाता है... लेकिन वर्तमान सरपंच ने इसी तालाब की मेड़ के अंदर की तरफ सामुदायिक शौचालय और कचरा दान बनवा दिया... ग्रामीण पिछले दो सालों से इसका विरोध कर रहे हैं... ग्रामीणों का कहना है कि यह सीधे-सीधे उनकी धार्मिक आस्था पर चोट है... *[VO - 2 - तालाब / शौचालय के VISUAL पर]* बीते दिनों लगातार बारिश के चलते तालाब पूरी तरह उफान पर आ गया... तालाब के अंदर बना सामुदायिक शौचालय और कचरा दान जलमग्न हो गया... जलस्तर बढ़ने से शौचालय का सेफ्टी टैंक धराशायी हो गया... ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से बने इस शौचालय का उपयोग हो रहा था... अब सेफ्टी टैंक का मल-मूत्र तालाब के पानी में मिल गया है... और गंदा पानी मंदिर तक पहुंच गया है... जिससे पूरा तालाब दूषित हो गया है... *[BYTE - ग्रामीण]* *[BYTE - सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र सिंह]* सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र सिंह ने सरपंच को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि तालाब के अंदर शौचालय और कचरा दान बनवाकर सरपंच ने धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ किया है... आज अपशिष्ट गंदा पानी मंदिर तक पहुंच रहा है... सवाल यह है कि आखिर सरपंच ने तालाब के अंदरूनी हिस्से में शौचालय क्यों बनवाया... और इंजीनियर सहित अधिकारियों ने इसे पास कैसे कर दिया... *[CLOSING VO]* ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जांच कर सरपंच पर कार्रवाई की मांग की है... अब देखना होगा कि प्रशासन आस्था से खिलवाड़ करने वाले इस मामले पर क्या कार्रवाई करता है... मैहर से ... की रिपोर्ट।2
- *सागर नकली शराब मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे सख्त निर्देश, 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच* - *सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से हुईं मौतें* - *घटना से संबंधित किसी दोषी को नहीं छोड़ेंगे प्रदेश के मुखिया* - *सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावितों से मिले वरिष्ठ अधिकारी* भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। *सीएम डॉ. यादव ने दिखाई थी सख्ती* घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की थी और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के मद्देनजर सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। *सागर नकली शराब मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे सख्त निर्देश, 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच* - *सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से हुईं मौतें* - *घटना से संबंधित किसी दोषी को नहीं छोड़ेंगे प्रदेश के मुखिया* - *सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावितों से मिले वरिष्ठ अधिकारी* भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। *सीएम डॉ. यादव ने दिखाई थी सख्ती* घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की थी और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के मद्देनजर सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।1
- *सागर नकली शराब मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे सख्त निर्देश, 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच* - *सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से हुईं मौतें* - *घटना से संबंधित किसी दोषी को नहीं छोड़ेंगे प्रदेश के मुखिया* - *सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावितों से मिले वरिष्ठ अधिकारी* भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। *सीएम डॉ. यादव ने दिखाई थी सख्ती* घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की थी और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के मद्देनजर सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। *सागर नकली शराब मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे सख्त निर्देश, 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच* - *सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से हुईं मौतें* - *घटना से संबंधित किसी दोषी को नहीं छोड़ेंगे प्रदेश के मुखिया* - *सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावितों से मिले वरिष्ठ अधिकारी* भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। *सीएम डॉ. यादव ने दिखाई थी सख्ती* घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की थी और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के मद्देनजर सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।1