*सागर नकली शराब मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे सख्त निर्देश, 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच* - *सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से हुईं मौतें* - *घटना से संबंधित किसी दोषी को नहीं छोड़ेंगे प्रदेश के मुखिया* - *सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावितों से मिले वरिष्ठ अधिकारी* भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। *सीएम डॉ. यादव ने दिखाई थी सख्ती* घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की थी और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के मद्देनजर सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। *सागर नकली शराब मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे सख्त निर्देश, 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच* - *सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से हुईं मौतें* - *घटना से संबंधित किसी दोषी को नहीं छोड़ेंगे प्रदेश के मुखिया* - *सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावितों से मिले वरिष्ठ अधिकारी* भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। *सीएम डॉ. यादव ने दिखाई थी सख्ती* घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की थी और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के मद्देनजर सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।
*सागर नकली शराब मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे सख्त निर्देश, 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच* - *सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से हुईं मौतें* - *घटना से संबंधित किसी दोषी को नहीं छोड़ेंगे प्रदेश के मुखिया* - *सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावितों से मिले वरिष्ठ अधिकारी* भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। *सीएम डॉ. यादव ने दिखाई थी सख्ती* घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की थी और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के मद्देनजर सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। *सागर नकली शराब मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे सख्त निर्देश, 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच* - *सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से हुईं मौतें* - *घटना से संबंधित किसी दोषी को नहीं छोड़ेंगे प्रदेश के मुखिया* - *सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावितों से मिले वरिष्ठ अधिकारी* भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। *सीएम डॉ. यादव ने दिखाई थी सख्ती* घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की थी और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के मद्देनजर सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।
- खबर अमरपाटन *बिश्वहिन्दू षरिषद प्रखंड अमरपाटन सहित सामाजिक संगठनों के द्वारा मुकुन्दपुर मे बारिश से पीड़ित परिवार जिन घरों में लगातार बारिश की वजह से जल भराव होंने के कारण लोगों के घरों रखा अनाज भीग कर नष्ट हो गया था उन परिवारों के घर पहुंच कर संवेदना जताई साथ ही पहुंचाई राहत सामग्री लोगों के मन मे जगी आशा।* खबर अमरपाटन *बिश्वहिन्दू षरिषद प्रखंड अमरपाटन सहित सामाजिक संगठनों के द्वारा मुकुन्दपुर मे बारिश से पीड़ित परिवार जिन घरों में लगातार बारिश की वजह से जल भराव होंने के कारण लोगों के घरों रखा अनाज भीग कर नष्ट हो गया था उन परिवारों के घर पहुंच कर संवेदना जताई साथ ही पहुंचाई राहत सामग्री लोगों के मन मे जगी आशा।* संगठन जिला महामंत्री मैहर लक्ष्मी कांत द्विवेदी सहित संगठन के कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठन के द्वारा बारिश के समय से लगातार सक्रियता निभाते रहे जल भराव के समय सभी बस्तियों का घर घर पहुंच कर अवलोकन किया पीडित परिवार से खाद्यान की जानकारी ली और जरुरत मंदों तक राहत सामग्री पहुंचाई तब तक प्रसासन बेख़बर था खबर सुर्खियों में आने के बाद प्रशासन ने भी सक्रियता निभाई लोगों का कहना है इस सामाजिक पहेल से पीड़ित परिवार को कुछ राहत महसूस कराई1
- सीएम योगी ने चित्रकूट में बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत, बोले- कोई वंचित नहीं रहेगा चित्रकूट। मंदाकिनी की भयावह बाढ़ के बाद रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने रामघाट का हवाई व स्थलीय निरीक्षण किया, रैन बसेरा में पीड़ितों से मिले। रामायण मेला परिसर में 800 परिवारों को 50 किलो की 26 सामान वाली राहत किट बांटी। सीएम ने कहा- जनहानि न होना कामतानाथ का आशीर्वाद है, डबल इंजन सरकार साथ खड़ी है। जिनके घर बहे, उन्हें पीएम/सीएम आवास और जमीन का पट्टा मिलेगा। अतिक्रमण पर समीक्षा होगी। बाक्स की ख़बर सीएम दौरे से पहले सपा नेता हाउस अरेस्ट3
- रामपुर बघेलान में 'माटी गणेश - सिद्ध गणेश' अभियान को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित *रामपुर बघेलान में 'माटी गणेश - सिद्ध गणेश' अभियान को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित* *राइजिंग सतना रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट✍️* *रामपुर बघेलान, सतना।* मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं नर्मदा समग्र द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर *'माटी गणेश - सिद्ध गणेश अभियान'* चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रामपुर बघेलान में जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए लोगों को पीओपी की जगह मिट्टी के गणेश जी स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है। नागरिकों से अपील की गई कि वे घर में ही माटी की प्रतिमा स्थापित करें और विसर्जन भी घर पर ही बाल्टी या टब में करें, ताकि प्राप्त मिट्टी का उपयोग पौधारोपण में किया जा सके। इससे नदियों और तालाबों को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा। कार्यक्रम में प्रशिक्षक डॉ. सरदार चौधरी द्वारा मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाकर प्रशिक्षण दिया गया। मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम की कक्षा में आयोजित इस कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक श्रीमती ममता सिंह, ग्राम सुधार समिति से अशोक द्विवेदी, वरुण त्रिपाठी, संकट मोचन सेवा संस्थान से प्रभात मिश्रा, परामर्शदाता डॉ. सरदार चौधरी, शिखा सिंह, पूनम सिंह, चेतना द्विवेदी, रामहर्ष पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।3
- "ॐ शारदा माता ईश्वरी, मैं नित सुमरि तोय। हाथ जोड़ अरजी करूं, विद्या वर दे मोय॥" प्रात:कालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन, मां शारदा मैया आपकी कृपा से मेरा सब काम हो रहा है करती है मेरी मां शारदा मैया नाम मेरा हो रहा है जय मां शारदा भवानी !! जय माई की!! !! जय माई की !! !! जय माई की !! !! जय माई की !! !!जय हो माई शारदा की!! !!जय हो माई शारदा की!!1
- प्रति, श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय, जिला मैहर, मध्यप्रदेश। विषय: ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ को जोड़ने वाली क्षतिग्रस्त नहर की पुलिया के बगल से तत्काल अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाए जाने तथा पुलिया निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार ठेकेदार एवं इंजीनियर के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन है कि ग्राम पंचायत जरियारी एवं बुड़ेरुआ सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाली नहर की पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उक्त मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग बंद किया जाना उचित है, किंतु इसके कारण ग्रामीणों तथा विशेष रूप से विद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में काफी असुविधा हो रही है। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक डायवर्सन मार्ग निर्धारित किया गया है, किंतु उक्त मार्ग की दूरी अधिक होने के कारण विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों का अतिरिक्त समय और धन खर्च हो रहा है। साथ ही, लंबी दूरी के कारण छात्र-छात्राओं को समय पर विद्यालय पहुंचने एवं वापस आने में भी परेशानी हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पुलिया की स्थायी मरम्मत में यदि समय लगना है, तो तब तक पुलिया के बगल से मिट्टी डालकर सुरक्षित एवं अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों का आवागमन सुचारू हो सके और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। इसके साथ ही, ग्रामीणों का कहना है कि उक्त पुलिया का निर्माण होने के लगभग 14 माह के अंदर ही पुलिया क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त होने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं उपयोग की गई सामग्री पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। अतः पुलिया निर्माण कार्य की तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण जांच कराना आवश्यक है। यदि जांच में निर्माण कार्य में गुणवत्ता-विहीन सामग्री का उपयोग अथवा निर्माण मापदंडों में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार, इंजीनियर एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों/व्यक्तियों की जवाबदेही निर्धारित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः हमारी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं— 1. पुलिया के बगल से तत्काल मिट्टी डालकर सुरक्षित अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाए, ताकि बच्चों एवं ग्रामीणों का आवागमन सुचारू हो सके। 2. क्षतिग्रस्त नहर पुलिया की शीघ्र स्थायी मरम्मत/पुनर्निर्माण कराया जाए। 3. पुलिया निर्माण की तकनीकी एवं गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 4. यदि जांच में गुणवत्ता-विहीन सामग्री अथवा निर्माण कार्य में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं इंजीनियर सहित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः श्रीमान जी से विनम्र निवेदन है कि उक्त जनहित एवं विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए तीन दिवस के अंदर संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित नहीं किया जाता तो समस्त ग्रामवासी जनाक्रोश प्रदर्शन एवं चक्का जाम के लिए बाध्य होगें जिसकी समस्त जवाबदारी शासन व प्रशासन की होगी। दिनांक: 06 सितंबर 2026 स्थान: बुड़ेरुआ पुलिया, मैहर (म.प्र.) भवदीय समस्त ग्रामवासी ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ तहसील एवं जिला मैहर (म.प्र.) मो. 7509878020 प्रति, श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय, जिला मैहर, मध्यप्रदेश। विषय: ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ को जोड़ने वाली क्षतिग्रस्त नहर की पुलिया के बगल से तत्काल अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाए जाने तथा पुलिया निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार ठेकेदार एवं इंजीनियर के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन है कि ग्राम पंचायत जरियारी एवं बुड़ेरुआ सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाली नहर की पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उक्त मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग बंद किया जाना उचित है, किंतु इसके कारण ग्रामीणों तथा विशेष रूप से विद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में काफी असुविधा हो रही है। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक डायवर्सन मार्ग निर्धारित किया गया है, किंतु उक्त मार्ग की दूरी अधिक होने के कारण विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों का अतिरिक्त समय और धन खर्च हो रहा है। साथ ही, लंबी दूरी के कारण छात्र-छात्राओं को समय पर विद्यालय पहुंचने एवं वापस आने में भी परेशानी हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पुलिया की स्थायी मरम्मत में यदि समय लगना है, तो तब तक पुलिया के बगल से मिट्टी डालकर सुरक्षित एवं अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों का आवागमन सुचारू हो सके और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। इसके साथ ही, ग्रामीणों का कहना है कि उक्त पुलिया का निर्माण होने के लगभग 14 माह के अंदर ही पुलिया क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त होने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं उपयोग की गई सामग्री पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। अतः पुलिया निर्माण कार्य की तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण जांच कराना आवश्यक है। यदि जांच में निर्माण कार्य में गुणवत्ता-विहीन सामग्री का उपयोग अथवा निर्माण मापदंडों में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार, इंजीनियर एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों/व्यक्तियों की जवाबदेही निर्धारित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः हमारी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं— 1. पुलिया के बगल से तत्काल मिट्टी डालकर सुरक्षित अस्थायी डायवर्सन मार्ग बनाया जाए, ताकि बच्चों एवं ग्रामीणों का आवागमन सुचारू हो सके। 2. क्षतिग्रस्त नहर पुलिया की शीघ्र स्थायी मरम्मत/पुनर्निर्माण कराया जाए। 3. पुलिया निर्माण की तकनीकी एवं गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 4. यदि जांच में गुणवत्ता-विहीन सामग्री अथवा निर्माण कार्य में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं इंजीनियर सहित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए। अतः श्रीमान जी से विनम्र निवेदन है कि उक्त जनहित एवं विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए तीन दिवस के अंदर संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित नहीं किया जाता तो समस्त ग्रामवासी जनाक्रोश प्रदर्शन एवं चक्का जाम के लिए बाध्य होगें जिसकी समस्त जवाबदारी शासन व प्रशासन की होगी। दिनांक: 06 सितंबर 2026 स्थान: बुड़ेरुआ पुलिया, मैहर (म.प्र.) भवदीय समस्त ग्रामवासी ग्राम जरियारी एवं बुड़ेरुआ तहसील एवं जिला मैहर (म.प्र.) मो. 75098780201
- *जरियारी पुलिया की समस्या को लेकर चल रहे ग्रामीणों के प्रदर्शन में जनप्रतिनिधि के रूप में कुलदीप तिवारी भी मौके पर पहुंचे।* उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों का समर्थन करते हुए प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद प्रशासन के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त किया गया। आश्वासन से ग्रामीण फिलहाल संतुष्ट हैं और अब उन्हें जल्द समाधान की उम्मीद है। *जरियारी पुलिया की समस्या को लेकर चल रहे ग्रामीणों के प्रदर्शन में जनप्रतिनिधि के रूप में कुलदीप तिवारी भी मौके पर पहुंचे।* उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों का समर्थन करते हुए प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद प्रशासन के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त किया गया। आश्वासन से ग्रामीण फिलहाल संतुष्ट हैं और अब उन्हें जल्द समाधान की उम्मीद है।1
- *सागर नकली शराब मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे सख्त निर्देश, 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच* - *सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से हुईं मौतें* - *घटना से संबंधित किसी दोषी को नहीं छोड़ेंगे प्रदेश के मुखिया* - *सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावितों से मिले वरिष्ठ अधिकारी* भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। *सीएम डॉ. यादव ने दिखाई थी सख्ती* घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की थी और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के मद्देनजर सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। *सागर नकली शराब मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे सख्त निर्देश, 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच* - *सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से हुईं मौतें* - *घटना से संबंधित किसी दोषी को नहीं छोड़ेंगे प्रदेश के मुखिया* - *सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावितों से मिले वरिष्ठ अधिकारी* भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। *सीएम डॉ. यादव ने दिखाई थी सख्ती* घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की थी और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के मद्देनजर सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।1
- *सागर नकली शराब मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे सख्त निर्देश, 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच* - *सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से हुईं मौतें* - *घटना से संबंधित किसी दोषी को नहीं छोड़ेंगे प्रदेश के मुखिया* - *सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावितों से मिले वरिष्ठ अधिकारी* भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। *सीएम डॉ. यादव ने दिखाई थी सख्ती* घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की थी और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के मद्देनजर सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। *सागर नकली शराब मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे सख्त निर्देश, 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच* - *सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से हुईं मौतें* - *घटना से संबंधित किसी दोषी को नहीं छोड़ेंगे प्रदेश के मुखिया* - *सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावितों से मिले वरिष्ठ अधिकारी* भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। *सीएम डॉ. यादव ने दिखाई थी सख्ती* घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की थी और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के मद्देनजर सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।1