दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोधपुर में युवा कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर इकट्ठा होकर करीब एक घंटे तक सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुरक्षा के लिहाज से कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे और बैरिकेड्स लगाए गए थे। जब कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के अंदर जाने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोका, जिसके बाद कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस द्वारा नीचे धकेले जाने पर दोनों पक्षों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। बाद में समझाइश के बाद कार्यकर्ता शांत हुए और राष्ट्रपति के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए युवा कांग्रेस ने NEET पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष, समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की। इसके साथ ही "म्हारी बोली, म्हारो राजस्थान" अभियान की भावना का सम्मान करते हुए राज्य की भाषा-संस्कृति की रक्षा करने, किसी भी प्रकार के भाषाई थोपने पर रोक लगाने, प्रदेश के किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी करने और कृषि को लाभकारी बनाने की मांग रखी गई। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की वर्तमान नीति को बंद करने की मांग करते हुए कहा गया कि इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और वाहनों के इंजन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही युवाओं के लोकतांत्रिक आंदोलनों पर दमनात्मक कार्रवाई रोककर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की रक्षा करने की मांग की गई। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष पुखराज, ग्रामीण अध्यक्ष मनीष बिश्नोई और छात्र नेता एमएल चौधरी सहित यूथ कांग्रेस तथा एनएसयूआई (NSUI) के अनेक कार्यकर्ता शामिल हुए।
दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोधपुर में युवा कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर इकट्ठा होकर करीब एक घंटे तक सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुरक्षा के लिहाज से कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे और बैरिकेड्स लगाए गए थे। जब कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के अंदर जाने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोका, जिसके बाद कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस द्वारा नीचे धकेले जाने पर दोनों पक्षों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। बाद में समझाइश के बाद कार्यकर्ता शांत हुए और राष्ट्रपति के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए युवा कांग्रेस ने NEET पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष, समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की। इसके साथ ही "म्हारी बोली, म्हारो राजस्थान" अभियान की भावना का सम्मान करते हुए राज्य की भाषा-संस्कृति की रक्षा करने, किसी भी प्रकार के भाषाई थोपने पर रोक लगाने, प्रदेश के किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी करने और कृषि को लाभकारी बनाने की मांग रखी गई। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की वर्तमान नीति को बंद करने की मांग करते हुए कहा गया कि इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और वाहनों के इंजन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही युवाओं के लोकतांत्रिक आंदोलनों पर दमनात्मक कार्रवाई रोककर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की रक्षा करने की मांग की गई। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष पुखराज, ग्रामीण अध्यक्ष मनीष बिश्नोई और छात्र नेता एमएल चौधरी सहित यूथ कांग्रेस तथा एनएसयूआई (NSUI) के अनेक कार्यकर्ता शामिल हुए।
- जैसलमेर जिले के फतेहगढ़ उपखंड अंतर्गत दवाडा क्षेत्र में कल शाम मूसलाधार बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। इस मूसलाधार बारिश के बाद क्षेत्र के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।1
- बाड़मेर जिले के बायतु कस्बे से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। सड़क किनारे नाले पर जगह होने के बावजूद कई सब्जी विक्रेताओं द्वारा अपने हाथ ठेले मुख्य हाईवे पर ही खड़े किए जा रहे हैं। इससे पूरे मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहनों और हाथ ठेलों के कारण कई बार जाम जैसी स्थिति बन जाती है। विशेष रूप से व्यस्त समय में राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और बड़े वाहनों को यहां से निकलने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। समय रहते संबंधित विभाग और प्रशासन द्वारा ध्यान न दिए जाने पर भविष्य में कोई गंभीर सड़क दुर्घटना हो सकती है। प्रशासनिक उपेक्षा पर सवाल उठाते हुए लोगों का कहना है कि यदि किसी हादसे में जनहानि होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर किए गए अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग को हटाकर यातायात सुचारु कराया जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।1
- राजस्थान के बाड़मेर जिले में जोरदार आंधी और बरसात का दौर देखा जा रहा है। क्षेत्र में आंधी और बारिश के साथ हवाएं बहुत तेजी से चल रही हैं।1
- फलोदी में समाज सेवा की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मानव सेवा संस्थान की ओर से नए वृद्धाश्रम भवन के निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन कर शुभारंभ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए इस कार्यक्रम में संस्थान के पदाधिकारियों के साथ ही बड़ी संख्या में समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित सभी लोगों ने इस जनकल्याणकारी परियोजना की सफलता की कामना की। संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि नए वृद्धाश्रम भवन के निर्माण से निराश्रित और जरूरतमंद बुजुर्गों को सुरक्षित आवास, बेहतर देखभाल तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल बुजुर्गों के सम्मानपूर्ण और सुरक्षित जीवन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। वहीं, कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया और सभी से ऐसे सेवा कार्यों में सहयोग करने की अपील की।1
- असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM अब राजस्थान के जोधपुर नगर निगम चुनाव में हिस्सा लेगी। पार्टी ने तय किया है कि वह इस चुनाव में उतरकर अपनी किस्मत आजमाएगी और चुनाव लड़ेगी।1
- जालौर जिले के कंवला गांव की आबादी से सटी खसरा नंबर 499 की पहाड़ी पर कथित अवैध खनन और भारी ब्लास्टिंग के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेड ज़ोन घोषित क्षेत्र में भी अवैध खनन और हैवी ब्लास्टिंग लगातार जारी है, जिससे मकानों में दरारें आ रही हैं और लोगों की जान-माल पर खतरा बना हुआ है। ज्ञापन के अनुसार, 23 जुलाई को बिना किसी पूर्व सूचना के की गई ब्लास्टिंग के कारण पत्थर आबादी तक आ पहुंचे और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही अवैध खनन से बरसाती प्राकृतिक नालों का प्रवाह भी बाधित हो गया है, जिससे आसपास के गांवों में जल निकासी और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शिव, कालिका, माताजी और गणेश मंदिरों तक पहुंचने वाला मार्ग भी इस खनन के कारण प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष मांग रखी है कि अवैध खनन और ब्लास्टिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए, वहां से अवैध मलबा हटाया जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और क्षेत्र में कोई नया खनन पट्टा आवंटित न किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे न्यायालय की शरण लेने के लिए मजबूर होंगे।1
- दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोधपुर में युवा कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर इकट्ठा होकर करीब एक घंटे तक सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुरक्षा के लिहाज से कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे और बैरिकेड्स लगाए गए थे। जब कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के अंदर जाने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोका, जिसके बाद कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस द्वारा नीचे धकेले जाने पर दोनों पक्षों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। बाद में समझाइश के बाद कार्यकर्ता शांत हुए और राष्ट्रपति के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए युवा कांग्रेस ने NEET पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष, समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की। इसके साथ ही "म्हारी बोली, म्हारो राजस्थान" अभियान की भावना का सम्मान करते हुए राज्य की भाषा-संस्कृति की रक्षा करने, किसी भी प्रकार के भाषाई थोपने पर रोक लगाने, प्रदेश के किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी करने और कृषि को लाभकारी बनाने की मांग रखी गई। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की वर्तमान नीति को बंद करने की मांग करते हुए कहा गया कि इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और वाहनों के इंजन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही युवाओं के लोकतांत्रिक आंदोलनों पर दमनात्मक कार्रवाई रोककर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की रक्षा करने की मांग की गई। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष पुखराज, ग्रामीण अध्यक्ष मनीष बिश्नोई और छात्र नेता एमएल चौधरी सहित यूथ कांग्रेस तथा एनएसयूआई (NSUI) के अनेक कार्यकर्ता शामिल हुए।1