केंद्रीय मंत्री एवं संस्कृति मंत्री ने चंदेरी में बैजू बावरा संगीत समारोह का किया शुभारंभ अशोकनगर। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा क्षेत्रीय सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने रविवार को चंदेरी मेला ग्राउंड में दीप प्रज्जवलित कर बैजू बावरा संगीत समारोह का शुभारंभ किया गया। शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ऐतिहासिक गौरवशाली चंदेरी नगरी में महान संगीतज्ञ बैजू बावरा समारोह का आयोजन एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ग्वालियर में महान संगीतज्ञ तानसेन तथा चंदेरी में बैजू बावरा संगीत समारोह का आयोजन वृहद स्तर पर हो या सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि चंदेरी में पग- पग और डग -डग पर प्राचीन ऐतिहासिक धराहरें हैं,जो प्राचीन काल का इतिहास बताती हैं। उन्होंने कहा कि चंदेरी की इस माटी के साथ सिंधिया परिवार का सदैव हृदय से संबंध रहा है। मध्य प्रदेश के एक छोर पर बसी है चंदेरी है। चंदेरी ने समूचे बुंदेलखंड और समूचे मध्य प्रदेश के अंचल को एक बट वृक्ष के रूप में छाया सदैव दिया है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में संगीत सम्राट तानसेन तथा चंदेरी में महान संगीतज्ञ श्री बैजू बावरा समारोह के बीच प्रतिवर्ष प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए।जिससे ग्वालियर के साथ-साथ आने वाले समय में चंदेरी का भी महत्व संगीत के क्षेत्र में विश्व में चिरस्थाई हो सके। मध्य प्रदेश के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि भारत की संस्कृति में संगीत को आत्मा में अभिव्यक्ति माना गया है। संगीत को नादमय माना गया है। संपूर्ण जगत नादमय में है सृष्टि का आधार नाद है और सभी इसी इसी नाद से प्रेरित होकर अपनी साधना की अभिव्यक्ति करते हैं। भारत की परंपरा में संगीत को ही ईश्वर से संवाद का माध्यम माना जाता है। जहां संगीत है वहां नृत्य है, जहां नृत्य है, वहां ईश्वर है, जहां ईश्वर है, वहां मंगल ही मंगल होता है। भारतीय संगीत साधना की इसी महान परंपरा ने स्वामी हरिदास जी, तानसेन, बैजू बावरा जैसे महान संगीतज्ञों को जन्म दिया है। बैजू बावरा महान संगीत परंपरा के तपस्वी थे, जो हमेंशा संगीत साधना से आत्मा की यात्रा तक ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा ऐसे आयोजन लगातार किए जा रहे हैं जिससे संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है। शुभारंभ अवसर पर उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला निदेशक प्रकाश सिंह ठाकुर ने चंदेरी में तीन दिवसीय बैजू बावरा समारोह के बारे में मुख्य अतिथियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैजू बावरा समारोह का आयोजन प्रति वर्ष चंदेरी में भाभी रूप से नियमित रूप से कराया जाएगा। राज्यस्तरीय साहित्य कला क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने कलाकारों का किया सम्मान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा संस्कृति मंत्री मध्य प्रदेश शासन श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने मध्यप्रदेश राज्य रूपंकर कला पुरस्कार साहित्य कला क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का सम्मान किया गया। जिसमें दत्तात्रय दामोदर देवलालीकर पुरस्कार सुश्री नंदिता तिवारी (कृति शीर्षक – स्क्रैप मटेरियल), रघुनाथ कृष्णराव फड़के पुरस्कार सुश्री अनुश्री गुप्ता (कृति शीर्षक -सुंदरकांड एवं समकालीन कथा), नारायण श्रीधर बेन्द्रे पुरस्कार श्री गोविंद विश्वकर्मा (कृति शीर्षक मृत्युंजय 1), मुकुन्द सखाराम भाण्ड पुरस्कार सुश्री प्रतिभा सिंह (कृति शीर्षक - संपूर्ण रामायण), देवकृष्ण जटाशंकर जोशी पुरस्कार श्री मोहन विश्वकर्मा (कृति शीर्षक - मैं और मेरी सहेली), जगदीश स्वामीनाथन पुरस्कार श्री आकाश जाटव (कृति शीर्षक ग्वालियरनेस 2), लक्ष्मीसिंह राजपूत पुरस्कार सुश्री शैलजा सुल्लेरे (कृति शीर्षक - हनुमान चालीसा 1), राममनोहर सिन्हा पुरस्कार श्री अनूप श्रीवास्तव (कृति शीर्षक – मांडू सीरीज 1) एवं विष्णु चिंचालकर पुरस्कार श्री आदित्य सिंह राजपूत बैलेंस वन (कृति शीर्षक - स्क्रैप मटेरियल) को अलंकृत किया गया। सम्मान स्वरूप सम्मान पट्टिका, 51 हजार रुपए की कर मुक्त राशि, शॉल एवं श्रीफल प्रदान किया गया। अतिथियों ने किया प्रदर्शनी एवं शिल्पों का अवलोकन समारोह के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने रूपंकर कला प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। इस प्रदर्शनी में राज्य रूपंकर कला पुरस्कार हेतु आमंत्रित कलाकृतियों में से चयनित 80 कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें चित्र एवं मूर्तिकला शामिल हैं। तत्पश्चात हुनर – प्रदर्शनी सह विक्रय में शिल्पकलाओं का अवलोकन किया। जिसमें शिल्पकारों द्वारा चंदेरी साड़ी, गौ शिल्प, माटी शिल्प, लकड़ी के खिलौने इत्यादि की सराहना की। शुभारंभ कार्यक्रम में चंदेरी विधायक श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, मुंगावली विधायक श्री बृजेंद्र सिंह यादव ,भाजपा जिला अध्यक्ष श्री आलोक तिवारी, कलेक्टर श्री साकेत मालवीय, पुलिस अधीक्षक श्री राजीव कुमार मिश्रा, पूर्व विधायक श्री जजपाल सिंह जज्जी, विधायक पाटन श्री अजय बिश्नोई, जनपद अध्यक्ष चंदेरी श्री महेंद्र पाल सिंह बुंदेला, नगर पालिका अध्यक्ष श्री दशरथ कोली,उपसंचालक मध्यप्रदेश संस्कृति परषिद श्री अमित कुमार यादव,उपनिदेशक श्री शेखर करहाड़कर, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में चंदेरीवासी उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री एवं संस्कृति मंत्री ने चंदेरी में बैजू बावरा संगीत समारोह का किया शुभारंभ अशोकनगर। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा क्षेत्रीय सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने रविवार को चंदेरी मेला ग्राउंड में दीप प्रज्जवलित कर बैजू बावरा संगीत समारोह का शुभारंभ किया गया। शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ऐतिहासिक गौरवशाली चंदेरी नगरी में महान संगीतज्ञ बैजू बावरा समारोह का आयोजन एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ग्वालियर में महान संगीतज्ञ तानसेन तथा चंदेरी में बैजू बावरा संगीत समारोह का आयोजन वृहद स्तर पर हो या सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि चंदेरी में पग- पग और डग -डग पर प्राचीन ऐतिहासिक धराहरें हैं,जो प्राचीन काल का इतिहास बताती हैं। उन्होंने कहा कि चंदेरी की इस माटी के साथ सिंधिया परिवार का सदैव हृदय से संबंध रहा है। मध्य प्रदेश के एक छोर पर बसी है चंदेरी है। चंदेरी ने समूचे बुंदेलखंड और समूचे मध्य प्रदेश के अंचल को एक बट वृक्ष के रूप में छाया सदैव दिया है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में संगीत सम्राट तानसेन तथा चंदेरी में महान संगीतज्ञ श्री बैजू
बावरा समारोह के बीच प्रतिवर्ष प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए।जिससे ग्वालियर के साथ-साथ आने वाले समय में चंदेरी का भी महत्व संगीत के क्षेत्र में विश्व में चिरस्थाई हो सके। मध्य प्रदेश के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि भारत की संस्कृति में संगीत को आत्मा में अभिव्यक्ति माना गया है। संगीत को नादमय माना गया है। संपूर्ण जगत नादमय में है सृष्टि का आधार नाद है और सभी इसी इसी नाद से प्रेरित होकर अपनी साधना की अभिव्यक्ति करते हैं। भारत की परंपरा में संगीत को ही ईश्वर से संवाद का माध्यम माना जाता है। जहां संगीत है वहां नृत्य है, जहां नृत्य है, वहां ईश्वर है, जहां ईश्वर है, वहां मंगल ही मंगल होता है। भारतीय संगीत साधना की इसी महान परंपरा ने स्वामी हरिदास जी, तानसेन, बैजू बावरा जैसे महान संगीतज्ञों को जन्म दिया है। बैजू बावरा महान संगीत परंपरा के तपस्वी थे, जो हमेंशा संगीत साधना से आत्मा की यात्रा तक ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा ऐसे आयोजन लगातार किए जा रहे हैं जिससे संस्कृति को बढ़ावा मिल
रहा है। शुभारंभ अवसर पर उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला निदेशक प्रकाश सिंह ठाकुर ने चंदेरी में तीन दिवसीय बैजू बावरा समारोह के बारे में मुख्य अतिथियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैजू बावरा समारोह का आयोजन प्रति वर्ष चंदेरी में भाभी रूप से नियमित रूप से कराया जाएगा। राज्यस्तरीय साहित्य कला क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने कलाकारों का किया सम्मान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा संस्कृति मंत्री मध्य प्रदेश शासन श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने मध्यप्रदेश राज्य रूपंकर कला पुरस्कार साहित्य कला क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का सम्मान किया गया। जिसमें दत्तात्रय दामोदर देवलालीकर पुरस्कार सुश्री नंदिता तिवारी (कृति शीर्षक – स्क्रैप मटेरियल), रघुनाथ कृष्णराव फड़के पुरस्कार सुश्री अनुश्री गुप्ता (कृति शीर्षक -सुंदरकांड एवं समकालीन कथा), नारायण श्रीधर बेन्द्रे पुरस्कार श्री गोविंद विश्वकर्मा (कृति शीर्षक मृत्युंजय 1), मुकुन्द सखाराम भाण्ड पुरस्कार सुश्री प्रतिभा सिंह (कृति शीर्षक - संपूर्ण रामायण), देवकृष्ण जटाशंकर जोशी पुरस्कार श्री मोहन विश्वकर्मा (कृति शीर्षक - मैं और मेरी सहेली), जगदीश स्वामीनाथन पुरस्कार श्री आकाश जाटव (कृति शीर्षक ग्वालियरनेस 2), लक्ष्मीसिंह राजपूत पुरस्कार सुश्री शैलजा सुल्लेरे (कृति शीर्षक - हनुमान चालीसा 1), राममनोहर सिन्हा पुरस्कार श्री अनूप
श्रीवास्तव (कृति शीर्षक – मांडू सीरीज 1) एवं विष्णु चिंचालकर पुरस्कार श्री आदित्य सिंह राजपूत बैलेंस वन (कृति शीर्षक - स्क्रैप मटेरियल) को अलंकृत किया गया। सम्मान स्वरूप सम्मान पट्टिका, 51 हजार रुपए की कर मुक्त राशि, शॉल एवं श्रीफल प्रदान किया गया। अतिथियों ने किया प्रदर्शनी एवं शिल्पों का अवलोकन समारोह के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने रूपंकर कला प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। इस प्रदर्शनी में राज्य रूपंकर कला पुरस्कार हेतु आमंत्रित कलाकृतियों में से चयनित 80 कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें चित्र एवं मूर्तिकला शामिल हैं। तत्पश्चात हुनर – प्रदर्शनी सह विक्रय में शिल्पकलाओं का अवलोकन किया। जिसमें शिल्पकारों द्वारा चंदेरी साड़ी, गौ शिल्प, माटी शिल्प, लकड़ी के खिलौने इत्यादि की सराहना की। शुभारंभ कार्यक्रम में चंदेरी विधायक श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, मुंगावली विधायक श्री बृजेंद्र सिंह यादव ,भाजपा जिला अध्यक्ष श्री आलोक तिवारी, कलेक्टर श्री साकेत मालवीय, पुलिस अधीक्षक श्री राजीव कुमार मिश्रा, पूर्व विधायक श्री जजपाल सिंह जज्जी, विधायक पाटन श्री अजय बिश्नोई, जनपद अध्यक्ष चंदेरी श्री महेंद्र पाल सिंह बुंदेला, नगर पालिका अध्यक्ष श्री दशरथ कोली,उपसंचालक मध्यप्रदेश संस्कृति परषिद श्री अमित कुमार यादव,उपनिदेशक श्री शेखर करहाड़कर, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में चंदेरीवासी उपस्थित थे।
- अशोकनगर। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा क्षेत्रीय सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने रविवार को चंदेरी मेला ग्राउंड में दीप प्रज्जवलित कर बैजू बावरा संगीत समारोह का शुभारंभ किया गया। शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ऐतिहासिक गौरवशाली चंदेरी नगरी में महान संगीतज्ञ बैजू बावरा समारोह का आयोजन एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ग्वालियर में महान संगीतज्ञ तानसेन तथा चंदेरी में बैजू बावरा संगीत समारोह का आयोजन वृहद स्तर पर हो या सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि चंदेरी में पग- पग और डग -डग पर प्राचीन ऐतिहासिक धराहरें हैं,जो प्राचीन काल का इतिहास बताती हैं। उन्होंने कहा कि चंदेरी की इस माटी के साथ सिंधिया परिवार का सदैव हृदय से संबंध रहा है। मध्य प्रदेश के एक छोर पर बसी है चंदेरी है। चंदेरी ने समूचे बुंदेलखंड और समूचे मध्य प्रदेश के अंचल को एक बट वृक्ष के रूप में छाया सदैव दिया है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में संगीत सम्राट तानसेन तथा चंदेरी में महान संगीतज्ञ श्री बैजू बावरा समारोह के बीच प्रतिवर्ष प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए।जिससे ग्वालियर के साथ-साथ आने वाले समय में चंदेरी का भी महत्व संगीत के क्षेत्र में विश्व में चिरस्थाई हो सके। मध्य प्रदेश के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि भारत की संस्कृति में संगीत को आत्मा में अभिव्यक्ति माना गया है। संगीत को नादमय माना गया है। संपूर्ण जगत नादमय में है सृष्टि का आधार नाद है और सभी इसी इसी नाद से प्रेरित होकर अपनी साधना की अभिव्यक्ति करते हैं। भारत की परंपरा में संगीत को ही ईश्वर से संवाद का माध्यम माना जाता है। जहां संगीत है वहां नृत्य है, जहां नृत्य है, वहां ईश्वर है, जहां ईश्वर है, वहां मंगल ही मंगल होता है। भारतीय संगीत साधना की इसी महान परंपरा ने स्वामी हरिदास जी, तानसेन, बैजू बावरा जैसे महान संगीतज्ञों को जन्म दिया है। बैजू बावरा महान संगीत परंपरा के तपस्वी थे, जो हमेंशा संगीत साधना से आत्मा की यात्रा तक ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा ऐसे आयोजन लगातार किए जा रहे हैं जिससे संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है। शुभारंभ अवसर पर उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला निदेशक प्रकाश सिंह ठाकुर ने चंदेरी में तीन दिवसीय बैजू बावरा समारोह के बारे में मुख्य अतिथियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैजू बावरा समारोह का आयोजन प्रति वर्ष चंदेरी में भाभी रूप से नियमित रूप से कराया जाएगा। राज्यस्तरीय साहित्य कला क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने कलाकारों का किया सम्मान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा संस्कृति मंत्री मध्य प्रदेश शासन श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने मध्यप्रदेश राज्य रूपंकर कला पुरस्कार साहित्य कला क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का सम्मान किया गया। जिसमें दत्तात्रय दामोदर देवलालीकर पुरस्कार सुश्री नंदिता तिवारी (कृति शीर्षक – स्क्रैप मटेरियल), रघुनाथ कृष्णराव फड़के पुरस्कार सुश्री अनुश्री गुप्ता (कृति शीर्षक -सुंदरकांड एवं समकालीन कथा), नारायण श्रीधर बेन्द्रे पुरस्कार श्री गोविंद विश्वकर्मा (कृति शीर्षक मृत्युंजय 1), मुकुन्द सखाराम भाण्ड पुरस्कार सुश्री प्रतिभा सिंह (कृति शीर्षक - संपूर्ण रामायण), देवकृष्ण जटाशंकर जोशी पुरस्कार श्री मोहन विश्वकर्मा (कृति शीर्षक - मैं और मेरी सहेली), जगदीश स्वामीनाथन पुरस्कार श्री आकाश जाटव (कृति शीर्षक ग्वालियरनेस 2), लक्ष्मीसिंह राजपूत पुरस्कार सुश्री शैलजा सुल्लेरे (कृति शीर्षक - हनुमान चालीसा 1), राममनोहर सिन्हा पुरस्कार श्री अनूप श्रीवास्तव (कृति शीर्षक – मांडू सीरीज 1) एवं विष्णु चिंचालकर पुरस्कार श्री आदित्य सिंह राजपूत बैलेंस वन (कृति शीर्षक - स्क्रैप मटेरियल) को अलंकृत किया गया। सम्मान स्वरूप सम्मान पट्टिका, 51 हजार रुपए की कर मुक्त राशि, शॉल एवं श्रीफल प्रदान किया गया। अतिथियों ने किया प्रदर्शनी एवं शिल्पों का अवलोकन समारोह के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने रूपंकर कला प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। इस प्रदर्शनी में राज्य रूपंकर कला पुरस्कार हेतु आमंत्रित कलाकृतियों में से चयनित 80 कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें चित्र एवं मूर्तिकला शामिल हैं। तत्पश्चात हुनर – प्रदर्शनी सह विक्रय में शिल्पकलाओं का अवलोकन किया। जिसमें शिल्पकारों द्वारा चंदेरी साड़ी, गौ शिल्प, माटी शिल्प, लकड़ी के खिलौने इत्यादि की सराहना की। शुभारंभ कार्यक्रम में चंदेरी विधायक श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, मुंगावली विधायक श्री बृजेंद्र सिंह यादव ,भाजपा जिला अध्यक्ष श्री आलोक तिवारी, कलेक्टर श्री साकेत मालवीय, पुलिस अधीक्षक श्री राजीव कुमार मिश्रा, पूर्व विधायक श्री जजपाल सिंह जज्जी, विधायक पाटन श्री अजय बिश्नोई, जनपद अध्यक्ष चंदेरी श्री महेंद्र पाल सिंह बुंदेला, नगर पालिका अध्यक्ष श्री दशरथ कोली,उपसंचालक मध्यप्रदेश संस्कृति परषिद श्री अमित कुमार यादव,उपनिदेशक श्री शेखर करहाड़कर, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में चंदेरीवासी उपस्थित थे।4
- लोकेशन :-बीना रिपोर्टर :-राकेश सेन बीना :-दाँगी क्षत्रिय कल्याण सेवा समिति भोपाल के तत्वधान में अखिल भारतीय दांगी क्षत्रिय पांचवा युवक युवती परिचय भोपाल में 29 मार्च 2026 दिन रविवार को प्रातः 10:00 बजे से मानस भवन श्यामला हिल्स पॉलिटेक्निक चौराहा भोपाल में आयोजित किया जा रहा है। यह बात अखिल भारतीय दांगी क्षत्रिय पांचवा युवक युवती परिचय सम्मेलन के अध्यक्ष नारायण सिंह ठाकुर ने एक भेंट वार्ता के दौरान कहीं उन्होंने बताया कि की समझ में फैली कुरीतियों दहेज प्रथा, मृत्यु भोज जैसी कुरीतिया समाप्त करने एवं नई युवा पीढ़ियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने एवं स्वावलंबन बनने के लिए हमारा यह अभियान है ताकि समाज शिक्षित हो संगठित हो और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बड़े इसीलिए इस तरह के सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने समाज की सभी बांधों से आग्रह किया है वयस्क युवा युवती के पंजीयन दिनांक 20 मार्च 2026 तक इन नंबरों पर 9893197114,900999132, जमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि हमारी समिति देश के कोने-कोने में जाकर इसका प्रचार प्रसार कर रहे हैं साथ ही उन्होंने बताया कि अभी हम विदिशा कुरवाई सिरोंज से होकर आज बीना में पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर सहित समाज के अन्य सदस्यों के पास आए हैं, आए हैं जिस तरह से समाज का सहयोग मिल रहा है उसके लिए समाज बंधु बधाई के पात्र हैं इस मौके पर उनके साथ आनंद सिंह दांगी डॉक्टर लाखन सिंह दांगी भगवान सिंह दांगी रघुवीर सिंह दांगी तिलक सिंह दांगी रणजीत सिंह दांगी मनीष सिंह दांगी बृजमोहन सिंह दांगी मौजूद रहे3
- शराबियों का बना अड्डा मां मोतीचूर घाट श्री देव रघुनाथ मंदिर के ठीक सामने प्रतिदिन शराबियों का जमावड़ा रात्रि में रहता है1
- लोकल न्यूज बीना बीना रिफाइनरी ने पुलिस थाने में लगाया स्वास्थ्य कैंप, 58 पुलिसकर्मियों का हुआ चेकअप — 5 जवानों में बीपी और शुगर की शिकायत बीना। पुलिसकर्मियों की सेहत का ख्याल रखते हुए शनिवार को बीना पुलिस थाना परिसर में बीना रिफाइनरी हॉस्पिटल (विवेकानंद केंद्र) की ओर से फ्री हेल्थ कैंप आयोजित किया गया। इस स्वास्थ्य शिविर में कुल 58 पुलिसकर्मियों की जांच की गई और उन्हें जरूरत के अनुसार मुफ्त दवाइयां भी वितरित की गईं। कैंप में मौजूद डॉ. आशीष तिवारी और डॉ. आकाश शर्मा ने बताया कि पुलिसकर्मियों की व्यस्त और तनावपूर्ण दिनचर्या को देखते हुए उनके नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के उद्देश्य से यह पहल की गई। शिविर के दौरान जवानों का ब्लड प्रेशर, शुगर और हीमोग्लोबिन की जांच की गई। जांच में 5 पुलिसकर्मियों में बीपी और शुगर की समस्या सामने आई, जिनका पहले से इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने उन्हें आगे की विस्तृत जांच के लिए रिफाइनरी अस्पताल आने की सलाह दी है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जरूरत के अनुसार सभी जवानों को मुफ्त दवाइयां भी बांटी गईं। शिविर में शामिल पुलिसकर्मियों ने डॉक्टरों से अपनी सेहत को लेकर सलाह ली और पुलिस विभाग के लिए की गई इस पहल की सराहना की।1
- टीकमगढ़ - खेत में खड़ी गेहूं की फ़सल में लगीं भीषण आग,,5 एकड़ की गेहूं की फसल जलकर राख1
- *केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने देश के पहले समृद्ध गाँव में समृद्धि केंद्र का किया उद्घाटन* *सेवाओं और उपकरणों का स्वयं का निरीक्षण* *गुना/भोपाल/नई दिल्ली।* केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कल शनिवार को गुना के उमरी गांव में देश के पहले समृद्धि केंद्र का उद्घाटन किया। दूरसंचार विभाग की समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवाएं पहल के तहत यह देश का पहला ऐसा गांव है जहाँ ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और कृषि जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सिंधिया ने स्वयं वीआर डिवाइसेज को पहनकर देखा और ग्रामीणों को इसके उपयोग के बारे में बताया।1
- पुणे के दिवे इलाके में लिफ्ट का गेट खोलते समय फंसा मासूम बच्चे का हाथ #हिन्दी_खबर #हिन्दी_न्यूज #viralpost #latestnews #maharashtra #dive @Jaybajnibabakhadowara subscribe/share करें1
- अशोकनगर। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को तहसील ईसागढ़ के ग्राम महुअन पहुंचकर चंदेरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक स्व श्री राव राजकुमार सिंह यादव के निधन होने पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना और शोकाकुल परिजन को इस पीड़ा को सहने की शक्ति देने के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व के धनी स्वर्गीय श्री राव राजकुमार सिंह जी के बारे में अतीत में चर्चा करना बड़ा मुश्किल है। उन्होंने जीवन को नियम एवं आधार पर चलकर जिया है। साथ ही परिवार की परंपरा निर्वहन किया है। उन्होंने जनसेवा और सत्य की पथ पर जनता की सेवा की है। इस अवसर पर मुंगावली विधायक श्री बृजेंद्र सिंह यादव, चंदेरी विधायक श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी,भाजपा जिला अध्यक्ष श्री आलोक तिवारी, कलेक्टर श्री साकेत मालवीय, पुलिस अधीक्षक श्री राजीव कुमार मिश्रा,नगर पालिका अध्यक्ष श्री नीरज मनोरिया, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।1