लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान केडीए आयुक्त, नगर निगम आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के आला प्रशासनिक अधिकारी उनके साथ मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान, बिरला ने अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर रोज लगने वाले ट्रैफिक जाम की स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को इस समस्या का तत्काल समाधान खोजने के निर्देश दिए, जिनमें एंट्रेंस गेट का चौड़ीकरण, सड़क के बीच में डिवाइडर का निर्माण, और अस्पताल आने वाले मरीजों व परिजनों के लिए डबल स्टोरी पार्किंग व्यवस्था विकसित करना शामिल है। बिरला ने इमरजेंसी सेवाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया। इसके बाद, उन्होंने विभिन्न वार्डों का दौरा किया और मरीजों से सीधा संवाद कर उनकी परेशानियाँ सुनीं। लोकसभा अध्यक्ष ने मरीजों और उनके तीमारदारों द्वारा बताई गई कमियों और परेशानियों को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि "हाड़ौती के इस सबसे बड़े अस्पताल में आने वाले हर मरीज को बेहतर और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।" बिरला ने अस्पताल प्रशासन को फटकार लगाते हुए सभी कमियों को जल्द से जल्द दूर करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल परिसर के सौंदर्गीकरण, नियमित स्वच्छता, बेहतर यातायात प्रबंधन और मरीजों की सुविधाओं से जुड़े सभी कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने की हिदायत दी। बिरला ने साफ किया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार होना चाहिए, ताकि आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान केडीए आयुक्त, नगर निगम आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के आला प्रशासनिक अधिकारी उनके साथ मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान, बिरला ने अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर रोज लगने वाले ट्रैफिक जाम की स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को इस समस्या का तत्काल समाधान खोजने के निर्देश दिए, जिनमें एंट्रेंस गेट का चौड़ीकरण, सड़क के बीच में डिवाइडर का निर्माण, और अस्पताल आने वाले मरीजों व परिजनों के लिए डबल स्टोरी पार्किंग व्यवस्था विकसित करना शामिल है। बिरला ने इमरजेंसी सेवाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया। इसके बाद, उन्होंने विभिन्न वार्डों का दौरा किया और मरीजों से सीधा संवाद कर उनकी परेशानियाँ सुनीं। लोकसभा अध्यक्ष ने मरीजों और उनके तीमारदारों द्वारा बताई गई कमियों और परेशानियों को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि "हाड़ौती के इस सबसे बड़े अस्पताल में आने वाले हर मरीज को बेहतर और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।" बिरला ने अस्पताल प्रशासन को फटकार लगाते हुए सभी कमियों को जल्द से जल्द दूर करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल परिसर के सौंदर्गीकरण, नियमित स्वच्छता, बेहतर यातायात प्रबंधन और मरीजों की सुविधाओं से जुड़े सभी कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने की हिदायत दी। बिरला ने साफ किया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार होना चाहिए, ताकि आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान केडीए आयुक्त, नगर निगम आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के आला प्रशासनिक अधिकारी उनके साथ मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान, बिरला ने अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर रोज लगने वाले ट्रैफिक जाम की स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को इस समस्या का तत्काल समाधान खोजने के निर्देश दिए, जिनमें एंट्रेंस गेट का चौड़ीकरण, सड़क के बीच में डिवाइडर का निर्माण, और अस्पताल आने वाले मरीजों व परिजनों के लिए डबल स्टोरी पार्किंग व्यवस्था विकसित करना शामिल है। बिरला ने इमरजेंसी सेवाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया। इसके बाद, उन्होंने विभिन्न वार्डों का दौरा किया और मरीजों से सीधा संवाद कर उनकी परेशानियाँ सुनीं। लोकसभा अध्यक्ष ने मरीजों और उनके तीमारदारों द्वारा बताई गई कमियों और परेशानियों को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि "हाड़ौती के इस सबसे बड़े अस्पताल में आने वाले हर मरीज को बेहतर और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।" बिरला ने अस्पताल प्रशासन को फटकार लगाते हुए सभी कमियों को जल्द से जल्द दूर करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल परिसर के सौंदर्गीकरण, नियमित स्वच्छता, बेहतर यातायात प्रबंधन और मरीजों की सुविधाओं से जुड़े सभी कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने की हिदायत दी। बिरला ने साफ किया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार होना चाहिए, ताकि आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशान न होना पड़े।1
- राजस्थान के कोटा में कांग्रेस संगठन के भीतर गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। यह स्थिति प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी में आयोजित ओबीसी प्रकोष्ठ के एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जहां संगठन में आपसी समन्वय की कमी और अलग-अलग गुटों की सक्रियता साफ नजर आई। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने हाल ही में राजस्थान कांग्रेस को एकजुट बताते हुए भाजपा के खिलाफ मजबूती से लड़ने की बात कही थी, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि कोटा में 'थोड़ी बहुत गुटबाजी' है, जिसे जल्द समाप्त किया जाएगा। बुधवार को कोटा में जिला कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग का जिला स्तरीय अधिवेशन और पदभार ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम की तैयारी कई दिनों से चल रही थी, लेकिन आयोजन के दौरान ही अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए। सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष को लेकर समन्वय की कमी दिखाई दी। उन्हें अंतिम समय में सूचना देकर आमंत्रित किया गया, जिससे असंतोष की स्थिति बनी। जिलाध्यक्ष ने नयापुरा चौराहे पर कार्यकर्ताओं के साथ डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष का स्वागत तो किया, लेकिन इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल पर मंच पर नहीं गईं और कुछ देर बाद ही वहां से लौट गईं। कार्यक्रम में ओबीसी प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष दीपक नामदेव और देहात अध्यक्ष डॉ. टीकमचंद सुमन ने पदभार ग्रहण किया। इस आयोजन की कमान पूर्व विधायक और नेता प्रहलाद गुंजल के प्रभाव वाले गुट के नेताओं के हाथ में थी। इस कार्यक्रम में टीकाराम जूली, गोविंद सिंह डोटासरा और ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के नेताओं को आमंत्रित किया गया था, लेकिन देहात कांग्रेस और संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ नेता अनुपस्थित रहे, जिससे संगठनात्मक असंतुलन की स्थिति और भी स्पष्ट हो गई। कोटा कांग्रेस में लंबे समय से गुटबाजी की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन इस बार प्रदेश नेतृत्व के सामने ही यह स्थिति खुलकर सामने आने से पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रदेश नेतृत्व इस अंदरूनी खींचतान को कैसे संभालता है और संगठन को एकजुट करने के लिए क्या कदम उठाता है।4
- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे। इस दावे के साथ ही यह बात भी कही जा रही है कि इस संभावित घोषणा के कारण भाजपा में बेचैनी और नाराजगी स्पष्ट रूप से देखी जा रही है। हालांकि, इस तरह के दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अत्यंत आवश्यक है। भारत में चुनाव प्रक्रिया और मतदान प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं, और चुनाव प्रणाली में किसी भी बड़े बदलाव की स्पष्ट जानकारी केवल आधिकारिक घोषणा के बाद ही सामने आती है। विशेषज्ञों ने भी मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले उसके आधिकारिक स्रोत की जांच अवश्य कर लें। फिलहाल, सोशल मीडिया पर चल रहे इन दावों और इनसे उत्पन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को लेकर चर्चा जारी है। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल घूम रहा है कि क्या वास्तव में फिर से बैलेट पेपर से चुनाव होंगे, और इस दावे की सच्चाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- कोटा के इंद्रा मार्केट, जो व्यापारिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र है, वहां लगे ट्रांसफार्मर में आए दिन आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस ट्रांसफार्मर से लगातार आग के गोले बरसने के कारण स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, किसी भी समय जनधन हानि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, जिससे इलाके में बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।1
- गुजरात के सूरत जिले के बारडोली में मंगलवार दोपहर एक सड़क दुर्घटना में दो बसें आपस में टकरा गईं। इस हादसे में कुल सात यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दस से ज़्यादा यात्री घायल हुए हैं। बताया गया है कि दुर्घटनाग्रस्त हुईं दोनों बसें महाराष्ट्र की थीं।1
- कोटा के हाड़ौती क्षेत्र के सबसे पुराने और व्यस्ततम व्यावसायिक केंद्र इंदिरा मार्केट में विद्युत व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि केईडीएल (KEDL) की लापरवाही के कारण बाजार में स्थित विद्युत डीपी (ट्रांसफार्मर) में बार-बार आग लग रही है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से सप्ताह में दो बार तक डीपी में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है। इंदिरा मार्केट कोटा शहर का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहाँ रोजाना हजारों लोग आते-जाते हैं। ऐसे में विद्युत ट्रांसफार्मर में बार-बार आग लगना जनसुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका है। स्थानीय व्यापारियों और समाजसेवियों ने इस संबंध में केईडीएल अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित रूप से सूचना दी है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। इन आग लगने की घटनाओं के कारण बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है और व्यापारिक गतिविधियां भी बुरी तरह प्रभावित होती हैं। व्यापारिक संगठनों ने अब जिला प्रशासन और केईडीएल प्रबंधन से मांग की है कि इंदिरा मार्केट की विद्युत व्यवस्था का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने जर्जर उपकरणों को बदलने और ट्रांसफार्मर तथा डीपी की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके। क्षेत्रवासियों ने जनहित और सुरक्षा को देखते हुए संबंधित विभाग से शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है, जिससे बाजार में व्याप्त भय और असुरक्षा का माहौल समाप्त हो सके।2
- चित्तौड़गढ़ में 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कनेरा थाना पुलिस ने 03 जून 2026 को 12 क्विंटल 73 किलो 830 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा से लदी एक बोलेरो पिकअप जब्त की है। यह जब्ती घाटारानी क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान हुई, जहाँ अठाणा (एमपी) की तरफ से आ रहे वाहन का चालक पुलिस जाब्ते को देखकर गाड़ी छोड़कर जंगल की ओर फरार हो गया। जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंज, उदयपुर श्री गौरव श्रीवास्तव के निर्देशों के अनुरूप, एएसपी मुकुल शर्मा के मार्गदर्शन और डीएसपी निंबाहेड़ा बद्रीलाल के सुपरविजन में की गई। थानाधिकारी महेन्द्र सिंह के निर्देशन में एसआई अमृतलाल के नेतृत्व में एक टीम ने घाटारानी पर नाकाबंदी कर रखी थी। चालक ने नाकाबंदी पॉइंट से करीब 50 मीटर पहले ही अपनी बोलेरो पिकअप सड़क पर छोड़ दी और रात के अंधेरे व घने जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। पुलिस टीम ने उसका पीछा किया, लेकिन उसे पकड़ नहीं पाई। फरार चालक द्वारा मौके पर छोड़ी गई पिकअप की तलाशी लेने पर उसमें काले और पीले रंग के प्लास्टिक के कुल 59 कट्टों में अवैध डोडा चूरा भरा हुआ मिला, जिसका कुल वजन 12 क्विंटल 73 किलो 830 ग्राम था। पुलिस ने मौके से अवैध अफीम डोडा चूरा और बोलेरो पिकअप गाड़ी को जब्त कर लिया है और अनुसंधान शुरू कर दिया है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में एसआई अमृत लाल (थाना इंचार्ज, कनेरा), एएसआई बालमुकुन्द, कांस्टेबल रेवताराम, रामनिवास, सुनिल, सुरज सिंह और दिलिप सिंह शामिल रहे।1
- कोटा शहर में अवैध अतिक्रमण और बिना अनुमति के निर्माण कार्यों के खिलाफ प्रशासन का सख्त रवैया लगातार जारी है। इसी क्रम में आज नगर निगम और प्रशासनिक टीम ने धोकड़े के हनुमान जी मंदिर के पास, गौशाला के बिल्कुल नजदीक संचालित हो रहे एक अवैध चाय रेस्टोरेंट (कैफे) पर संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से धोकड़े के हनुमान जी क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मिली जानकारी के अनुसार, इस पवित्र धार्मिक क्षेत्र और गौशाला के ठीक पास कुछ समय से अवैध रूप से पक्का और अस्थायी निर्माण कर यह चाय का रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा था। इसकी वजह से क्षेत्र में न सिर्फ यातायात बाधित हो रहा था, बल्कि गौशाला के आसपास और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर बुलडोजर चलाया। रेस्टोरेंट के लिए खड़े किए गए अवैध केबिन, शेड और अन्य पक्के निर्माण को पूरी तरह हटाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों, चौराहों और सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धोकड़े के हनुमान जी क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद आस-पास के अन्य अवैध रूप से थड़ियां और दुकानें लगाने वाले लोगों में भी हड़कंप देखा जा रहा है। प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि किसी ने दोबारा इस जगह पर कब्जा करने की कोशिश की, तो उनके खिलाफ कानूनी मामला दर्ज कर और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।1