logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

जयंत में प्रस्तावित शराब दुकान पर बवाल, जनजातीय क्षेत्र में फैसले के खिलाफ उग्र विरोध *जयंत में प्रस्तावित शराब दुकान पर बवाल, जनजातीय क्षेत्र में फैसले के खिलाफ उग्र विरोध* *सिंगरौली | सच बेधड़क ब्यूरो* सिंगरौली जिले के जयंत क्षेत्र में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों का विरोध दिन-ब-दिन तेज होता जा रहा है, जबकि आबकारी विभाग अपने फैसले पर अडिग नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार, यह शराब दुकान एनसीएल *(नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड*) की भूमि पर खोले जाने का प्रस्ताव है, जहां वर्तमान में जयंत चौकी संचालित है। यह क्षेत्र बैगा जनजाति के निवास वाला संवेदनशील इलाका भी माना जाता है। ऐसे में यहां शराब दुकान खोलने के निर्णय ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस फैसले से क्षेत्र की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और सामाजिक माहौल बिगड़ने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। ग्रामीणों की प्रमुख आपत्तियां: जनजातीय क्षेत्र में शराब दुकान खोलना अनुचित निर्णय नशे के कारण पहले से अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर खतरा उल्लेखनीय है कि इसी इलाके में कुछ दिन पहले नशे के चलते बड़ी घटना सामने आई थी, जिससे लोगों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ऐसे में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विवाद और अधिक संवेदनशील हो गया है।

11 hrs ago
user_Devendra Journalist_Singrauli
Devendra Journalist_Singrauli
Court reporter Singrauli, Madhya Pradesh•
11 hrs ago

जयंत में प्रस्तावित शराब दुकान पर बवाल, जनजातीय क्षेत्र में फैसले के खिलाफ उग्र विरोध *जयंत में प्रस्तावित शराब दुकान पर बवाल, जनजातीय क्षेत्र में फैसले के खिलाफ उग्र विरोध* *सिंगरौली | सच बेधड़क ब्यूरो* सिंगरौली जिले के जयंत क्षेत्र में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों का विरोध दिन-ब-दिन तेज होता जा रहा है, जबकि आबकारी विभाग अपने फैसले पर अडिग नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार, यह शराब दुकान एनसीएल *(नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड*) की भूमि पर खोले जाने का प्रस्ताव है, जहां वर्तमान में जयंत चौकी संचालित है। यह क्षेत्र बैगा जनजाति के निवास वाला संवेदनशील इलाका भी माना जाता है। ऐसे में यहां शराब दुकान खोलने के निर्णय ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस फैसले से क्षेत्र की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और सामाजिक माहौल बिगड़ने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। ग्रामीणों की प्रमुख आपत्तियां: जनजातीय क्षेत्र में शराब दुकान खोलना अनुचित निर्णय नशे के कारण पहले से अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर खतरा उल्लेखनीय है कि इसी इलाके में कुछ दिन पहले नशे के चलते बड़ी घटना सामने आई थी, जिससे लोगों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ऐसे में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विवाद और अधिक संवेदनशील हो गया है।

More news from Madhya Pradesh and nearby areas
  • *जयंत में प्रस्तावित शराब दुकान पर बवाल, जनजातीय क्षेत्र में फैसले के खिलाफ उग्र विरोध* *सिंगरौली | सच बेधड़क ब्यूरो* सिंगरौली जिले के जयंत क्षेत्र में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों का विरोध दिन-ब-दिन तेज होता जा रहा है, जबकि आबकारी विभाग अपने फैसले पर अडिग नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार, यह शराब दुकान एनसीएल *(नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड*) की भूमि पर खोले जाने का प्रस्ताव है, जहां वर्तमान में जयंत चौकी संचालित है। यह क्षेत्र बैगा जनजाति के निवास वाला संवेदनशील इलाका भी माना जाता है। ऐसे में यहां शराब दुकान खोलने के निर्णय ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस फैसले से क्षेत्र की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और सामाजिक माहौल बिगड़ने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। ग्रामीणों की प्रमुख आपत्तियां: जनजातीय क्षेत्र में शराब दुकान खोलना अनुचित निर्णय नशे के कारण पहले से अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर खतरा उल्लेखनीय है कि इसी इलाके में कुछ दिन पहले नशे के चलते बड़ी घटना सामने आई थी, जिससे लोगों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ऐसे में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विवाद और अधिक संवेदनशील हो गया है।
    1
    *जयंत में प्रस्तावित शराब दुकान पर बवाल, जनजातीय क्षेत्र में फैसले के खिलाफ उग्र विरोध*
*सिंगरौली | सच बेधड़क ब्यूरो*
सिंगरौली जिले के जयंत क्षेत्र में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों का विरोध दिन-ब-दिन तेज होता जा रहा है, जबकि आबकारी विभाग अपने फैसले पर अडिग नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह शराब दुकान एनसीएल *(नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड*) की भूमि पर खोले जाने का प्रस्ताव है, जहां वर्तमान में जयंत चौकी संचालित है। यह क्षेत्र बैगा जनजाति के निवास वाला संवेदनशील इलाका भी माना जाता है। ऐसे में यहां शराब दुकान खोलने के निर्णय ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस फैसले से क्षेत्र की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और सामाजिक माहौल बिगड़ने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
ग्रामीणों की प्रमुख आपत्तियां:
जनजातीय क्षेत्र में शराब दुकान खोलना अनुचित निर्णय
नशे के कारण पहले से अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी
क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर खतरा
उल्लेखनीय है कि इसी इलाके में कुछ दिन पहले नशे के चलते बड़ी घटना सामने आई थी, जिससे लोगों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ऐसे में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विवाद और अधिक संवेदनशील हो गया है।
    user_Devendra Journalist_Singrauli
    Devendra Journalist_Singrauli
    Court reporter Singrauli, Madhya Pradesh•
    11 hrs ago
  • ग्राम तमई में रामलीला का कार्यक्रम चल रहा है 07/04/2026 तक चलेगा जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय e ने वी
    3
    ग्राम तमई में रामलीला का कार्यक्रम चल रहा है 07/04/2026 तक चलेगा जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय e ने वी
    user_Pramod kumar Tiwari
    Pramod kumar Tiwari
    Social worker Singrauli, Madhya Pradesh•
    11 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सीधी जिले की इस पावन धरा को कभी "सिद्धभूमि" कहा जाता था। एक ऐसी भूमि जहाँ ऋषि-मुनियों की तपस्या की गूँज थी, जहाँ बीरबल की बुद्धिमानी के किस्से थे और जहाँ सफेद बाघ 'मोहन' की दहाड़ ने पूरी दुनिया में जिले का नाम रौशन किया। लेकिन आज इसी सीधी जिले के सीने पर एक गहरा ज़ख्म है—"सूखा नदी"। वो नदी जिसे कभी 'जीवनदायिनी' कहा जाता था, आज अपने अस्तित्व के लिए लड़ रही है। करीब 25 किलोमीटर का सफर तय करने वाली यह नदी चुन्हा गांव से निकलकर सोन नदी की गोद में समा जाती है। सालों से एक अटूट मान्यता चली आ रही है कि इसके जल में स्नान करने से बच्चों का कुपोषण और एनीमिया जैसा 'सूखा रोग' जड़ से खत्म हो जाता है। लोग इसे आस्था की धार मानते हैं, लेकिन विज्ञान की कसौटी पर तस्वीर कुछ और ही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि जो पानी कभी अमृत था, वो अब सीवेज और कचरे के मिलने से ज़हर बन चुका है। आस्था अपनी जगह है, लेकिन गंदे पानी में मासूमों को नहलाना उन्हें फंगल इन्फेक्शन और बीमारियों के दलदल में धकेलने जैसा है। विडंबना देखिए, जो नदी आस्था का केंद्र थी, उसे विकास की भूख ने 'नाला' बना दिया। और इस बर्बादी की आग में घी डालने का काम किया 'करौंदिया उत्तर टोला' के उन भू-माफियाओं ने, जिन्होंने कानून की आँखों में धूल झोंककर सरकारी तंत्र के साथ ऐसा 'मधुर संबंध' बनाया कि रातों-रात भूगोल ही बदल दिया गया। भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा तो देखिए कि राजस्व विभाग के पटवारी की कलम ने वो जादू दिखाया कि खसरा नंबर 385 से 389 के बीच का वो सार्वजनिक रास्ता, जहाँ से पीढ़ियों का आना-जाना था, उसे सरकारी नक्शे से ही साफ़ कर दिया गया। लाखों की 'सेवा राशि' के बदले आम आदमी के हक को चंद रसूखदारों के हाथों बेच दिया गया और प्रशासनिक तंत्र तमाशबीन बना रहा। यही नहीं, पूर्व कलेक्टर अभिषेक सिंह ने जिस नदी के लिए सौंदर्यीकरण और पक्की सड़कों का सपना बुना था, आज उसी सरकारी निवेश पर माफियाओं की गिद्ध दृष्टि जमी है। प्रशासन लंबे समय तक मौन रहा, लेकिन ये 'मौन व्रत' तब टूटा जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हंटर चला। सीधी के औचक निरीक्षण के दौरान जब मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक ढिलाई देखी, तो उनका पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया और तत्कालीन कलेक्टर को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। यह एक सीधा संदेश था कि जनता के हक से खिलवाड़ करने वाले अब बख्शे नहीं जाएंगे। अब जिला प्रशासन की कमान नवागत कलेक्टर विकास मिश्रा के हाथों में है और करौंदिया की जनता टकटकी लगाए देख रही है कि क्या 'विकास' के नाम पर आए ये नए साहब उस 'जादुई नक्शे' के पीछे छिपे पटवारी और रसूखदारों के असली चेहरों को बेनकाब कर पाएंगे? क्षेत्रीय विधायक रीती पाठक ने भी अब ललकार दिया है कि अतिक्रमणकारी चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन सवाल आज भी वही खड़ा है कि क्या हमारी आस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगी? क्या 'जीवनदायिनी' सूखा नदी फिर से अपनी कल-कल करती स्वच्छ धारा पा सकेगी, या फिर भू-माफियाओं के लालच में एक गंदा नाला बनकर इतिहास के पन्नों में दफन हो जाएगी? अब फैसला प्रशासन की इच्छाशक्ति और सीधी की जागरूक जनता को करना है।
    1
    मध्य प्रदेश के सीधी जिले की इस पावन धरा को कभी "सिद्धभूमि" कहा जाता था। एक ऐसी भूमि जहाँ ऋषि-मुनियों की तपस्या की गूँज थी, जहाँ बीरबल की बुद्धिमानी के किस्से थे और जहाँ सफेद बाघ 'मोहन' की दहाड़ ने पूरी दुनिया में जिले का नाम रौशन किया। लेकिन आज इसी सीधी जिले के सीने पर एक गहरा ज़ख्म है—"सूखा नदी"। वो नदी जिसे कभी 'जीवनदायिनी' कहा जाता था, आज अपने अस्तित्व के लिए लड़ रही है। करीब 25 किलोमीटर का सफर तय करने वाली यह नदी चुन्हा गांव से निकलकर सोन नदी की गोद में समा जाती है। सालों से एक अटूट मान्यता चली आ रही है कि इसके जल में स्नान करने से बच्चों का कुपोषण और एनीमिया जैसा 'सूखा रोग' जड़ से खत्म हो जाता है। लोग इसे आस्था की धार मानते हैं, लेकिन विज्ञान की कसौटी पर तस्वीर कुछ और ही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि जो पानी कभी अमृत था, वो अब सीवेज और कचरे के मिलने से ज़हर बन चुका है। आस्था अपनी जगह है, लेकिन गंदे पानी में मासूमों को नहलाना उन्हें फंगल इन्फेक्शन और बीमारियों के दलदल में धकेलने जैसा है।
विडंबना देखिए, जो नदी आस्था का केंद्र थी, उसे विकास की भूख ने 'नाला' बना दिया। और इस बर्बादी की आग में घी डालने का काम किया 'करौंदिया उत्तर टोला' के उन भू-माफियाओं ने, जिन्होंने कानून की आँखों में धूल झोंककर सरकारी तंत्र के साथ ऐसा 'मधुर संबंध' बनाया कि रातों-रात भूगोल ही बदल दिया गया। भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा तो देखिए कि राजस्व विभाग के पटवारी की कलम ने वो जादू दिखाया कि खसरा नंबर 385 से 389 के बीच का वो सार्वजनिक रास्ता, जहाँ से पीढ़ियों का आना-जाना था, उसे सरकारी नक्शे से ही साफ़ कर दिया गया। लाखों की 'सेवा राशि' के बदले आम आदमी के हक को चंद रसूखदारों के हाथों बेच दिया गया और प्रशासनिक तंत्र तमाशबीन बना रहा। यही नहीं, पूर्व कलेक्टर अभिषेक सिंह ने जिस नदी के लिए सौंदर्यीकरण और पक्की सड़कों का सपना बुना था, आज उसी सरकारी निवेश पर माफियाओं की गिद्ध दृष्टि जमी है। प्रशासन लंबे समय तक मौन रहा, लेकिन ये 'मौन व्रत' तब टूटा जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हंटर चला। सीधी के औचक निरीक्षण के दौरान जब मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक ढिलाई देखी, तो उनका पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया और तत्कालीन कलेक्टर को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। यह एक सीधा संदेश था कि जनता के हक से खिलवाड़ करने वाले अब बख्शे नहीं जाएंगे।
अब जिला प्रशासन की कमान नवागत कलेक्टर विकास मिश्रा के हाथों में है और करौंदिया की जनता टकटकी लगाए देख रही है कि क्या 'विकास' के नाम पर आए ये नए साहब उस 'जादुई नक्शे' के पीछे छिपे पटवारी और रसूखदारों के असली चेहरों को बेनकाब कर पाएंगे? क्षेत्रीय विधायक रीती पाठक ने भी अब ललकार दिया है कि अतिक्रमणकारी चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन सवाल आज भी वही खड़ा है कि क्या हमारी आस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगी? क्या 'जीवनदायिनी' सूखा नदी फिर से अपनी कल-कल करती स्वच्छ धारा पा सकेगी, या फिर भू-माफियाओं के लालच में एक गंदा नाला बनकर इतिहास के पन्नों में दफन हो जाएगी? अब फैसला प्रशासन की इच्छाशक्ति और सीधी की जागरूक जनता को करना है।
    user_पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    Local News Reporter गोपदबनास, सीधी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    1
    Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • सोनभद्र (रॉबर्ट्सगंज) भाजपा के स्थापना दिवस के अवसर पर इमिरती कॉलोनी, रॉबर्ट्सगंज में सोमवार को एक भव्य काव्य संध्या का आयोजन किया गया, जहां देशभक्ति, ओज और हास्य रस से सजी कविताओं ने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। कार्यक्रम का आयोजन भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कमलेश सिंह खांबे के आवास पर हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी व अन्य भाजपा नेताओं द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। सोन संगीत फाउंडेशन के अध्यक्ष सुशील मिश्रा ने वाणी वंदना प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। देशभक्ति से गूंजा मंच ओजस्वी कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने अपनी प्रखर पंक्तियों देश विरोधी हर ताकत की हस्ती हमें मिटानी है, जिस इंसान का खून न खौला खून नहीं वह पानी है"से पूरे पंडाल में जोश भर दिया।शहीद स्थल करारी के प्रमुख प्रदुम्न त्रिपाठी एडवोकेट ने "वंदेमातरम" की ओजपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं को रोमांचित कर दिया, वहीं अटल जी को समर्पित कविताओं ने सभी को भावुक कर दिया।शायरी, गीत और हास्य का संगम कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शायर अशोक तिवारी एडवोकेट ने अपनी प्रभावशाली शायरी से खूब तालियां बटोरीं। मंच संचालन कर रहे प्रभात सिंह चंदेल ने राष्ट्रभक्ति के उद्घोष से माहौल को ऊर्जावान बनाए रखा।गीतकार धर्मेश चौहान, नवगीतकार दिलीप सिंह दीपक, शायर विवेक चतुर्वेदी और लोकभाषा कवि दयानंद दयालू ने भी अपनी-अपनी रचनाओं से देशभक्ति, पर्यावरण और सामाजिक सरोकारों पर सार्थक संदेश दिया हास्य व्यंग्य ने लूटी महफिल सुनील चौचक ने अपने व्यंग्यपूर्ण अंदाज से श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया और माहौल को हल्का-फुल्का बनाए रखा पर्यावरण का भी उठा मुद्दा लोकभाषा कवि दयानंद दयालू ने “उजड़ल जाता बाग बगैचा जैसी पंक्तियों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देकर सभी को सोचने पर मजबूर किया। सभी कवियों का हुआ सम्मान कार्यक्रम के अंत में सभी कवियों का सम्मान किया गया। आयोजक कमलेश सिंह खांबे ने आभार व्यक्त करते हुए शेर-ओ-शायरी से समां बांध दिया। मुख्य अतिथि डॉ. धर्मवीर तिवारी ने सभी को भाजपा स्थापना दिवस की बधाई देते हुए राष्ट्र सेवा के संकल्प को दोहराया। इस मौके पर लालता प्रसाद मिश्र, दिलीप चौबे, ऋषभ, हर्ष, अनीशा, जयशंकर त्रिपाठी, देवानंद पांडेय, गुलाम हुसैन, शिवम समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
    1
    सोनभद्र (रॉबर्ट्सगंज)
भाजपा के स्थापना दिवस के अवसर पर इमिरती कॉलोनी, रॉबर्ट्सगंज में सोमवार को एक भव्य काव्य संध्या का आयोजन किया गया, जहां देशभक्ति, ओज और हास्य रस से सजी कविताओं ने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। कार्यक्रम का आयोजन भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कमलेश सिंह खांबे के आवास पर हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी व अन्य भाजपा नेताओं द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। सोन संगीत फाउंडेशन के अध्यक्ष सुशील मिश्रा ने वाणी वंदना प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। देशभक्ति से गूंजा मंच ओजस्वी कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने अपनी प्रखर पंक्तियों देश विरोधी हर ताकत की हस्ती हमें मिटानी है, जिस इंसान का खून न खौला खून नहीं वह पानी है"से पूरे पंडाल में जोश भर दिया।शहीद स्थल करारी के प्रमुख प्रदुम्न त्रिपाठी एडवोकेट ने "वंदेमातरम" की ओजपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं को रोमांचित कर दिया, वहीं अटल जी को समर्पित कविताओं ने सभी को भावुक कर दिया।शायरी, गीत और हास्य का संगम कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शायर अशोक तिवारी एडवोकेट ने अपनी प्रभावशाली शायरी से खूब तालियां बटोरीं। मंच संचालन कर रहे प्रभात सिंह चंदेल ने राष्ट्रभक्ति के उद्घोष से माहौल को ऊर्जावान बनाए रखा।गीतकार धर्मेश चौहान, नवगीतकार दिलीप सिंह दीपक, शायर विवेक चतुर्वेदी और लोकभाषा कवि दयानंद दयालू ने भी अपनी-अपनी रचनाओं से देशभक्ति, पर्यावरण और सामाजिक सरोकारों पर सार्थक संदेश दिया हास्य व्यंग्य ने लूटी महफिल सुनील चौचक ने अपने व्यंग्यपूर्ण अंदाज से श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया और माहौल को हल्का-फुल्का बनाए रखा पर्यावरण का भी उठा मुद्दा
लोकभाषा कवि दयानंद दयालू ने “उजड़ल जाता बाग बगैचा जैसी पंक्तियों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देकर सभी को सोचने पर मजबूर किया। सभी कवियों का हुआ सम्मान कार्यक्रम के अंत में सभी कवियों का सम्मान किया गया। आयोजक कमलेश सिंह खांबे ने आभार व्यक्त करते हुए शेर-ओ-शायरी से समां बांध दिया। मुख्य अतिथि डॉ. धर्मवीर तिवारी ने सभी को भाजपा स्थापना दिवस की बधाई देते हुए राष्ट्र सेवा के संकल्प को दोहराया। इस मौके पर लालता प्रसाद मिश्र, दिलीप चौबे, ऋषभ, हर्ष, अनीशा, जयशंकर त्रिपाठी, देवानंद पांडेय, गुलाम हुसैन, शिवम समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
    user_पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    Media company ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • जनपद सोनभद्र के घोरावल तहसील के ग्राम भैसवार में‌ भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति का धरना प्रदर्शन 322 दिन मे पहुंच चुका है यह धरना ग्राम पंचायत भैसवार सेमरीहवा टोला बछनार बिरबाबा देवस्थान पर चल रहा है यह धरना चकबंदी के विरोध में चल रहा है यहां की किसानों की मांग है पांच सूत्री मांग है अभी तक इसका जिलाधिकारी मुहूर्त का संज्ञान नहीं दिया गया है
    3
    जनपद सोनभद्र के घोरावल तहसील के ग्राम  भैसवार में‌ भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति का धरना प्रदर्शन 322 दिन मे पहुंच चुका है यह धरना ग्राम पंचायत  भैसवार सेमरीहवा टोला बछनार बिरबाबा देवस्थान पर चल रहा है यह धरना चकबंदी के विरोध में चल रहा है यहां की किसानों की मांग है पांच सूत्री मांग है अभी तक इसका जिलाधिकारी मुहूर्त का संज्ञान नहीं दिया गया है
    user_Brijesh kumar singh
    Brijesh kumar singh
    घोरावल, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • ट्रंप ने सरेआम कहा- नरेंद्र मोदी मुझे 'सर' कहता है, मैं जब चाहूं उसका करियर खत्म कर सकता हूं। ⦿ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ऐसा इसलिए कह रहा है, क्योंकि उसके हाथ में Epstein फाइल हैं, जिसमें मोदी की पूरी सच्चाई है ⦿ ट्रंप ने अमेरिका में अडानी पर क्रिमिनल केस भी कर दिया है, क्योंकि वो जानता है कि यही BJP का फाइनेंशियल सिस्टम है अब हालात ये हैं- ट्रंप की मर्जी के बिना भारत किसी देश से तेल भी नहीं खरीद सकता। नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के हाथ में भारत की Energy security और डाटा थमा दिया है। ये नरेंद्र मोदी के Compromised होने का नतीजा है। : नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi 📍 असम
    1
    ट्रंप ने सरेआम कहा- नरेंद्र मोदी मुझे 'सर' कहता है, मैं जब चाहूं उसका करियर खत्म कर सकता हूं।
⦿ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ऐसा इसलिए कह रहा है, क्योंकि उसके हाथ में Epstein फाइल हैं, जिसमें मोदी की पूरी सच्चाई है
⦿ ट्रंप ने अमेरिका में अडानी पर क्रिमिनल केस भी कर दिया है, क्योंकि वो जानता है कि यही BJP का फाइनेंशियल सिस्टम है
अब हालात ये हैं- 
ट्रंप की मर्जी के बिना भारत किसी देश से तेल भी नहीं खरीद सकता। नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के हाथ में भारत की Energy security और डाटा थमा दिया है।
ये नरेंद्र मोदी के Compromised होने का नतीजा है। 
: नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi 
📍 असम
    user_पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
    पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
    Local News Reporter Mauganj, Rewa•
    5 hrs ago
  • Post by पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    1
    Post by पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    user_पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    Local News Reporter गोपदबनास, सीधी, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.