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सतना जिले के चेन्नई गाँव में सरकारी ज़मीन पर अवैध तरीके से निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। इस अवैध निर्माण को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर यह किसके संरक्षण में हो रहा है। प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया गया है कि शासन और प्रशासन बहरा तथा गूंगा बना हुआ है, वहीं अधिकारियों ने अपने खुद के अधिकार भी भुला दिए हैं। इस स्थिति के मद्देनज़र, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने का निवेदन किया गया है, ताकि इस जारी अवैध निर्माण को तुरंत रोका जा सके।
Mahakal rudra Construction
सतना जिले के चेन्नई गाँव में सरकारी ज़मीन पर अवैध तरीके से निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। इस अवैध निर्माण को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर यह किसके संरक्षण में हो रहा है। प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया गया है कि शासन और प्रशासन बहरा तथा गूंगा बना हुआ है, वहीं अधिकारियों ने अपने खुद के अधिकार भी भुला दिए हैं। इस स्थिति के मद्देनज़र, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने का निवेदन किया गया है, ताकि इस जारी अवैध निर्माण को तुरंत रोका जा सके।
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- रीवा में आलोक पटेल द्वारा दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर एक बड़ा विवाद पैदा हो गया है। इस मामले के सामने आने के बाद आलोक पटेल के पिता ने सार्वजनिक रूप से ब्राह्मण समाज से माफी मांगी है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि उनका परिवार ब्राह्मण समाज का बेहद सम्मान करता है, नियमित रूप से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करता है, और वर्षों से सैकड़ों ब्राह्मणों को सम्मानपूर्वक भोजन कराता आया है। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके बेटे ने शराब के नशे में एक बड़ी गलती की है, जिसके लिए वे पूरे समाज से क्षमा चाहते हैं। यह जानकारी एक वीडियो में सामने आई है, जिसमें उनके पूरे बयान की प्रमुख बातें और इस मामले पर लोगों की प्रतिक्रियाएँ दिखाई गई हैं। वीडियो के साथ यह भी नोट किया गया है कि इसका उद्देश्य केवल घटना की जानकारी देना है, न कि किसी जाति, धर्म या समुदाय के प्रति नफरत फैलाना।1
- सतना जिले के चेन्नई गाँव में सरकारी ज़मीन पर अवैध तरीके से निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। इस अवैध निर्माण को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर यह किसके संरक्षण में हो रहा है। प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया गया है कि शासन और प्रशासन बहरा तथा गूंगा बना हुआ है, वहीं अधिकारियों ने अपने खुद के अधिकार भी भुला दिए हैं। इस स्थिति के मद्देनज़र, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने का निवेदन किया गया है, ताकि इस जारी अवैध निर्माण को तुरंत रोका जा सके।2
- प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन की अध्यक्षता में गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सतना कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष से कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह ने हिस्सा लिया। यह जानकारी एक सैटेलाइट टीवी चैनल की विशेष रिपोर्ट के तौर पर सामने आई है।1
- सतना में एक पटवारी पर रीवा के एक व्यापारी ने पैसे के गबन और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में पाँच माह पूर्व शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते पीड़ित ने जिला कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई है। प्रार्थी अमित सिंह ने एक वीडियो के माध्यम से बताया है कि पटवारी अखंड सिंह सहित चार लोगों पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं। यह शिकायत पाँच माह पहले उप पुलिस महानिरीक्षक के समक्ष की गई थी, लेकिन आज तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। कार्रवाई न होने से तंग आकर अमित सिंह ने अब वीडियो के जरिए सतना कलेक्टर से सहायता मांगी है। फरियादी का कहना है कि पटवारी के सरकारी कर्मचारी होने के नाते उनके ऊपर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। अब सबकी नज़र सतना कलेक्टर पर टिकी है कि क्या वे वायरल वीडियो के आधार पर पटवारी अखंड सिंह और उनके साथियों के खिलाफ सही जांच कर कार्रवाई कर पाते हैं, या यह मामला भी सिर्फ खानापूर्ति तक ही सीमित रह जाएगा।1
- सतना जिले में अधिवक्ता संघ चुनाव के अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय को अधिवक्ताओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है। एन.डी. न्यूज़ चैनल की एक खास रिपोर्ट के अनुसार, चुनावी माहौल में प्रदीप कुमार पाण्डेय को अधिवक्ताओं का प्यार, सहयोग और वरिष्ठजनों का आशीर्वाद लगातार प्राप्त हो रहा है, जिससे उनके समर्थन की लहर साफ दिखाई दे रही है। अधिवक्ताओं ने प्रदीप कुमार पाण्डेय के प्रति गहरा लगाव व्यक्त करते हुए कहा कि “प्रदीप कुमार पाण्डेय भाई दिल में बसे हैं, वोट भी दिल से ही देंगे।” इस अपार जनसमर्थन और शक्ति का अनुभव उनके लगातार जनसंपर्क अभियानों के दौरान भी होता है, जहाँ अधिवक्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिलता है। उनके समर्थकों का दावा है कि प्रदीप कुमार पाण्डेय ने हमेशा अधिवक्ताओं की आवाज़ को मज़बूती से उठाया है, यही कारण है कि उन्हें इस चुनाव में एक अत्यंत मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, छोटों के प्यार, सहयोग और बड़ों के आशीर्वाद के साथ प्रदीप कुमार पाण्डेय के समर्थन में एक विशाल जनसैलाब उमड़ रहा है।4
- मध्यप्रदेश के रामपुर बघेलान स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित जिला स्तरीय चिकित्सा शिविर के व्यय को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। आरटीआई (सूचना का अधिकार) के माध्यम से सामने आई जानकारी के अनुसार, इस शिविर की व्यवस्थाओं पर, जिसमें चाय, नाश्ता, लंच पैकेट और पानी शामिल थे, कुल ₹20,100 का भुगतान किया गया है। यह शिविर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चला था, जिसमें जिला स्तरीय चिकित्सा विशेषज्ञ, ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ ने अपनी सेवाएँ दी थीं। प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक, यह कार्य सीधे श्रीराम स्वीट/संबंधित वेंडर को आदेशित किया गया था। बिल में ₹1,500 की चाय (155 कप), ₹1,000 की कॉफी (50 कप), ₹450 के बिस्किट (3 पैकेट), ₹500 के 1 लीटर पानी की बोतलें (25 बोतलें), ₹1,500 के 250 मिलीलीटर पानी की बोतलें (150 बोतलें), ₹1,600 के समोसे (160 पीस), और ₹13,500 के लंच पैकेट (90 पैकेट) सहित कुल ₹20,100 का उल्लेख है। हालांकि, इस बिल में जीएसटी नंबर का जिक्र नहीं है और यह भी प्रतीत होता है कि अन्य वेंडरों से कोटेशन लेने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। नियमों के अनुसार, शासकीय खरीदी और व्यय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तय प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है। स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग में सार्वजनिक धन के उपयोग पर ऐसे सवाल उठना स्वाभाविक है। अब जिम्मेदार अधिकारियों से यह पूछा जा रहा है कि क्या नियमानुसार कोटेशन लिए गए थे, क्या भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई है, और क्या इस पूरे व्यय की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जनता के पैसों से होने वाले हर खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।1
- चित्रकूट के पहाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत सालिकपुर गांव में पत्रकार देवी दयाल के काश्तकारी भूमि पर बन रहे मकान की दीवार और दरवाजे भू-माफियाओं द्वारा उखाड़ दिए गए हैं। यह पूरी दबंगई कथित तौर पर प्रशासन की मौजूदगी में की गई। जब पत्रकार और उनके परिवारजनों ने इसका विरोध किया, तो भू-माफियाओं ने उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दीं और लाठी-डंडों से मारने दौड़े। इस घटना के बाद पत्रकार का परिवार भू-माफियाओं से बड़ा डरा और सहमा हुआ है। उन्हें किसी भी दिन बड़ी और अप्रिय घटना होने का डर सता रहा है। पीड़ित परिवार ने चित्रकूट पुलिस से इस मामले का संज्ञान लेकर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।1
- मनगवां में वरिष्ठ समाजसेवी और पूर्व विधानसभा विधायक प्रत्याशी हजरत हाफिज कारी मोहम्मद अली ने मोहर्रम के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए इस्लामी तारीख के पहले महीने मोहर्रम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस महीने में हक और बातिल की लड़ाई में शहीदाने कर्बला में हजरत इमाम हुसैन ने अपने 72 साथियों के साथ कुर्बानी दी। इस कुर्बानी के माध्यम से इंसानियत और मानवता का संदेश दिया गया, साथ ही जालिम यजीद बादशाह के खिलाफ आवाज उठाई गई और गरीब, असहाय, निर्बल और दुर्बल लोगों की आवाज को बुलंद किया गया। मोहम्मद अली ने जोर दिया कि भूखे को खाना खिलाना और असहाय तथा निर्बल की मदद करना ही इस्लाम है। मोहर्रमुल हराम की 10 तारीख, आशूरा के दिन, रजा ए मुस्तफा तकिया मस्जिद में हजरत हाफिज कारी मोहम्मद अली साहब के द्वारा दुआएं आशूरा पढ़ी गईं। इस अवसर पर लोगों के लिए देश में अमन, सुकून, शांति और देश की हिफाजत के लिए विशेष दुआएं की गईं। इस दौरान जगह-जगह फातिहा खानी और लंगरे आम (सामुदायिक भोजन) का भी आयोजन किया गया। इन आयोजनों में निजाम भाई बीड़ी वाले, मंसूर अली शाह, खुर्शीद अली शाह, मोहम्मद शरीफ उर्फ बाबा, मोहम्मद रसीद अंडा वाले, मोहम्मद सलमान उर्फ लाला मोबाइल वाले, मोहम्मद शब्बीर उर्फ शरीफ उद्दीन, मोहम्मद रजा मंसूरी, मोहम्मद निजाम मंसूरी, मकसूद मिस्त्री, कयामुद्दीन शाह, मुन्ना ताज अंसारी, अनवर अली शाह, ईशा मंसूरी, जलालुद्दीन अंसारी, मोहम्मद नईम भाई, अब्दुल रशीद मंसूरी समेत कई लोग शामिल रहे। पूर्व निर्माण कमेटी अध्यक्ष शमा परवीन बानो, जो नगर परिषद मनगवा के वार्ड क्रमांक 2 की पार्षद भी हैं, ने इस अवसर पर थाना प्रभारी महोदय और मुख्य नगर पालिका अधिकारी महोदय की सराहना की। उन्होंने मनगवा थाना प्रभारी द्वारा अपने भारी पुलिस बल के साथ चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहकर दी गई अच्छी खासी व्यवस्था और इंतजाम के लिए उनका धन्यवाद किया। इस पूरे आयोजन के माध्यम से लोगों में खुशी का संदेश दिया गया और आपसी भाईचारे की मिसाल कायम की गई।1