अमावस्या मेले को लेकर रामघाट की सुरक्षा व्यवस्था का आईजी पीएसी ने किया निरीक्षण चित्रकूट। भाद्रपद अमावस्या मेले के दृष्टिगत पुलिस महानिरीक्षक पीएसी प्रयागराज अनुभाग, प्रयागराज श्री धर्मवीर सिंह ने 10 सितंबर को रामघाट क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक चित्रकूट श्री पीयूषकांत राय मौजूद रहे। रामघाट पर लाखों श्रद्धालुओं के स्नान एवं दर्शन के मद्देनजर पीएसी और फ्लड कंपनी की तैनाती की गई है। आईजी पीएसी ने ड्यूटी प्वाइंट, ड्यूटी रजिस्टर, घाटों की बैरिकेडिंग, गोताखोरों, लाइफ जैकेट, ट्यूब व राहत-बचाव उपकरणों की उपलब्धता का निरीक्षण किया। इसके अलावा मेले में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम और लाउड हेलर सिस्टम की व्यवस्था भी जांची गई। अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ शालीन व्यवहार करने, भीड़ को नियंत्रित करते हुए सुरक्षित स्नान कराने और लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने के निर्देश दिए गए। फ्लड कंपनी के जवानों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया। साथ ही अफवाहों पर नजर रखने और संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
अमावस्या मेले को लेकर रामघाट की सुरक्षा व्यवस्था का आईजी पीएसी ने किया निरीक्षण चित्रकूट। भाद्रपद अमावस्या मेले के दृष्टिगत पुलिस महानिरीक्षक पीएसी प्रयागराज अनुभाग, प्रयागराज श्री धर्मवीर सिंह ने 10 सितंबर को रामघाट क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक चित्रकूट श्री पीयूषकांत राय मौजूद रहे। रामघाट पर लाखों श्रद्धालुओं के स्नान एवं दर्शन के मद्देनजर पीएसी और फ्लड कंपनी की तैनाती की गई है। आईजी पीएसी ने ड्यूटी प्वाइंट, ड्यूटी रजिस्टर, घाटों की बैरिकेडिंग, गोताखोरों, लाइफ जैकेट, ट्यूब व राहत-बचाव उपकरणों की उपलब्धता का निरीक्षण किया। इसके अलावा मेले में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम और लाउड हेलर सिस्टम की व्यवस्था भी जांची गई। अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ शालीन व्यवहार करने, भीड़ को नियंत्रित करते हुए सुरक्षित स्नान कराने और लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने के निर्देश दिए गए। फ्लड कंपनी के जवानों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया। साथ ही अफवाहों पर नजर रखने और संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
- *रीवा पुलिस का नया टैलेंट—कानून के साथ-साथ कुर्ते की भी सिलाई.....* कांग्रेस के आंदोलन में अगर हजारों रुपये का कुर्ता फट जाए, तो भाई साहब… अगले चुनाव में टिकट का दावेदार तो बनता है! आखिर इतनी महंगी कुर्ता-सेवा हर नेता को थोड़े ही नसीब होती है। कांग्रेस पार्टी को भी ऐसे नेताओं की तलाश करनी चाहिए जो भाषण कम और कुर्ता ज्यादा फाड़वाकर आंदोलन की यादगार बना दें! _और रीवा पुलिस के बारे में क्या लिखें साहब… हम तो बस इतना कहेंगे—कपड़ा संभालकर आंदोलन कीजिए! क्योंकि आजकल आंदोलन में मुद्दों से ज्यादा चर्चा कहीं-कहीं कुर्ते की हालत की हो रही है।_ बाकी पुलिस की कार्रवाई सही थी या गलत, इसका फैसला जांच और कानून करेगा…1
- DGP के आदेश के बाद भी सतना ट्रैफिक पुलिस को लगा रील का रोग: सतना में सारे नियम आम जनता के लिए सतना। आम जनता का बिना सीट बेल्ट चालान काटने वाली सतना ट्रैफिक पुलिस खुद नियमों की धज्जियां उड़ा रही है। प्रदेश के DGP की सख्त रोक के बावजूद, पुलिसकर्मी बिना सीट बेल्ट वाहन चलाते हुए सोशल मीडिया पर लगातार रील्स अपलोड कर रहे हैं।जबकि डीजीपी ने साफ तौर पर आदेश जारी किया है कि वर्दी की गरिमा और पुलिस विभाग के अनुशासन के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। DGP के आदेश और इस दोहरे मापदंड पर जनता सवाल खड़े कर रही है। खाकी का यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया कानून का सरेआम मजाक बना रहा है। अब सवाल उठता है दूसरों का चालान काटने वालों का कौन चालान काटेगा, फिलहाल रील बनाने के लिए "वीआईपी ड्यूटी चल रही है भैया" आप भी देखिए1
- फाफामऊ पुल पर बीते आठ सितंबर से जारी भीषण जाम पर से पार पाने के लिए प्रशासन ने आखिरकार सख्त कदम उठाया शहर के उत्तरी छोर पर स्थित फाफामऊ पुल पर बीते आठ सितंबर से जारी भीषण जाम पर से पार पाने के लिए प्रशासन ने आखिरकार सख्त कदम उठाया है। लगातार बिगड़ती स्थिति और व्यवस्था बनाने में नाकाम रही ट्रैफिक पुलिस के बाद अब पुल पर बसों और भारी व्यावसायिक वाहनों की नो-एंट्री लागू कर दी गई है। नए ट्रैफिक प्लान के तहत बड़े वाहनों को झूंसी और सहसों के रास्ते डायवर्ट किया गया है, जबकि पुल को केवल छोटे वाहनों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। पुल पर अब केवल छोटे वाहन प्रशासन के नए निर्देश के अनुसार फाफामऊ गंगा पुल से अब केवल पैदल यात्री, साइकिल, दोपहिया और कार जैसे हल्के निजी वाहन ही गुजर सकेंगे। माना जा रहा है कि भारी ट्रकों और रोडवेज बसों के हटने से पुल पर वाहनों की गति नहीं थमेगी और रोजाना लग रहे घंटों लंबे जाम से आम राहगीरों को फौरी राहत मिलेगी। प्रतापगढ़ और लखनऊ का नया रूट रूट डायवर्जन के बाद अब डिपो से निकलने वाली बसें सीएमपी चौराहे से सोहबतियाबाग और बैरहना होते हुए शास्त्री पुल (झूंसी) से गंगा पार करेंगी। अयोध्या-प्रतापगढ़ रूट: बसें झूंसी से सहसों बाईपास होते हुए कानपुर हाईवे की ओर मुड़ेंगी और सोरांव के भावपुर से होकर प्रतापगढ़ मार्ग पर उतरेंगी। लखनऊ रूट: लखनऊ जाने वाली बसें नवाबगंज बाईपास से होकर लालगोपालगंज के रास्ते आगे बढ़ाई जाएंगी। यात्रियों की जेब पर सीधा असर इस डायवर्जन की सबसे बड़ी मार आम यात्रियों पर पड़ने वाली है। नया रूट पकड़ने से प्रतापगढ़ और लखनऊ जाने वाली बसों को लंबा चक्कर काटना पड़ेगा। गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त 45 मिनट से लेकर 1 घंटे तक का अधिक समय लगेगा। दूरी बढ़ने के कारण रोडवेज विभाग ने प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया बढ़ाने की तैयारी कर ली है। सॉफ्टवेयर में नए रूट और किराए की फीडिंग का काम भी शुरू हो चुका है। रांग साइड चलने पर लगाम लगाना जरूरी बड़े वाहनों को हटा देना ही समस्या का अंतिम समाधान नहीं है। स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि फाफामऊ पुल पर जाम की मुख्य वजह ''रांग साइड'' चलने वाले छोटे वाहन भी हैं। जब तक घोड़ा चौराहे से लेकर पूरे पुल तक तैनात पुलिसकर्मियों की सख्त जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक केवल छोटे वाहन ही पूरे पुल को चोक करने के लिए काफी हैं। शहर के अंदर जाम का नया खतरा राहत की यह योजना शहर के दूसरे इलाकों के लिए आफत भी बन सकती है। बसें जब सीएमपी, सोहबतियाबाग और बैरहना के संकरे रास्तों से होकर झूंसी की ओर बढ़ेंगी, तो इन रिहायशी और व्यस्त चौराहों पर भारी जाम लगना तय है। यदि प्रशासन ने बैरहना से लेकर झूंसी तक अतिरिक्त पुलिस बल और सक्रिय प्रबंधन तैनात नहीं किया, तो फाफामऊ का जाम हटाने के चक्कर में आधा प्रयागराज शहर दिनभर रेंगता नजर आएगा।1
- आपरेशन चक्रव्यूह...थाना मंझनपुर, कौशाम्बी,चरवा व सराय अकिल पुलिस टीम ने 05 वारण्टी अभियुक्तों को किया गिरफ्तार एसपी के निर्देश पर जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाया जा रहा अभियान ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत खबर हिन्दी दैनिक कौशांबी.....आपरेशन चक्रव्यूह के तहत थाना मंझनपुर, कौशाम्बी,चरवा व सराय अकिल पुलिस टीम ने 05 वारण्टी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये गये अभियान के क्रम में थाना सराय अकिल पुलिस टीम द्वारा मु0अ0सं0 253/2011 धारा 342/323/504/506 भादवि थाना सराय अकिल जनपद कौशाम्बी से सम्बन्धित वारण्टी अभियुक्त मैकूलाल पुत्र रामनाथ निवासी मायाराम का पुरवा थाना सराय अकिल जनपद कौशाम्बी को गिरफ्तार किया गया। इसी तरह थाना कौशाम्बी पुलिस टीम द्वारा मु0अ0सं0 24/2025 धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट थाना व जनपद कौशाम्बी से सम्बन्धित वारण्टी अभियुक्त गेलई उर्फ इन्द्र कुमार पुत्र अशोक निवासी लोहकट थाना व जनपद कौशाम्बी को गिरफ्तार किया गया। इसी तरह थाना मंझनपुर पुलिस टीम द्वारा मु0अ0सं0 433/2014 धारा 138 एनआई एक्ट थाना मंझनपुर जनपद कौशाम्बी से सम्बन्धित वारण्टी अभियुक्त सुरेन्द्र कुमार पुत्र बिन्दा प्रसाद निवासी ओसा थाना मंझनपुर जनपद कौशाम्बी तथा मु0अ0सं0 413/2014 धारा 135 विद्युत अधिनियम थाना मंझनपुर जनपद कौशाम्बी से सम्बन्धित वारण्टी अभियुक्त मूलचन्द्र पुत्र दुर्गा प्रसाद निवासी गौराडेरा थाना मंझनपुर जनपद कौशाम्बी को गिरफ्तार किया गया।थाना चरवा पुलिस टीम द्वारा मु0अ0सं0 218/2004 धारा 279/337/338 भादवि थाना चरवा जनपद कौशाम्बी से सम्बन्धित वारण्टी अभियुक्त धर्मराज पासी पुत्र देवराज पासी निवासी ग्राम गढ़वा थाना चरवा जनपद कौशाम्बी को गिरफ्तार किया गया। विधिक कार्यवाही के पश्चात सभी अभियुक्तो को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।1
- त्यौंथर ख़बर : जब सरकार नहीं सुन रही जनता यूजीसी रोलबैक के लिए सड़कों पर उतर गई, अभी ज्ञापन जल्द प्रदर्शन!1
- अतर्रा बांदा ओरण रोड ग्राम नागवारा कहारन पुरवा अंश नागवारा पोस्ट हो रहा जिला बांदा तहसील अतर्रा इसमें कच्चा सेक्टर पड़ा हुआ है हमारे गांव में इसमें निकालने का कोई सुविधा नहीं है जब बरसात होता है तो यह1
- अमावस्या मेले को लेकर रामघाट की सुरक्षा व्यवस्था का आईजी पीएसी ने किया निरीक्षण चित्रकूट। भाद्रपद अमावस्या मेले के दृष्टिगत पुलिस महानिरीक्षक पीएसी प्रयागराज अनुभाग, प्रयागराज श्री धर्मवीर सिंह ने 10 सितंबर को रामघाट क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक चित्रकूट श्री पीयूषकांत राय मौजूद रहे। रामघाट पर लाखों श्रद्धालुओं के स्नान एवं दर्शन के मद्देनजर पीएसी और फ्लड कंपनी की तैनाती की गई है। आईजी पीएसी ने ड्यूटी प्वाइंट, ड्यूटी रजिस्टर, घाटों की बैरिकेडिंग, गोताखोरों, लाइफ जैकेट, ट्यूब व राहत-बचाव उपकरणों की उपलब्धता का निरीक्षण किया। इसके अलावा मेले में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम और लाउड हेलर सिस्टम की व्यवस्था भी जांची गई। अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ शालीन व्यवहार करने, भीड़ को नियंत्रित करते हुए सुरक्षित स्नान कराने और लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने के निर्देश दिए गए। फ्लड कंपनी के जवानों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया। साथ ही अफवाहों पर नजर रखने और संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।1
- रीवा ब्रेकिंग न्यूज़। पेंशन नहीं मिली तो छत पर चढ़ा रिटायर्ड भृत्य, जान देने की कोशिश से शिक्षा महाविद्यालय में हड़कंप। रीवा के शासकीय शिक्षा महाविद्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सेवानिवृत्त भृत्य रामावतार कुशवाहा ने कथित तौर पर छत से कूदकर जान देने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि रिटायरमेंट के नौ महीने बाद भी पेंशन प्रकरण आगे नहीं बढ़ने से वे परेशान थे। आनन-फानन में प्राचार्य और स्टाफ ने उन्हें पकड़कर बचा लिया। रामावतार कुशवाहा का आरोप है कि सेवानिवृत्ति के करीब नौ महीने बाद भी उनका पेंशन प्रकरण महाविद्यालय से आगे नहीं भेजा गया। इसी से परेशान होकर उन्होंने कथित तौर पर शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने और कॉलेज की छत से कूदने का प्रयास किया। कुशवाहा ने स्थापना शाखा के लिपिक जितेंद्र पांडेय पर 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उनका यह भी आरोप है कि लिपिक खुद को मंत्री का आदमी बताकर दबाव बनाता था। घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन में हड़कंप मच गया। स्टाफ ने तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी जान बचाई। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर नौ महीने से पेंशन प्रकरण लंबित क्यों है और लगाए गए रिश्वत व प्रताड़ना के आरोपों की जांच कब होगी? फिलहाल मामले में लगाए गए रिश्वत और प्रताड़ना के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।1
- प्रयागराज TGT-PGT आंदोलन में देर रात बवाल! रात करीब 1 बजे धरना स्थल से हटाए गए अभ्यर्थी, फिर बड़ी संख्या में जुटे छात्र प्रयागराज TGT-PGT आंदोलन में देर रात बवाल! रात करीब 1 बजे धरना स्थल से हटाए गए अभ्यर्थी, फिर बड़ी संख्या में जुटे छात्र प्रयागराज। UP TGT-PGT भर्ती को लेकर प्रयागराज में चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन देर रात की कार्रवाई के बाद एक बार फिर गरमा गया। धरना स्थल से रात करीब 1 बजे अभ्यर्थियों को हटाए जाने के बाद छात्रों में आक्रोश देखने को मिला। इसके बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी दोबारा मौके पर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि TGT-PGT भर्ती का विज्ञापन पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर जारी किया जाए। इसी मांग को लेकर प्रयागराज में लंबे समय से आंदोलन चल रहा है। हाल के दिनों में कुछ अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर भी बैठे हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि नई नियमावली लागू होने से लंबे समय से तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के सामने उनके अवसर और भविष्य को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। रात में धरना स्थल से हटाए जाने के बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा क्यों भड़का? प्रशासन की कार्रवाई को लेकर छात्रों का क्या कहना है? और सरकार से आखिर अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग क्या है? इन तमाम सवालों को लेकर देखिए प्रयागराज से विशेष ग्राउंड रिपोर्ट, जहां TGT-PGT अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज बुलंद कर रहे हैं।1