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न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया ने राजसमंद जिले के नांदोली से चारभुजा नाथ के दर्शनों को जनहित में प्रसारित किया है। यह प्रसारण लोगों के लिए चारभुजा नाथ के दर्शन सुलभ कराने के उद्देश्य से किया गया है।
फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया ने राजसमंद जिले के नांदोली से चारभुजा नाथ के दर्शनों को जनहित में प्रसारित किया है। यह प्रसारण लोगों के लिए चारभुजा नाथ के दर्शन सुलभ कराने के उद्देश्य से किया गया है।
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- न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया ने राजसमंद जिले के नांदोली से चारभुजा नाथ के दर्शनों को जनहित में प्रसारित किया है। यह प्रसारण लोगों के लिए चारभुजा नाथ के दर्शन सुलभ कराने के उद्देश्य से किया गया है।1
- राजसमंद जिले के कांकरोली में कुमावत समाज और पुर्बिया ब्राह्मण समाज द्वारा श्री चावण्डा माता की सामूहिक प्रसादी और शोभायात्रा का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस आयोजन में महन्त चेतननाथ जी वणाई आश्रम और राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी सहित हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।3
- आगामी त्योहारों और मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए रेलमगरा थाना परिसर में सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) सदस्यों की एक बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता थानाधिकारी प्रवीण सिंह जुगतावत ने की। बैठक में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सीएलजी सदस्यों, पुलिस मित्रों और ग्राम रक्षकों ने भाग लिया। थानाधिकारी जुगतावत ने उपस्थित सभी लोगों से त्योहारों के दौरान आपसी भाईचारा बनाए रखने, कानून व्यवस्था कायम रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मोहर्रम सहित सभी धार्मिक एवं सामाजिक पर्व आपसी प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना के साथ मनाए जाएं। साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री को प्रसारित करने से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी। इस दौरान बैठक में मोहर्रम के लिए सुरक्षा व्यवस्था, जुलूस मार्ग, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सीएलजी सदस्यों ने त्योहारों के दौरान शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर हेड कांस्टेबल राकेश कुमार, सीएलजी सदस्य जीवनलाल सोनी, गिरिराज सोनी, अमिरुद्दीन रंगरेज, रामजुद्दीन मंसूरी, बंशीलाल कुमावत, शौकत रंगरेज, अब्दुल रहमान मंसूरी, लियाकत हुसैन सहित अन्य सीएलजी सदस्य, पुलिस मित्र और ग्राम रक्षक मौजूद रहे।4
- केंद्र सरकार एक ओर जहाँ स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं भीलवाड़ा के मांडल स्थित उप जिला चिकित्सालय की हालत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। मरीज यहाँ स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर पहुँचते हैं, लेकिन अस्पताल परिसर की गंदगी देखकर लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। अस्पताल के बाहर लगी शुद्ध मीठे पानी की प्याऊ गंदगी से अटी पड़ी है, और इसके आसपास जमा कीचड़ तथा गंदा पानी मच्छरों के पनपने का मुख्य कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थिति के चलते डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। परिसर में जगह-जगह उगी कंटीली झाड़ियाँ, फैला कचरा और घूमते आवारा पशु भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के साथ-साथ गंदगी और बदबू का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि स्वास्थ्य सेवाओं के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र की ऐसी स्थिति है, तो आम स्थानों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। अब क्षेत्रवासी यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या अस्पताल प्रशासन किसी बड़े हादसे या महामारी का इंतजार कर रहा है, और मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली इन व्यवस्थाओं पर आखिर कब तक पर्दा डाला जाएगा। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल सफाई अभियान चलाने, अस्पताल परिसर से झाड़ियों को हटाने और प्याऊ के आसपास फैली गंदगी को साफ कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।4
- मेवाड़ की माटी के एक और होनहार युवा, 21 वर्षीय पुष्कर गाडरी ने भारतीय सेना की 'अग्निवीर' भर्ती के तहत अपना छह महीने का कड़ा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। वल्लभनगर के निकटवर्ती गांव करणपुर निवासी पुष्कर के प्रशिक्षण पूरा कर पहली बार अपने घर लौटने पर पूरे गांव में उत्सव का माहौल बन गया। पुष्कर गाडरी के गांव आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और बुजुर्ग एकत्रित हो गए। उनका स्वागत देश भक्ति के नारों और ढोल-नगाड़ों के साथ पूरे पारंपरिक अंदाज में किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने पलक-पावड़े बिछाकर उनका भव्य अभिनंदन किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा कि पुष्कर ने न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे मेवाड़ क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।1
- 22 जून 2026 को जारी किए गए इस वीडियो में राजस्थान की 25 सबसे बड़ी, महत्वपूर्ण और ताजा खबरें प्रस्तुत की गई हैं। यह वीडियो राजनीति, मौसम, शिक्षा, भर्ती, सरकारी योजनाएं, प्रशासनिक फैसले, अपराध और जिलेवार सभी प्रमुख अपडेट्स को एक ही जगह समेटने का दावा करता है। दर्शकों से राजस्थान की हर बड़ी खबर सबसे पहले प्राप्त करने के लिए पेज को फॉलो करने का आग्रह किया गया है, साथ ही वीडियो पसंद आने पर उसे लाइक, कमेंट और शेयर करने के लिए भी कहा गया है।1
- पाली जिले के रानी कस्बे में एक चाय वाले के साथ मारपीट की घटना सामने आई है, जिससे स्थानीय व्यापारियों में गहरी नाराज़गी और रोष व्याप्त है।1
- भीलवाड़ा जिले के मांडल स्थित मलगानी गांव में रविवार देर रात सरकारी चरागाह भूमि से कथित अवैध मिट्टी दोहन को लेकर भारी हंगामा हो गया, जिसके बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रात के अंधेरे में जेसीबी मशीन और डंपरों की मदद से चरागाह भूमि से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जा रही थी। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर खनन कार्य में लगे वाहनों को घेर लिया, जिसमें डंपर संख्या RJ 09 GC 4001 सहित अन्य वाहन शामिल थे। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि उनके विरोध के दौरान खनन कार्य से जुड़े लोग दबाव बनाकर वाहनों को मौके से छुड़ाकर ले गए। ग्रामीणों के अनुसार, चरागाह भूमि से मिट्टी दोहन का यह “खेल” काफी समय से चल रहा है। ग्रामीणों, जिनमें ओमप्रकाश, बालूराम, राहुल, रतनलाल जाट, हनुमान जाट, बालूलाल जाट, सूरजमल और जगदीश शामिल हैं, ने आरोप लगाया है कि इस अवैध गतिविधि की शिकायत कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को की जा चुकी है। इसके बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण इन अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लग पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद कुछ समय के लिए काम रुक जाता है, लेकिन फिर से मिट्टी निकालने का कार्य शुरू हो जाता है, जिससे उनमें गहरा रोष है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि निकाली गई मिट्टी का उपयोग स्थानीय ईंट भट्ठे पर किया जा रहा है, और उन्होंने भट्ठे के आसपास मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर होने का दावा किया है। उन्होंने चिंता जताई कि चरागाह भूमि, जो पशुओं के लिए चारागाह का मुख्य स्रोत है, पर लगातार मिट्टी खनन से गहरे गड्ढे बन रहे हैं, जिससे भविष्य में पशुपालकों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर मिट्टी के स्रोत की पुष्टि करने, खनन में प्रयुक्त जेसीबी और डंपरों को जब्त करने, भूमि को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, और मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। यह समस्त जानकारी ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायतों पर आधारित है।2