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नागौर के मेड़ता सिटी में स्थित अरावली हॉस्पिटल उम्मीद की एक नई पहचान बनकर उभरा है। यहाँ 20 साल के लंबे इंतजार के बाद एक घर में किलकारी गूंजी है, जिससे परिवार को संतान सुख का सौभाग्य मिला है। डॉ. धन्नाराम चौधरी और अरावली हॉस्पिटल के इस प्रयास से परिवार में बेहद खुशी का माहौल है और लोगों के बीच इस अस्पताल के प्रति नया भरोसा जागा है।
Sushil Kumar Diwakar
नागौर के मेड़ता सिटी में स्थित अरावली हॉस्पिटल उम्मीद की एक नई पहचान बनकर उभरा है। यहाँ 20 साल के लंबे इंतजार के बाद एक घर में किलकारी गूंजी है, जिससे परिवार को संतान सुख का सौभाग्य मिला है। डॉ. धन्नाराम चौधरी और अरावली हॉस्पिटल के इस प्रयास से परिवार में बेहद खुशी का माहौल है और लोगों के बीच इस अस्पताल के प्रति नया भरोसा जागा है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- नागौर के मेड़ता रोड/छापरी में किसानों को पुलिस का खौफ दिखाकर कंपनियां जबरदस्ती खेतों में हाईटेंशन पोल खड़े करना चाहती हैं। डीएलसी दर कम होने के कारण परेशान किसानों की केवल एक ही मांग है कि उन्हें जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए। लेकिन किसानों को राहत देने के बजाय स्थानीय प्रशासन और पुलिस बुजुर्ग किसान (अन्नदाता) के साथ बदसलूकी कर रहे हैं और जबरन पोल खड़े करने की कोशिशों में जुटे हैं।1
- राजस्थान के अजमेर शहर के बीचों-बीच स्थित एक "रहस्यमयी" सोने का मंदिर वास्तव में एक बेहद प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक है, जिसे 'सोनी जी की नसियां' जैन मंदिर या 'लाल मंदिर' के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर बाहर से देखने पर तो साधारण लाल पत्थरों से बना हुआ दिखाई देता है, लेकिन इसके भीतर एक बेहद भव्य सोने का महल छिपा हुआ है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके अंदर 1000 किलो सोने से बनी एक पूरी नगरी मौजूद है।1
- नागौर के मेड़ता सिटी में स्थित अरावली हॉस्पिटल उम्मीद की एक नई पहचान बनकर उभरा है। यहाँ 20 साल के लंबे इंतजार के बाद एक घर में किलकारी गूंजी है, जिससे परिवार को संतान सुख का सौभाग्य मिला है। डॉ. धन्नाराम चौधरी और अरावली हॉस्पिटल के इस प्रयास से परिवार में बेहद खुशी का माहौल है और लोगों के बीच इस अस्पताल के प्रति नया भरोसा जागा है।1
- नागौर के रियांबड़ी स्थित ग्राम पंचायत चावंडिया कलां के आईटी सेंटर में सोमवार को ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाना और विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान करना था। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों ने मौके पर ही उनका निस्तारण किया। सहायक विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद सैनी ने बताया कि शिविर में कुल 22 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सेवाएं दीं। इसमें राजस्व विभाग द्वारा सर्वाधिक सक्रियता दिखाते हुए मौके पर ही 20 नामांतरण, आपसी सहमति से 3 बंटवारे, 40 शुद्धिकरण और 48 जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों का निस्तारण किया गया। इसके साथ ही, अन्य विभागों ने भी ग्रामीणों को अपनी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को उनका लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी की। इस शिविर में तहसीलदार अशोक कुमार, नायब तहसीलदार प्रेम कुमार ढेबाना, प्रशासक भैरूसिंह, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सचिन चौधरी, आयुष चिकित्सक बलदेवराम, हनुमानराम, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से सुनील कुमार, परिवहन विभाग से ललित कुमार, विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता अंकित गोदारा, वरिष्ठ सहायक रामेश्वर भदाल, पटवारी नगेंद्र सिंह, ग्राम विकास अधिकारी रामावतार गोलिया, कनिष्ठ सहायक नेमाराम, डाटा एंट्री ऑपरेटर पवन कुमार शर्मा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। एक ही स्थान पर सभी सरकारी सेवाएं मिलने पर ग्रामीणों ने इसे एक बेहद जनहितकारी पहल बताया और संतोष व्यक्त किया।1
- राजस्थान के पीसांगन उपखंड क्षेत्र के डोडियाना में शिविर प्रभारी एवं एसडीएम राजीव बड़गूजर के सानिध्य में जन कल्याण शिविर के अंतर्गत ग्रामीण सेवा शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में तहसीलदार भागीरथ चौधरी, विकास अधिकारी महेंद्र कुमार मालाकार, अतिरिक्त विकास अधिकारी चन्द्रनारायन चौधरी और प्रशासक मेहता चीता भी मौजूद रहे। शिविर में पहुंचे 22 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही उनका त्वरित निस्तारण कर राहत पहुंचाई। शिविर प्रभारी राजीव बड़गूजर के अनुसार, शिविर के दौरान राजस्व विभाग के 89, खाद्य सुरक्षा के 22 और पंचायती राज के तहत 14 पट्टों का वितरण किया गया, जबकि 5 सोखते गड्ढे स्वीकृत किए गए। इसके अलावा राजीविका के 7, ऊर्जा विभाग के 17, पीएचईडी के 18, शिक्षा विभाग के 23, समाज कल्याण विभाग के 15, आयोजना विभाग के 9 और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 7 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शिविर में 15 लोगों के रोडवेज बस यात्रा के पास भी बनाए गए। स्वास्थ्य सेवाओं के तहत चिकित्सा विभाग द्वारा 183 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी गईं, आयुर्वेद पद्धति से 50 लोगों का इलाज किया गया और पशुपालन विभाग द्वारा 90 पशुपालकों को लाभान्वित किया गया। शिविर प्रभारी ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों को विकसित भारत जीरामजी योजना की जानकारी दी गई। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण के तहत महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में बताकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया और मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा भी की गई। ग्रामीणों को घर बैठे एक ही स्थान पर इन सभी विभागों की सेवाएं मिलने से भारी सहूलियत हुई है।3
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया संघर्ष और आपूर्ति में बाधाओं के कारण पैदा हुए हालिया वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान, बाजार विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹2,000 तक पहुंच सकती थी। हालांकि, सरकार का कहना है कि समय पर लिए गए नीतिगत निर्णयों, घरेलू उत्पादन में वृद्धि, राजनयिक प्रयासों और लक्षित सब्सिडी के माध्यम से एलपीजी की खुदरा कीमत को लगभग ₹950 पर बनाए रखा गया। इसके साथ ही बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित की गई और बाजार में इसकी कमी को भी रोका गया। सरकार ने इसे वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत के ऊर्जा सुरक्षा उपायों के एक मजबूत उदाहरण के रूप में पेश किया है।1
- राजस्थान के अजमेर में रामगंज थाना पुलिस और साइबर सेल ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लैपटॉप और छह मोबाइल भी बरामद किए हैं।1
- नागौर के रियांबड़ी में राज्य सरकार के 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत सोमवार को सीबीईओ कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) प्रहलादराम तानाण ने वटवृक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने ब्लॉक के सभी विद्यालयों में अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सीबीईओ प्रहलादराम तानाण ने कहा कि वृक्ष प्रकृति का अमूल्य उपहार हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और संरक्षण करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी शिक्षकों और कार्मिकों से विद्यार्थियों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया, ताकि पर्यावरण संरक्षण एक जनआंदोलन का रूप ले सके। कार्यक्रम में पीएमश्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, रियांबड़ी के प्राचार्य प्रहलादराम बालोटिया, व्याख्याता घनश्याम चौहान, संदर्भ व्यक्ति मदनलाल भदाल, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी भावेश कुमार, सेवानिवृत्त प्राचार्य घनश्याम और रवि सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने वटवृक्ष का पौधा लगाकर हरियाली बढ़ाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश में हरित क्षेत्र का विस्तार करना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है।1