चंबा में प्रोथा-कुरैणा सड़क की बेहद खराब हालत अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए एक गंभीर खतरा बन गई है। सड़क पर दो से तीन स्थानों पर बड़े-बड़े ब्लैक स्पॉट बन गए हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही अत्यंत जोखिम भरी हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि कई बार बस को खतरनाक हिस्सों से निकालने के लिए यात्रियों को बीच रास्ते में उतरकर धक्का लगाना पड़ता है। बरसात के मौसम में सड़क की हालत और भी खराब हो जाती है, जिसके कारण हर सफर लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि सड़क के सभी ब्लैक स्पॉट और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत की जाए, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को टाला जा सके और यातायात सुरक्षित तथा सुचारु रूप से चलता रहे।
चंबा में प्रोथा-कुरैणा सड़क की बेहद खराब हालत अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए एक गंभीर खतरा बन गई है। सड़क पर दो से तीन स्थानों पर बड़े-बड़े ब्लैक स्पॉट बन गए हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही अत्यंत जोखिम भरी हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि कई बार बस को खतरनाक हिस्सों से निकालने के लिए यात्रियों को बीच रास्ते में उतरकर धक्का लगाना पड़ता है। बरसात के मौसम में सड़क की हालत और भी खराब हो जाती है, जिसके कारण हर सफर लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि सड़क के सभी ब्लैक स्पॉट और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत की जाए, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को टाला जा सके और यातायात सुरक्षित तथा सुचारु रूप से चलता रहे।
- जनजातीय उपमंडल पांगी में विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर भाजपा मंडल पांगी ने मंगलवार को किलाड़ में प्रदेश सरकार के खिलाफ जनआक्रोश रैली निकालकर प्रदर्शन किया। मंडल अध्यक्ष सतीश कुमार राणा और महामंत्री शक्ति कुमार ठाकुर के नेतृत्व में यह रैली मिनी सचिवालय एवं आवासीय आयुक्त कार्यालय परिसर से शुरू हुई और बस स्टैंड, माल रोड, पुराना बाजार होते हुए रामलीला मैदान तक पहुंची। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार पर पांगी की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पांगी घाटी के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, जिसके कारण विकास कार्य ठप पड़ गए हैं और लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। भाजपा नेताओं ने पांगी डिग्री कॉलेज से विज्ञान और कॉमर्स संकाय समाप्त किए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसके अतिरिक्त, घाटी में लगातार बिजली संकट, जर्जर एचआरटीसी बसें, बंद पड़े स्थानीय बस रूट और नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों में कटौती जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया, जिसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत बताया गया। रैली दोपहर करीब 12:15 बजे शुरू होकर 1:45 बजे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, जिसमें लगभग 160 से 170 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। रैली के उपरांत, भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश कुमार राणा ने कार्यवाहक आवासीय आयुक्त एवं एसडीएम पांगी, अमनदीप सिंह को मुख्यमंत्री के नाम एक मांगपत्र सौंपा। इस मांगपत्र में पांगी डिग्री कॉलेज में विज्ञान एवं कॉमर्स संकाय तत्काल बहाल करने, साच घराट पावर हाउस की खराब टरबाइन ठीक कर बिजली आपूर्ति सुचारू करने, जर्जर बसों को बदलने और बंद पड़े स्थानीय बस रूट बहाल करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। इसके अलावा, सीवरेज प्लांट को शीघ्र चालू करने, सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने, ट्राइबल सब प्लान के बजट में की गई कटौती वापस लेने, घरेलू गैस सिलेंडरों की नियमित होम डिलीवरी सुनिश्चित करने, साच पास सड़क को पक्का करने, धनवास सोलर प्लांट शीघ्र शुरू करने, माल रोड का दोबारा डामरीकरण कराने, संचार एवं इंटरनेट सेवाओं में सुधार करने तथा ग्रामीण रोजगार सेवकों एवं वन विभाग के दैनिक वेतनभोगियों का लंबित वेतन जारी करने की भी मांग की गई। इसी कड़ी में, भाजपा मंडल का क्रमिक अनशन मंगलवार को तीसरे दिन भी मिनी सचिवालय परिसर के बाहर जारी रहा, जिसमें रविंद्र कुमार, राम कुमार ठाकुर, महेश्वर सिंह और गौरव ठाकुर अनशन पर बैठे। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- नूरपुर पुलिस ने नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे सतत अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस जिला नूरपुर की सीआईए (CIA) टीम ने थाना डमटाल क्षेत्र से 274 ग्राम (कमर्शियल मात्रा) चिट्टा/हेरोइन बरामद करते हुए अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले की पुष्टि करते हुए एएसपी नूरपुर धर्मचंद वर्मा ने बताया कि सीआईए स्टाफ की टीम नियमित गश्त और मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान उन्हें एक विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि अमृतसर, पंजाब से एक स्विफ्ट कार (PB06U-7122) में सवार तीन व्यक्ति भारी मात्रा में चिट्टा/हेरोइन लेकर भदरोआ, कंडवाल और आसपास के क्षेत्रों में इसकी सप्लाई करने आ रहे हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार भदरोआ के समीप वन विभाग विश्राम गृह के पास नाकाबंदी की। संदिग्ध वाहन के पहुंचने पर उसे रोका गया और नियमानुसार तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान, कार की पिछली सीट पर बैठे आरोपी कुनाल अरोड़ा के काले रंग के स्लिंग बैग से 274 ग्राम (कमर्शियल मात्रा) चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई, जिसे विधिवत जब्त कर लिया गया। वाहन को भी कब्जे में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुनाल अरोड़ा (31 वर्ष, पुत्र कुलदीप कुमार, निवासी अमृतसर, पंजाब), हैरी (26 वर्ष, पुत्र राम कुमार, निवासी बटाला, जिला गुरदासपुर, पंजाब), और मोहित कुमार (37 वर्ष, पुत्र परवीन कुमार, निवासी अमृतसर, पंजाब) के रूप में हुई है। इस संबंध में थाना डमटाल में एफआईआर संख्या 116/2026, दिनांक 08.07.2026, धारा 21, 25 और 29 (एनडीपीएस अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एएसपी नूरपुर ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यह मामला एक अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि बरामद नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किन व्यक्तियों तक पहुंचाया जाना था। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच अभी भी जारी है।1
- जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले से सरकारी स्कूल की घोर लापरवाही का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। रामबन के क्रवाह स्थित गवर्नमेंट मिडिल स्कूल में 10 दिन की गर्मी की छुट्टियों से पहले स्टाफ स्कूल बंद करके चला गया, लेकिन वे यह भूल गए कि कक्षा 7 का 13 वर्षीय एक छात्र क्लासरूम के अंदर गहरी नींद में सो रहा था। छात्र करीब चार घंटे तक स्कूल में ही बंद रहा, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने ताला तोड़कर उसे बाहर निकाला। यह पूरी घटना शनिवार को गर्मी की छुट्टियों से पहले स्कूल के आखिरी दिन हुई। दोपहर के भोजन के बाद बच्चों को स्पोर्ट्स किट दी गई थी और वे मैदान में खेल रहे थे, लेकिन यह छात्र नींद में था और क्लासरूम में बेंच पर सोने चला गया। वहां मौजूद दो शिक्षकों ने उसे बाहर खेलने जाने के लिए कहा। बाद में, जब शिक्षक अपनी अटेंडेंस लगाने के लिए स्कूल ऑफिस गए, तो छात्र दोबारा क्लासरूम में गया और डेस्क पर सिर रखकर गहरी नींद में सो गया। छुट्टी के बाद, अन्य सभी बच्चे घर चले गए और स्टाफ ने बिना क्लासरूम चेक किए स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, शिक्षा विभाग ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने लापरवाही बरतने के आरोप में स्कूल के पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।1
- हमीरपुर में आयोजित ईपीएफ और ईएसआई सेमिनार में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने राम मंदिर के चंदा मामले पर कांग्रेस और अन्य विरोधी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार राम मंदिर चंदा चोरी मामले में एसआईटी जांच करा रही है। सांसद ठाकुर ने कांग्रेस के राम मंदिर विरोधी इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि रामसेतु के विषय पर कांग्रेसियों ने कभी कुछ नहीं कहा, और बाद में राम मंदिर के लोगों पर गोली चलाने वाले भी कांग्रेसी नेता ही रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर के शिलान्यास से लेकर उद्घाटन तक कांग्रेस लगातार विरोध करती रही, लेकिन अब रातोंरात उन्हें राम याद आने लगे हैं। अनुराग ठाकुर ने एथानॉल पेट्रोल पर अरविंद केजरीवाल द्वारा उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पहले ही बता चुकी है कि इससे कोई हानि नहीं है। सांसद ठाकुर ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने अफवाहें और अराजकता फैलाने का ठेका ले रखा है, और अरविंद केजरीवाल स्वयं ऐसे लोगों के मुखिया हैं। सांसद अनुराग ठाकुर ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अनुबंध कर्मचारियों के लिए लाई गई कई योजनाओं पर भी बात की, और कहा कि सरकार उनके भविष्य निधि को लेकर भी कर्मचारियों को लाभ दिलाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि एनआईटी हमीरपुर में ईपीएफ और ईएसआई की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए हैं, और अब एनआईटी के कर्मचारियों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि जिला में ही स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए काम किया जाएगा। कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए, उन्होंने कहा कि पार्टी सत्ता के बिना तड़प रही है और बंद कमरों में तथा जनता के बीच अपने कपड़े फाड़ रही है। ठाकुर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस तो अपने ही साथियों के कपड़े फाड़ सकती है, क्योंकि सत्ता पाने के लिए वह कुछ भी कर सकती है।2
- Post by Santosh Kumar Chandra aml1
- 2021 बैच के आईएएस अधिकारी इशांत जसवाल ने वीरवार सुबह ऊना के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। मिनी सचिवालय पहुँचकर उन्होंने औपचारिक रूप से पदभार संभाला और अधिकारियों से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था तथा विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की। अतिरिक्त उपायुक्त के रूप में यह उनकी पहली नियुक्ति है, इससे पहले वह एसडीएम कांगड़ा के रूप में कार्यरत थे। कार्यभार संभालने के बाद इशांत जसवाल ने कहा कि ऊना जिले की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्रशासनिक कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम लोगों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएँ मिल सकें। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'नशा मुक्त हिमाचल' अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों व सामाजिक संगठनों के सहयोग से अभियान चलाना शामिल रहेगा। नवनियुक्त एडीसी ने यह भी बताया कि बरसात के दिनों में ऊना जिले के कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि लोगों को बारिश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों के समन्वय और जनसहभागिता के माध्यम से प्रशासन विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगा।1
- बग्गा डैम से कलेला गांव तक आज भी सड़क की सुविधा उपलब्ध नहीं है। सड़क के इस अभाव के कारण, स्थानीय ग्रामीण चट्टानों के नीचे से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे उनकी जान हर पल जोखिम में बनी रहती है।1
- चंबा में प्रोथा-कुरैणा सड़क की बेहद खराब हालत अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए एक गंभीर खतरा बन गई है। सड़क पर दो से तीन स्थानों पर बड़े-बड़े ब्लैक स्पॉट बन गए हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही अत्यंत जोखिम भरी हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि कई बार बस को खतरनाक हिस्सों से निकालने के लिए यात्रियों को बीच रास्ते में उतरकर धक्का लगाना पड़ता है। बरसात के मौसम में सड़क की हालत और भी खराब हो जाती है, जिसके कारण हर सफर लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि सड़क के सभी ब्लैक स्पॉट और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत की जाए, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को टाला जा सके और यातायात सुरक्षित तथा सुचारु रूप से चलता रहे।1