2021 बैच के आईएएस अधिकारी इशांत जसवाल ने वीरवार सुबह ऊना के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। मिनी सचिवालय पहुँचकर उन्होंने औपचारिक रूप से पदभार संभाला और अधिकारियों से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था तथा विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की। अतिरिक्त उपायुक्त के रूप में यह उनकी पहली नियुक्ति है, इससे पहले वह एसडीएम कांगड़ा के रूप में कार्यरत थे। कार्यभार संभालने के बाद इशांत जसवाल ने कहा कि ऊना जिले की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्रशासनिक कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम लोगों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएँ मिल सकें। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'नशा मुक्त हिमाचल' अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों व सामाजिक संगठनों के सहयोग से अभियान चलाना शामिल रहेगा। नवनियुक्त एडीसी ने यह भी बताया कि बरसात के दिनों में ऊना जिले के कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि लोगों को बारिश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों के समन्वय और जनसहभागिता के माध्यम से प्रशासन विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगा।
2021 बैच के आईएएस अधिकारी इशांत जसवाल ने वीरवार सुबह ऊना के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। मिनी सचिवालय पहुँचकर उन्होंने औपचारिक रूप से पदभार संभाला और अधिकारियों से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था तथा विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की। अतिरिक्त उपायुक्त के रूप में यह उनकी पहली नियुक्ति है, इससे पहले वह एसडीएम कांगड़ा के रूप में कार्यरत थे। कार्यभार संभालने के बाद इशांत जसवाल ने कहा कि ऊना जिले की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्रशासनिक कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम लोगों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएँ मिल सकें। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'नशा मुक्त हिमाचल' अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों व सामाजिक संगठनों के सहयोग से अभियान चलाना शामिल रहेगा। नवनियुक्त एडीसी ने यह भी बताया कि बरसात के दिनों में ऊना जिले के कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि लोगों को बारिश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों के समन्वय और जनसहभागिता के माध्यम से प्रशासन विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगा।
- 2021 बैच के आईएएस अधिकारी इशांत जसवाल ने वीरवार सुबह ऊना के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। मिनी सचिवालय पहुँचकर उन्होंने औपचारिक रूप से पदभार संभाला और अधिकारियों से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था तथा विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की। अतिरिक्त उपायुक्त के रूप में यह उनकी पहली नियुक्ति है, इससे पहले वह एसडीएम कांगड़ा के रूप में कार्यरत थे। कार्यभार संभालने के बाद इशांत जसवाल ने कहा कि ऊना जिले की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्रशासनिक कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम लोगों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएँ मिल सकें। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'नशा मुक्त हिमाचल' अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों व सामाजिक संगठनों के सहयोग से अभियान चलाना शामिल रहेगा। नवनियुक्त एडीसी ने यह भी बताया कि बरसात के दिनों में ऊना जिले के कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि लोगों को बारिश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों के समन्वय और जनसहभागिता के माध्यम से प्रशासन विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगा।1
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- जिला मुख्यालय से सटे चताड़ा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला गरमा गया है। मृतका की पहचान सीमा पत्नी अश्वनी, निवासी गांव चताड़ा के रूप में हुई है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। वीरवार को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों ने इस घटना पर जमकर रोष व्यक्त किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने मृतका के पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की विभिन्न पहलुओं से गहनता से जांच कर रही है।1
- हमीरपुर में आयोजित ईपीएफ और ईएसआई सेमिनार में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने राम मंदिर के चंदा मामले पर कांग्रेस और अन्य विरोधी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार राम मंदिर चंदा चोरी मामले में एसआईटी जांच करा रही है। सांसद ठाकुर ने कांग्रेस के राम मंदिर विरोधी इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि रामसेतु के विषय पर कांग्रेसियों ने कभी कुछ नहीं कहा, और बाद में राम मंदिर के लोगों पर गोली चलाने वाले भी कांग्रेसी नेता ही रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर के शिलान्यास से लेकर उद्घाटन तक कांग्रेस लगातार विरोध करती रही, लेकिन अब रातोंरात उन्हें राम याद आने लगे हैं। अनुराग ठाकुर ने एथानॉल पेट्रोल पर अरविंद केजरीवाल द्वारा उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पहले ही बता चुकी है कि इससे कोई हानि नहीं है। सांसद ठाकुर ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने अफवाहें और अराजकता फैलाने का ठेका ले रखा है, और अरविंद केजरीवाल स्वयं ऐसे लोगों के मुखिया हैं। सांसद अनुराग ठाकुर ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अनुबंध कर्मचारियों के लिए लाई गई कई योजनाओं पर भी बात की, और कहा कि सरकार उनके भविष्य निधि को लेकर भी कर्मचारियों को लाभ दिलाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि एनआईटी हमीरपुर में ईपीएफ और ईएसआई की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए हैं, और अब एनआईटी के कर्मचारियों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि जिला में ही स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए काम किया जाएगा। कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए, उन्होंने कहा कि पार्टी सत्ता के बिना तड़प रही है और बंद कमरों में तथा जनता के बीच अपने कपड़े फाड़ रही है। ठाकुर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस तो अपने ही साथियों के कपड़े फाड़ सकती है, क्योंकि सत्ता पाने के लिए वह कुछ भी कर सकती है।2
- नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हड़वाड़ में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास पर भी समान रूप से ध्यान दें। उन्होंने बल दिया कि आज के विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक, सक्षम नेतृत्वकर्ता और राष्ट्र निर्माता होते हैं, इसलिए केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास भी उतना ही आवश्यक है। मंत्री धर्माणी ने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान समय में शिक्षा, तकनीक, नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्र में असीम संभावनाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने मोबाइल और सोशल मीडिया का रचनात्मक एवं सकारात्मक उपयोग करने की सलाह दी, ताकि वे ज्ञान अर्जित करने, नई तकनीकों को सीखने और स्वयं को निरंतर बेहतर बनाने में इनका प्रभावी माध्यम के रूप में प्रयोग कर सकें। मंत्री ने विद्यार्थियों को एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों, विज्ञान प्रदर्शनी, वाद-विवाद, समूह चर्चा और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित किया, क्योंकि ऐसी गतिविधियां उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीम भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करती हैं। उन्होंने सफलता के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन, धैर्य, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को अपरिहार्य बताया तथा असफलताओं से घबराने के बजाय उन्हें सीख के रूप में स्वीकार कर और अधिक दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया। राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक, तकनीक आधारित और रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए ऐतिहासिक सुधार लागू कर रही है। सरकारी विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा मानकों के अनुरूप एनसीईआरटी पाठ्यक्रम अपनाते हुए सीबीएसई पैटर्न लागू किया गया है तथा विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा अनिवार्य की गई है। सरकार का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे सक्षम, आत्मनिर्भर और नवाचार आधारित युवा तैयार करना है जो भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि तकनीकी शिक्षा, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नई राज्य नवाचार नीति को मंजूरी दी है, जिसके अंतर्गत लगभग 2 करोड़ रूपए के विशेष फंड का प्रावधान किया गया है। शिक्षा में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 'समीक्षा' तथा 'शिक्षा साथी' मोबाइल ऐप के माध्यम से विद्यालयों की नियमित डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं, 'समर्थ' योजना के अंतर्गत शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, डिजिटल लर्निंग और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। राजेश धर्माणी ने कहा कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों का परिणाम है कि हिमाचल प्रदेश का विद्यार्थी-अध्यापक अनुपात देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों में शामिल है। मंत्री ने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर विशेष बल देते हुए विद्यार्थियों से नियमित योग, व्यायाम, खेलकूद और संतुलित जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया। संवाद कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने करियर निर्माण, लक्ष्य निर्धारण, व्यक्तित्व विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, तकनीकी शिक्षा, सफलता के सूत्र तथा स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का विस्तारपूर्वक समाधान करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन, सकारात्मक सोच, निरंतर सीखने की आदत, आत्मविश्वास तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने की प्रेरणा दी।2
- नूरपुर पुलिस ने नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे सतत अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस जिला नूरपुर की सीआईए (CIA) टीम ने थाना डमटाल क्षेत्र से 274 ग्राम (कमर्शियल मात्रा) चिट्टा/हेरोइन बरामद करते हुए अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले की पुष्टि करते हुए एएसपी नूरपुर धर्मचंद वर्मा ने बताया कि सीआईए स्टाफ की टीम नियमित गश्त और मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान उन्हें एक विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि अमृतसर, पंजाब से एक स्विफ्ट कार (PB06U-7122) में सवार तीन व्यक्ति भारी मात्रा में चिट्टा/हेरोइन लेकर भदरोआ, कंडवाल और आसपास के क्षेत्रों में इसकी सप्लाई करने आ रहे हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार भदरोआ के समीप वन विभाग विश्राम गृह के पास नाकाबंदी की। संदिग्ध वाहन के पहुंचने पर उसे रोका गया और नियमानुसार तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान, कार की पिछली सीट पर बैठे आरोपी कुनाल अरोड़ा के काले रंग के स्लिंग बैग से 274 ग्राम (कमर्शियल मात्रा) चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई, जिसे विधिवत जब्त कर लिया गया। वाहन को भी कब्जे में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुनाल अरोड़ा (31 वर्ष, पुत्र कुलदीप कुमार, निवासी अमृतसर, पंजाब), हैरी (26 वर्ष, पुत्र राम कुमार, निवासी बटाला, जिला गुरदासपुर, पंजाब), और मोहित कुमार (37 वर्ष, पुत्र परवीन कुमार, निवासी अमृतसर, पंजाब) के रूप में हुई है। इस संबंध में थाना डमटाल में एफआईआर संख्या 116/2026, दिनांक 08.07.2026, धारा 21, 25 और 29 (एनडीपीएस अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एएसपी नूरपुर ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यह मामला एक अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि बरामद नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किन व्यक्तियों तक पहुंचाया जाना था। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच अभी भी जारी है।1
- कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र सरकार पर E20 (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के मुद्दे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, कहते हुए कि सरकार बिना ठोस परिणाम और परीक्षण के आम जनता के वाहनों को एक बड़ी 'प्रयोगशाला' में बदल रही है, जिससे नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। शिमला में पत्रकार वार्ता में राठौर ने दावा किया कि बीते 30 जून को भारत के सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर देश के प्रथम लॉ ऑफिसर अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया ने बयान दिया था कि E20 पेट्रोल अभी केवल एक 'प्रयोग' है और इसे विधिवत या पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया है। राठौर ने सवाल उठाया कि अगर यह सिर्फ एक प्रयोग है, तो इसे पूरे देश पर क्यों थोपा जा रहा है, और क्या सरकार ने नागरिकों की गाड़ियों को अपनी प्रयोगशाला बना दिया है, जबकि प्रयोग सीमित संख्या में वाहनों पर होने चाहिए। राठौर ने जोर देकर कहा कि E20 पेट्रोल गाड़ियों के इंजनों के लिए 'धीमा जहर' साबित हो रहा है, जिसके उपयोग से इंजन लगातार खराब हो रहे हैं और उनकी माइलेज में भारी गिरावट आ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी इस ईंधन के कारण गाड़ियों का माइलेज कम होने की बात स्वीकार की है। राठौर ने पूछा कि जिन मासूम नागरिकों की गाड़ियों के इंजन इस प्रयोग के कारण खराब हो रहे हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है, क्या सरकार उन्हें कोई मुआवजा देगी? उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार नुकसान न होने का बयान दे रही है, क्योंकि इस पूरे मामले के पीछे इथेनॉल बनाने वाली किसी विशेष कंपनी या कंपनियों को फायदा पहुँचाने की मंशा है। राठौर ने यह भी दावा किया कि इथेनॉल मिक्सिंग के बावजूद पेट्रोल के दामों में कोई कमी नहीं की गई, और इस 'लूट' से तेल कंपनियों को वर्ष 2024-25 में 80,000 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ, जो 2025-26 में बढ़कर 1,17,142 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। राठौर ने केंद्र सरकार के इस 'तानाशाही रवैये' पर जनता में भारी आक्रोश बताते हुए कहा कि कई जगहों पर प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि पड़ोसी देश भूटान ने भी इस मिश्रित तेल को लेने से इनकार कर दिया है, क्योंकि उनके यहाँ ऐसा कोई प्रयोग नहीं हो रहा है। विशेष रूप से पुरानी गाड़ियाँ, दोपहिया वाहन और किसानों व बागवानों के कृषि उपकरण इस ईंधन के अनुकूल नहीं हैं, जिससे उन्हें भारी क्षति हो रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि जब तक इस प्रयोग के पारदर्शी परिणाम सामने नहीं आते, तब तक E20 पेट्रोल पर तुरंत प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और जनता को शुद्ध पेट्रोल व मिश्रित पेट्रोल में से चुनने का विकल्प दिया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, राठौर ने सरकार से अपील की है कि सेब सीजन शुरू होने और बरसात के मौसम को देखते हुए, सड़कों को दुरुस्त रखने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं ताकि बागवानों का सेब बिना किसी बाधा के समय पर मंडियों तक पहुँच सके। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने शिमला के डिप्टी कमिश्नर से भी बात की है, जिन्होंने हर संभव कदम उठाने का आश्वासन दिया है।4
- ऊना स्थित एल्विस अस्पताल में एक घटना सामने आई, जहाँ अस्पताल की लिफ्ट में कुल 11 लोग फंस गए। इन सभी लोगों को लिफ्ट से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक बड़ा बचाव अभियान चलाया गया। बताया गया है कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन लगभग चार घंटे तक चला, जिसके बाद सभी फंसे हुए लोगों को सफलतापूर्वक बाहर निकाला जा सका।1