महिलाएं महुआ चुनने के लिए जंगल गई थीं, इसी बीच बाइसन ने किया हमला; एक घायल लातेहार जिले के बरवाडीह थाना क्षेत्र में जंगली बाइसन के हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई जंगली बाइसन के हमले से दो महिलाओं की मौत: महिलाएं महुआ चुनने के लिए जंगल गई थीं, इसी बीच बाइसन ने किया हमला; एक घायल लातेहार जिले के बरवाडीह थाना क्षेत्र में जंगली बाइसन के हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना छिपादोहर पश्चिमी रेंज के गुरिकरम जंगल में हुई। मंगलवार सुबह दोनों मृत महिलाओं के शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान मोरवाई के दोरमा टोला निवासी शिलामनिया देवी (64) और जोड़री टोला, मोरवाई निवासी शांति कुंवर (50) के रूप में हुई है। मुखिया आशीष सिंह चेरी और मृतक की बेटी सुनीता देवी ने बताया कि दोनों महिलाएं महुआ चुनने के लिए जंगल गई थीं। बाइसन ने दोनों महिलाओं के पेट पर वार कियाजंगल में महुआ चुनते समय अचानक एक जंगली बाइसन ने उन पर हमला कर दिया। बाइसन ने दोनों महिलाओं के पेट पर वार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की, जिसके बाद मंगलवार को जंगल से उनके शव मिले। इसी बाइसन ने लात क्षेत्र के जंगल में एक और महिला पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास मौजूद लोगों की मदद से उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है और उसकी जान बचा ली गई है।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और बरवाडीह पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। टीम में एएसआई नरेश राम, फोरेस्टर रजनीश सिंह, अखिलेश कुमार, श्रवण गुप्ता, मुकेश मिंज और अमृत लाल खाखा शामिल थे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए लातेहार सदर अस्पताल भेज दिया गया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका शांति कुंवर अपने पीछे तीन पुत्र और एक पुत्री छोड़ गई हैं, जिससे उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।50-50 हजार का दिया मुआवजा वन विभाग के अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। तत्काल सहायता के रूप में दोनों परिवारों को 50-50 हजार रुपए दिए गए। वहीं, आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक मृतक के परिजनों को 3 लाख 50 हजार रुपए मुआवजा प्रदान की जाएगी। जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक, उठाई मांगघटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। मुखिया आशीष सिंह चेरो, पूर्व पंचायत समिति सदस्य प्रेम सिंह और पंचायत समिति सदस्य वीणा देवी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। साथ ही प्रशासन से जल्द मुआवजा भुगतान और क्षेत्र में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों पर नियंत्रण की मांग की। घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है।
महिलाएं महुआ चुनने के लिए जंगल गई थीं, इसी बीच बाइसन ने किया हमला; एक घायल लातेहार जिले के बरवाडीह थाना क्षेत्र में जंगली बाइसन के हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई जंगली बाइसन के हमले से दो महिलाओं की मौत: महिलाएं महुआ चुनने के लिए जंगल गई थीं, इसी बीच बाइसन ने किया हमला; एक घायल लातेहार जिले के बरवाडीह थाना क्षेत्र में जंगली बाइसन के हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना छिपादोहर पश्चिमी रेंज के गुरिकरम जंगल में हुई। मंगलवार सुबह दोनों मृत महिलाओं के शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान मोरवाई के दोरमा टोला निवासी शिलामनिया देवी (64) और जोड़री टोला, मोरवाई निवासी शांति कुंवर (50) के रूप में हुई है। मुखिया आशीष सिंह चेरी और मृतक की बेटी सुनीता देवी ने बताया कि दोनों महिलाएं महुआ चुनने के लिए जंगल गई थीं। बाइसन ने दोनों महिलाओं के पेट पर वार कियाजंगल में महुआ चुनते समय अचानक एक जंगली बाइसन ने उन पर हमला कर दिया। बाइसन ने दोनों महिलाओं के पेट पर वार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की, जिसके बाद मंगलवार को जंगल से उनके शव मिले। इसी बाइसन ने लात क्षेत्र के जंगल में एक और महिला पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास मौजूद लोगों की मदद से उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है और उसकी जान बचा ली गई है।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और बरवाडीह पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। टीम में एएसआई नरेश राम, फोरेस्टर रजनीश सिंह, अखिलेश कुमार, श्रवण गुप्ता, मुकेश मिंज और अमृत लाल खाखा शामिल थे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए लातेहार सदर अस्पताल भेज दिया गया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका शांति कुंवर अपने पीछे तीन पुत्र और एक पुत्री छोड़ गई हैं, जिससे उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।50-50 हजार का दिया मुआवजा वन विभाग के अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। तत्काल सहायता के रूप में दोनों परिवारों को 50-50 हजार रुपए दिए गए। वहीं, आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक मृतक के परिजनों को 3 लाख 50 हजार रुपए मुआवजा प्रदान की जाएगी। जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक, उठाई मांगघटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। मुखिया आशीष सिंह चेरो, पूर्व पंचायत समिति सदस्य प्रेम सिंह और पंचायत समिति सदस्य वीणा देवी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। साथ ही प्रशासन से जल्द मुआवजा भुगतान और क्षेत्र में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों पर नियंत्रण की मांग की। घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है।
- (लातेहार): गारू प्रखंड क्षेत्र से विस्थापित आदिवासी एवं आदिम जनजाति स्वजनों की समस्याएं एक बार फिर सामने आई हैं। गारू के कुजरूम गांव से पलामू जिले के पोलपोल गांव में बसाए गए कई स्वजम अब पुनर्वास स्थल छोड़कर अपने मूल गांव लौटने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास स्थल पर न तो बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं और न ही खेती-बारी के लिए पर्याप्त जमीन दी गई, जिससे उनका जीवन संकट में पड़ गया है। वापस लौटे ग्रामीणों में शामिल सुरेंद्र उरांव ने आरोप लगाया कि विस्थापन के बाद भी उन्हें पोलपोल गांव में खेती योग्य जमीन नहीं मिली। उन्होंने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा आश्वासन जरूर दिया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कुछ स्वजन को जमीन आवंटित होने की बात कही गई, परंतु अब तक उन्हें उसका वैध कागजात नहीं दिया गया है। कागजात के अभाव में ग्रामीण खुद को असुरक्षित और अस्थायी महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिना स्थायी व्यवस्था के जबरन पुनर्वास उनके साथ अन्याय है। रोजगार, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है, जिससे उनका जीवन और भी कठिन हो गया है। यही कारण है कि कई स्वजन अब अपने पुराने गांव कुजरूम लौट रहे हैं। इधर, अपनी मांगों को लेकर विस्थापित ग्रामीणों ने राजभवन रांची के समक्ष धरना शुरू कर दिया है। इस धरने में वन विभाग से हटाए गए श्रमिक मजदूर भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन मजदूरों को डीएफओ कुमार आशीष द्वारा कार्य से हटाया गया था, जिससे उनमें भी भारी नाराजगी है।धरना पर बैठे ग्रामीणों और श्रमिकों की प्रमुख मांग है कि हटाए गए मजदूरों को पुनः बहाल किया जाए तथा विस्थापित आदिवासी परिवारों को अविलंब जमीन का आवंटन कर उसका विधिवत कागजात उपलब्ध कराया जाए। यह मामला अब प्रशासन और सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।1
- लातेहार: नवपदस्थापित उपायुक्त संदीप कुमार ने सोमवार को पत्रकारों से मुलाकात में कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता है। आइये हम जानते जानते हैं कि उन्होंने किया कहा ।1
- महुआडांड़ प्रखंड के कुरो मोड़ के समीप सोमवार शाम लगभग 4:30 बजे अर्टिगा कार और टेंपू (ऑटो) के बीच हुई टक्कर में चार लोग घायल हो गए। घायलों में टेंपू चालक सहित सभी सवार शामिल हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, डालटनगंज की अर्टिगा गाड़ी बताई जा रही है अर्टिगा गाड़ी ने टेंपू को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि टेंपू बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग घायल हो गए।घायलों की पहचान मोहन लोहारा (50 वर्ष, परहा टोली), संजना गिद्ध (18 वर्ष), प्रतिमा कुजूर और टेंपू चालक अनिल घासी के रूप में की गई है। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए भेजा गया।घटना के बाद अर्टिगा में सवार सभी लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन वे मौके से फरार हो गए।सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा फरार वाहन और उसके सवारों की तलाश की जा रही है।4
- Post by Ashok Singh bhugta1
- Post by MUKESH NATH1
- Post by AAM JANATA1
- ग्रामीण बोले आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर होने की वजह से आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहता है1
- महुआडांड़ प्रखंड के कुरो मोड़ के समीप सोमवार शाम लगभग 4:30 बजे अर्टिगा कार और टेंपू (ऑटो) के बीच हुई टक्कर में चार लोग घायल हो गए। घायलों में टेंपू चालक सहित सभी सवार शामिल हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, डालटनगंज की अर्टिगा गाड़ी बताई जा रही है अर्टिगा गाड़ी ने टेंपू को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि टेंपू बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग घायल हो गए।घायलों की पहचान मोहन लोहारा (50 वर्ष, परहा टोली), संजना गिद्ध (18 वर्ष), प्रतिमा कुजूर और टेंपू चालक अनिल घासी के रूप में की गई है। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए भेजा गया।घटना के बाद अर्टिगा में सवार सभी लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन वे मौके से फरार हो गए।सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा फरार वाहन और उसके सवारों की तलाश की जा रही है।1