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देशभक्त बनो अंधभक्त नहीं वीडियो देखिए पूरा लास्ट तक और कमेन्ट कीजिए देशभक्त बनो अंधभक्त नहीं वीडियो देखिए पूरा लास्ट तक और कमेन्ट कीजिए
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More news from बिहार and nearby areas
- गौनाहा में बाघ का आतंक, दो गाभिन गायों का शिकार; 6 घंटे बाद भी वन विभाग की टीम नहीं पहुंची, ग्रामीणों में भारी आक्रोश गौनाहा प्रखंड अंतर्गत मंगुराहा वन क्षेत्र में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से करीब छह किलोमीटर दूर हरपुर फॉर्म सरेह में बाघ के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हड़बोड़ा नदी के समीप बाघ ने दो गाभिन गायों पर हमला कर उन्हें अपना शिकार बना लिया। घटना के बाद पशुपालकों और किसानों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें अपने पशुओं को चराने, खेतों में जाने और पशुओं के लिए घास लाने तक में भय सताने लगा है। बताया गया कि ग्राम तारा बसवरिया निवासी पशुपालक रमेश यादव शुक्रवार, 14 अगस्त को रोज की तरह अपने पशुओं को दोन नहर के पुल संख्या 28 के उत्तर बगल हड़बोड़ा नदी के किनारे हरपुर सरेह में चराने के लिए लेकर गए थे। इसी दौरान शाम करीब छह बजे बाघ ने हमला कर उनकी दो गाभिन गायों को मार डाला। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने मंगुराहा वन विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग की कथित कार्यहीनता के कारण बाघ जंगल से बाहर तक पहुंच गया और एक गरीब पशुपालक की दो गाभिन गायों का शिकार कर लिया। ग्रामीणों का सवाल है कि जब वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल में वन्यजीवों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था विभाग द्वारा की जाती है, तो आखिर बाघ भोजन की तलाश में जंगल से बाहर क्यों निकल रहा है? ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते बाघ को नियंत्रित नहीं किया गया तो वह पशुओं के बाद इंसानों को भी अपना शिकार बना सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि बाघ के डर के कारण दोन नहर रोड से गुजरने वाले यात्रियों में भी भय बना हुआ है। उनका कहना है कि बाघ कभी भी सड़क पर आने वाले लोगों या आसपास काम कर रहे किसानों और पशुपालकों पर हमला कर सकता है। घटना के करीब छह घंटे बाद तक किसी अधिकारी या वन विभाग की टीम के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर भी ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। हालांकि वन कर्मी मंसूर मियां को फोन कर बुलाया गया, जो मौके पर ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे। इधर, मंगुराहा रेंजर अंशुमन कुमार ने बताया कि बाघ से किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए क्षेत्र में लोगों को सतर्क रहने की सूचना दी गई है। दोन नहर सड़क पर सुबह छह बजे से शाम तक वन विभाग के कर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि मृत गायों के स्वामियों को वन विभाग की ओर से प्रति गाय 24 हजार रुपये मुआवजा दिया जाएगा। बाघ के खुलेआम जंगल से बाहर निकलकर पशुओं का शिकार करने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बाघ के आतंक से ग्रामीणों को कब राहत मिलेगी और वन विभाग उसे जंगल की सीमा में रखने के लिए क्या ठोस कदम उठाएगा।1
- राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन भारत ने हर्षोल्लास के साथ बेतिया के नया टोला में मनाया 80 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह। 15 August. स्वतन्त्रता दिवस समारोह पर बेतिया के प्रदेश सह जिला कार्यालय, नया टोला, बेतिया में आयोजित किया गया। 15.08.2026.1
- बगहा के गौतम कुमार के बाद अब पूर्वी चम्पारण जिले के चकिया से एक लड़का गायब खबर पूर्वी चम्पारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र के बैसाहा पंचायत अंतर्गत बारा गोविन्द गांव का है जहां सागर कुमार नाम का एक 9 वर्षीय लड़का गायब हो गया है,, अभी बगहा के गौतम कुमार के गायब होने का मामला शांत ही नहीं हुआ था इसी बीच ये घटना घट गई।1
- 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर द्वारा कैम्प कार्यालय परिसर में किया गया ध्वजारोहण कुशीनगर भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर पुलिस अधीक्षक, केशव कुमार द्वारा कैम्प कार्यालय परिसर में ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन निष्ठा, ईमानदारी, निष्पक्षता एवं पूर्ण समर्पण के साथ करने की शपथ दिलाई। इस दौरान उपस्थित समस्त पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्टाफ को मिष्ठान वितरित कर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।1
- नगर पालिका परिषद पडरौना परिसर में गरिमामय वातावरण में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, नगर पालिका अध्यक्ष ने फहराया राष्ट्रीय तिरंगा ,नगर पालिका परिषद पडरौना परिसर में गरिमामय वातावरण में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, नगर पालिका अध्यक्ष ने फहराया राष्ट्रीय तिरंगा नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के तत्पश्चात राष्ट्रगान हुआ तथा उपस्थित कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं संविधान की मर्यादा के प्रति निष्ठा का संकल्प लिया। वहीं अध्यक्ष ने ध्वजारोहण के उपरांत नगर पालिका के कर्मचारियों,गणमान्य नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए गौरव और प्रेरणा का दिन है। स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत देश 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है यह अवसर हमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निर्धारित करने की प्रेरणा देता है स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों एवं शहीदों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को सदैव स्मरण करते हुए हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।4
- "ट्रंप ने होर्मुज पर कब्जे की धमकी दी, अब ईरान ने भी अमेरिका को खुली चुनौती दे दी!" लो भाई, ईरान और अमेरिका के बीच अब आर-पार की जंग छिड़ चुकी है! ट्रंप बाबा ने सीधे-सीधे ईरान की गर्दन पर हाथ डाल दिया है! "कल न्यूयॉर्क में नासाउ पुलिस अकादमी से दहाड़ते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा ऐलान कर दिया है जिससे पूरी दुनिया हिल गई है! ट्रंप ने खुलेआम धमकी दी है कि वो 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को बहुत जल्द अमेरिका का हिस्सा बना लेंगे। ट्रंप का सीधा गणित है—ईरान की आर्थिक कमर को ऐसा तोड़ो कि वो घुटने टेकने पर मजबूर हो जाए! "लेकिन बॉस, ईरान भी कोई कच्ची गोलियां नहीं खेला है! "ट्रंप की इस खुली गीदड़भभकी पर ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर काज़ेम ग़रीबाबादी ने लाइव आकर सीना ठोकते हुए कहा है कि— "ये रास्ता ईरान का था, ईरान का है और ईरान का ही रहेगा! और हमारी नाकाबंदी तब तक नहीं हटेगी, जब तक अमेरिका खुद सफेद झंडा न दिखा दे और अपनी हार न मान ले! "बात यहीं खत्म नहीं होती, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका का असली चेहरा दिखाते हुए कहा कि— "जो 'इस्लामाबाद समझौता' हुआ था, वो युद्ध खत्म करने के लिए था, ना कि किसी टाइम-पास युद्धविराम के लिए। लेकिन अमेरिका ने अपनी पुरानी आदत के मुताबिक पीठ पीछे वार किया, समझौता तोड़ा और जंग दोबारा शुरू कर दी। "यानी साफ़ बात है बॉस... अब समझौते के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। 60 दिन के युद्धविराम की उम्मीदें अब पूरी तरह से खाक में मिल चुकी हैं और दोनों तरफ से तलवारें खिंच चुकी हैं! अब देखना ये है कि ईरान ट्रंप की इस आर्थिक चोट को सह पाता है या अमेरिका को इस समंदर में डूबना पड़ता है!1
- योगापट्टी में 64 भूमिहीन परिवारों को मिला जमीन का अधिकार! 🇮🇳 📌 Description स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर योगापट्टी में अभियान बसेरा-2 के तहत 64 भूमिहीन परिवारों को जमीन का बंदोबस्ती प्रमाण पत्र वितरित किया गया। कार्यक्रम में लौरिया विधायक विनय बिहारी ने लाभार्थियों को प्रमाण पत्र सौंपे। प्रमाण पत्र मिलते ही परिवारों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। यह सिर्फ एक प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि इन परिवारों के लिए अपने घर और बेहतर भविष्य की एक नई उम्मीद है। ❤️ आपके क्षेत्र में भी ऐसे परिवार हैं जिन्हें जमीन के अधिकार का इंतजार है? कमेंट में बताइए। योगापट्टी में 64 भूमिहीन परिवारों को मिला जमीन का अधिकार! 🇮🇳 📌 Description स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर योगापट्टी में अभियान बसेरा-2 के तहत 64 भूमिहीन परिवारों को जमीन का बंदोबस्ती प्रमाण पत्र वितरित किया गया। कार्यक्रम में लौरिया विधायक विनय बिहारी ने लाभार्थियों को प्रमाण पत्र सौंपे। प्रमाण पत्र मिलते ही परिवारों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। यह सिर्फ एक प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि इन परिवारों के लिए अपने घर और बेहतर भविष्य की एक नई उम्मीद है। ❤️ आपके क्षेत्र में भी ऐसे परिवार हैं जिन्हें जमीन के अधिकार का इंतजार है? कमेंट में बताइए।1
- बाघ के आतंक से दहला वाल्मीकिनगर: विजय कुमार की मौत पर भड़के ग्रामीण, वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप; गुस्से में पलटी विभाग की गाड़ी, सड़क पर उतरे लोग वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के भेड़ियाड़ी बंगाली टोला में बाघ के हमले में एक व्यक्ति की मौत के बाद पूरे इलाके में दहशत, आक्रोश और तनाव का माहौल है। बाघ के हमले में हरि बंगाली के पुत्र विजय कुमार की मौत ने ग्रामीणों के गुस्से को और भड़का दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से निकलकर बाघ लगातार आबादी वाले इलाकों में पहुंच रहे हैं और लोगों की जान पर खतरा बना हुआ है, लेकिन वन विभाग की ओर से समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक विजय कुमार अपने घर के पीछे खेत में घास काट रहे थे। इसी दौरान जंगल की ओर से निकले बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। बाघ ने विजय कुमार को अपना शिकार बना लिया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही भेड़ियाड़ी बंगाली टोला सहित आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए और वन विभाग के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह बाघ के हमले की पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग बाघ को पकड़ने और आबादी वाले क्षेत्रों से दूर करने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसी वजह से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक बाघ को पकड़ा नहीं जाता, तब तक इलाके के लोगों की जान खतरे में बनी रहेगी। ग्रामीणों का कहना है कि खेत, घर के पीछे का इलाका और आसपास के रास्ते अब सुरक्षित नहीं रह गए हैं। लोग अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को लेकर भी चिंतित हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि वन विभाग तत्काल बाघ को पकड़ने के लिए अभियान चलाए और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए। घटना के बाद स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग की गाड़ी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गाड़ी को क्षतिग्रस्त करने के बाद ग्रामीणों ने उसे पलट दिया। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी और तनाव की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों का आक्रोश यहीं नहीं थमा। लोगों ने वाल्मीकिनगर-मदनपुर मुख्य सड़क पर जाम लगाकर वन विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि लगातार बाघ के हमले के बावजूद यदि वन विभाग समय रहते कार्रवाई करता तो शायद आज एक और परिवार अपना सदस्य नहीं खोता। ग्रामीण बाघ को जल्द से जल्द पकड़ने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग पर अड़े रहे। घटना की सूचना मिलते ही बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस प्रशासन की टीम सड़क जाम हटाने और तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी रही। प्रशासन की मौजूदगी में ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया गया। इधर, बाघ के हमले में विजय कुमार की मौत के बाद वन विभाग की टीम इलाके में बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही है। आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों की मांग है कि केवल निगरानी से काम नहीं चलेगा, बल्कि बाघ को पकड़ने के लिए तत्काल प्रभावी अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में किसी और ग्रामीण की जान न जाए। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व डिविजन-02 DFO विकास हलावत ने बताया कि घटना की जांच के लिए वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण जांच में परेशानी आ रही है। ग्रामीणों से मिली प्रारंभिक सूचना के अनुसार व्यक्ति की मौत टाइगर अटैक में हुई है। वन विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द मुआवजा देने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ग्रामीण अधिकारी के बयान और मुआवजे की कार्रवाई से आगे बढ़कर बाघ को पकड़ने की ठोस मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मुआवजा अपनी जगह है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल लोगों की सुरक्षा का है। यदि बाघ को पकड़ा नहीं गया तो भविष्य में फिर किसी व्यक्ति पर हमला हो सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि आबादी वाले क्षेत्रों में बाघ की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए तत्काल विशेष टीम लगाई जाए, लगातार गश्त कराई जाए और बाघ को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की कार्रवाई की जाए। बाघ के लगातार आबादी के आसपास देखे जाने और हमले की घटनाओं से भेड़ियाड़ी बंगाली टोला समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर वन विभाग के खिलाफ सामने आ गया है। एक के बाद एक हो रही बाघ के हमले की घटनाओं के बीच ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वन विभाग कब जागेगा और कब तक लोगों की जान बाघ के खौफ में रहेगी। फिलहाल प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है। पूरे इलाके में निगरानी बढ़ाई गई है और घटना की जांच की जा रही है। लेकिन विजय कुमार की मौत के बाद उठे सवालों और ग्रामीणों के आक्रोश ने वन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की एक ही मांग है—बाघ को जल्द पकड़ा जाए और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।1
- कलेक्ट्रेट परिसर में गरिमामय वातावरण में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, जिलाधिकारी ने फहराया राष्ट्रीय तिरंगा रिपोर्टर,अजीत कुमार लोकेशन ,कुशीनगर Mo,9517105149 सलग्न,कलेक्ट्रेट परिसर में गरिमामय वातावरण में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, जिलाधिकारी ने फहराया राष्ट्रीय तिरंगा एंकर,,जनपद में स्वतंत्रता दिवस का पर्व पूरे हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। तत्पश्चात राष्ट्रगान हुआ तथा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं संविधान की मर्यादा के प्रति निष्ठा का संकल्प लिया। ध्वजारोहण के उपरांत जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, जवानों, बच्चों, उनके अभिभावकों एवं गणमान्य नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए गौरव और प्रेरणा का दिन है। स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत देश 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। यह अवसर हमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निर्धारित करने की प्रेरणा देता है। जिलाधिकारी ने कहा—पहले कर्तव्य, फिर अधिकार की भावना से करें कार्य जिलाधिकारी ने कहा कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना “We, the People of India” अर्थात् “हम भारत के लोग” से प्रारंभ होती है। इसका अर्थ है कि यह देश हम सभी का है और इसकी जिम्मेदारी भी हम सभी की है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने अधिकारों की बात करते हैं, तो हमें अपने कर्तव्यों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे “पहले कर्तव्य, फिर अधिकार” की भावना को अपने जीवन एवं कार्यशैली का हिस्सा बनाएं। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने दायित्वों का ईमानदारी, निष्ठा एवं पूर्ण जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करे तो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि आर्थिक एवं सामाजिक स्वतंत्रता भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज के समय में हमें गंदगी सहित विभिन्न सामाजिक बुराइयों से भी आजादी प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों एवं शहीदों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को सदैव स्मरण करते हुए हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि बलिदान का अर्थ केवल प्राणों का बलिदान देना ही नहीं है, बल्कि अपने समय, ऊर्जा एवं सामर्थ्य का सदुपयोग करते हुए देश एवं समाज के विकास में योगदान देना भी राष्ट्र सेवा है। उन्होंने जनपद के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रह्लाद प्रजापति की उपस्थिति को गौरव एवं सौभाग्य का विषय बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का संघर्ष एवं त्याग हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके परिवारों का सम्मान करना तथा उनके संघर्षों से प्रेरणा लेकर देश को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उनके आश्रित सम्मानित कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रह्लाद प्रजापति सहित जनपद के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को अंगवस्त्र एवं मिष्ठान प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए किए गए उनके त्याग एवं संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके बलिदान की स्मृति आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रप्रेम एवं देशसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। महापुरुषों की स्मृतियों को संजोने के साथ आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर भारत बनाने का संकल्प* जिलाधिकारी ने बताया कि कलेक्ट्रेट सभागार के समीप स्थित पार्क को विकसित किया जा रहा है, जहाँ देश के महान महापुरुषों की स्मृतियों को संजोने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को देश के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम तथा महापुरुषों के योगदान से परिचित कराना और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। हम जिस भी क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, यदि उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करते हैं तो हमारा छोटा-सा प्रयास भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में शत-प्रतिशत योगदान देने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने कहा कि आज उपस्थित बच्चे देश की आने वाली पीढ़ी हैं। हम सभी को यह विचार करना होगा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हम कैसा भारत छोड़कर जाना चाहते हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हमारा बीता हुआ कल हमारे आज से बेहतर हो और आने वाला कल हमारे आज से भी बेहतर हो। उन्होंने अंत में सभी से यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि संविधान की मर्यादा का सम्मान करेंगे, अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करेंगे तथा एक सशक्त, समृद्ध, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देंगे।कलेक्ट्रेट परिसर में किया गया वृक्षारोपण* कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। जिलाधिकारी सहित उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों का संरक्षण एवं संवर्धन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं पर अर्पित की पुष्पांजलि* कार्यक्रम के अंतर्गत जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अधिकारियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग एवं बलिदान को स्मरण करते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), उप जिलाधिकारी/प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे परिसर में देशभक्ति, उत्साह एवं उल्लास का वातावरण व्याप्त रहा।4