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लखनऊ के बिजनौर में बाबा का चला बुल्डोजर बने हुए मकान किए ध्वस्त मकान मालिकों का हुआ बुरा हाल
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लखनऊ के बिजनौर में बाबा का चला बुल्डोजर बने हुए मकान किए ध्वस्त मकान मालिकों का हुआ बुरा हाल
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- हेडिंग: गोंडा में “चाय एण्ड चैप्टर्स” लाइब्रेरी का शुभारंभ, युवाओं को मिला आधुनिक अध्ययन केंद्र ख़बर: गोंडा के विकास भवन परिसर स्थित शक्ति कैफे में “अरगा ज्ञान गंज: चाय एण्ड चैप्टर्स” लाइब्रेरी का शुभारंभ दुर्गा शक्ति नागपाल, देवी पाटन मंडलायुक्त, ने फीता काटकर किया। इस पहल के तहत जनपद के युवाओं को अब शांत, सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल में अध्ययन करने का एक नया केंद्र मिल गया है। कार्यक्रम के दौरान हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल, माला और अध्ययन सामग्री देकर सम्मानित किया गया। आयुक्त ने कहा कि “चाय की चुस्की के साथ ज्ञान” जैसी पहलें युवाओं को सकारात्मक दिशा देती हैं और समाज में संवाद को बढ़ावा देती हैं। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि यह लाइब्रेरी सभी विद्यार्थियों के लिए खुली है, जहां पढ़ाई के साथ पौष्टिक भोजन की भी सुविधा उपलब्ध है। वहीं, सीडीओ अंकिता जैन ने इसे युवाओं के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।1
- लखनऊ।* 5 मई से प्रारंभ होने वाले ज्येष्ठ मास के बड़े मंगलों पर आयोजित होने वाले भंडारों के कारण पूरे विश्व में लखनऊ की अलग पहचान है। यह सौभाग्य सिर्फ लखनऊ को प्राप्त है कि ज्येष्ठ मास के बड़े मंगल के अवसर पर लखनऊ के अधिकांश घरों में भोजन नहीं बनता और इस भंडारे स्वरूपी प्रसाद ग्रहण करके ही भोजन हो जाता है। अपनी इस पहचान को और ताकतवर बनाने के लिए इस बार ज्येष्ठ माह के भंडारों को प्रदूषण मुक्त, हरित और स्वच्छता युक्त मनाना है। उक्त विचार अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार संदीप बंसल ने पत्रकार वार्ता के दौरान व्यक्त किए। इस अवसर पर मंगलमान अभियान के संयोजक प्रो० रामकुमार तिवारी ने सम्पूर्ण लखनऊ वासियों से स्वच्छता के साथ भावपूर्ण भंडारा लगाने का अनुरोध किया। संदीप बंसल ने कहा कि इस बार सौभाग्य से ज्येष्ठ के दो मास हैं और कुल बड़े मंगल आठ होंगे, इसलिए भंडारों की संख्या भी राजधानी में बढ़ने वाली है परन्तु भंडारा पॉलीथिन एवं प्रदूषण मुक्त हो और एक भी दोना पत्तल सड़क पर न दिखाई पड़े तब माना जाएगा के भंडारा भाव के साथ स्वच्छता पूर्ण ढंग से लगाया गया है।1
- बाराबंकी में गोलगप्पे के बाद मुफ्त पापड़ी को लेकर हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ युवकों ने गुस्से में आकर पूरी दुकान में आग लगा दी। बताया जा रहा है कि पहले दुकानदार और युवकों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में हिंसक रूप ले बैठी। आरोप है कि युवकों ने पेट्रोल डालकर दुकान को आग के हवाले कर दिया, जिससे दुकान में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Ghaziabad: Shalimar Garden में तेज रफ्तार थार ने दो स्कूटी को मारी टक्कर, हादसे में महिला सहित 4 लोग घायल Mahindra Thar में ही बैठते ही शैतानी आत्मा घुस जाती क्या1
- Post by Sanjay Lal1
- जयपुर मेट्रो में एक दिल को राहत देने वाली घटना सामने आई है। एस्केलेटर पर चढ़ते समय एक महिला अपने बच्चे के साथ अचानक संतुलन खो बैठी और गिरने की स्थिति बन गई। मौके पर तैनात पुलिसकर्मी की नजर जैसे ही इस पर पड़ी, वह तुरंत दौड़कर पहुंचा और दोनों को संभाल लिया। उसकी सतर्कता और तेजी से बड़ा हादसा टल गया। घटना की खास बातें एस्केलेटर पर महिला का संतुलन बिगड़ा बच्चे के साथ गिरने की स्थिति बनी पुलिसकर्मी ने दौड़कर समय रहते बचाया इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग पुलिसकर्मी की तारीफ कर रहे हैं। सीख क्या है? एस्केलेटर पर चढ़ते समय बच्चों को मजबूती से पकड़ें हैंडरेल का सहारा लें जल्दबाजी या लापरवाही से बचें ऐसी छोटी सी सतर्कता बड़े हादसे को टाल सकती है।1
- सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें राघव चड्ढा के पुराने बयान चर्चा में हैं। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बीच इस वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय राजनीति में दल-बदल के बाद पुराने बयानों का वायरल होना आम बात है। जब कोई नेता नई पार्टी में शामिल होता है, तो उसके पुराने विचार और बयान फिर से चर्चा में आ जाते हैं, जिससे राजनीतिक बहस तेज हो जाती है। हालांकि, इसे लेकर लोगों की राय बंटी हुई है—कुछ इसे अवसरवाद मानते हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताते हैं। फिलहाल यह मुद्दा सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।1